गुरुवार, 29 सितंबर 2011

पदाधिकारियों में उलझे दल

राज्य में तीन दलों ने अपने अध्यक्ष तो बदल दिए, मगर अध्यक्षों को अपनी टीम की घोषणा करने में मश्क्कत करनी पढ़ रही है. कांग्रेस के अलावा बहुजन समाज पार्टी और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी अपने अध्यक्ष बदल दिए, परंतु ये अध्यक्ष अपनी टीम को लेकर राष्ट्रीय नेताओं की अनुमति न मिलने से उलझे हुए हैं. बसपा और गोंगपा के नवनियुक्त अध्यक्षों को तो राष्ट्रीय अध्यक्षों द्वारा साफ संकेत दे दिए हैं कि वे पहले प्रदेश के दौरें करें, उसके बाद कार्यकारिणी पर विचार करें.
प्रदेश के तीन दलों कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने अपने-अपने प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं, मगर तीनों ही दलों के प्रदेश अध्यक्षों के सामने अपनी टीम बनाने के लिए पदाधिकारियों का चयन करना मुश्किल सा हो गया है. प्रदेश कांगे्रस के अध्यक्ष बनने के बाद कांतिलाल भूरिया लंबे समय से कार्यकारिणी के लिए जद्दोजहद करना पड़ रही है, मगर वे कार्यकारिणी तय नहीं कर पाए हैं. भूरिया एक बार फिर कार्यकारिणी के लिए सक्रिय हुए हैं, वे अपनी टीम की सूची बनाकर दिल्ली पहुंचे हैं, मगर इस बार भी उन्हें निराशा ही हाथ लग सकती है. पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से वे दिल्ली में मुलाकात कर इस बारे में चर्चा करने का प्रयास तो करेंगे, राष्ट्रीय मुद्दों के कारण इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मामला इस बार फिर टल सकता है. वैसे भूरिया के सामने कार्यकारिणी के अलावा अब घोषित किए गए जिलाध्यक्षों को लेकर भी असंतोष के स्वर मुखरित होने लगे हैं. करीब आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में घोषित किए जिला अध्यक्षों को लेकर असंतोष सामने आ रहा है. कई नेताओं ने तो भूरिया से मुलाकात कर इस बात पर आपत्ति भी जताई है.
कांगे्रस के अलावा बहुजन समाज पार्टी ने भी प्रदेश अध्यक्ष पद पर युवा नेता आई.एस.मौर्य की नियुक्ति कर संगठन में बदलाव के संकेत दिए हैं, मगर मौर्य भी अपनी टीम की घोषणा नहीं कर पाए हैं. उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साफ संकेत दिए हैं कि वे पहले प्रदेशव्यापी दौरा कर कर्मठ और पार्टी के सक्रिय नेताओं का चयन करें उसके बाद इस मुद्दे पर विचार करें. ठीक इसी तरह की कुछ परिस्थिति गोडवाना गणतंत्र पार्टी के नवनियुक्त अध्यक्ष कमल मरावी के साथ है. उन्हें भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम ने प्रदेश के दौरे करने के बाद ही नयी टीम गठन की बात कही है. एक ओर जहां कांग्रेस के अध्यक्ष श्री भूरिया को पदाधिकारी चयन को लेकर जद्दोजहद करनी पड़ रही है, वहीं बसपा और गोंगपा के नवनियुक्त अध्यक्षों के सामने राष्ट्रीय अध्यक्षों ने जो लक्ष्य निर्धारित किया है उसने उनकी परेशानी भी बढ़ाई है. इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए दोनों ही अध्यक्ष इन दिनों प्रदेश स्तरीय दौरों के लिए सक्रिय नजर आ रहे हैं. बसपा के अध्यक्ष श्री मौर्य ने ग्वालियर-चंबल अंचल का दौरा कर अब बुंदेलखंड, विंध्य और महाकौशल अंचल का दौरा शुरु कर दिया है़ इसके बाद वे मालवा अंचल की ओर रुख करेंगे़ वहीं गोंगपा के अध्यक्ष श्री मरावी 29 सितम्बर को प्रदेश के नेताओं की बैठक जबलपुर में ले रहे हैं़

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