बुधवार, 31 जुलाई 2024

मंत्री ने लिखा मंत्री को पत्र, कहा सड़कों की कराएं मरम्मत

भोपाल। प्रदेश की खराब सड़कों को लेकर राज्य के संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र लोधी परेशान है। उनकी परेशानी का कारण दमोह-कटंगी-जबलपुर स्टेट हाईवे मार्ग पर हुए गड्डों की मरम्मत को लेकर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह को पत्र लिखा है।

प्रदेश में खराब  सड़कों से इस वक़्त सिर्फ़ आम आदमी ही नहीं बल्कि मोहन सरकार में पर्यटन और संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी भी परेशान है। सड़कों में बड़े बड़े गड्ढों के कारण सड़क हादसे हो रहे है। मंत्री लोधी ने दमोह जबेरा संग्रामपुर कटंगी जबलपुर स्टेट हाईवे मार्ग के मरम्मत कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह को पत्र के माध्यम से शीघ्र ही मरम्मत कार्य करने की मांग की है। पत्र में मंत्री लोधी ने लिखा है स्टेट हाईवे मार्ग में दमोह नोहटा जबेरा सिंग्रामपुर के मध्य बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आवागमन में भारी असुविधा हो रही है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। पूर्व में इस मार्ग का निर्माण व रखरखाव मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन जबलपुर द्वारा किया जा रहा था, किंतु नेशनल हाईवे घोषित होने के बाद इसका सुधार कार्य नहीं हो पा रहा है। मंत्री लोधी ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह से उपरोक्त मार्ग का मरम्मत कार्य कराने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री आभार पत्र, उपहार संदेश देंगे लाड़ली बहनों को

बालाघाट, मंडला, नरसिंहपुर में होंगे आभार सह उपहार कार्यक्रम

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहान यादव के मुख्य आतिथ्य में रक्षाबंधन के पूर्व लाड़ली बहना हितग्राहियों का आभार उपहार कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
 रक्षाबंधन और सावन उत्सव थीम पर केन्द्रित यह कार्यक्रम चयनित जिलों में होगा। एक से 17 अगस्त के मध्य 11 जिले (चितरंगी), सिंगरौली सतना, (जबेरा) दमोह नरसिहंपुर, बालाघाट, मंडला, (भैंसदेही), बैतूल श्योपुर, टीकमगढ़, अनूपपुर और डिण्डोरी में आभार सह उपहार कार्यक्रम होगा। इसके तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाभार्थी महिलाओं को आभार पत्र और उपहार का संदेश देंगे। साथ ही मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से राखी भी बँधवाएगें और उनसे चर्चा करेंगे। कार्यक्रम की थीम रक्षाबंधन, सावन उत्सव पर केन्द्रित होगी। कार्यक्रम स्थल पर लाड़ली बहनों के लिये झुले लगाये जायेंगे। कार्यक्रमों में “एक पेड़ माँ के नाम“ अभियान के तहत पौधारोपण होगा एवं स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। शेष जिलों में मंत्रीगण एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम होगा।
बिहार पहुंचे मुख्यमंत्री, झा के परिजनों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने  बिहार के सीतामढ़ी  जिले के ग्राम कोरियाही स्थित स्वर्गीय प्रभात झा के निवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन  अर्पित किए और परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और बैतूल विधायक हेमन्त खंडेलवाल ने भी स्वर्गीय प्रभात झा को श्रद्धांजलि अर्पित  की।
मूंग की खरीदी की बढ़ाई तारीख
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए किसान हित सर्वोपरि है, प्रदेश के किसानों  की मांग को ध्यान में रखते हुए तिथि में संशोधन किया है। ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए उपार्जन की तारीख पहले 31 जुलाई तक निर्धारित थी, लेकिन किसानों के हित में निर्णय लिया है कि अब उपार्जन संबंधी समस्त जिलों में एक दिन आप किसानों को स्लाट बुकिंग करने के लिए दिया जा रहा है, जिससे 5 अगस्त तक मूंग का विक्रय किया जा सकेगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि समय सीमा को ध्यान में रखते है यह भी ध्यान देना है कि वर्षाकाल होने से किसानों को कोई असुविधा न हो.’ ऐसे में फैसला किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
 

डरे हुए हैं वनकर्मी, कैसे रोकेंगे रेत माफिया को

प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने लिखा सरकार को पत्र


भोपाल। वन विभाग के प्रमुख प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सचिव वन विभाग को पत्र लिखकर कहा कि पुलिस की कार्रवाई के चलते वन कर्मचारियों का मनोबल गिरा हुआ है। वे डरे हुए हैं। इस स्थिति में वे रेत माफिया को कैसे रोकेंगे।
दरअसल वन अमले के प्रमुख असीम श्रीवास्तव 13 जून 2021 को मुरैना जिले के नगरा थाना क्षेत्र में अवैध रेत का ट्रैक्टर ट्राली छुड़ाने आई वन विभाग की छापामार टीम पर हमले का भी उन्होंने इस पत्र में जिक्र किया है। इस घटना की मजिस्टीयल जांच कराई गई थी। इसके बाद वन विभाग की ओर से मुरैना पुलिस अधीक्षक से जांच प्रतिवेदन की मांग विभाग द्वारा कई बार की गई, मगर अब तक जांच प्रतिवेदन पुलिस विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसे लेकर अब प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने सचिव वन विभाग को पत्र लिखकर विभाग के कर्मचारियों की व्यथा को बताया है। उनहोंने पत्र में उक्त घटना का जिक्र करते हुए लिखा है कि  माफिया के हमले के दौरान क्रॉस फायरिंग में एक युवक की मौत हुई थी। मामले में 8 वन कर्मियों को चार से पांच महीने जेल में रहना पड़ा था। जबकि हमलावरों पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। घटना के 3 साल बाद भी न्यायिक जांच की रिपोर्ट वन विभाग को नहीं सौंपी गई है। वहीं पुलिस ने बिना अभियोजन की स्वीकृति 7 फॉरेस्ट गार्ड के खिलाफ चार्ज शीट दायर कर दी। पत्र में पीसीसीएफ श्रीवास्तव ने लिखा कि मुरैना जिले में अवैध रेत खनन एक संगठित आपराधिक गतिविधि है। पुलिस मुख्यालय से समन्वय स्थापित करने वैधानिक कार्रवाई करने के लिए शासन स्तर पर समन्वय किए का भी उन्होंने पत्र में जिक्र किया है।
पत्र में उन्होंने जिक्र किया है कि पुलिस की कार्रवाई से वन कर्मचारी का मनोबल गिरा है। वे डरे हुए हैं, रेत माफिया को कैसे रोकेंगे ? 13 जून 2021 को मुरैना जिले के नगरा थाना क्षेत्र में अवैध रेत का ट्रैक्टर ट्राली छुड़ाने आई वन विभाग की छापामार टीम पर हमले का भी उन्होंने इस पत्र में जिक्र किया है।
संगठित आपराधिक गतिविधि है अवैध रेत खनन
पीसीसीएफ व वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने पुलिस के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लिखे पत्र में  कहा है कि मुरैना जिले में अवैध रेत खनन एक संगठित आपराधिक गतिविधि है। पुलिस मुख्यालय से समन्वय स्थापित करने वैधानिक कार्रवाई करने के लिए शासन स्तर पर समन्वय किए जाने का भी उन्होंने पत्र में जिक्र किया है।

मंगलवार, 30 जुलाई 2024

लाड़ली बहनों को 450 रूपए में मिलेगा गैस सिलेंडर

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं को बीमा योजना का दिया जाएगा लाभ

भोपाल। सरकार ने लाड़ली बहनों को 450 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर देने का फैसला लिया है। वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना में कार्यकर्ता का निधन होने पर 2 लाख रुपए और स्थाई दिव्यांगता पर 1 लाख रुपए का बीमा मिलेगा।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ये फैसले आज लिए गए। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के समस्त गैस कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं और गैर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत गैस कनेक्शनधारी लाड़ली बहनों को गैस सिलेंडर रिफिल पर अनुदान राशि के भुगतान के लिए दो योजनाओं का अनुमोदन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये योजना क्रमांक 1370 रसोई गैस सहायता योजना (उज्ज्वला) एवं योजना क्र. 1387 रसोई गैस सहायता योजना (गैर उज्ज्वला) की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना अंतर्गत प्रदेश की निर्धारित आयु वर्ग की पात्रता अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनवाडी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के बीमा कवर का लाभ देने के संबंध में स्वीकृति दी गई।
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना 18 से 50 वर्ष आयुवर्ग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा आंगनवाड़ी सहायिका को राशि 436 रुपये प्रतिहितग्राही वार्षिक प्रीमियम के भुगतान से, किसी कारण से मृत्यु की दशा में 2 लाख रुपये का जीवन जोखिम कवर किया जाएगा। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना 18-59 वर्ष की आयुवर्ग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा आंगनवाड़ी सहायिका को राशि 20 रुपये प्रतिहितग्राही वार्षिक प्रीमियम के भुगतान से दुर्घटना में मृत्यु एवं स्थाई पूर्ण अपंगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक किन्तु स्थाई अपंगता की स्थिति में 1 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है।
22 जिलों में आयुष चिकित्सा
प्रदेश के 22 जिला अलीराजपुर, आगरमालवा, रीवा, अनुपपूर, ग्वालियर, अशोकनगर, भिण्ड, कटनी, उमरिया, बैतूल, भोपाल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, धार, मुरैना, सतना, शहडोल, सिंगरौली, उज्जैन, सागर एवं निवाडी एलोपैथी चिकित्सालय में आयुष चिकित्सा उपलब्ध कराने के उददेश्य से आयुष विंग की स्थापना एवं संचालन के लिए आवश्यक 213 पदों के सृजन की स्वीकृति दी। साथ ही 19 करोड़ रूपये बजट आवंटन की सहमति दिये जाने का निर्णय लिया गया।
छिंदवाडा के शहीद उप निरीक्षक के परिजनों को अनुग्रह राशि
दिवंगत स्वर्गीय नरेश कुमार शर्मा सहायक उप निरीक्षक, जिला छिंदवाड़ा के माता-पिता तथा पत्नी को क्रमशः 45-45 लाख रूप्ए की शेष विशेष अनुग्रह राशि की अतिरिक्त स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। नरेश शर्मा ने तेज गति से आ रहे वाहन को रोकने हेतु भरसक एवं साहसपूर्ण हर संभव प्रयास किया। शर्मा द्वारा अपनी प्राण रक्षा करते हुये भागने के स्थान पर अंतिम होशो-हवास की स्थिति में आरोपी को पकडने हेतु अदम्य वीरता और उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया। दिवंगत स्वर्गीय शर्मा सहायक उप निरीक्षक, जिला छिंदवाड़ा की पुलिस विभाग में 28 फरवरी 1986 की नियुक्ति है। इन्हें असाधारण परिवार पेंशन एवं विशेष अनुग्रह राशि 10 लाख रूपए की स्वीकृति 19 जनवरी 2024 को प्रदान की गई थी।
मंत्रिमंडल के अन्य फैसले
म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण अंतर्गत 31 मार्च 2024 के बाद की स्थिति में प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना-1 एवं 2 के अपूर्ण कार्यों को पूर्ण किये जाने के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।
ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की मध्यप्रदेश ग्रामीण संपर्कता बाह््रय वित्त पोषित योजना  अंतर्गत लंबित दायित्वों के भुगतान एवं अपूर्ण कार्यों को पूर्ण किये जाने के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था करने का निर्णय लिया।

कांग्रेस का गांवों पर फोकस, चौपाल के जरिए ग्रामीणों से संवाद


भोपाल। प्रदेश में संगठन मजबूत करने के लिए कांग्रेस का फोकस ग्रामीण अंचल है। लगातार गांवों में मतदाता कांग्रेस से दूर होता जा रहा है, इसके चलते अब कांग्रेस गांवों को मजबूत करने में जुटेगी। इसके चलते कांग्रेस ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों के बीच पहुंचने की तैयारी की है।

प्रदेश कांग्रेस में लगातार बैठकों का दौर जारी है। इन बैठकों में कांग्रेस द्वारा चुनाव दर चुनाव मिल रही हार पर मंथन किया जा रहा है और हार के कारणों का पता लगाया जा रहा है। बैठकों में यह बात सामने आई कि गांवों में कांग्रेस का जनाधार खिसक रहा है। इसके चलते अब फिर से गांवों में पार्टी को मजबूत करने के लिए ग्रामीणों से सीधा संपर्क किया जाए। लोगों से संपर्क करने पर पदाधिकारियों को जोर रहा है। बैठकों में यह रणनीति तय की गई कि अब गांवों में पदाधिकारियों द्वारा पहुंचकर चौपाल लगाई जाए। कम से कम एक चौपाल में चालीस लोग ष्शामिल हों। व्यवस्था इस तरह हो कि चौपाल के दौरान खाना भी खाया जाए, ताकि लोगों से मेल मिलाप का वक्त मिले। चौपालों में कांग्रेस की नीति, रणनीति, विचारधारा को बताया जाएगा और लोगों को पार्टी से जोड़ा जाएगा। साथ ही कांग्रेस के खिलाफ फैलाया जाने वाले दुष्प्रचार के बारे में बताया जाएगा। कांग्रेस अपने इस अभियान को सही रूप देने के लिए एक मास्टर ट्रेनर भी तैयार करेगी। मास्टर ट्रेनर वही होगा जो कभी चुनाव नहीं लड़ेगा। मास्टर ट्रेनर पंचायत ही नहीं बल्कि, शहर से लेकर प्रदेश स्तर तक पार्टी कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देगा। कांग्रेस अपने पंचायत चौपाल अभियान की शुरुआत 15 अगस्त के बाद से शुरू करेगी। बता दें कि कांग्रेस अब पूरे एक्शन मोड में आ गई है। पार्टी को सही धारा में लाने के लिए कांग्रेस गांव-गांव तक अपने कार्यकर्ता खड़े करेगी।
अरूण, उमंग को बुधनी की कमान
कांग्रेस ने बुधनी में होने वाले उपचुनाव को लेकर  कांग्रेस ने परिवर्तन किया है। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और शैलेन्द्र पटेल के बजाय नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव को जिम्मेदारी सौंपी है। जयवर्धन और शैलेंद्र पटेल को पहले प्रभारी बनाया गया था। साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इस सीट पर लगातार सक्रिय रहेंगे। वे यहां पदयात्रा भी करने की तैयारी कर रहे हैं।

रविवार, 28 जुलाई 2024

मेरी आवाज ही पहचान के जरिए दी आवाज से जुड़ी जानकारी

व्याख्यान में समझाया आवाज और वोकल कार्ड्स कैसे करती है काम

भोपाल। मेरी आवाज ही पहचान है व्याख्यान के जरिए डा सत्यप्रकाश चतुर्वेदी ने आवाज से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समझाया कि गले से निकलने वाली आवाज और वोकल कॉर्ड्स कैसे काम करती हैं और उनका ख्याल कैसे रखा जा सकता है।
दिव्य एडवांस्ड ईएनटी क्लिनिक ने अपनी 10वीं वर्षगांठ “मेरी आवाज़ ही पहचान है“ शीर्षक से एक महत्वपूर्ण व्याख्यान के साथ मनाई, जिसका विषय स्वर संरक्षण था। यह कार्यक्रम भोपाल के न्यू मार्केट स्थित समन्वय भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वर संरक्षण, स्वर स्वच्छता और स्वर विकारों के उपचार के बारे में बताया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता त्रिवेंद्रम से स्वर विकारों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ डॉ. जयकुमार मेनन ने एक ज्ञानवर्धक और शिक्षाप्रद व्याख्यान दिया।
विशेष अतिथि प्रदेश के सहकारिता विभाग के मंत्री विश्वास सारंग ने कार्यक्रम में डॉ दुबे को कोविड के दौरान ब्लैक फंगस के सफल ट्रीटमेंट के लिए सराहा जिसमे उन्होंने तकरीबन दो सौ से ज्यादा इस संक्रमण से पीड़ित मरीजों की सफल सर्जरी की। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सत्यप्रकाश दुबे ने किया, जिन्होंने भारी भागीदारी और रुचि के लिए अपना आभार व्यक्त किया। इस दौरान डॉ. दुबे ने आवाज से जुड़ी हुई कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। उन्होंने बारीकियों के साथ समझाया कि गले से निकलने वाली आवाज और वोकल कॉर्ड्स कैसे काम करती हैं और उनका ख्याल कैसे रखा जा सकता है। कुछ अभ्यासों द्वारा अपनी आवाज को पतला या मोटा करने के तरीके भी बताए। उन्होंने कुछ न्यूज़ एंकर और सिंगर्स के वीडियो का उदाहरण देते हुए शब्दों और उनके स्पष्ट उच्चारण के बारे में भी जानकारी दी।

लाइव एंडोस्कोपी कर बताया वोकल कार्ड कैसे करती है काम

डॉ. जयकुमार मेनन ने स्वर स्वास्थ्य और रखरखाव पर बहुमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया, जिसमें राजनेताओं, अभिनेताओं, गायकों, रेडियो जॉकी, समाचार एंकर, शिक्षकों और आवाज कलाकारों सहित विविध दर्शकों को संबोधित किया गया, जिनका करियर उनकी मुखर क्षमताओं पर बहुत अधिक निर्भर करता है। डॉ. मेनन ने पद्मश्री गुंदेचा बंधुओं का लाइव एंडोस्कोपी करते हुए बताया कि किस तरह वोकल कॉर्ड काम करती हैं। नाक के द्वारा दूरबीन डालकर उन्होंने गुंदेचा बंधुओं से ’सा रे गा मा’ का उच्चारण करवाकर वोकल कॉर्ड के स्वर निकालते हुए दिखाया।

मजबूती के लिए कांग्रेस का गांवों पर जोर


ग्राम स्तर पर समिति बनाकर कार्यकर्ता को सक्रिय करेगी कांग्रेस

भोपाल। मध्यप्रदेश में कमजोर संगठन को मजबूत करने के लिए अब कांग्रेस गांवों पर जोर देगी। लगातार हुई बैठकों में यह बात सामने आई कि गांवों में कांग्रेस का संगठन लगातार कमजोर हो रहा है, इसे मजबूत करने और कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े लोगों को सक्रिय करने के लिए ग्राम स्तर पर समिति बनाकर संगठन को मजबूत किया जाए।
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश कांग्रेस की हो रही बैठकों में यह बात सामने आई कि कांग्रेस का संगठन गांव स्तर पर कमजोर हुआ है। इसके लिए पहले गांवों को मजबूत करना जरूरी है। इसके चलते पदाधिकारियों ने अब मंडलम और सेक्टर से पहले गांवों में कांग्रेस को मजबूत करने का फैसला लिया है। इसके तहत ग्राम स्तर पर कांग्रेस समिति बनाने की तैयारी कर रही है। इस समिति में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिव जैसे पदाधिकारी होंगे, जो गांवों में पुराने कार्यकर्ताओं को फिर से कांग्रेस में सक्रिय करेंगे और साथ ही नए कार्यकर्ताओं को जोड़कर कांग्रेस की विचारधारा के बारे में बताएंगे। इस तरह से कांग्रेस पहले गांवों में संगठन को मजबूत करेगी और फिर उसके बाद सेक्टर, मंडलम, ब्लाक, तहसील और जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
प्रशिक्षण भी दिया जाएगा
ग्राम स्तर पर समितियां गठित कर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस प्रशिक्षण भी देगी। प्रशिक्षण में संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ता का मनोबल गिरने ना देने और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ किस तरह मोर्चा खोले रखने इन सब बातों का प्रशिक्षण भी प्रदेश संगठन द्वारा दिया जाएगा।
 

सत्ता में भागीदारी देकर असंतोष को साधेगी भाजपा

गांव से प्रदेश स्तर तक समितियों में कार्यकर्ताओं की होगी नियुक्ति


भोपाल। भाजपा में लगातार उभर रहे कार्यकर्ता और नेताओं के असंतोश को साधने के लिए अब संगठन और सरकार ने कार्यकर्ता को सत्ता में भागीदारी देकर उनकी नाराजगी को दूर करने का फैसला लिया है। इसके तहत समितियों का गठन किया जाएगा और कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा निगम-मंडल और आयोगों में भी जल्द ही नियुक्तियों का सिलसिला ष्शुरू किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।
भाजपा में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस से आए कार्यकर्ताओं और नेताओं के चलते नाराजगी का दौर भी ष्शुरू हुआ है। कुछ स्थानों पर नाराज कार्यकर्ता और नेताओं की नाराजगी खुलकर भी दिखी है। अब संगठन इस नाराजगी को समय रहते दूर करने का काम कर रहा है। साथ ही कांग्रेस से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं से किए वादों को पूरा करने के लिए संगठन ने कवायद ष्शुरू कर दी है। संगठन और सरकार दोनों मिलकर इस मुद्दे पर गंभीर है, इसके चलते अब इन नेताओं को समितियों का गठन कर सत्ता में भागीदारी करने की तैयारी की जा रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार राज्य में निगम, मंडल, जिले स्तर, गांव और ग्राम पंचायत स्तर पर भी समितियां होती हैं। ग्रामीण स्तर के कार्यकर्ता प्रशासनिक स्तर पर अपनी भागीदारी और ग्रामीणों की जरूरतें पूरी करने के लिए इन समितियों में जगह चाहते हैं। इसके चलते ये नियुक्तियां जल्द कर दी जाए, जिससे असंतोश को रोकने में सफलता मिलेगी।
गौरतलब है कि हाल ही में भाजपा नेताओं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों और अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें नियुक्तियों पर चर्चा की गई। दिल्ली में मुख्यमंत्री का सम्मेलन भी आज संपन्न हुआ, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भाग शामिल रहे। इस बैठक के बाद नियुक्तियों का दौर तेज होने की संभावना है।
दो लाख कार्यकर्ताओं को साधने की कवायद
भाजपा ने ग्राम से लेकर प्रदेश स्तर तक समितियों का गठन कर कार्यकर्ताओं को साधने की रणनीति तय की है। इन समितियों का गठन ग्राम पंचायत, ब्लाक, जिला से लेकर प्रदेश स्तर पर किया जाएगा। समितियों के सहारे भाजपा करीब दो लाख कार्यकर्ताओं को काम से जोड़ सकेगी। बताया जा रहा है कि विकासखंड और जिला स्तर पर गठित की जाने वाली समितियों की बैठकें माह में एक बार और राज्य स्तर पर गठित की जाने वाली समितियों की बैठक माह में दो बार कराने का निर्णय भी लिया है। बैठकों में तय किए लक्ष्य और उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी।

शुक्रवार, 26 जुलाई 2024

हथियारों से आगे होता है हौसला जो दिलाता है जीत

मुख्यमंत्री ने कहा कारगिल की विजय, भारतीय सेना के शौर्य की पहचान


भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस और रजत जयंती वर्ष पर भोपाल के शौर्य स्मारक में भारत माता की प्रतिमा पर नमन किया। डॉ. यादव ने शौर्य स्तंभ पहुंचकर शहीदों को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शौर्य स्मारक परिसर में स्थापित सेना के टी-55 टैंक का लोकार्पण भी किया। शौर्य स्मारक में अब आमजन भी इस टैंक को देख सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने द्रोणाचार्य सभागार में कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और कार्यक्रम को संबोधित किया। राजधानी भोपाल में कारगिल विजय दिवस पर हुए मुख्य कार्यक्रम में आज शौर्य स्मारक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पहुंचने पर एनसीसी कैडेट्स ने गार्ड्स ऑफ ऑनर दिया। जनरल ऑफिसर कमांडिंग सुदर्शन चक्र कोर, प्रीतपाल सिंह, एनसीसी के मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल अजय कुमार के साथ ही 21 कोर भोपाल के अनेक अधिकारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय से हमारी सेना ने एक नया इतिहास रचा। यह विजय भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की पहचान है। युद्धों में कई बार हथियारों के आगे सेना का हौसला महत्वपूर्ण होता है, जो जीत की ओर ले जाता है। पराक्रम भारत की पहचान रही है। दुश्मन हमारे देश में विभिन्न कारणों और तरीकों से नष्ट- भ्रष्ट करने के उद्देश्य से आते हैं, लेकिन हमारे शौर्य के आगे वे टिक नहीं पाते। मिस्र और रोम जैसी पुरानी सभ्यताएं खत्म हो गईं। लेकिन भारत की हस्ती मिटती नहीं है।
कारगिल शहीदों को कभी नहीं भुला सकता राष्ट्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में पाकिस्तान की पराजय हुई। आज भारत शत्रु के दुस्साहस का उत्तर उसके घर में घुसकर दे सकता है। भारतीय सेना दुनिया की बेहतरीन सेनाओं में से एक है, जो दुश्मन से निपटना जानती है। कारिगल शहीद सैनिकों को राष्ट्र कभी नहीं भुलाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को कारगिल विजय दिवस की बधाई देते हुए युद्ध के शहीदों को नमन किया।
अग्निवीर जवानों को पुलिस भर्ती में मिलेगा आरक्षण
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस के मौके पर घोषणा की कि प्रदेश में अग्निवीर जवानों को राज्य की पुलिस भर्तियों में आरक्षण मिलेगा। इस नई नीति के तहत, अग्निवीर जवानों को पुलिस की विभिन्न भर्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी, जो उन्हें सरकारी नौकरियों में अधिक अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुख्यमंत्री ने लिखा कि  आज कारगिल दिवस के अवसर पर हमारी सरकार ने निर्णय किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुसार अग्निवीर जवानों को पुलिस एवं सशस्त्र बलों की भर्ती में आरक्षण दिया जाएगा।
 

उपचुनाव के लिए बुधनी में कांग्रेस ने बढ़ाई सक्रियता

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पहुंची बुधनी, कार्यकर्ताओं के साथ की बैठकें


भोपाल। प्रदेश में बुधनी और विजयपुर में होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने मैदानी मोर्चा संभाल लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी आज बुधनी विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर उपचुनाव की रणनीति बनाने में जुटे रहे। पार्टी उपचुनाव की घोषणा के पहले कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जीत के लिए संभावित प्रत्याशी को तलाशने में जुटी है।
बुधनी और विजयपुर में उपचुनाव होने है। दोनों ही विधानसभा सीटों के विधायकों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद यहां उपचुनाव की स्थिति निर्मित हुई है। कांग्रेस ने दोनों ही स्थानों पर प्रभारी तैनात कर दिए थे। प्रभारियों की सक्रियता बीते एक पखवाड़े से इन दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में नजर आ रही है। साथ ही आज से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खुद सक्रियता दिखाई है। वे आज बुधनी विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने इस क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर मंडलम और सेक्टर स्तर के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों के साथ चर्चा की और उपचुनाव के लिए मैदानी मोर्चा संभालने की बात कही। कांग्रेस यहां पर जीत के लिए प्रत्याशी की तलाश कर रही है। बुधनी विधानसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विधायक रहे हैं। इस वजह से यह सीट भाजपा की गढ़ मानी जाती रही है। कांग्रेस इस बार इस सीट पर कब्जा करना चाहती है, इसके चलते यहां पर लगातार बैठकों का दौर जारी है।
मोर्चा प्रकोष्ठों   की बैठक आज
कांग्रेस के मोर्चा प्रकोष्ठों की बैठक कल शनिवार को होगी। बैठक में सभी को चुनाव में किए कामों की रिपोर्ट लेकर आने के लिए कहा गया है। पार्टी ने यह भी तय किया है कि निष्क्रिय पदाधिकारियों की छुट्टी की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस के समस्त विभागों और प्रकोष्ठों के प्रभारी जेपी धनोपिया ने बताया कि संगठन के अंतर्गत आने वाले विभागों के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों के साथ पहले बैठक होगी। इसमें उनके प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा और सुधार के लिए सुझाव लिए जाएंगे। वहीं, दोपहर बाद से प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक होगी। इसमें उनसे लोकसभा चुनाव 2024 में अपने विभाग, प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों द्वारा किए गए कार्यों और गतिविधियों की जानकारी ली जाएगी। सूत्रों का कहना है कि ऐसे प्रकोष्ठ जिनकी प्रकृति एक जैसी है, उन्हें आपस में मिलाया जा सकता है तो विभिन्न संगठनों के उन पदाधिकारियों की छुट्टी की जाएगी जो निष्क्रिय हैं।

प्रभात' का कभी 'सूर्यास्‍त' नहीं हो सकता

 लोकेन्‍द्र पाराशर 

मनुष्‍य जब अस्तित्‍व में आता है, तो उसकी प्रारंभिक पहचान उसकी देह से होती है। सामान्‍य व्‍यक्ति इसी देह के साथ ही एक दिन समाप्‍त भी हो जाता है। लेकिन समाज में कुछ ऐसे लोग भी जन्‍म लेते हैं, जिन्‍हें उनकी  देह से नहीं दैदीव्‍यता से पहचाना जाता है। ऐसे ही मनुष्‍य को असाधारण, विलक्षण, प्रखर, प्रतापी, विचारवान, दयावान, निर्णायक, परिश्रमी जैसे शब्‍दों से अलंकृत किया जाता है। 

आदरणीय प्रभात झा जी के जीवन काल को हम देखें तो ध्‍यान में आता है कि उन्‍होंने सब बातों की चिंता करते हुए यदि किसी एक चीज की चिंता नहीं की तो, वह उनकी देह ही थी। देह से पूर्णत: विरक्‍त रहकर रक्‍त-रक्‍त को परिश्रम की पराकाष्‍ठा में लगा देना ही प्रभात जी की पहचान थी। बिहार से चलकर मुंबई और ग्‍वालियर आगमन की यात्रा को जिन लोगों ने देखा, उन्‍होंने प्रभात जी को एक अभाव में पलने वाले 'प्रभाव' के रूप में ही देखा।  मेरा उनका परिचय 1984 में उस समय हुआ जब माननीय अटल जी ग्‍वालियर से श्री माधवराव सिंधिया जी के विरुद्ध चुनाव मैदान में थे। एक सभा के मंच के समीप ही उन्‍होंने मुझे पूछा ''मुझे जानते हो?'' मैंने कहा नहीं तो...। वे मुझे पास की दुकान में मौसम्‍बी रस पिलाने ले गए, वहीं पूरा परिचय दिया। मैं भौंचक्‍का था, कारण का उल्‍लेख करना समचीनी नहीं है, बस इतना समझ लीजिए कि मैं उनके नाम को लेकर दुराग्रही था। लेकिन उस पहले परिचय के बाद उन्‍होंने जिस आत्‍मीयता के साथ मुझे भाजपा के संभागीय कार्यालय मुखर्जी भवन में आवास उपलब्‍ध कराने से लेकर पढ़ाई-लिखाई तक की चिंता की, उसने तो मुझे अंदर तक ग्‍लानि से भर दिया। ''मैं क्‍या सोचता था और वो क्‍या निकले।'' 

समय बीतता गया और बताता गया कि प्रभात जी यानि परिश्रम, प्रभात जी यानि पकड़, प्रभात जी यानि स्‍मरण शक्ति, प्रभात जी यानि वैचारिक स्‍पष्‍टता, प्रभात जी यानि प्रखरता और प्रभात जी यानि अपार संभावना का रास्‍ता। हुआ भी यही। प्रभात जी के साथ 'स्‍वदेश' में कार्य करने का कुछ वर्ष अनुभव रहा। सारा आभा मण्‍डल प्रभात जी के इर्दगिर्द ही डोलता था। एक समय था जब स्‍वदेश यानि प्रभात जी थे और प्रभात जी यानि स्‍वदेश था। रामजन्‍म भूमि आन्‍दोलन में मैंने उनकी पत्रकारिता और प्रतिबद्धता को बहुत गहरे से देखा। ग्‍वालियर का ऐसा कोई गली मोहल्‍ला नहीं था, जिसके किसी न किसी परिवार से प्रभात जी का टिफिन न आता हो। लोग पूछते थे प्रभात जी का परिवार नहीं है क्‍या? दरअसल उनका परिवार भी था। भाभी को वर्षों तक समझ ही नहीं आया कि पति मिला है या संन्‍यासी। खैर! जीवछ और बऊआ नामक बेटों के आने के बाद भी कभी किसी ने यह नहीं देखा कि प्रभात जी पण्डित जी (वे भाभी को पण्डित जी ही कहते थे) के साथ बाजार गए हैं या बेटों को किसी उद्यान की सैर करा रहे हैं।  कुल मिलाकर परिवार की जिम्‍मेदारी से लगभग विरक्‍त रहकर उन्‍होंने अपनी यात्रा को समष्टि के लिए इस कदर आगे बढ़ाया कि विचार ने उन्‍हें भारतीय जनता पार्टी मध्‍यप्रदेश का पहला मीडिया प्रभारी बनाया। बाद में वे राष्‍ट्रीय पदाधिकारी, सांसद और प्रदेश अध्‍यक्ष भी बने। वे जहां रहे, वहां अपने कृतित्‍व की सुगंध छोड़ते चले गए। आज भी स्‍वदेश की बात आए तो प्रभात जी की बात होती है। भाजपा कार्यालय में आज भी उनके उल्‍लेख के बिना राजनैतिक कौशल पर चर्चा पूरी नहीं हो पाती है। मैं सात वर्षों से अधिक भाजपा का प्रदेश मीडिया प्रभारी रहा, लेकिन मैंने यह अनुभव किया कि इस विभाग पर आज भी सिर्फ प्रभात जी की ही छाप है। यह देखकर मुझे सदैव आनंद ही रहा, क्‍योंकि वे मेरे पत्रकारिता काल के योग्‍य अग्रज रहे थे। 

प्रभात जी हमारे बीच देह से भले नहीं हैं, लेकिन उनके प्राण तत्‍व की प्रतिष्‍ठा ऐसी है कि वह पग-पग पर परामर्श देती रहेगी। उनके व्‍यक्तित्‍व के पीछे केवल और केवल उनकी वैचारिक स्‍पष्‍टता और उस पर चलने की बेजोड़ कर्मठता थी। शब्‍दों की मर्यादाएं ऐसी हैं कि वह प्रभात जी के कृतित्‍व को समेट ही नहीं सकती। आज हमने अपना नक्षत्र खोया तो है, लेकिन केवल शरीर से खोया है, उनका शरीर निसंदेह अधिक परिश्रम की भेंट चढ़ा है। वरना इतनी जल्‍दी जाते ही नहीं। प्रभात जी हमें जो देकर गए हैं वह प्रेरणा अविनाशी है। उन्‍होने जो दिया है, उसके लिए असंख्‍य कार्यकर्ता अनंत काल तक कृतज्ञ रहेंगे। क्‍योंकि 'प्रभात' का कभी 'सूर्यास्‍त' नहीं हो सकता।   

                                                                                                       लेखक भाजपा मप्र के प्रदेश मंत्री हैं

गुरुवार, 25 जुलाई 2024

अपने सपनों का गांव बनाए पंचायत प्रतिनिधि : पटेल

तीन दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन

भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने सभी स्तरों की पंचायतों के पदाधिकारियों का आव्हान किया है कि वे अपनी पसंद के किसी एक गांव को आदर्श गांव बनाने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों और विभिन्न योजनाओं में आपसी समन्वय के साथ एक मॉडल विलेज बनाएं। उन्होने कहा कि अपने सपनों का गांव बनाने की शुरूआत करें।
पटेल आज यहां आत्मनिर्भर पंचायत- समृद्ध मध्यप्रदेश विषय पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जर्मन संस्था जीआईजे्ड द्वारा आयोजित कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। पटेल ने कहा कि जो पंचायतें शहरों से से लगी हैं उनकी अपनी समस्याएं और मुददे होते हैं। वे अर्ध-शहरी कहलाती हैं। ऐसी 1200 पंचायतें हैं। इनके अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, सदस्यों और अधिकारियों के साथ भी जल्दी ही चर्चा की जाएगी। इसी प्रकार पेसा पंचायतों और वन संरक्षित क्षेत्रों के समीप स्थित पंचायतों की स्थिति सामान्य पंचायतों से भिन्न है। उनके मुददों पर भी चर्चा की जाएगी। पंचायत मंत्री ने कहा कि सभी पंचायतों के पदाधिकारी बैठकों के नियम की जानकारी रखें। इससे टकराव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पंचायतों में की जा रही विकास की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखें ताकि समय पर उनमें सुधार हो सके।
सामान्य सभा की बैठकां को गंभीरत से लें
पटेल ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सामाजिक रूप से जिम्मेदार व्यक्ति होते हैं और उन्हें पूरी मेहनत से अपनी जिम्मेदारी निभाना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों की सामान्य सभा की बैठकें कैबिनेट की बैठक के समान होती हैं। इसको पूरी गंभीरता से लें। जहां बैठकें नहीं हुई है वहां पर निश्चित अंतराल में इन बैठकों का आयोजन करें । यह सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। पटेल ने कहा जिन पंचायतों की जनसंख्या पांच हजार से ज्यादा है वहां दो सामुदायिक भवन बनाये जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे उचित निर्माण स्थल का चयन करने की कार्रवाई शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों के पदाधिकारी जनपद पंचायतों की बैठकों में परामर्शदाता की भूमिका निभा सकते हैं लेकिन निर्णय प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करें।

कांग्रेस के साथ मिलकर उपचुनाव लड़ेगी सपा

प्रदेश अध्यक्ष ने हमारा उद्देश्य भाजपा को हराना है


भोपाल। अमरवाड़ा उपचुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद अब समाजवादी पार्टी ने बुधनी और विजयपुर में होने वाले उपचुनाव को लेकर साफ कर दिया ि कवह कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। सपा का कहना है कि अभी सपा और कांग्रेस प्रदेश में गठबंधन में हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा मनोज यादव ने कहा कि प्रदेश में छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा उपचुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। अब विजयपुर और बुधनी में उपचुनाव होने है। सपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने कहा कि अभी हम गठबंधन में है। अभी की स्थिति में मिलकर ही चुनाव लड़ेंगे। हमारा उद्देश्य भाजपा को हराना है।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव सपा ने प्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन के तहत लड़ा था। खजुराहो संसदीय सीट कांग्रेस ने सपा को दी थी, मगर एनवक्त पर सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन निरस्त होने से यहां पर सपा मैदान से बाहर हो गया था। अब उपचुनाव को लेकर सपा एक बार फिर सक्रिय हुई है। सपा ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस के साथ मिलकर उपचुनाव भी लड़ेगी, मगर प्रत्याशी को लेकर कोई बात नहीं की है।
बुधनी, विजयपुर में नहीं है प्रभाव
बुधनी और विजयपुर दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में सपा को कोई प्रभाव नजर नहीं आता है। बुंदेलखंड और चंबल अंचल की कुछ सीटों पर जरूर सपा का प्रभाव रहा है, मगर बुधनी और विजयपुर में सपा का प्रभाव नहीं के बराबर है। 2023 के विधानसभा चुनाव में विजयपुर में तो सपा को प्रत्याशी भी नहीं मिला था, वहीं बुधनी में सपा ने महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद को चुनाव मैदान में उतारा था, जिन्हें मात्र 136 वोट हासिल हुए थे, वे अपनी जमानत भी जब्त करा बैठे थे।
 

प्रदेश में एक और नया जिला बनाने की तैयारी, बुलवाए प्रस्ताव

छिंदवाड़ा जिले का होगा एक और विभाजन, जुन्नारदेव को बनाया जाएगा जिला

भोपाल।  प्रदेश में जल्द ही एक और नया जिला अस्तित्व में आ सकता है। सरकार ने राजस्व विभाग की ओर से प्रस्ताव मांगा है, जिसके बाद प्रदेश में जिलों की संख्या 55 से बढ़कर 56 हो जाएगी।
दरअसल, छिंदवाड़ा जिले में आने वाली जुन्नारदेव विधानसभा को अलग जिला बनाने की तैयारी है। इसके लिए राजस्व विभाग ने छिंदवाड़ा जिले के कलेक्टर को पत्र लिखकर प्रस्ताव मंगाया है। हालांकि इस जिले में और कौन सी विधानसभा और तहसीलें शामिल होंगी यह अब तक क्लीयर नहीं हुआ है, लेकिन राजस्व विभाग की तरफ से प्रस्ताव मांगा गया है। वहीं विधानसभा चुनाव के पहले छिंदवाड़ा से अलग करके पांढुर्णा को जिला बनाया गया था, जिसमें पांढुर्णा और सौंसर विधानसभा सीटें शामिल हैं। क्षेत्रफल की दृष्टि से देखा जाए तो छिंदवाड़ा फिलहाल सबसे बड़े जिलों में शामिल है, ऐसे में अगर पांढुर्णा के बाद जुन्नारदेव भी नया जिला बनता है तो इसका फायदा यहां निवास करने वाले ग्रामीण वर्ग को ज्यादा मिलेगा, क्योंकि क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा जिला होने के चलते कई ग्रामीण अंचलों की दूरी छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय से दूर हो जाती है। ऐसे में छिंदवाड़ा से अलग करके एक और जिला बनाने की तैयारी शुरू की है।
हो जाएंगे 56 जिले
विधानसभा चुनाव 2023 से पहले प्रदेश में 6 महीने के अंदर तीन नए जिले बने थे, जिनमें सतना से अलग करके मैहर, रीवा से अलग करके मऊगंज और छिंदवाड़ा से अलग करके पांढुर्णा को नया जिला बनाया गया था। ऐसे में तीन नए जिले बनने के बाद मध्य प्रदेश में कुल जिलों की संख्या 52 से बढ़कर 55 हो गई थी। जबकि अब अगर जुन्नारदेव भी नए जिले का रूप लेता है तो फिर प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़कर 56 हो जाएगी।
बीना को भी जिला बनाने की उठ रही मांग
लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की बीना से विधायक निर्मला सप्रे बीना को जिला बनाने की मांग उठा रही है। इसे लेकर वहां आंदोलन भी चल रहा है। सागर जिले से अलग इसे जिला बनाने की मांग को लेकर वे अड़ी है। इसके चलते उन्होंने अभी कांग्रेस से अपनी विधायकी नहीं छोड़ी है। निर्मला सप्रे का कहना है कि वे जब तक बीना अलग जिला ना बने और पचास फीसदी विकास कार्य पूरा नहीं करा लेती तब तक कांग्रेस की विधायकी से इस्तीफा नहीं देंगी।
 

बुधवार, 24 जुलाई 2024

आखिर मान गए नागर, मुख्यमंत्री से की मुलाकात

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा दिल्ली से साथ में आए


भोपाल।  वन मंत्रालय लिए जाने से नाराज मंत्री नागर सिंह चौहान बीती देर रात दिल्ली से लौट आए। राजधानी लौटने के बाद रात को ही उन्होंने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान वे हंसी-ठहाके लगाते नजर आए। इससे साफ हो रहा है कि दिल्ली में वरिश्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद उनकी नाराजगी दूर हो गई। हालांकि उन्होंने इसे लेकर कुछ चर्चा नहीं की है।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए रामनिवास रावत को वन मंत्रालय दिए जाने से नाराज होकर मंत्री नागर सिंह चौहान ने मंत्री पद से इस्तीफा देने और पत्नी से सांसद पद से इस्तीफा दिलवाने की चेतावनी देने के बाद भाजपा में हड़कंप मच गया था। मामला दिल्ली तक पहुंची। इसके बाद नागर सिंह को दिल्ली तलब किया गया। दिल्ली में उनकी पार्टी नेताओं से मुलाकात हुई और मामला ठंडा पड़ता नजर आया। बीती रात को वे दिल्ली से वापस भोपाल आए और मुख्यमंत्री डा मोहन यादव से उनके निवास पर मुलाकात की। नागर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ दिल्ली से भोपाल लौटे थे। मुख्यमंत्री ने नागर को भविष्य में बेहतर अवसर देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री से मुलाकात का एक वीडियो काफी वायरल हुआ है जिसमें वे मुख्यमंत्री के साथ मंत्री नागर ठहाके लगाते नजर आ रहे हैं। इससे साफ संदेश देने का प्रयास किया गया है कि नागर की नाराजगी अब दूर हो गई है, वे मान गए हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि नागर कैसे माने। दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं की समझाइश से या फिर उन्हें मिली फटकार से।
उनका सौभाग्य हमारा दुर्भाग्य
पूर्व मंत्री अजय विश्नोई का ने भी मंत्री नागर सिंह की बात का समर्थन किया। उनका कहना है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं का ये सौभाग्य है कि उन्हें मंत्री पद मिल रहा है। ये हमारा दुर्भाग्य है कि हमारी ही पार्टी में हम अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि नागर सिंह ने जो भी कदम उठाया है, वह बहुत ही सोच समझकर ही उठाया होगा, पर भाजपा के पास हर संकट का समाधान पहले से ही होता है।
परिवार के सदस्य हैं, जानेंगे क्यों नहीं
नागर सिंह चौहान के इस्तीफे की ख़बरों के बीच आज उनक एक वीडियो सामने आया था जिसमें वह मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के साथ हंसते और मुस्कुराते हुए बातचीत कर रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद माना जा रहा है कि मंत्री की नाराजगी खत्म हो गई है। इस बीच डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि नागर सिंह चौहान परिवार के सदस्य हैं, मानेंगे क्यों नहीं।  

हर पंचायत होगा सामुदायिक भवन, पंचायत का अपना होगा भवन

पंचायत मंत्री ने कहा लगन और कर्तव्यों का पालन करें प्रतिनिधि  


भोपाल।  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने पंचायत प्रतिनिधियों का आव्हान किया है कि वे पूरी लगन से अपने कर्तव्यों का पालन करें। अधिकार तो स्वाभाविक रूप से मिल जाएंगे।  पटेल ने कहा कि राज्य सरकार पूरे प्रयास कर रही है कि हर पंचायत में सामुदायिक भवन हो और हर पंचायत का अपना भवन हो।
पटेल आज यहां “आत्मनिर्भर पंचायत- समृद्ध मध्यप्रदेश“ विषय पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जीआईजे्ड द्वारा आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर पंचायत अपने क्षेत्र के विकास कार्यों की प्लानिंग क्षमता और समझदारी से कर सकती है। उन्होने कहा कि पंचायत राज एक साथ मिलकर जनकल्याण के लिये कार्य करने की भावना है। उन्होने कहा कि जनपद पंचायत उपाध्यक्षों की सहमति के लिये अनिवार्य रूप से उन्हें नस्ती भेजने संबंधी आदेश जल्दी ही जारी कर दिये जायेंगे। उन्होने जनपद पंचायत, उपाध्यक्षों से आग्रह किया वे ऐसे कार्यों और गतिविधियों की सूची बना लें जिनमें वे समझते हैं कि उनका मत और सहमति आवश्यक हो। उन्होंने कहा कि पंचायतों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिये उनके आंतरिक प्रशासनिक तंत्र को मजबूत बनाने की कार्रवाई चल रही है। निचले स्तर पर प्रशासनिक तंत्र की मजबूती आवश्यक है। पटेल ने कहा कि विभिन्न योजनाओं में उपलब्ध बजट राशि और वित्तीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतिम उद्देश्य लोगों को खुश करना और उनकी भलाई करना है।
पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी तो प्रदेश बनेगा समृद्ध
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश को समृद्ध बनाना है तो पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना होगा।उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं का उचित लाभ सुनिश्चित करने और हर पात्र को लाभान्वित करने के लिए मैदानी अमले का प्रशिक्षित होना, आपसी समन्वय होना आवश्यक है। उप-मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि संकल्प और समर्पण से ग्रामीण विकास का नया अध्याय लिख सकते हैं। शुक्ल ने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी है, बिजली है, पानी है। आज हम तेज़ गति से आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। हमें अपनी क्षमता का उन्नयन कर दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रयास करने होंगे। हमें नवाचारों को, अभिनव प्रयासों को पूरे प्रदेश में विस्तारित करना होगा, ताकि मध्यप्रदेश का ग्रामीण विकास पूरे देश में मॉडल बनें।

अग्रदूत पोर्टल से लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री ने भेजा मैसेज


पोर्टल किया लांच, नागरिकों के मिलेगी योजनाओं की जानकारी

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बुधवार को जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किए “अग्रदूत पोर्टल“ को लांच किया। पोर्टल के द्वारा उन्होंने प्रदेश की लाड़ली बहनों को भी मैसेज किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नागरिकों को पोर्टल के जरिए योजनाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन  यादव कहा कि  सूचना ही शक्ति है के मंत्र को सार्थक करने वाला अग्रदूत पोर्टल अपने आप में अद्भूत पहल है। किसी भी राज्य के जनसंपर्क विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा एवं त्वरित सूचनाओं के लिए इस तरह की अभिनव पहल पहली बार की गई है। पोर्टल लांचिग के अवसर मुख्यमंत्री ने पहला मैसेज लाडली बहनों को भेजा। यह मैसेज सावन में रक्षाबंधन के शगुन स्वरूप 1 अगस्त को लाडली बहनों के खातों में 250 रूपए अंतरित करने संबंधी है। अग्रदूत पोर्टल सूचना क्रांति के क्षेत्र में अभिनव पहल है। इससे कम समय में लक्षित नागरिकों तक पहुँच बनाई जा सकेगी। सूचना प्रसार, व्यापक संचार, समग्र डेटाबेस का उपयोग, वाट्स एप के माध्यम से सूचना का प्रसार, सिंगल क्लिक आधारित, यूजर फ्रेंडली, त्रि-स्तरीय अनुमोदन प्रक्रिया कम समय में संपन्न होगी।
क्या है अग्रदूत पोर्टल
मध्यप्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किया गया अग्रदूत पोर्टल सूचना ही शक्ति है की पहल पर काम करेगा। यह लक्षित समूह तक सिंगल क्लिक में सूचनाएं प्रसारित करने के लिए जनसंपर्क विभाग की अभिनव पहल है। अग्रदूत पोर्टल द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के टारगेट ऑडियंस तक सूचनाएं पहुंचाई जा सकेंगी। पोर्टल के माध्यम से त्रि-स्तरीय रिव्यू के बाद संदेश लोकप्रिय मोबाइल मैसेजिंग एप- व्हाट्सअप पर शेयर किया जाएगा एवं इसके माध्यम से एक साथ मल्टी मीडिया मैसेज ( ग्राफिक्स, टैक्स्ट, लिंक, वीडियो) भी शेयर किए जा सकेंगे। इसके माध्यम से नागरिकों तक आसानी से सूचनाएं पहुंचाई जा सकेंगी।
श्रेणी अनुसार कर सकेंगे जानकारियाँ अलग-अलग
अग्रदूत पोर्टल से प्रदेश के नागरिकों द्वारा चाही गई जानकारियाँ फ़िल्टर की जा सकती हैं। उन्हें श्रेणी अनुसार विभाजित कर मैसेज या सूचनाएं भेजी जा सकेंगी, जैसे उम्र, लिंग, जाति, धर्म, व्यवसाय, विकलांगता, जिला, स्थानीय निकाय, क्षेत्र के अनुरूप चयनित कर जानकारी भेज सकेंगे।

मंगलवार, 23 जुलाई 2024

लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर मिलेंगे अतिरिक्त 250 रूपए


कैबिनेट बैठक में लिया फैसला, प्रॉपर्टी टैक्स खरीदी पर स्टांप ड्यूटी में मिलेगी छूट

भोपाल। सरकार रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात देने जा रही है। अगस्त महीने में एक तारीख को लाड़ली बहनों के खाते में 250 रुपए अतिरिक्त यानी कुल 15 सौ रुपए डाले जाएंगे। वहीं प्रॉपर्टी टैक्स खरीदी पर स्टांप ड्यूटी पर छूट, मंदसौर को नई तहसील की सौगात देने का फैसला आज कैबिनेट बैठक में लिया गया।
सरकार ने यह फैसला आज हुई कैबिनेट बैठक में लिया है। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सावन माह का विशेष महत्व है। सावन माह में प्रत्येक लाड़ली बहन के खाते में आने वाली एक तारीख को 250 रुपए अंतरित किए जाएंगे। यह राशि लाड़ली बहनों के लिए शासन की ओर से प्रतिमाह जारी होने वाली 1250 रुपए की राशि से अलग होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहनों को प्रतिमाह जारी होने वाले 1250 रुपए पहले की तरह उनके खाते में जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों से रक्षाबंधन के पर्व पर सावन माह में अपने-अपने क्षेत्र की बहनों से राखी बंधवाने का आव्हान भी किया है।
बैठक में आईटी क्षेत्र में निवेश आए, इसके लिए नई पॉलिसी बनाने का फैसला लिया है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस, कैपिटल एक्सपेंडिचर, किराए, मार्केटिंग , क्वालिटी में राज्य सरकार मदद करेगी। सस्ती दरों पर भूमि दी जाएगी। रजिस्ट्रेशन प्रॉपर्टी टैक्स समेत सभी में छूट देने वाले हैं। देश की सभी आईटी पॉलिसी करने अध्ययन कर मध्य प्रदेश की आईटी पॉलिसी बनाई है।
मंदसौर जिले में नई तहसील
बैठक में मंदसौर जिले में नवीन तहसील धुंधडका का सृजन किये जाने की स्वीकृति दी हैं। नवीन तहसील धुंधडका में वर्तमान तहसील मंदसौर (ग्रामीण) के प.ह.न. 31 से 40 तक, 42 एवं 47 से 61 इस प्रकार कुल 26 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। निर्णय अनुसार तहसील धुंधडका के गठन के बाद शेष मंदसौर तहसील में तहसील मंदसौर (ग्रामीण) के प.ह.न. 01 से 30, 41 एवं 43 से 46 तक, कुल 35 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे।
कॉलेज भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत
उच्च शिक्षा में संभागीय मुख्यालयों को सशक्त किया जाएगा। कॉलेज भवन निर्माण के लिए 7 करोड़ 45 लख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। निवाड़ी में सरकारी पदों में सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से नियुक्ति की जाएगी। राज्य सरकार ने नियुक्ति को लेकर स्वीकृति प्रदान कर दी है।

सीबीआई जांच से पहले सरकार से अनुमति लेने पर जताई आपत्ति

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र


भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पटवारी ने इस पत्र में सीबीआई की किसी मामले की जांच से पहले राज्य सरकार से लिखित में अनुमति लेने पर आपत्ति जताई है।साथ ही पटवारी ने पत्र में नर्सिंग घोटाले का भी जिक्र किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि “प्रधानमंत्री जी जब शिवराज सिंह चौहान को हटा कर आपकी सहमति से ही मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया था, तब हमें उम्मीद थी कि व्यापम जैसी व्यवस्था दोबारा इस प्रदेश में नहीं होगी, लेकिन हाल ही में आपकी डबल इंजन सरकार के द्वारा लिया गया एक फैसला काफी सारे सवाल खड़ा कर रहा है, जिनका जवाब आपकी मध्य प्रदेश सरकार से लेकर जनता को बताया जाना चाहिए। पटवारी ने पत्र में लिखा कि लिखा कि प्रदेश की सरकार ने हाल ही में एक फैसला लिया है, जिसके तहत राज्य में अब सीबीआई की किसी मामले की जांच से पहले राज्य सरकार से लिखित में अनुमति लेनी होगी. मंजूरी मिलने के बाद ही जांच एजेंसियां एक्शन ले पाएंगी, मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास ही गृह मंत्रालय का दायित्व भी है, इसलिए बिना उनकी सहमति के निर्णय गृह मंत्रालय द्वारा नहीं लिया जा सकता।
पत्र में लिखा है कि सब जानते हैं कि मध्य प्रदेश में जनता के साथ मिलकर कांग्रेस पार्टी लगातार नर्सिंग घोटाले का पर्दाफाश कर रही है, जिसके तहत लाखों की संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक प्रभावित हुए हैं. इस घोटाले में भाजपा के मंत्री और अन्य नेताओं की भूमिका बिल्कुल स्पष्ट है। अब ऐसा प्रतीत होता है कि यदि सही से जांच हो तो उनकी गिरफ्तारी भी संभव है। ऐसे में प्रदेश की जनता के जेहन में कुछ सवाल हैं जैसे क्या प्रधानमंत्री जी को इस घोटाले और राज्य सरकार द्वारा सीबीआई के संदर्भ में लिए गए फैसले की जानकारी है?
नर्सिंग घोटाला सीबीआई जांच क्या दिखावा है?
पटवारी ने पत्र में लिखा कि क्या व्यापम घोटाले के बाद बदनाम हुए मध्य प्रदेश में नर्सिंग घोटाले को लेकर सीबीआई जांच केवल दिखावा है, क्योंकि अगर हर मामले में सीबीआई को राज्य सरकार से ही अनुमति लेनी है, तो फिर सीबीआई जांच का मतलब ही क्या रह गया? क्या प्रदेश सरकार आपसे कुछ छुपा रही है? क्या आपके किसी लाडले मंत्री को गिरफ्तारी से बचाने के लिए इस तरीके का फैसला लिया गया है? क्या यह फैसला मुख्यमंत्री की जानकारी के बगैर अधिकारियों ने अपने को बचाने के लिए ले लिया है मध्य प्रदेश की जनता इन सारे सवालों के जवाब की आपसे उम्मीद करती है।

सोमवार, 22 जुलाई 2024

वन मंत्रालय वापस लिए जाने से नाराज नागर सिंह


मंत्री पद से इस्तीफा देने की दी चेतावनी, पत्नी से भी दिलावाएंगे सांसद पद से इस्तीफा

भोपाल। रामनिवास रावत को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय दिए जाने से मंत्री नागर सिंह चौहान नाराज नजर आ रहे हैं। उन्होंने नाराजगी का संकेत देते हुए कहा कि वे जल्द ही संगठन पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे और मंत्री पद से इस्तीफा देकर केवल विधायक बने रहेंगे। इतना ही नहीं मंत्री ने अपनी सांसद पत्नी अनिता नागर चौहान से भी सांसद पद से इस्तीफा दिलवाने की चेतावनी दे डाली है।
कांग्रेस से भाजपा में आकर मंत्री बने रामनिवास रावत को रविवार को सरकार ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय सौंपा है। यह मंत्रालय पहले नागर सिंह चौहान के पास था। जैसे ही खबर उन तक पहुंची उन्होंने अपनी नाराजगी जताई है। सूत्रों की माने तो नागर सिंह चौहान ने संकेत दिए हैं कि अब अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री पद भी छोड़ देंगे और केवल विधायक बने रहेंगे। बताया जाता है कि वे वन मंत्रालय उनके पास से जाने से नाराज हैं। इसके चलते उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देने का मन बना लिया है। वे जल्द ही भोपाल आकर संगठन नेताओं से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे। अगर उनकी बात नहीं मानी तो वे मंत्री पद से इस्तीफा देकर केवल विधायक बने रहेंगे। नागर का कहना है कि मैं पार्टी फोरम पर अपनी बात रखूंगा, अगर फैसला नहीं होता है तो 1-2 दिन में इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने कहा कि वे 25 सालों से भाजपा में काम कर रहे हैं लेकिन आजतक ऐसा नहीं हुआ कि पार्टी में कार्यकर्ता की नहीं सुनी गई हो।
पत्नी भी छोड़ेगी सांसदी
रतलाम-झाबुआ से कांग्रेस के दिग्गज नेता कांतिलाल भूरिया को हराकर सांसद बनी अनीता नागर सिंह मंत्री की पत्नी है। मंत्री की नाराजगी इतनी बढ़ गई है कि उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देने के साथ-साथ पत्नी से भी सांसद पद से इस्तीफा दिलाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मैं ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी भी सांसद पद से इस्तीफा दे देगी।
 

जबलपुर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में आए 22 हजार निवेश के प्रस्ताव

जारी रहेगा उद्योगपतियों से संवाद का सिलसिला

भोपाल। जबलपुर के रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में छोटे-बड़े
उद्योगों की ओर से कुल 22 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की भूमिका से इस माह इनमें निरंतर वृद्धि भी होगी।

प्रदेश में वृहद इकाइयों की स्थापना के लिए 17 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव और एमएसएमई इकाइयों की ओर से प्राप्त 5 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस तरह जबलपुर के रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में छोटे-बड़े उद्योगों की ओर से कुल 22 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की भूमिका से इस माह इनमें निरंतर वृद्धि भी होगी। इसके लिए प्रमुख उद्योगपतियों से संवाद का सिलसिला निरंतर जारी है। जबलपुर आरईसी में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव रक्षा उपकरण निर्माण से संबंधित 600 करोड़ रूपए का है। इसके अंतर्गत अशोक लीलैंड एवं आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड के बीच करारनामा भी हो गया है।
क्षेत्रीय स्तर पर उद्योगों के विकास की पहल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय स्तर पर उद्योगों के विकास की ठोस पहल की है। इसके लिए के नवीन मंत्र का उपयोग प्रभावी तरीके से प्रारंभ किया गया है। गत मार्च माह में उज्जैन में सम्पन्न रीजनल कॉन्क्लेव के बाद महाकौशल अंचल के प्रमुख नगर और औद्योगिक केन्द्र जबलपुर में हुई कॉन्क्लेव अनेक अर्थ में महत्वपूर्ण रही। कॉन्क्लेव से जहां प्रदेश में 67 नई औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण और भूमिपूजन सम्पन्न हुए, वहीं 265 औद्योगिक इकाइयों को 340 एकड़ भूमि आवंटित की गई। नई इकाइयों से प्रदेश में 16 हजार 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। कुल 332 इकाइयों द्वारा 3330 करोड़ रूपए का नया निवेश आ रहा है।
मालवा और महाकौशल के बाद अन्य अंचलों पर नजर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी अंचलों में आरईसी के आयोजन के निर्देश दिए थे। आगामी माहो में प्रदेश के अन्य बड़े नगरों में भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित करने की योजना है। इनमें सागर, रीवा और ग्वालियर शामिल हैं। इससे बुंदेलखंड, विंध्य और चम्बल क्षेत्र में स्थानीय उद्यमियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। विभिन्न क्षेत्रों में छोटी और मध्यम श्रेणियों की इकाइयों का संचालन करने वाले उद्यमी शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ लेने के लिए अग्रसर होंगे। विशेष रूप से कृषि, फूड प्रोसेसिंग, खनिज, रक्षा उत्पादन, पर्यटन और वस्त्र उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रारंभ किए गए प्रयास सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे।

रविवार, 21 जुलाई 2024

पार्टी छोड़कर जाने वालों की नहीं होगी वापसी

कांग्रेस का फैसला, नेता बड़ा हो या छोटा सभी पर लागू होगा फार्मूला

भोपाल। कांग्रेस पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इन फैसलों के तहत अब पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में जाने वाले लोगों की घर वापसी नहीं होगी। पार्टी ने तय किया है कि पार्टी छोड़ने वाला नेता बड़ा हो या फिर छोटा उसकी वापसी कराई जाएगी।
राजधानी में कांग्रेस द्वारा संगठन को मजबूत करने और आगामी रोडमेप को लेकर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद हुई कई बैठकों के बाद अब पार्टी ने फैसला किया है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के पहले जो नेता पार्टी छोड़कर गए हैं वो गद्दार हैं, इसलिए किसी भी हाल में उन्हें दोबारा पार्टी में नहीं लिया जाएगा। बैठक में ये भी फैसला लिया गया है कि पार्टी छोड़ने वाले नेता बड़ा हो या छोटा किसी को वापस नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा पार्टी ने तय किया है कि एक महीने के अंदर पार्टी की नई कार्यकारिणी घोषित की जाएगी, जिसमें युवा, महिला, किसान के साथ सभी वर्ग व क्षेत्र के लोगों को जोड़ा जाएगा। युवाओं को आगे लाया जाएगा। वहीं महिलाओं की संगठन में हिस्सेदारी बढ़ाई जाएगी। कार्यकारिणी पार्टी के संविधान के अनुरूप छोटी बनेगी।
नियुक्त किए जाएंगे संगठन मंत्री
कांग्रेस में संघ की तर्ज पर संगठन मंत्री नियुक्त करने की तैयारी की जा रही है, जिसको लेकर इस बैठक में  चर्चा हुई। दरअसल, संगठन मंत्री नियुक्त करने से पहले नेताओं की ट्रेनिंग होगी। वहीं ट्रेनिंग में पास हुए नेताओं को संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अलावा बैठक में ये भी फैसला लिया गया है कि संगठन मंत्री होटल नहीं कार्यकर्ता के घर पर रुकेंगे। साथ ही खाना भी कांग्रेस कार्यकर्ता के घर खाएंगे।
मजबूत किया जाएगा ढाचा
बैठक में कांग्रेस के पुनर्जागरण को लेकर व्यापक मंथन किया गया है। भविष्य में कांग्रेस मुद्दों को लेकर बेहद आक्रामक होगी, जो प्रामाणिक होंगे। संगठन को गतिशील, ग्रामोन्मुखी और धरातल पर लेकर जाएंगे, जिससे एक सशक्त ढांचा तैयार होगा।  विपक्ष और अधिक धारदार और गहराई में जाकर मुद्दों को उठाएगी।
 

स्कूल, कॉलेजों में हर वर्ष मनाया जाएगा गुरु पर्व

मुख्यमंत्री ने कहा गुरूओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें विद्यार्थी


भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि गुरूजनों के सम्मान के लिए प्रदेश में हर वर्श सभी स्कूल और कॉलेजों में गुरूपूर्णिमा का महापर्व मनाया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से इस आयोजन में जुड़ने और गुरूओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने का आह्वान भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागृह में आयोजित गुरू पूर्णिमा के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में गुरुजनों का स्थान सर्वोच्च है। गुरू शिक्षा के साथ ही ज्ञान का प्रसार भी करते हैं। वे अपने शिष्यों को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरुजनों का सम्मान भारतीय परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुरुजनों के सम्मान के लिए अब प्रदेश में हर वर्ष सभी स्कूल और कॉलेजों में गुरु पूर्णिमा का महापर्व मनाया जाएगा। विद्यार्थियों को गुरुओं की महत्ता बताई जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस आयोजन से जुड़े और गुरुओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाभारत के अनेक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए गुरू शिष्य परम्पराओं का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि गुरू शिक्षा के साथ ज्ञान भी देते हैं। वे अन्याय एवं अधर्म से लड़ना सिखातें हैं। जीवन जीने की कला सिखाते और शिक्षा एवं ज्ञान का दान करते हैं। इस कार्य में वे अपने कष्टों को भी बाधा नहीं बनने देते हैं। गुरू का साथ मिलते ही शिष्य के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और वह सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त करने लगता है। उन्होंने कहा कि गुरू-परम्परा समुचित मानवता को धन्य करने की परम्परा है।
सबके सामने आना चाहिए गुरुओं का महत्व
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य सांदीपनि का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुजन राष्ट्रवादी सोच का प्रवाह अपने शिष्यों में करते हैं। आचार्य सांदीपनि इसका बेहतर उदाहरण है। आचार्य सांदीपनि ने अपने ज्ञान से राष्ट्र निर्माण और अपने राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव सिखाया है। गुरुओं का महत्व सबके के सामने आना चाहिए। इसके लिये हमने प्रदेश में हर वर्ष स्कूल और कॉलेजों में गुरू पूर्णिमा का महापर्व पूर्ण आस्था और श्रद्धा के साथ मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि भारत देश को अपने ज्ञान के आधार पर ही विश्व गुरु का दर्जा मिला है।

सागर हत्याकांड मामले में सीबीआई जांच कराने की मांग

दिग्विजय सिंह ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र


भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को पत्र लिखकर सागर जिले में हुए हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। दिग्विजय सिंह के पहले यह मांग पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी कर चुके हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को लिखे पत्र में कहा है कि  मध्यप्रदेश में दलित वर्ग पर लगातार हो रहे हमलों की आये दिन खबरे प्रकाशित हो रही है। इसमें सबसे ज्यादा प्रताड़ना के मामले मध्यप्रदेश के सागर जिले में सामने आ रहे है। आपकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा दलित समाज पर हमले और प्रताड़ना की कई घटनाएं वर्तमान में सामने आई है। जिन पर प्रशासन और पुलिस द्वारा राजनैतिक दबाववश कोई भी कार्यवाही नही की जा रही है और अपराधी लगातार क्षेत्र में दहशतगर्दी फैला रहे है।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि नागरिक समूह द्वारा एक वास्तविक जांच रिपोर्ट मुझे प्रेषित कर सागर जिले में अब तक दलित वर्ग के युवाओं और उनके परिवारों पर हुई घटनाओं की जानकारी दी गई है। सागर जिले में  23 अगस्त 2023 को सरेआम एक दलित परिवार के बेटे नितिन अहिरवार की दबंगों द्वारा मार-मार कर हत्या कर दी गई थी। नितिन अहिरवार को न्याय दिलाने के लिये प्रयासरत में परिवार के लोगों की भी दबंगों द्वारा हत्या करने के प्रकरण में पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई है। पुलिस और स्थानीय भाजपा नेताओं ने उल्टा पीड़ित परिवार को ही अपराधी प्रवृति का बता दिया। मेरा आपसे अनुरोध है कि सागर जिले के दलित परिवार के नितिन अहिरवार उसकी बहन कुमारी अंजना अहिरवार और राजेन्द्र अहिरवार की हत्या के प्रकरण की नागरिक समूह की मांग के अनुरूप सीबीआई से जांच कराने तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने हेतु संबंधित को समुचित निर्देश प्रदान करने का कष्ट करें।

शनिवार, 20 जुलाई 2024

हर दुकान पर लिखा हो दुकान मालिक का नाम

भाजपा विधायक ने की मांग, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र


भोपाल। उत्तर प्रदेश के दुकानदारों के दुकान के बोर्ड पर नाम लिखने के आदेश के बाद मध्यप्रदेश में भी सियासत शुरू हो गई है। इसे लेकर भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश की तर्ज पर सभी दुकानदारों को नाम लिखने को अनिवार्य करने की मांग की है।
भाजपा विधायक रमेश मेंदोला ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश में हर दुकान के सामने दुकानदार का नाम लिखने का आदेश देने का आग्रह किया है। भाजपा विधायक ने पत्र में लिखा कि किसी भी व्यक्ति का नाम उसकी पहचान होती है। व्यक्ति को अपने नाम पर गर्व होता है। मध्य प्रदेश के हर छोटे बड़े व्यापारी, कारोबारी और दुकानदार को अपना नाम बताने में गौरव के इस भाव की अनुभूति हो सके, इसलिए राज्य शासन को हर स्थायी और चलित दुकान के सामने दुकानदार का नाम लिखना अनिवार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि ऐसा करने से समाज में दुकानदार की पहचान स्थापित होगी। साथ ही सभी दुकानदार अपना नाम और गुडविल बढ़ाने के लिए ग्राहकों को बेहतर सेवा देने का प्रयास करेंगे। इससे व्यापार जगत में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी और प्रदेश का विकास और तेज होगा।
उत्तर प्रदेश में दिया गया है निर्देश
दरअसल, उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाने-पीने का सामान बेचने वाले सभी दुकानदारों को अपनी पहचान लिखने का निर्देश दिया गया है।  इस आदेश के तरह कांवड़ रूट पर पड़ने वाले होटलों, ढाबों, दुकानों और ठेलों पर दुकानदारों को अपनी नेम प्लेट लगानी होगी, ताकि कांवड़ियों को पता चल सके कि वो किससे सामान खरीद रहे हैं। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी इसी तरह का आदेश जारी किया गया है। हरिद्वार के एसएसपी ने अपने साथ आधार कार्ड और पहचान पत्र लिखने के भी निर्देश दिए हैं।
विधायक की मांग को खारिज किया जाए
कांग्रेस की तरफ से दलित नेता और कांग्रेस के प्रवक्ता मिथुन अहिरवार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने भाजपा पर जात और धर्म की राजनीति का आरोप लगाया है। उत्तर प्रदेश मॉडल का अनुसरण मध्यप्रदेश में भी होना, यह मध्यप्रदेश के लिए चिंताजनक विषय है। पत्र में लिखा है कि उत्तर प्रदेश में ठेले पर ठेलेवाले का नाम लिखने के निर्णय का आपके सहयोगी दलों ने भी विरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विधायक रमेश मेंदोला की मांग को खारिज किया जाए और मध्यप्रदेश में पूर्वाग्रह से ग्रसित राजनीति को बढ़ावा ना दिया जाए।

कार्यकर्ता को साधने मैदान में उतरी कांग्रेस


विजयपुर में रावत को घेरने की तैयारी में जुटे कांग्रेसी

भोपाल। विजयपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने मैदानी मोर्चा संभाल लिया है। कांग्रेस ने इस विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को साधने और सक्रिय करने का काम ष्शुरू कर दिया है। बुधनी के बाद अब विजयपुर में पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने मोर्चा संभाला है।
अमरवाड़ा उपचुनाव में मिली हार के बाद अब कांग्रेस का पूरा फोकस बुधनी और विजयपुर में होने वाले वाले उपचुनाव पर है। दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों पूर्व मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया हैं, इसके चलते यहां उपचुनाव होना तय है। इसके चलते कांग्रेस ने भी तैयारियां तेज कर दी है। बुधनी और विजयपुर दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने इस बार कार्यकर्ता को साधने का काम करने की रणनीति के तहत लगातार बैठकें और संवाद करने का काम किया है। बुधनी में पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह लगातार सक्रिय हैं। अब उन्होंने विजयपुर में सक्रियता बढ़ाई है। उनके साथ कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल, पंकज उपाध्याय और साहबसिंह गुर्जर भी यहां सक्रिय हुए हैं। इन नेताओं ने विजयपुर के कराहल में कार्यकर्ता संवाद का आयोजन किया। इस संवाद में कार्यकर्ता के बीच पहुंचकर उन्होंने रामनिवास रावत द्वारा कांग्रेस छोड़ने के कारण बताए साथ ही यह भी बताया कि कांग्रेस ने रावत को क्या दिया। नेताओं ने कार्यकर्ता को साफ संदेश दिया कि किसी भी तरह से इस बार रावत को उपचुनाव में हराने के लिए एकजुट होकर मैदान में उतरना है। नेताओं ने संवाद के दौरान रावत समाज को साधने का काम भी किया। उन्होंने कहा कि रावत ने क्षेत्र में रावत समाज के दूसरे नेता को उभरने नहीं दिया। अब कांग्रेस में इस तरह के काम नहीं होंगे। संवाद के दौरान कांग्रेस नेताओं ने रामनिवास रावत पर जमकर हमले किए और कहा कि अपने निजी स्वार्थ के लिए वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं।
बीना को लेकर अभी भी है संशय
बीना विधायक निर्मला सप्रे ने भी रावत के साथ भाजपा की सदस्यता ले ली थी। मगर अब तक उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। इसके चलते यहां पर उपचुनाव को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। हालांकि कांग्रेस ने यहां भी बैठकों का दौर तेज कर दिया है। साथ ही बीना विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस पदाधिकारियों और नेताओं की एक बैठक भोपाल में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ले चुके हैं।

गुरुवार, 18 जुलाई 2024

कर्मचारियों, पेंशनरों को मिलेगा चार फीसदी महंगाई भत्ता

कैबिनेट में लिया फैसला, किसानों को लोन की ओवर डयू डेट में एक महीने का मिलेगा इजाफा

भोपाल। सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को सातवें वेतनमान में देय मंहगाई भत्ता दर में एक जुलाई 2024 से चार प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इससे महंगाई भत्ता 46 प्रतिशत हो जाएगा। वहीं  राज्य सहकारी साख संस्थाओं से किसानों को जीरो प्रतिशत पर मिलने वाले लोन की ओवर ड्यू डेट में एक महीने का इजाफा किया है। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी।
सरकार ने यह फैसले आज मंत्रिमंडल की बैठक में लिए। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंत्रिमंडल बैठक में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने शासकीय सेवकों और पेंशनरों को सातवें वेतनमान में देय मंहगाई भत्ता दर में एक जुलाई 2024 से चार प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इससे महंगाई भत्ता 46 प्रतिशत हो जाएगा। राज्य शासन के छठवें वेतनमान में कार्यरत शासकीय सेवकों, शासन के उपक्रमों, निगमों, मंडलों और अनुदान प्राप्त संस्थाओं के राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत चौथे व पांचवें वेतनमान में अनुपातिक आधार पर मंहगाई भत्ते में इजाफा करने को स्वीकति दी है। वहीं, राज्य के पेंशनरों को देय मंहगाई राहत में वद्वि के लिए छत्तीसगढ़ शासन से सहमति प्राप्त कर आदेश जारी करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन से अनुमति मिलने के बाद सरकार पर वित्तीय वर्ष में 222 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा।
उन्होंने बताया कि बैठक में सरकार ने किसानों को सहकारी साख संस्था से मिलने वाले लोन को भरने के समय को एक महीने बढ़ा दिया है। राज्य सहकारी साख संस्थाओं से किसानों को एक साल के लिए जीरो प्रतिशत पर लोन दिया जाता है। इसके ओवर डयू होने पर किसानों के लोन लेने की दक्षता समाप्त हो जाती थी। इसलिए सरकार ने लोन की राशि भरने में एक महीने का इजाफा किया है। इससे सरकार पर 10 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा।
नकदी परिवहन को लेकर नया नियम
बैठक में नकदी परिवहन को लेकर निजी सुरक्षा नियम 2024 को मंजूरी मिली है। एटीएम और बैंक की नकदी गाड़ियों को लेकर नया नियम लागू हो गया है। अब शहरों में रात 9 और गांव में शाम 7 बजे के बाद नकदी लेकर गाड़ियां नहीं चलेंगी। नए नियमों के तहत एक बार में 5 करोड़ रुपए से अधिक नकदी वाहन में नहीं ले जाई जा सकेगी। बड़ी नकदी ले जाने वाली गाड़ियों में दो गार्ड रखना अनिवार्य होगा। वाहन 7 वर्ष से अधिक पुराना नहीं होगा और जीपीएस सिस्टम अनिवार्य रहेगा।
स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था को लागू
मंत्रिमंडल की बैठक में स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था को लागू करने का निर्णय भी लिया गया। इसमें केंद्र सरकार के सॉफ्टवेयर और सरवर का उपयोग प्रदेश द्वारा किया जाएगा। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार होगा। एक व्यक्ति के नाम दो जगह नहीं होंगे। साथ ही खाद्यान्न का परिवहन करने वाले वाहनों की निगरानी के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा।
एक साल में भरे जाएंगे 10 हजार बैकलॉग पद
राज्य सरकार ने प्रदेश में खाली अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के बैकलॉग पदों को भरने एक साल के समय में बढ़ोतरी की है। प्रदेश में 17 हजार बैकलॉग पदों में से अभी सात हजार पदों को ही भरा गया है। इसमें से 10 हजार पद खाली है। जिनके भरने के लिए एक साल की समय सीमा बढ़ाई गई है।

डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण का कार्य करेंगे आठवीं पास

मुख्यमंत्री ने किया राजस्व अभियान 2 को शुभारंभ


भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने आज राजस्व महाअभियान 2.0 तथा पटवारी ई-डायरी का डिजिटल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कहा कि प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण की प्रक्रिया भी आरंभ की जा रही है। इसमें 8वीं कक्षा उत्तीर्ण 18 से 40 वर्ष के स्थानीय युवाओं को ही मोबाइल के माध्यम से फसलों के सर्वेक्षण का कार्य सौंपा जाएगा।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि आज 18 जुलाई से 31 अगस्त तक प्रदेश में राजस्व महा अभियान 2.0 संचालित किया जाएगा। अभियान में राजस्व न्यायालय के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण, भू-अभिलेख का दुरूस्तीकरण और अभिलेख शुद्धिकरण जैसे कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बटांकन के साथ ही नामांतरण की व्यवस्था आरंभ की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण की प्रक्रिया भी आरंभ की जा रही है। इसमें 8वीं कक्षा उत्तीर्ण 18 से 40 वर्ष के स्थानीय युवाओं को ही मोबाइल के माध्यम से फसलों के सर्वेक्षण का कार्य सौंपा जाएगा। इसके लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रति फसल, प्रति सर्वे नंबर 8 रूपए की दर से उन्हें भुगतान किया जाएगा। एक युवा को अधिकतम एक हजार सर्वे नंबर का आवंटन किया जा सकेगा। इन युवाओं को दोनों फसलों अर्थात खरीफ और रबी का सर्वे करना होगा। डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण से फसल की सटीक पहचान, उपार्जन में बचत होने के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध होगा।
पटवारी ई-डायरी से बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पटवारी ई-डायरी की व्यवस्था आरंभ की जा रही है। इससे शुचिता के साथ राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण में मदद मिलेगी। इस व्यवस्था के तहत पटवारियों द्वारा डिजिटल फार्मेट में दैनिक डायरी का संधारण किया जाएगा। पटवारी को फोटो खींचनी होगी और बिना फोटो के पटवारी दैनिक गतिविधियों को अपलोड नहीं कर सकेंगे। इससे पटवारी की उपस्थिति के वास्तविक स्थान का भी पता लग सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पटवारी ई-डायरी से पटवारियों की कार्यस्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित होने के साथ-साथ उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
मंत्री शामिल होंगे गुरू पूर्णिमा उत्सव में

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में गुरु शिष्य परंपरा का महत्व आदिकाल से रहा है। इसी परंपरा के गौरव बनाये रखने के लिये- विश्वविद्यालयों में पदस्थ कुलपतियों को कुलगुरू का संबोधन प्रदान किया गया, 21 जुलाई को आने वाली गुरु पूर्णिमा प्रदेश में पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विशेष रूप से सर्कुलर जारी किया गया है। सभी मंत्री अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रमों में सम्मिलित हों।