विशेषाधिकार हनन पर चर्चा की मांग पर अड़े कांग्रेस विधायक
भोपाल। नर्सिंग घोटाले को लेकर राज्य विधानसभा में कांग्रेस द्वारा आज भी विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान हंगामे की स्थिति भी बनी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर से विशेषाधिकार हनन की सूचना पर चर्चा की मांग की। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष कहा कि वे सूचना का परीक्षण कर रहे हैं। इसके बाद ही कोई बात कहेंगे।
राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के आज चौथे दिन भी मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्य नर्सिंग घोटाले को लेकर आक्रामक नजर आए। सदन में इस मुद्दे पर उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहा। नर्सिंग घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, जयवर्धन सिंह सहित पूरी कांग्रेस सदन में चर्चा की मांग करते रहे। विपक्ष ने मंत्री विश्वास सारंग का इस्तीफा भी मांगा है। वहीं राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विश्वास सारंग द्वारा विधानसभा में दी गई गलत जानकारी का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि ‘नर्सिंग कॉलेज महाघोटाला मध्यप्रदेश का व्यापाम पार्ट 2 है। आज भी प्रदेश के लाखों युवा जिन्होंने पूरी फ़ीस भरी है वो न्याय के लिए भटक रहे। न 2020 से उनकी प्रथम वर्ष से आगे प्रमोशन हो पाई ना उनको डिग्री मिल पाई। अभी तक सिर्फ़ कुछ कॉलेज संचालक जिन्होंने रिश्वत दी थी उन्हें गिरफ़्तार किया है। लेकिन मध्य प्रदेश शासन के बड़े बड़े लोग मंत्री से लेकर कुलपति और रजिस्ट्रार तक जिन्होंने फ़र्ज़ी कॉलेजों को संबद्धता और मान्यता दी उन पर कार्रवाई कब होगी?
मंत्री आरोपों को बताया गलत
विश्वास सारंग की मीडिया से बात करते हुए सारे आरोपों को झूठा और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में षड्यंत्र हुआ है और वो इसके पीछे के लोगों तक पहुँच गए हैं। वो जल्द ही इस, षड्यंत्र का खुलासा करेंगे। उन्होंने काम कि ‘दो दिन पहले नर्सिंग मामले में विस्तृत चर्चा हुई थी, विधायकों के सवालों का प्रूफ के साथ जवाब दिया लेकिन कांग्रेस बिना तथ्यों के आरोप लगा रही है। कांग्रेस अनर्गल आरोप लगाकर पंचर गुब्बारे में हवा भर रही है। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया की जवाबों में असत्यता थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तथाकथित पत्र के बाद विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता दी गयी, जबकि मान्यता और संबद्धता में अंतर है। नर्सिंग काउंसिल मान्यता देती है। विधायक जयवर्धन मान्यता और संबद्धता में अंतर नहीं जानते। जिस पत्र की बात हो रही है उस पर मेरे नहीं बल्कि कार्यालय के हस्ताक्षर है। इस पत्र में कोरोना काल, ई लाइब्रेरी, विश्वविद्यालयों से सम्बद्धता को लेकर पुनर्विचार की बात लिखी है। उस पत्र में कहीं भी विश्वविद्यालय को सम्बद्धता देने के लिये निर्देशित नहीं किया गया है।’
अवैध कालोनियों को रोकने लाए जाएंगे सख्त नियम
राज्य विधानसभा में आज अवैध कॉलोनियों का मुद्दा उठा। इसे लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जल्द ही सरकार अवैध कॉलोनी को रोकने के लिए जल्द ही सख्त नियम लाने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार गंभीर है. मध्य प्रदेश कि शहरों में अवैध कॉलोनी को रोकने के लिए राज्य सरकार जल्द ही सख्त नियम लाने जा रही है। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक हरदीप सिंह डंग ने इसको लेकर सवाल पूछा था। जवाब में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अवैध कॉलोनियों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भी इसको लेकर गंभीर है और उन्होंने इस संबंध में नियम सख्त बनाए जाने के लिए कहा है। विभाग इसको लेकर तैयारी कर रहा है और जल्द ही प्रदेश में अवैध कॉलोनी को रोकने के लिए कड़े नियम लाए जाएंगे।

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