गुरुवार, 18 जुलाई 2024

डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण का कार्य करेंगे आठवीं पास

मुख्यमंत्री ने किया राजस्व अभियान 2 को शुभारंभ


भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने आज राजस्व महाअभियान 2.0 तथा पटवारी ई-डायरी का डिजिटल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कहा कि प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण की प्रक्रिया भी आरंभ की जा रही है। इसमें 8वीं कक्षा उत्तीर्ण 18 से 40 वर्ष के स्थानीय युवाओं को ही मोबाइल के माध्यम से फसलों के सर्वेक्षण का कार्य सौंपा जाएगा।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि आज 18 जुलाई से 31 अगस्त तक प्रदेश में राजस्व महा अभियान 2.0 संचालित किया जाएगा। अभियान में राजस्व न्यायालय के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण, भू-अभिलेख का दुरूस्तीकरण और अभिलेख शुद्धिकरण जैसे कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बटांकन के साथ ही नामांतरण की व्यवस्था आरंभ की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण की प्रक्रिया भी आरंभ की जा रही है। इसमें 8वीं कक्षा उत्तीर्ण 18 से 40 वर्ष के स्थानीय युवाओं को ही मोबाइल के माध्यम से फसलों के सर्वेक्षण का कार्य सौंपा जाएगा। इसके लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रति फसल, प्रति सर्वे नंबर 8 रूपए की दर से उन्हें भुगतान किया जाएगा। एक युवा को अधिकतम एक हजार सर्वे नंबर का आवंटन किया जा सकेगा। इन युवाओं को दोनों फसलों अर्थात खरीफ और रबी का सर्वे करना होगा। डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण से फसल की सटीक पहचान, उपार्जन में बचत होने के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध होगा।
पटवारी ई-डायरी से बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पटवारी ई-डायरी की व्यवस्था आरंभ की जा रही है। इससे शुचिता के साथ राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण में मदद मिलेगी। इस व्यवस्था के तहत पटवारियों द्वारा डिजिटल फार्मेट में दैनिक डायरी का संधारण किया जाएगा। पटवारी को फोटो खींचनी होगी और बिना फोटो के पटवारी दैनिक गतिविधियों को अपलोड नहीं कर सकेंगे। इससे पटवारी की उपस्थिति के वास्तविक स्थान का भी पता लग सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पटवारी ई-डायरी से पटवारियों की कार्यस्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित होने के साथ-साथ उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
मंत्री शामिल होंगे गुरू पूर्णिमा उत्सव में

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में गुरु शिष्य परंपरा का महत्व आदिकाल से रहा है। इसी परंपरा के गौरव बनाये रखने के लिये- विश्वविद्यालयों में पदस्थ कुलपतियों को कुलगुरू का संबोधन प्रदान किया गया, 21 जुलाई को आने वाली गुरु पूर्णिमा प्रदेश में पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विशेष रूप से सर्कुलर जारी किया गया है। सभी मंत्री अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रमों में सम्मिलित हों।  

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