भोपाल। प्रदेश में संगठन मजबूत करने के लिए कांग्रेस का फोकस ग्रामीण अंचल है। लगातार गांवों में मतदाता कांग्रेस से दूर होता जा रहा है, इसके चलते अब कांग्रेस गांवों को मजबूत करने में जुटेगी। इसके चलते कांग्रेस ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों के बीच पहुंचने की तैयारी की है।प्रदेश कांग्रेस में लगातार बैठकों का दौर जारी है। इन बैठकों में कांग्रेस द्वारा चुनाव दर चुनाव मिल रही हार पर मंथन किया जा रहा है और हार के कारणों का पता लगाया जा रहा है। बैठकों में यह बात सामने आई कि गांवों में कांग्रेस का जनाधार खिसक रहा है। इसके चलते अब फिर से गांवों में पार्टी को मजबूत करने के लिए ग्रामीणों से सीधा संपर्क किया जाए। लोगों से संपर्क करने पर पदाधिकारियों को जोर रहा है। बैठकों में यह रणनीति तय की गई कि अब गांवों में पदाधिकारियों द्वारा पहुंचकर चौपाल लगाई जाए। कम से कम एक चौपाल में चालीस लोग ष्शामिल हों। व्यवस्था इस तरह हो कि चौपाल के दौरान खाना भी खाया जाए, ताकि लोगों से मेल मिलाप का वक्त मिले। चौपालों में कांग्रेस की नीति, रणनीति, विचारधारा को बताया जाएगा और लोगों को पार्टी से जोड़ा जाएगा। साथ ही कांग्रेस के खिलाफ फैलाया जाने वाले दुष्प्रचार के बारे में बताया जाएगा। कांग्रेस अपने इस अभियान को सही रूप देने के लिए एक मास्टर ट्रेनर भी तैयार करेगी। मास्टर ट्रेनर वही होगा जो कभी चुनाव नहीं लड़ेगा। मास्टर ट्रेनर पंचायत ही नहीं बल्कि, शहर से लेकर प्रदेश स्तर तक पार्टी कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देगा। कांग्रेस अपने पंचायत चौपाल अभियान की शुरुआत 15 अगस्त के बाद से शुरू करेगी। बता दें कि कांग्रेस अब पूरे एक्शन मोड में आ गई है। पार्टी को सही धारा में लाने के लिए कांग्रेस गांव-गांव तक अपने कार्यकर्ता खड़े करेगी।
अरूण, उमंग को बुधनी की कमान
कांग्रेस ने बुधनी में होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने परिवर्तन किया है। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और शैलेन्द्र पटेल के बजाय नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव को जिम्मेदारी सौंपी है। जयवर्धन और शैलेंद्र पटेल को पहले प्रभारी बनाया गया था। साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इस सीट पर लगातार सक्रिय रहेंगे। वे यहां पदयात्रा भी करने की तैयारी कर रहे हैं।

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