शुक्रवार, 30 जून 2023
कांग्रेस राज में भ्रष्टाचार था देश की पहचान, अब विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था है हम
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने खरगोन में किया सभा को संबोधित
पूर्व मंत्री की बहन ने ली भाजपा की सदस्यता
कांग्रेस को झटका, महेश्वर में हो सकती हैं उम्मीदवार
भोपाल। चुनावी साल में चल रहे दल बदल की प्रक्रिया के तहत आज कांग्रेस को भाजपा ने करारा झटका दिया है। कांग्रेस नेत्री और पूर्व मंत्री डा विजयलक्ष्मी साधौ की बहन प्रमिला साधौ ने खरगोन में भाजपा की सदस्यता ले ली। प्रमिला को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा की सदस्यता दिलाई।
भाजपा के राश्टीय अध्यक्ष जे पी नड्डा आज खरगोन प्रवास पर थे। भाजपा की केंद्र सरकार के 9 साल पूरे होने पर खरगोन में रोड शो और जनसभा को संबोधित करने आए थे। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस नेत्री डा विजल लक्ष्मी साधौ की बहन प्रमिला साधौ को भाजपा की सदस्यता दिलाई। प्रमिला साधौ के साथ कांग्रेस के आधा दर्जन नेता भी भाजपा में आए हैं। सभी नेताओं को पार्टी का गमछा पहनाकर सदस्यता दिलाई। चुनाव से पहले प्रमिला के पार्टी छोड़ने पर जाहिर है कि कांग्रेस को बड़ा नुकसान होगा। प्रमिला साधौ पूर्व में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रह चुकी हैं। वो कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं विजयलक्ष्मी साधौ की बहन हैं। प्रमिला ने पार्टी क्यों छोड़ी, अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन कहा जा रहा है कि कांग्रेस में सम्मान नहीं मिलने पर उन्होंने पार्टी छोड़ी है। माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें महेश्वर से उम्मीदवार बना सकती है।
गाय के साथ कुकर्म की घटना, गृह मंत्री ने जताई नाराजगी
कहा ऐसी सजा दी जाएगी जो बनेगी नजीर
भोपाल। राजधानी के मंगलवारा थाना क्षेत्र में एक शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां वहशी युवक ने गाय के साथ अनैतिक कृत्य किया है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हिंदूवादी संगठनों में रोष व्याप्त है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। वहीं आज गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया है कि आरोपी को 24 घंटे के अंदर पकड़ लिया जाएगा और ऐसी नजीर बनाएंगे कि दोबारा कोई ऐसा करने की सोचे भी नहीं।राजधानी के पुराने शहर की घटना को लेकर प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नाराजगी जताई है। शुक्रवार सुबह मीडियाकर्मियों से चर्चा के दौरान इस मामले पर नरोत्तम ने कहा कि इससे ज्यादा निंदनीय बात और दुखद प्रसंग क्या होगा। हमारा हिंदुस्तान ऐसा देश है, जहां कई चीजों के बारे में मान्यताएं और धारणाएं अलग हैं। हम धरती को माता कहते हैं। इसी तरह हम गाय को भी माता कहते हैं। उसके साथ कुकर्म करने का, जो वीडियो सामने आया है, उससे मन दुखी और आहत भी हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने इसे बहुत गंभीरता से लिया है। हनुमान गंज थाने में आईपीसी की धारा 377 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। नरोत्तम ने दावा किया कि भले ही आरोपित की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। लेकिन उसे चौबीस घंटे के भीतर पकड़ लिया जाएगा और ऐसी नजीर बनाएंगे कि दोबारा कोई ऐसा करने की सोचे भी नहीं।
क्या थी घटना
पूरा मामला राजधानी भोपाल के हनुमानगंज इलाके का है। वारदात का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि सिर पर टोपी लगाए आरोपी आता है और सड़क किनारे बैठी गाय के साथ घिनौनी करतूत कर भाग जाता है। घटना को लेकर हिंदू संगठन के लोगों में भारी आक्रोश है। बजरंग दल के दर्जनों कार्यकर्ता मंगलवारा थाने का घेराव कर दिया। कार्यकर्ताओं ने गाय के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं शिकायत पर आरोपी युवक के खिलाफ मंगलवारा पुलिस ने जीरो पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
22 सौ मतदाता वाला गांव, 2 सौ महिलाएं लखपति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचेंगे 1 जुलाई को, साधेंगे 68 विधानसभा सीटें
चुनावी साल में मध्यप्रदेश के दौरे पर 1 जुलाई को आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहडोल जिले के पगरिया गांव से जहां 22 सौ मतदाता है, वहां से 68 विधानसभा क्षेत्रों को साधने की कवायद करेंगे। सघन वनों से आच्छादित इस क्षेत्र में मोदी का आदिवासी परंपरा के साथ स्वागत की तैयारी मध्यप्रदेश भाजपा और भाजपा की सरकार ने की है। प्रधानमंत्री पगरिया गांव से मध्यप्रदेश के विंध्य और महाकौशल अंचल की राजनीति में भाजपा को जड़े मजबूत करने का प्रयास करने आ रहे हैं। 2018 के चुनाव में इस अंचल की आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर भाजपा का कम हुए प्रभाव को वे बढ़ना चाहते हैं। यही वजह है कि सरकारी आयोजन वाले स्थल लालपुर से करीब 6 किलोमीटर दूर पगरिया गांव भी प्रधानमंत्री पहुंचेंगे। यहां पर आदिवासियों के साथ वे संवाद कर आदिवासी वर्ग के साथ-साथ विंध्य और महाकौशल अंचल के मतदाताओं के बीच भाजपा की पकड़ को मजबूत करने काम करेंगें। वैसे देखा जाए तो यह गांव महिलाओं को उनके अधिकार देने में देश में काफी आगे हैं। इस गांव की पंचायत में महिलाएं पदाधिकारी है, वहीं गांव की करीब दो सौ महिलाएं आजीविका मिशन से जुड़कर लखपति बन गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 जुलाई को मध्यप्रदेश के शहडोल जिले पगरिया गांव पहुंचेंगे। वे यहां पर लालपुर में सरकारी कार्यक्रम के तहत देशव्यापी सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री आयुश्मान योजना के कार्ड भी वितरित करेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस साल मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के वोट बैंक को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य यहां से विंध्य और महाकौशल अंचल की राजनीति में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाना है, साथ ही आदिवासी वर्ग के मतदाता के बीच भाजपा की पैठ को जमाना भी है। दोनें ही अंचल की करीब 68 सीटों को वे पगरिया में आयोजित कार्यक्रम के तहत साधने का काम करेंगे। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को आदिवासी वोट से ही बड़ा झटका लगा था। शहडोल और उससे आसपास सटे जिलों की बात ही की जाए तो कांग्रेस के पास वर्तमान में यहां आधी सीटें हैं, जबकि पहले इन सारी सीटों पर भाजपा का कब्ज़ा था। जाहिर सी बात है कि जनजातीय समाज के प्रभाव वाली सीटों पर पार्टी की पकड़ कमज़ोर होती जा रही है। मोदी के इस दौरे का पूरा फोकस जनजातीय समुदाय पर है। राजनीतिक जानकार कहते हैं कि विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा का खास जोर विंध्य और महाकौशल अंचल पर है। भाजपा इस इलाके में पिछले चुनाव के नतीजों को दोहराना चाहती है. पिछले चुनाव में आए नतीजों के बाद बीजेपी पूरी तरह से आदिवासी वोटर्स को अपने पक्ष में लाने का प्रयास कर रही है. पार्टी इन कार्यक्रमों के जरिए एससी और एसटी वोटरों को साधने की कोशिश में है
47 सौ की आबादी, 22 सौ मतदाता
पकरिया गांव में लगभग 47 सौ लोग निवास करते हैं, जिसमें से लगभग 22 सौ लोग मतदान करते हैं। गांव में लगभग 700 घर जनजातीय समाज के हैं। जिनमें गोड़ समाज के 250, बैगा समाज के 255, कोल समाज के 200, पनिका समाज के 10 तथा अन्य समाज के लोग निवास करते हैं। पकड़िया गांव में 3 टोला है, जिसमें जल्दी टोला, समदा टोला एवं सरकारी टोला है। जनजातियों का नृत्य-संगीत प्रकृति की लीला-मुद्राओं का अनुकरण ढोल, मांदर, गुदुम, टिमकी, डहकी, माटी माँदर, थाली, घंटी, कुंडी, ठिसकी, चुटकुलों की ताल पर जब बाँसुरी, फेफरिया और शहनाई की स्वर-लहरियों के साथ भील, गोंड, कोल, कोरकू, बैगा, सहरिया, भारिया आदि जनजातीय युवक-युवतियों की तरह बुंदेलखंड-शिखर थिरक उठते हैं, जनजातियों का नृत्य-संगीत प्रकृति की इन्हीं लीला-मुद्राओं का तो अनुकरण है।
मौसम साफ हुआ तो आम के बगीचे में करेंगे भोजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वैसे तो पगरिया में पहले 27 जून को कार्यक्रम तय हुआ था, मगर मौसम की खराबी के कारण यह कार्यक्रम निरस्त कर 1 जुलाई को आयोजित किया जा रहा है। प्रशासन ने आदिवासी परंपरा के तहत मोदी के स्वागत की तैयारी की है। अगर मौसम साफ रहा तो इस गांव के आम के बगीचे में प्रधानमंत्री आदिवासी वर्ग के लोगों के साथ भोजन करेंगे और उनसे संवाद करेंगे।
देशी ठाठ के साथ होगा भोजन
प्रधानमंत्री मोदी जिस लकड़ी के तखत पर बैठकर देशी ठाठ में भोजन करेंगे, वह जिले की खास सीसम की लकड़ी से तैयार किया गया है। इसके साथ ही जनजातीय समुदाय के लोगो के लिए भी 100 से अधिक खाट मंगाई गई है। खास बात यह है कि जिस मिट्टी के बर्तन से प्रधानमंत्री के लिए खानां बनाया जाएगा, वह मिट्टी के बर्तन संभाग के चंदिया गांव के स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाए गए हैं।
लालपुर से छह किलोमीटर है पकरिया
प्रधानमंत्री शहडोल जिले के लालपुरा मैदान में आम सभा को संबोधित करेंगे। यहां पर वे सरकारी कार्यक्रम के तहत देशव्यापी सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री आयुश्मान योजना के कार्ड भी वितरित करेंगे। इसके बाद वे पगरिया पहुंचेगे, यहां पर आदिवासी वर्ग के लोगों के साथ उनका संवाद होगा।
दो सौ महिलाएं हैं लखपति
आदिवासी अंचल का पकरिया गांव महिलाओं को उनका अधिकार देने में बहुत आगे है। एक ओर जहां पंचायत की कमान महिलाओं के हाथ हैं, वहीं दूसरी तरफ गांव में 2 सौ से ज्यादा लखपति बहनें भी हैं। पकरिया पंचायत की वर्तमान सरपंच गेंद बाई बैगा एक जनजातीय समुदाय की महिला है। वहीं गांव की जनता ने ग्राम पंचायत में उप सरपंच का दायित्व भी एक महिला रेखा चौधरी को सौंप रखा है। इस गांव की 442 महिलाएं आजीविका मिशन के साथ जुड़कर चौका बर्तन के साथ साथ स्वरोजगार भी कर रहीं हैं। ग्राम पंचायत में 39 समूहों का गठन किया गया है। इन समूहों के साथ मिलकर काम करने वाली लगभग 2 सौ महिलाएं लखपति भी बन चुकीं हैं।
गुरुवार, 29 जून 2023
गुंडे, बदमाशों में पुलिस को हो खौफ : शिवराज
इंदौर की कानून व्यवस्था की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा
भोपाल। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के एक इलाके में कई मकानों पर मकान बिकाउ होने के पोस्टर चस्पा किए जाने के मामले को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने आज मुख्यमंत्री निवास पर अधिकारियों की बैठक बुलाई और इंदौर की कानून व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुंडो, बदमाशों में पुलिस का खौफ होना चाहिए, इन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री निवास समत्व में आज सुबह इंदौर जिले की कानून व्यवस्था को लेकर बैठक बुलाई। बैठक में गृह विभाग के एसीएस राजेश राजौरा, डीजीपी सुधीर सक्सेना, एडीजी इंटेलिजेश आदर्श कटियार, ओएसडी मुख्यमंत्री अंशुमन सिंह उपस्थित थे। वहीं, इंदौर से वर्चुअली पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर, कमिश्नर पवन शर्मा, कलेक्टर इलैया राजा समेत जिला प्रशासन के अधिकारी जुड़े। बैठक में मुख्यमंत्री ने जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुंडे बदमाश और असामाजिक तत्वों पर कठोरतम कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि गुंडे बदमाशों में पुलिस का खौफ रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता में पुलिस पर विश्वास होना जरूरी है। साथ ही सीएम ने अधिकारियों को सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और नशा करने जैसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों पर तुरंत कार्यवाही की जाए।
बदमाशों से परेशान हैं लोग, मकान बेचने पर हुए विवश
इंदौर के राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र में कई लोग नशा करने वाले और बदमाशों से परेशान है। इनके कारण इलाके के कई घरों में मकान बिकाऊ है और हमें पलायन करने के लिए मजबूर करने के पोस्टर लगे है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इसके चलते कई लोग मकान बेचने को मजबूर है।
गुंडे संभल जाएं, नही तो संभाल दिए जाएंगे
इंदौर की इस घटना को लेकर राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बिल्डर ने कॉलोनी हैंडओवर नहीं की है। बुनियादी सुविधाओं को लेकर लोगों को दिक्कत है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को गुंडों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, गुंडे संभाल जाएं, नहीं तो संभाल दिए जाएंगे।
नाराज हुए केन्द्रीय मंत्री, नहीं लेंगे पुलिस के सेवाएं
कार्यकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से खफा हैं प्रहलाद पटेल
भोपाल। केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने सांसद प्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता यशपाल ठाकुर पर दमोह जिला पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कर दिया कि वे अब दमोह पुलिस की सेवाएं नहीं लेगे, साथ ही सुरक्षा में लगे दमोह के पुलिसर्मियों को लौटा दिया।
दमोह के भाजपा कार्यकर्ता और सांसद प्रतिनिधि यशपाल ठाकुर पर दमोह पुलिस ने हाल ही में प्रकरण दर्ज किया है। ठाकुर और उनके समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर झूठा मामला दर्ज किया है। आज जब केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल दमोह पहुंचे तो उन्होंने भी इस पर नाराजगी जताई और कहा कि उनका दमोह पुलिस पर भरोसा नहीं रहा। व ेअब अपनी सुरक्षा में भी दमोह पुलिसकर्मियों को नहीं रखेंगे। पटेल ने कहा कि यह पुलिस की जल्दबाजी का नतीजा है। मैं पुलिस अधीक्षक और इस कार्रवाई के खिलाफ हूं। मेरे कार्यकर्ता पर झूठा मुकदमा दर्ज हुआ है, लेकिन पुलिस ने बहुत जल्दबाजी की। केन्द्रीय मंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए साफ कर दिया कि दमोह के पुलिसकर्मी जब तक जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है, न्याय नहीं मिलेगा, तब तक दमोह पुलिस का मैं बहिष्कार करता हूं. पुलिस की कोई सेवा नहीं लूंगा। दमोह पुलिस का कोई भी कर्मचारी मेरे साथ या मेरे बंगले पर नहीं रहेगा।
यह है पूरा मामला
मध्यप्रदेश के दमोह में पिछले दिनों राशन दुकान के सेल्समैन विक्की उर्फ विक्रम रोहित ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। विक्की के पास से पुलिस को दो पेज का एक सुसाइड नोट मिला था। इस सुसाइड नोट में दमोह नगर पालिका के सांसद प्रतिनिधि यशपाल ठाकुर, भाजपा नेता मोंटी रैकवार, नर्मदा सूर्यवंशी एवं नरेंद्र परिहार पर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था। मृतक के परिजनों ने अस्पताल चौराहे पर प्रदर्शन किया था और पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर प्रकरण जांच में लिया है।
पोस्टर पर फोन पे का लोगो, कंपनी ने दी चेतावनी
भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के नेताओं की जुबानी जंग तो तेज है ही, साथ ही कुछ शहरों में पोस्टरवार तक छिड़ गया। इसे लेकर अब कांग्रेस की मुसीबत खड़ी हो गई है। एक पोस्टर में फोन पे कंपनी का लोगो इस्तेमाल किया गया, जिसे लेकर कंपनी ने क्यू आर कोड न हटाने पर कार्रवाई की चेतावनी दे डाली है।
दरअसल मध्यप्रदेश की चुनावी राजनीति में पिछले दिनों राजधानी भोपाल से पोस्टरवार शुरू हुआ था। इसके चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के फोटो वाले पोस्टरों पर एक क्यू आर कोड प्रकाशित किया गया था। यह कोड फोन पे कंपनी का था। इसे लेकर अब कंपनी ने चेतावनी दे डाली है कि क्यू आर कोड को हटाया जाए, नही ंतो वह कार्रवाई करेगी। कांग्रेस की राष्टीय इकाई को ट्वीट कर कंपनी ने यह चेतावनी दी है। कंपनी की ओर से ट्वीट में यह भी कहा गया कि उसके नाम और लोगो का इस तरह उपयोग बौद्धिक संपदा अधिकार का उल्लंघन है। कंपनी ने कहा है कि फोन पे लोगो हमारी कंपनी का एक पंजीकृत ट्रेडमार्क है और फोन पे के बौद्धिक संपदा अधिकारों का कोई भी अनधिकृत उपयोग कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित करेगा। हम विनम्र निवेदन करते हैं मध्यप्रदेश कांग्रेस हमारे ब्रांड लोगो और रंग वाले पोस्टर और बैनर हटा लें।
खिसियाहट छिपाने यह सब कर रही कांग्रेस
इस मामले को लेकर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि डर्टी पालिटिक्स इसी को कहते हैं। यह राजनीति का एक विद्रूप चेहरा है। खिसियाहट छुपाने के लिए कांग्रेस यह सब कर रही है। कमलनाथ जी, वैसे तो आपने स्वयं यह स्वीकार कर लिया है। आपके जो लोग हैं, वो फोन पर, सीसीटीवी पर, फेसबुक पर लगाते हुए दिख रहे हैं। ये कांग्रेस के लोग हैं। छिंदवाड़ा में तो एनएसयूआइ का जिलाध्यक्ष, नगर अध्यक्ष दोनों हैं, जो पोस्टर लगाते दिख रहे हैं। बुरहानपुर में भी कांग्रेस का पदाधिकारी है। ग्वालियर में भी इसके सीसीटीवी फुटेज हैं। उन्होंने कहा कि अगर फोन पे इसकी शिकायत करेगी तो सरकार इस मामले में कार्रवाई करेगी।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ दल भाजपा और प्रतिपक्ष कांग्रेस के बीच चुनावी खींचतान तेज हुई है। प्रदेश के अनेक जिलों में दोनों प्रमुख दलों के बीच ‘पोस्टर वार’ चल रहा है। पोस्टर वार से सियासी पारा गरमाया हुआ है। राज्य के कई जिलों में ‘क्यू-आर’ कोड वाले पोस्टर सामने आने के बाद दोनों तरफ़ से बयानबाजी तेज हो गई है।
बुधवार, 28 जून 2023
मध्यप्रदेश के जिलों में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज
कैबिनेट का फैसला, तबादले अब 30 जून के बजाय 7 जुलाई तक हो सकेंगे
भोपाल। प्रदेश के बालाघाट सहित छह जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जाने का फैसला सरकार ने लिया है। वहीं सरकार ने फैसला लिया है कि तबादले 30 जून के बजाय अब 7 जुलाई तक किए जाएंगे। इसके अलावा दीनदयाल रसोई योजना पांच रूपए प्रति थाली भोजन देने का फैसला भी सरकार ने लिया है।
राज्य मंत्रिमंडल की आज हुई बैठक में ये फैसले लिए गए। बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इन फैसलों की जानकारी मीडिया को देते हुए बताया कि आज बैठक में प्रदेश के खरगोन, धार, भिंड, बालाघाट, टीकमगढ़ तथा सीधी जिलों में 100 एम.बी.बी.एस सीट प्रवेश क्षमता के नवीन चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किए जाने के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र की जनता को तृतीयक स्तर की चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध होने के साथ-साथ प्रदेश के छात्रों के लिये चिकित्सा क्षेत्र की 600 एम.बी.बी.एस. सीट की वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय एवं श्रम कार्यों के लिये ग्रामीण क्षेत्रों से जरूरतमंद व्यक्तियों और परिवारों का आगमन होता है। शासन द्वारा प्रदेश के 55 नगरीय निकायों के 119 रैन बसेरा, आश्रय-स्थलों में इनके लिये अस्थाई आश्रय तथा दीनदयाल रसोई योजना के प्रथम चरण 7 अप्रैल, 2017 से प्रदेश के 51 नगरीय निकायों के 56 रसोई केन्द्रों में किफायती दरों पर पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि योजना में पूर्व में स्थापित 100 रसोई केन्द्रों के अतिरिक्त, 20 नवीन स्थाई रसोई केन्द्र तथा ऐसे लोगों की मदद के लिये जो स्थाई रसोई केंद्रों पर नहीं पहुंच पाते हैं, उनके लिये 16 नगर निगमों तथा पीथमपुर एवं मण्डीदीप में कुल 25 नवीन चलित रसोई केन्द्र, इस प्रकार कुल 45 नवीन रसोई केन्द्र खोले जाने एवं मात्र रुपए 5 प्रति व्यक्ति की दर से रसोई में भोजन उपलब्ध कराने का निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया है। इसके अलावा बैठक में तबादलों की तारीख बढ़ाने का फैसला भी लिया गया। बैठक में तय किया गया कि अब 30 जून के बजाय 7 जुलाई तक ट्रांसफर हो सकेंगे। पिछली बैठक में 15 जून से लेकर 30 जून तक तबादले करने का निर्णय लिया गया था।
सीएम राइज विद्यालयों के लिए राशि स्वीकृत
प्रदेश में 33 सर्वसुविधायुक्त विद्यालयों के लिए अनुमानित लागत 1335 करोड़ 20 लाख रूपये में निर्माण किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। सी.एम. राइज योजना के प्रथम चरण में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 275 विद्यालय विकसित किये जा रहे हैं। इनमें से 33 विद्यालयों के निर्माण के लिये डी.पी.आर तैयार कर परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष 20 मार्च 2023 को प्रस्तुत किए गए।
नहीं बचेंगे भ्रष्टाचारी, घोटाला करने वाले हो रहे एकजुट
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब एक भी भ्रष्टाचारी नहीं बचेगा। यह संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की सरकारों का है। घोटाले करने वाले कार्रवाई के डर से इकठ्ठा हो रहे हैं। अलग-अलग राज्यों में एक दूसरे की गर्दन काटने पर उतारू रहते हैं। अलग-अलग विरोधाभासी लोग हैं। एक-दूसरे के कट्टर वैचारिक दुश्मन हैं. आज इकट्ठे दिखाई दे रहे हैं।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्हांने कहा कि मध्यप्रदेश सहित सभी राज्यों के गड़बड़ करने वाले नहीं बचेंगे। इंदिरा गांधी ने 1971 में नारा दिया था गरीबी हटाओ, गरीबी नहीं हटी केवल झूठ बोला है। सरेआम झूठ बोलने की गारंटी है। 10 दिन में कर्जा माफ किया हो तो राहुल गांधी बताएं। बेरोजगारी भत्ता दिया हो तो बताएं। फसल पर बोनस दिया हो तो बताएं। कौन सा वचन पूरा कर दिया बताएं. लगातार झूठ बोलते गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप गारंटी देने आए हैं। इनकी गारंटी का एक सच है भ्रष्टाचार, महिलाओं का अपमान, नौजवानों को ठगने, किसानों को छलने, धोखा देने की गारंटी है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति का विकास नहीं किया. अल्पसंख्यकों का विकास नहीं किया।
गौरतलब है कि मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने राजधानी प्रवास के दौरान कहा था कि विपक्ष के घोटालों की गारंटी है, तो मोदी की भी गारंटी है। मेरी गारंटी है कि हर घोटाले की कार्रवाई की गांरटी। मेरी गारंटी है हर घोटालेबाज पर कार्रवाई की गारंटी, हर चोर लुटेरे पर कार्रवाई की गारंटी, जिसने देश और गरीब को लूटा है उसका हिसाब होकर ही रहेगा।
सिवनी कलेक्टर को दिए निर्देश, सुरक्षा, जरूरी राहत पहुंचाए
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टर सिवनी को जिले में अतिवर्षा के स्थिति से उत्पन्न समस्याओं से नागरिकों की आवश्यक सुरक्षा और जरूरी राहत के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज सिवनी जिले के केवलारी विकासखंड में वैनगंगा नदी की बाढ़ में फँसे एक युवक को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिए जाने पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि एक टापू पर फँसे 4 अन्य लोगों को भी सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों के बचाव के लिए सेना के हेलीकॉप्टर के उपयोग के लिए प्रशासन द्वारा इसी तरह यथासमय पहल आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर सिवनी और रेस्क्यू ऑपरेशन में संलग्न अधिकारियों के सतत् संपर्क में हैं। प्रभावित क्षेत्र में संबंधित अधिकारी उपस्थित रहकर आवश्यक दायित्व में संलग्न हैं।
कुर्बानी के वीडियो, फोटो सोशल मीडिया पर न करें पोस्ट
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने जारी की एडवाइजरी
भोपाल। ईद उल उजहा त्यौहार को लेकर पहली बार वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम धर्मावलंबियों को एडवायजरी जारी की है। कमेटी ने सलाह दी है कि कुर्बानी का फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें।
प्रदेश में ईद उल उजहा त्यौहार को लेकर संभवतः ऐसा पहली बार हुआ है, जब वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम धर्मावलंबियों को समझाइश देने के लिए पत्र जारी किया गया है। वक्फ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष सनवर पटेल ने कुर्बानी के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल नहीं करने की दी समझाइश दी है। साथ ही ईदगाह और मस्जिद में नमाज पढ़ने को लेकर भी सलाह दी है। पटेल ने पत्र जारी कर कहा है कि कुर्बानी बाहर ना करें। वेस्ट को नगर निगम के कंटेनर या चयनित स्थान पर डिस्पोज करें। कुर्बानी की फोटो सोशल मीडिया पर ना डालें। नमाज मस्जिदों में पढ़ी जाए, अगर जगह कम पड़ती है तो ऐसी स्थिति में प्रशासन से विधिवत अनुमति ली जाए।
इन नियमों का करें पालन
कलेक्टर की कुर्बानी को लेकर जारी निर्देशों का पालन करें, आमजनों को भी एडवायजरी का पालन करवाएं, कुर्बानी की जगह को चारों ओर से दीवार या टीनशेड से बंद रखें, इन जगहों पर जरूरी दवाओं का छिड़काव भी कराएं, कुर्बानी के लिए चयनित स्थानों पर ही कुर्बानी करें, कुर्बानी के जानवर की अनुपयोगी चीजों को सुरक्षित और नगरीय निकाय द्वारा रखे कंटेनर या चयनित स्थान पर ही डालें, प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी किसी सूरत में न करें, सरकारी आदेशों का सख्ती से पालन करें।
ओवैसी और कांग्रेस बोल रहे अंग्रेजों की भाषा
मध्यप्रदेश के यूसीसी पर दिए बयान को लेकर गृह मंत्री का हमला
भोपाल। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भारत का समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर असदुद्दीन ओवैसी के सवाल उठाने वाले बयान पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ओवैसी और कांग्रेस दोनों अंग्रेजों की भाषा बोल रहे हैं, जिस संविधान का हवाला दे रहे है, उसका निर्माण बाबा साहब ने किया। बाबा साहब सामान नागरिकता कानून के पक्ष में रहे हैं। ओवैसी महिलाओं के उत्थान के कानून का भी विरोध करते है. यह छद्म मानसिकता है. कश्मीर का मुद्दा आया था. तब भी हमने कहा था एक देश एक विधान हो।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह बात आज मीडिया से चर्चा करते हुए कही। दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की बड़ी बैठक पर गृहमंत्री ने तंज सकते हुए कहा कि घोषणा पत्र दृष्टि पत्र पर चर्चा की बात हो रही है। पुराना घोषणा पत्र का कवर बदल दें, बाकी सब वैसा ही है, क्योंकि ना तो कर्ज माफ कर पाए, ना बेरोजगारी भत्ता दे पाए. कमलनाथ बैठक में नाराजगी की खबरों को लेकर कहा कि वह खुद हवा हवाई हैं और बाकी कार्यकर्ता भी है।
कांग्रेस का असली चेहरा बता रहीं बेटियां
यूथ कांग्रेस नेताओं पर पैसे लेकर काम करने के आरोप पर गृहमंत्री ा ने कहा कि उनकी संस्कृति यही है, वहां बिना पैसे के तो कोई काम होता नहीं है। यह कांग्रेस का असली चेहरा जो बेटियां बता रही है। नीचे से ऊपर तक यही है, इसलिए हमने वल्लभ भवन को दलाली करना बताया था। इनकी 15 महीने की सरकार देख लो। कोई कांग्रेस का कार्यकर्ता भी नहीं कह सकता कि बिना पैसे दिए काम करा लिया हो।
मंगलवार, 27 जून 2023
कमलनाथ से की पुरानी पेंशन बहाली की मांग
कमलनाथ से की पुरानी पेंशन बहाली की मांग
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मुख्यमंत्रीकमलनाथ से नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। से नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु एवं प्रदेश अध्यक्ष परमानंद डेहरिया के नेतृत्व में राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पर हुई इस मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस की सरकार बनने पर मध्य प्रदेश में प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता के साथ पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग रखी। इसपर कमलनाथ ने सहमति जताई और कहा कि उनकी सरकार बनते ही प्रथम नियुक्ति वरिष्ठता के साथ पुरानी पेंशन बहाल की जाएगी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठता को लेकर पूरी फाइल कंप्लीट की हुई रखी है और उसमें सारे विभागीय ऑर्डर संलग्न है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने ये भी कहा कि ढ़ाई लाख लोग जो शिक्षक है उनको भी पेंशन से वंचित नहीं रहने देंगे। उन्होने कहा कि मेरी जानकारी में है यह मुझे हर जिले में शिक्षक लोग मिलते हैं और बताते हैं कि वरिष्ठता के कारण कहीं हम पेंशन से वंचित न हो जाएं। कमलनाथ ने वादा किया कि सरकार बनते ही इनको पेंशन दूंगा। उन्होंने कहा कि मैं घोषणा करने में यकीन नहीं करता हूं, काम करने में यकीन करता हूं। इस प्रतिनिधिमंडल में मध्यप्रदेश नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विपक्ष पर बरसे मोदी, समान नागरिक संहिता पर भड़काया जा रहा
कार्यकर्ताओं को दी सीख, मतभेद भुलाकर कमल निशान पर केन्द्रीत करें ध्यान
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने आज राजधानी प्रवास के दौरान न केवल चुनावी मुद्दों को स्पष्ट किया, बल्कि विपक्षी दलों पर भी जमकर बरसे। उन्होंने समान नागरिक संहिता, कर्ज माफी, एकजुटता को लेकर विपक्षी दलों की बैठक सहित अन्य मुद्दों पर विपक्षी दलों पर करारा प्रहार किया। वहीं कार्यकर्ताओं को सीख दी कि सारे मतभेद भुलाकर कमल निशान पर ध्यान केन्द्रित करें और बूथ को मजबूत करें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह बात आज राजधानी के लाल परेड मैदान पर भाजपा के ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ विषय पर आयोजित कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में अल्पकालीन विस्तारक कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। संवाद कार्यक्रम में देश भर से चुने गए 3 हजार कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, वहीं देश की 543 लोकसभाओं के 10 लाख बूथ इस कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजकल राजनीति में एक शब्द बहुत चल रहा है और वह है गारंटी। ये भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे जनता को समझाएं कि एकजुट हो रहे विपक्षी दल किस बात की गारंटी दे रहे हैं? ये गारंटी रहे हैं घोटालों की, भ्रष्टाचार की। मोदी ने कहा कि हाल में विपक्षी दलों के नेताओं का एक फोटो सेशन हुआ था। उस फोटो में जो दिखाई दे रहे हैं, अगर सभी के घोटालों को जोड़ लिया जाए तो करीब 20 लाख करोड़ के घोटाले इन्होंने किए हैं। अकेली कांग्रेस ने ही लाखों करोड़ के घोटाले किए हैं। 1.86 लाख करोड़ का कोयला घोटाला, 1.76 लाख करोड़ का टू जी घोटाला, 70 हजार करोड़ का कॉमनवेल्थ घोटाला, 10 हजार करोड़ का मनरेगा घोटाला और हेलीकॉप्टर से लेकर पनडुब्बी तक के घोटाले इन्होंने किए हैं। राजद नेताओं ने चारा घोटाला, पशुपालन घोटाला, बाढ़ राहत घोटाला जैसे हजारों करोड़ रुपये के कई घोटाले किए हैं। अदालतें इन नेताओं को सजा दे-देकर थक गई हैं।
आपको तय करना है कि आप किसका भला चाहते हैं?
मोदी ने कहा कि कोई गरीब नहीं चाहता कि उसके बच्चे गरीबी में रहें, लेकिन देश में कई राजनीतिक परिवार हैं, जो गरीब कल्याण के नाम पर अपने बेटे-बेटियों का भला करते रहे हैं। यह आपको तय करना है कि आप किस का भला चाहते हैं? अगर आपको गांधी परिवार का भला करना है, तो कांग्रेस को वोट दें। मुलायम सिंह के बेटे का भला चाहते हैं तो सपा को वोट दें। लालू यादव के बेटों का भला चाहते हैं तो राजद को वोट दें। शरद यादव की बेटी का भला चाहते हैं तो एनसीपी को वोट दें। फारुख अब्दुल्ला के बेटे का भला चाहते हैं तो नेशनल कांफ्रेंस को वोट दें। के. चंद्रशेखर राव के बेटे का भला चाहते हैं, तो टीआरएस को वोट दें। करुणानिधि के बेटों का भला चाहते हैं, तो डीएमके को वोट दें। लेकिन अगर आप अपने बेटे-बेटियों का भला चाहते हैं, पोते-पोतियों का विकास और भविष्य चाहते हैं, तो भाजपा को वोट दें।
एक घर में एक कानून, तो देश में क्यों नहीं
प्रधानमंत्री ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कहा कि आज हम देख रहे हैं कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के नाम पर भड़काने का काम हो रहा है। एक घर में परिवार के सदस्य के लिए एक कानून हो, परिवार के दूसरे सदस्य के लिए दूसरा कानून हो, तो क्या वो घर चल पाएगा? फिर ऐसी दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा। भारत के संविधान में भी नागरिकों के समान अधिकार की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट कह रही है कि कॉमन सिविल कोड लाओ।
पसमांदा के मुसलमानों तक बनाएं पहुंच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को पसमांदा मुसलमानों तक पहुंच बनाने की सलाह दी थी। इसके बाद पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा कई कार्यक्रम चलाए गए और पसमांदा मुसलमानों के बीच पैठ बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि पसमांदा मुस्लिम भाई-बहन हैं लेकिन वोट बैंक की राजनीति करने वालों ने इनका तो जीना मुश्किल करके रखा है। वे तबाह हो गए हैं।
इस्लामिक देशों में भी बैन है तीन तलाक
प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन तलाक का इस्लाम से संबंध होता तो दुनिया के मुस्लिम बाहुल्य देश इसे खत्म नहीं करते। मिस्र में 90 प्रतिशत से ज्यादा सुन्नी मुस्लिम हैं। आज से 80-90 साल पहले वहां तीन तलाक की प्रथा समाप्त हो चुकी है। अगर तीन तलाक इस्लाम का जरूरी अंग है, तो पाकिस्तान, इंडोनेशिया, कतर, जॉर्डन, सीरिया, बांग्लादेश में क्यों नहीं है। मुस्लिम बेटियों पर तीन तलाक का फंदा लटकाकर कुछ लोग उन पर हमेशा अत्याचार करने की खुली छूट चाहते हैं। इसीलिए मेरी मुस्लिम बहनें, बेटियां भाजपा और मोदी के साथ खड़ी हैं।
भाजपा की बड़ी ताकत है कार्यकर्ता
मोदी ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके सभी कार्यकर्ता हैं। शायद किसी भी राजनीतिक दल के इतिहास में ग्रासरूट लेवल पर इतना ऑर्गनाइज्ड कार्यक्रम कभी नहीं हुआ होगा, जितना बड़ा आज हो रहा है। आप भाजपा ही नहीं, आप सिर्फ दल ही नहीं देश के संकल्पों की सिद्धी के भी मजबूत सिपाही हैं। बूथ अपने आप में बहुत बड़ी इकाई है। बूथ की इस इकाई को छोटा नहीं समझना चाहिए। हमें अपने बूथ में राजनीतिक कार्यकर्ता से ऊपर उठकर समाज के साथी के रूप में अपनी पहचान बनानी चाहिए।
मंत्र बन गया मोदी का नाम
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि हम ऐसे समय भाजपा के कार्यकर्ता ने नाते काम कर रहे हैं, जब नरेंद्र मोदी जी भारत के प्रधानमंत्री और हमारे नेता हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने प्रगति और विकास का एक नया इतिहास रचा है। जनकल्याण और गरीब कल्याण का एक नया अध्याय लिखा है। मोदी नाम आज मंत्र बन गया है। आज हर देश मोदी मंत्र का उच्चारण कर रहा है।
मध्यप्रदेश में साल दर साल गिरता बसपा को वोट बैंक
फिर संगठन को मजबूत करने की जुटे पदाधिकारी
भोपाल। प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी का वोट बैंक लगातार गिर रहा है। 2003 में जहां इसका वोट बैंक प्रदेश में 7.26 फीसदी था, जो 2018 के विधानसभा में गिरकर 5.1 रह गया है। गिरते वोट बैंक को देख फिर से बसपा ने प्रदेश में संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम करना ष्शुरू किया है।
प्रदेश के विंध्य, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल अंचल में पहले बसपा का खासा प्रभाव रहा है। इन्हीं अंचलों में बसपा के प्रत्याशी चुनाव जीतकर विधानसभा भी पहुंचे, मगर साल-दर-साल अब बसपा का प्रभाव प्रदेश में कम होता जा रहा है। वर्तमान में हालात यह है कि उसका संगठन बिखरा-बिखरा नजर आ रहा है। पिछला इतिहास देखा जाए तो प्रदेश में 1993 के विधानसभा में बसपा के 11 विधायक थे। साल 1998 में भी पार्टी के 11 विधायकों ने जीत दर्ज की थी। वहीं 2003 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के दो विधायक जीते थे, लेकिन उसे 7.26 प्रतिशत वोट मिले थे। 2008 में उसे 8.97 प्रतिशत मत मिले और सात विधायक जीते थे। 2013 में 6.29 प्रतिशत वोटों के साथ चार विधायक बसपा के टिकट पर विधानसभा पहुंचने में सफल रहे थे। 2018 में वोट का आंकड़ा कम होकर 5.1 फीसदी रह गया। उसके दो विधायक विधानसभा पहुंचे, मगर एक ने पाला बदलकर भाजपा का साथ दिया।
बसपा के गिरते वोट बैंक को देख अब फिर से मायावती ने संगठन को मजबूत करने की कवायद ष्शुरू की है। प्रदेश संगठन भी इन दिनों अपने प्रभाव वाले क्षेत्र विंध्य, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल में सक्रिय हुआ है। संगठन ज्यादातर कार्यक्रम इन्हीं अंचलों में कर रहा है। निष्क्रिय पड़े संगठन में जान फूंकने के लिए नए पदाधिकारी नियुक्त किए गए।
कांग्रेस के तीन नेताओं को दिया नोटिस
बैठक के दौरान आपस में भिड़ गए थे नेता
भोपाल। खंडवा में जिला कार्यालय (गांधी भवन) में बैठक के दौरान कांग्रेस नेता आपस में भिड़ गए थे। इस मामले में पार्टी ने तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष मोहन ढाकसे, युवक कांग्रेस जिला महामंत्री मुन्नू बाबू और शैलेश राठौर को नोटिस दिया गया है। 18 जून को गांधी भवन में बैठक के दौरान विवाद हुआ था। इस दौरान मुन्नू बाबू और शैलेश राठौर के बीच हाथापाई भी हुई थी।
दरअसल, 18 जून को मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं से बंद कमरे में वन टू वन चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर मुन्नू बाबूजी और पंधाना के शैलेश राठौर के बीच विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ने एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंककर दे मारी। दोनों नेताओं के बीच लात-धूंसे भी जमकर चले थे। दूसरा विवाद अरूण यादव समर्थक मोहन ढाकसे का हुआ था। प्रभारी प्रदेश सचिव संजय दत्त की वन टू वन चर्चा के दौरान मोहन ढाकसे ने मुस्लिम नेता सलीम पटेल को बीजेपी का एजेंट बता दिया था। इस बात पर भी जमकर हंगामा हुआ था। सलीम पटेल के बेटे और मोहन ढाकसे के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई थी।
पांच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
स्कूली बच्चों से की मुलाकात प्रधानमंत्री ने की मुलाकात
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजधनी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से 5 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री ने इनमें से तीन वंदे भारत ट्रेन को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री ने ट्रेन में यात्रा कर रहे बच्चों के साथ संवाद भी किया। बच्चों ने अपने प्रिय प्रधानमंत्री से खुलकर बातचीत की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक दिवसीय प्रवास पर भोपाल आए। राजा भोज विमानतल पर उतरने के बाद मोदी सड़क मार्ग से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पहुँचे। प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे स्टेशन पर उपस्थित जन-समुदाय का अभिवादन किया। जन-समुदाय ने उत्साह के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने आज से आरंभ होने वाली वंदे भारत ट्रेन में यात्रा के लिए बैठे स्कूली बच्चों से भेंट कर भारत की प्रगति और उपलब्धियों, भविष्य के लक्ष्य के बारे में बात-चीत की। स्कूली बच्चों ने प्रधानमंत्री को आजादी के अमृत महोत्सव, विश्व में बनती भारत की प्रभावपूर्ण स्थिति पर केन्द्रित पेंटिंग्स तथा प्रधानमंत्री का हस्त निर्मित चित्र भेंट किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने जिन पाँच वंदे भारत रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाई वे हैं; भोपाल (रानी कमलापति)- इंदौर वंदे भारत एक्सप्रेस; भोपाल (रानी कमलापति)-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस; रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस; धारवाड़-बैंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस और गोवा(मडगांव)-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस। इनमें से अंतिम तीन को प्रधानमंत्री ने वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
भोपाल (रानी कमलापति)- इंदौर, वंदे भारत एक्सप्रेस मध्यप्रदेश के दो महत्वपूर्ण शहरों के बीच सरल और त्वरित यात्रा की सुविधा प्रदान करेगी तथा क्षेत्र में सांस्कृतिक, पर्यटन एवं धार्मिक स्थानों की कनेक्टिविटी में सुधार लाएगी। वंदे भारत ट्रेन से भोपाल से इंदौर की 269 किलोमीटर की दूरी अब साढ़े तीन घंटे में तय हो जाएगी। भोपाल (रानी कमलापति)-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस महाकौशल क्षेत्र (जबलपुर) को मध्य प्रदेश के मध्य क्षेत्र (भोपाल) से जोड़ेगी। इसके अतिरिक्त, बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को भी लाभ होगा। इस ट्रेन के चलने से भोपाल से जबलपुर की 340 किलोमीटर की दूरी अब साढ़े चार घंटे में ही तय हो जाएगी। रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस झारखंड और बिहार के लिए पहली वंदे भारत रेलगाड़ी होगी। पटना और रांची के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाने वाली यह रेलगाड़ी पर्यटकों, छात्रों और व्यवसायियों के लिए वरदान साबित होगी। धारवाड़-बैंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस कर्नाटक-धारवाड़ और हुबली में महत्वपूर्ण शहरों को राज्य की राजधानी बैंगलुरु से जोड़ेगी। इससे क्षेत्र के पर्यटकों, छात्रों, उद्योगपतियों आदि को अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा। गोवा (मडगांव)-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस गोवा की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस होगी। यह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और गोवा के मडगांव स्टेशन के बीच चलेगी। इससे गोवा और महाराष्ट्र दोनों के ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सोमवार, 26 जून 2023
प्रियांक खड़के पर अपनी राय जाहिर करें कमलनाथ
गृह मंत्री ने लिखा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र
भोपाल। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे के गौरक्षकों को लेकर दिए गए कथित बयान पर मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के गृहमंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ से सवाल किया है कि इस बयान पर उनकी क्या राय है जाहिर करें।
राजधानी भोपाल में मिश्रा ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि मैंने कमलनाथ को पत्र लिखा है। प्रियांक खड़गे के बयान के आधार पर, वे बहुत गौशाला खोलने की बात करते थे, अब इस पर अपनी राय बताएं। एक राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी है, अभी विधेयक वापस हुआ बेटियों को लेकर, दूसरा पंचायत मंत्री का बयान आ गया। मै। कमलनाथ जी से ंपूछना चाहता हूॅ कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने जो घोर निंदनीय बयान दिया है, इस तरह की जो प्रतिक्रिया आई है। गौसेवकों और गौरक्षकों के लिए, मध्य प्रदेश की कांग्रेस पार्टी और आपकी कांग्रेस पार्टी और आप कांग्रेस के अध्यक्ष होने के नाते क्या कहना चाहते हो।
गौरतलब है कि प्रियांक खड़गे ने कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा कि जो लोग शॉल ओढ़कर कानून अपने हाथ में लेते हैं और कहते हैं कि वे इन दलों से हैं उन्हें लात मारकर सलाखों के पीछे डाल दीजिए। अगर कोई स्वघोषित नेता है और सांप्रदायिक मुद्दों के नाम पर जहर उगलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मैं अनावश्यक सांप्रदायिक दंगे नहीं चाहता।
जितनी गालियां देंगे, जनता मुझे उतना आशीर्वाद देगी : कमलनाथ
प्रदेश में चुनावी साल में हो रही
बयानबाजी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ दुखी नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों को दिन रात सपने में केवल कमलनाथ दिखते है। यह वीडियो बनाए फ़िल्म बनाए। बता दें कि बीते दिनों कमलनाथ और शिवराज के करप्शन और घोटालों को लेकर पोस्टर लगाए गए थे। इसे लेकर कमलनाथ ने आज अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पोस्टर लगवाने की ष्शुरूआत भाजपा ने की है। उसने थर्ड पार्टी से पोस्टर लगवाए। इसके बाद यह सिलसिल चल पड़ा है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को टारगेट करने के बजाय भाजपा जनता के बीच जाकर अपने किए काम बताएं। प्रधानमंत्री के प्रदेश दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि अच्छा है, आ रहे है अपनी आंखों से भ्रष्टाचार देखें। कैसे मध्य प्रदेश भ्रष्ट प्रदेश बन गया है।
महाकाल लोक में हुए भ्रष्टाचार की दी जानकारी
नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
भोपाल। नेता प्रतिपक्ष डा गोविंद सिंह ने उज्जैन से लौटकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के जरिएमहाकाल लोक में हुए भ्रष्टाचार की जानकारी दी है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्जैन महाकाल मंदिर में साढ़े सात महीने पहले विकास कार्य का लोकार्पण किया था। 8 सौ करोड़ रुपए यह महाकाल लोक तैयार किया गया। महाकाल लोक में सप्त ऋषियों की मूर्तियां मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा लगवाई गई थी वह केवल थोड़ी सी हवा में गिरकर टूट गई। इसकी तथ्यात्मक जानकारी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा है। साथ ही सिंह ने पत्र में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री ने सिंहस्थ की आरक्षित भूमि रखने की देने भी समय मांगा है। सिंह ने लिखा कि मास्टर प्लान में उक्त जमीन को आवासीय और व्यवसायिक कर दी गई है। इससे इसकी कीमत अरबो रुपए हो गई। जबकि इस भूमि में सिंहस्थ के समय साधु-संत को अखाड़े लगते हैं। एवे वाहन पार्किंग के लिए उपयोग किया जाता रहा है।
सिंह ने कहा कि महाकाल लोक में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि बेहद निंदनीय एवं शर्मनाक घोटाला है। मैं प्रधानमंत्री जी को बताना चाहता हूं कि सवा सौ करोड़ के रहने वाले देशवासियों सनातन धर्म प्रेमियों को ठेस पहुंचाई गई है। आप मुझे समय दें मैं तथ्यात्मक जानकारी दूंगा और मांग भी करूंगा कि ऐसे दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
रविवार, 25 जून 2023
समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट पर मंथन करेंगे संघ पदाधिकारी
देष में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। इसके ड्राफ्ट को लेकर राजधानी में संघ का महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में संघ पदाधिकारी इस डाफट पर चर्चा करेंगे। यह कार्यक्रम राजधानी में 30 जून से षुरू होगा जो 2 जुलाई तक चलेगा। इस कार्यक्रम में देश भर के विशेषज्ञ भी विचार मंथन करने के लिए पहुंचने वाले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि आगामी लोक सभा चुनाव के पहले सरकार देश में समान नागरिक संहिता लागू कर अपनी एक और बड़ी घोषणा पूरी करने की तैयारी में है। इसका फाइनल ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 22वें विधि आयोग ने जन सामान्य के साथ सार्वजनिक संस्थान और मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों से 14 जुलाई तक सुझाव मांगे हैं।
क्या है समान नागरिक संहिता
समान नागरिक संहिता का मतलब सबके लिए एक कानून से है। इसके तहत सभी धार्मिक समुदायों पर विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने और रखरखाव जैसे मसलों पर एक जैसा कानून लागू होगा। देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान ‘आपराधिक संहिता’ तो है, लेकिन समान नागरिक कानून नहीं है। गोवा राज्य इसका अपवाद है। देश में 5 साल बाद इस मुद्दे पर फिर गंभीरता से मंथन चल पड़ा है।
टिकट के लिए तेरा, मेरा नहीं चलेगा: कमलनाथ
सर्वे और स्थानीय लोगों की राय ही दिलाएगी टिकट
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज फिर स्पष्ट कर दिया कि टिकट के लिए तेरा,मेरा नहीं चलेगा। कांग्रेस का टिकट सर्वे और स्थानीय लोगों की राय पर ही बटेगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर भी जमकर हमला बोला।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ये बात आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पूर्व सैनिकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक कांग्रेस में 35 सौ लोगों ने टिकट के लिए आवेदन किए हैं। इनमें से किसे टिकट मिलेगा यह सर्वे और स्थानीय लोगों की राय पर ही तय होगा। उन्होंने बताया कि मैं और एआईसीसी दोनों अलग-अलग सर्वे करा रहे हैं। बहुत सारी चीजें कॉमन होती हैं, कुछ विपरीत भी होती हैं। सर्वे में हम स्थानीय लोगों की राय को महत्व देंगे। सब कह रहे हैं कि हम जीतेंगे। भाजपा से बहुत से लोग आना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सैनिकों के कारण आज हम सुरक्षित है। पहले सैनिकों के भक्त हुआ करते थे, लेकिन आज मोदी भक्ति चल रही है। सर्जरी सर्जिकल स्ट्राइक पर कहा कि ऐसे मुद्दे लाये जाते हैं जिससे जनता भावुक हो जाए। बेरोजगारी से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे मुद्दे उठाए जाते है। भाजपा कभी सर्जिकल स्ट्राइक कभी पाकिस्तान और अगले चुनाव में चीन की बात करेगी।
चार महीने बाद बनने वाली है कांग्रेस की सरकार
कमलनाथ ने कहा कि 4 महीने बाद कांग्रेस की सरकार बनने वाली है। आपका आय कार्ड ही मंत्रालय का गेट पास होगा हमारी संस्कृति जोड़ने की है, सिख, बौद्ध, जैन धर्म का जन्म भारत में हुआ। मणिपुर में रोज लोग मारे जा रहे हैं, तमिलनाडु में हिंदी विवाद, पंजाब में खालिस्तान के नारे लग रहे हैं। अब आपको हमारी संस्कृति का रक्षक भी बनना पड़ेगा। आपने देश सेवा की, अब समाज सेवा करनी है। मध्यप्रदेश भ्रष्ट प्रदेश बन गया है, नौजवानों की मुझे फिक्र है।
शनिवार, 24 जून 2023
गर्भ में जो बच्चे थे, उनमें कैंसर की आशंका थी आठ गुना
गैस पीड़ित संगठनों का दावा
भोपाल। राजधानी के गैस पीड़ित संगठनों नेआज दावा किया कि भोपाल हादसे के दौरान जो लोग अपनी मां के गर्भ में थे, उनमें कैन्सर होने की आशंका 8 गुना अधिक थी, साथ ही सामान्य बच्चों की तुलना में इन बच्चों में रोजगार वाधित करने वाली विकलांगता और शिक्षा का निम्न स्तर था।
भोपाल गैस पीड़ित संगठनों ने यह दावा आज मीडिया से चर्चा करते हुए किया। डाव कार्बाइड के खिलाफ बच्चे संगठन की नौशीन खान ने कहा कि अध्ययन में पाया गया है कि भोपाल हादसे के दौरान जो लोग अपनी मां के गर्भ में थे, उनमें कैन्सर होने की आशंका 8 गुना अधिक थी, साथ ही सामान्य बच्चों की तुलना में इन बच्चों में रोजगार वाधित करने वाली विकलांगता और शिक्षा का निम्न स्तर था । भारत सरकार द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के आधार पर इस अध्ययन में यह भी बताया गया है कि हादसे के समय कारखाने से 100 किलोमीटर दूर रहने वाले लोगों पर भी हादसे का प्रभाव देखा जा सकता है।
भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा ने कहा कि यह वैज्ञानिक प्रकाशन राज्य और केंद्र की सरकारों के लिए एक चेतावनी होनी चाहिए। शोध के सभी निष्कर्ष सरकारी एजेंसियों द्वारा प्रकाशित आंकड़ों पर आधारित हैं। सरकार ने कम्पनी के पीड़ितों के हितों की रक्षा के वादे के बदले में भोपाल के पीड़ितों से यूनियन कार्बाइड पर मुकदमा चलाने का अधिकार छीन लिया है। यदि सरकारें यूनियन कार्बाइड से अगली पीढ़ी को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए कानूनी कदम नहीं उठाती हैं तो यह उस वादे के साथ विश्वासघात होगा। भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की अध्यक्षा रशीदा बी ने कहा हम मांग करते हैं कि यूनियन कार्बाइड और डाव केमिकल कम्पनी हादसे की अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य को हुए नुकसान के लिए मुआवजा दे।
इस्तीफा देने वाली डिप्टी कलेक्टर को दिया नोटिस
कहा सरकारी आवास पर अवैध रूप से जमाया हैै कब्जा
भोपाल। नौकरी से इस्तीफा देेने वाली डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को सरकार ने नोटिस दिया है। सरकार ने उन्हें अवैध रूप से सरकारी आवास पर कब्जा रखने का नोटिस दिया है। बांगरे को दिए नोटिस में कहा गया है कि उन्होंने छतरपुर तबादला होने के बाद राजधानी भोपाल में सरकारी आवास पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है।
छतरपुर के लवकुश नगर की एसडीएम निशा बांगरे ने 22 जून को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने त्यागपत्र में लिखा था कि स्वयं के निजी आवास के उद्घाटन पर जाने के लिए मना कर दिया गया। इसके साथ ही उन्हें विश्व शांति सम्मेलन में तथागत बुद्ध की अस्थियों के दर्शन के लिए भी जाने की अनुमति नहीं दी गई। इससे व्यथित होकर वे इस्तीफा दे रही है। इसके बाद अब सामान्य प्रशासन विभाग ने भी एक नोटिस जारी किया है। जिसमें आरोप लगाया गया कि वे भोपाल में चार इमली स्थित बंगले में अवैध रूप से कब्जा किए हुए हैं और कई बार नोटिस देने के बाद भी उन्होंने उसे खाली नहीं किया है। उनका यह कृत्य दंडात्मक कार्यवाही की श्रेणी में आता है।
शिवराज ने विपक्ष को बताया मेंढ़क, सांप, बंदर
कमलनाथ ने पढ़ाया मर्यादा का पाठ
भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर नेताओं के बीच बयानबाजी में मर्यादाएं टूटती नजर आने लगी है। पूर्व में मंत्रियों और नेताओं तक तो यह बयानबाजी होती रही, मगर अब मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच भी कुछ इसी तरह के संवाद सामने आ रहे हैं। ऐसे आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पटना मंे विपक्षी दलों की बैठक को लेकर बयान देते हुए विपक्षी दलों को मेंढ़क, सांप और बंदर बताया तो कमलनाथ ने उन्हें मर्यादा का पाठ का पढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज फिर एक बार राजनीति में शब्दों की मर्यादा केा तार-तार किया है।
दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज फिर पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक केा लेकर तंज कसा था। उन्होंने कहा कि बाढ़ आने पर जिस तरह सांप, बंदर और मेंढक एक पेड़ पर चढ़ जाते हैं, वैसी ही हालत विपक्ष की है। उन्होंने यह भी कहा कि पटना में सारे विपक्षी इकट्ठा हुए। वहां भी विपक्षी एकता नहीं बल्कि उनका मुख्य मुद्दा राहुल गांधी की शादी रहा। उन्होंने लालूप्रसाद यादव की राहुल गांधी की शादी की सलाह पर कहा कि दूल्हा कौन है, बाराती कौन है, इसका अब तक ठिकाना नहीं है। वहीं, प्रदेश में कमलनाथ के सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को चेतावनी देने के अंदाज पर भी शिवराज ने कहा कि कमलनाथ की चक्की कभी दिग्विजय सिंह को पीसती है तो कभी अरुण यादव तो कभी अजय सिंह को।
मुख्यमंत्री के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि शिवराज सिंह चौहान को मर्यादा का पाठ याद कराया। कहा कि आप विपक्ष को बंदर कहेंगे तो जनता हमें भगवान राम की वानर सेना समझेगी जिसने रावण की पाप की लंका ध्वस्त कर दी थी। आप सांप कहेंगे तो जनता हमें भगवान शिव का कंठहार समझेगी। कमलनाथ ने कहा कि आप इसी तरह गाली-गलौज करते रहिए लेकिन वे सत्य व मर्यादा का रास्ता नहीं छोड़ेंगे।
घोटालों को लेकर सड़क पर उतरी कांग्रेस
राजधानी सहित जिला मुख्यालयों पर दिया धरना
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस ने आज महाकाल लोक घोटाला, सतपुड़ा भवन अग्निकांड, बिजली कटौती और जनता पर हो रहे अत्याचार के विरोध में प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राजधानी सहित प्रदेश के सभी जिलों में किया गया। राजधानी में आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला।
राजधनी भोपाल के रोशनपुरा चौराहा पर महाकाल लोक घोटाला, सतपुड़ा भवन अग्निकांड, बिजली कटौती और जनता पर हो रहे अत्याचार के विरोध में कांग्रेस जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन को पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेष पचौरी ने संबोधित किया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राजधानी में प्रदर्शन स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अपनी ही पार्टी को सलाह दे रहा हूं कि अब परिवर्तन का वक्त है। जनता चाह रही है वोट देना, कांग्रेस के कार्यकर्ता लड़ो मत डरो मत, कमलनाथ का सर्वे पत्थर की लकीर हैं। दिग्विजय सिंह ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जन सेवा नहीं केवल स्वयं की धन सेवा कर रही है। जिनके पास साइकिल नहीं थी आज उनके पास फॉर्च्यूनर कार है। इनका धर्म केवल आडंबर है, धर्म से भी ये पैसा कमाने से नहीं चूकते हैं।
भाजपा आदिवासियों को गुम
राह करने की करती है राजनीति
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज आदिवासी बहुल जिले मंडला में प्रदर्शन के दौरान उपस्थित रहे। उन्होंने कहा भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए शिवराज सरकार को घोटाले भ्रष्टाचार की चौपट सरकार बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा आदिवासियों को गुमराह करने की राजनीति करती है और पार्टी को पेसा अधिनियम लागू करने में 18 साल का समय क्यों लगा। कमलनाथ ने कहा कि मंडला जिला भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पलायन की राजधानी बन गया है। यहां की जनता सरकार की सैकड़ों झूठी घोषणाओं की गवाह है। उन्होंने आम सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस जोड़ने का काम करती है भाजपा तोड़ने में विश्वास रखती है। मणिपुर में जारी हिंसा और मौतों पर केंद्र, राज्य सरकार की चुप्पी, वहां नागरिकों की मौत का कारण बन रही हैं।
शुक्रवार, 23 जून 2023
लव जिहाद के आरोपी की गिरफतारी के लिए बैंगलुरू जाएगी पुलिस
भोपाल। दमोह की युवती के साथ बैंगलुरू में हुए लव जिहाद मामले में आरोपी की गिरफतारी के लिए मध्यप्रदेश की पुलिस बैंगलुरू जाएगी। यह जानकारी आज राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दी।गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि लव जिहाद की मानसिकता वालों को प्रदेश में कुचल दिया जाएगा। दमोह की दलित बेटी ने कर्नाटक के रहने वाले उमर फारूक के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। उमर की गिरफ्तारी के लिए मध्यप्रदेश पुलिस कर्नाटक जाएगी। उन्होंने कहा कि लड़की हूं लड़ सकती हूं का नारा देने वाली प्रियंका वाड्रा जी से अनुरोध है कि पीड़ित बेटी को न्याय दिलवाने के लिए उमर की गिरफ्तारी में मदद करें। आरोपी उमर फारूक पर धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, एट्रोसिटी एक्ट, 506 धाराएं भी लगाई गई है।
गृहमंत्री ने दमोह के गंगा जमना स्कूल मामले में विरोध जताने वाले पर कार्रवाई मामले में संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि विरोध करने वाले हिंदूवादी संगठनों के नेताओं पर प्रशासन की कार्रवाई रोकने को कहा है, इसे लेकर पुनः परीक्षण करने के निर्देश दिए है। पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर कलेक्टर ने जिला बदर का नोटिस दिया था। हिन्दू जागरण मंच के जिला संयोजक कृष्णा तिवारी, नगर संयोजक अनुराग यादव और हिन्दू संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता आशीष शर्मा को नोटिस दिया गया था।
भाजपा को झटका, दो नेताओं ने ली कांग्रेस की सदस्यता
शंकर मेहतो, ध्रुव प्रताप को कमलनाथ ने दिलाई सदस्यता
भोपाल । मध्यप्रदेशमें विधानसभा चुनाव को लेकर दलबदल का सिलसिला चल रहा है। इसके चलते भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं ने आज कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले कटनी पिछड़ा वर्ग के नेता शंकर महतो और विजयराघवगढ़ के पूर्व विधायक ध्रुव प्रताप सिंह है, जिन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सदस्यता दिलाई है।
भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए दोनों नेताओं को सदस्यता दिलाने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि इन दोनों नेताओं ने सच्चाई का साथ दिया है। दोनों नेताओं ने खुद प्रदेश के हाल बता दिए। आज प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है। भाजपा की सरकार को विदा करेंगे। मैं विदा नहीं करूंगा। भाजपा को जनता विदा करेगी। आखिरी 5 महीने में बहनें, किसान और कर्मचारी याद आ रहे हैं. 18 साल में क्यों याद नहीं आई। अगले 5 महीने में देखिएगा कैसे काम करती है। घोषणा की मशीन और झूठ की मशीन है।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद ध्रुव प्रताप सिंह ने कहा मैंने 17 जून को भाजपा से इस्तीफा दिया था। कमलनाथ, दिग्विजय और नेता प्रतिपक्ष को कांग्रेस में शामिल करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए कदम से कदम मिलाकर काम करूंगा। पिछले 5 सालों से मैं देख रहा था भाजपा अपनी मूल विचारधारा से हट चुकी है। भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। कोई कुछ नहीं करता है. ये सब किसी पार्टी के लिए ठीक नहीं है। वहीं शंकर महतो ने कहा कि मैंने भी आज भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। कांग्रेस की कार्यप्रणाली के साथ कंधा से कंधा मिला कर चलेंगे। प्रदेश की जनता व्यथित है। मैं भाजपा के कई पदों पर रहा हूं. आज किसान लूट रहा, हमारे अधिकारों को छीना जा रहा है। पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को खत्म किया गया। कमलनाथ ने 27 प्रतिशत आरक्षण दिया था।
भोपाल में लगे कमलनाथ वांटेड के पोस्टर
भोपाल। मध्यप्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहीं। इसके चलते नए घटनाक्रम में भोपाल के बाजारों में पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर में कमलनाथ को वांछित बताते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। पोस्टर लगते ही प्रदेश की सियासत तेज हो गई है।
एक क्यूआर कोड पोस्टर कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का भोपाल में लगा है जो सियासी बवाल मचा रहा है। भाजपा भी इस पर चुटकी ले रही है। चस्पा किए गए इन पोस्टरों को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी ष्शर्मा ने कहा कि हमें मीडिया के माध्यम से पोस्टर के बारे में पता चला. श्रीमान करप्ट नाथ की पूरी चरित्त्रावाली क्यूआर कोड स्कैन करने पर दिख रही है। इसका मतलब कमलनाथ जी ही बता सकते हैं। पोस्टर क्यों लगे इसका जवाब तो कमलनाथ को ही देना चाहिए। भाजपा से इसका कोई लेना देना नहीं है। हर चीज भाजपा पर क्यों डालते हो भाजपा का इससे क्या लेना देना. कांग्रेस हमेशा केवल आरोप लगाने का काम करती है। आपने मध्य प्रदेश को भ्रष्टाचार में डुबोया था और उसका परिणाम है कि जनता इस रूप में उसका प्रकटीकरण कर रही है। मिस्टर बंटाढार दिग्विजय सिंह, करप्ट नाथ कमलनाथ प्रदेश की जनता जानना चाहती है।
मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की मांग
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने इस मामले को भाजपा का बैखलाहट बताया है। साथ ही मुख्यमंत्री से इस मामले पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा ’भाजपा द्वारा आदरणीय कमलनाथ जी के आपत्तिजनक पोस्टर लगाना बता रहा है कि भाजपा में घबराहट है, सत्ता जाते हुए दिख रही है तो बौखलाहट में आपत्तिजनक पोस्टर लगवा रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूँ कि पोस्टर लगाने वालों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई करें। वहीं कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष केके मिश्रा ने कहा कि इस पोस्टर अभियान कि हमें चिंता नहीं है क्योंकि कमलनाथ जनता के दिलों में हैं। भाजपा मुद्दों से भटकाने के लिए इस तरह के कृत्य कर रही है। यदि भाजपा डर्टी पॉलिटिक्स पर आई तो हमारे पास भी भ्रष्टाचार के प्रामाणिक तथ्य है।
क्या है पोस्टर में
राजधानी के ष्शाहपुरा इलाके में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के क्यूआर कोड वाले पोस्टर चौराहों पर चस्पा किए गए हैं। पोस्टर में उन्हें वांटेड और करप्शन नाथ बताया गया है। साथ ही घोटालों का जिक्र किया गया है। पोस्टर में दिए गए स्कैनर में लिखा हुआ है. करप्शन नाथ के कांड जानें और इसे स्कैन करने पर करप्शन नाथ डॉट कॉम नाम की वेबसाइट खुलती है। वेबसाइट में मध्यप्रदेश को करप्शन से बचाने के लिए लोगों को संकल्प दिलाया जा रहा है। हालांकि, ये पोस्टर किसने लगवाए हैं और साइट किसने बनाई है इस बात का बता नहीं चल पाया है।
गुरुवार, 22 जून 2023
नक्सलियों के आर्थिक स्रोतों को किया जाएगा नष्ट
भोपाल। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि नक्सलियों के आर्थिक स्रोतों को नष्ट किया जाएगा। नक्सलियों को आर्थिक मदद किन किन स्रोतों से मिलती है। इन सब की ज
ड़ो में जाकर प्रहार करना होगा तभी नक्सली समस्या जड़ से खत्म हो पाएगी।प्रदेश में नक्सली गतिविधियों को जड़ से खत्म करने अब शिवराज सरकार अब नई रणनीति पर काम करेगी। गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बालाघाट में इस संबंध में आज एक उच्च स्तरीय बैठक ले कर गहन मंथन किया। बैठक में डीजीपी सुधीर सक्सेना, एडीजीपी आदर्श कटियार,अशोक अवस्थी आईजी बालाघाट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।’
बैठक के बाद गृह मंत्री डॉ मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में नक्सली गतिविधियों पर लगभग पूरी तरह से अंकुश है। हमारी पुलिस व हॉक फोर्स बहुत अच्छा काम कर रही है।हम चाहते है कि प्रदेश में नक्सली मानसिकता को ही जड़ से खत्म कर दे। इसलिए बैठक में तय किया किया गया कि नक्सलियो को पैसे पहुचाने वाली पाइप लाइन व नक्सली मानसिकता को बढ़ाने वाले अर्बन नक्सलियां पर प्रभावी कार्यवाह की जानी चाहिए। हमे इसकी तह तक जाना चाहिए। पता करना चाहिए कि यह अर्बन नक्सली किस तरह ब्रेनवाश कर नक्सली मानसिकता पनपा रहे है। नक्सलियो को आर्थिक मदद किन किन स्रोतों से मिलती है। इन सब की जड़ो में जाकर प्रहार करना होगा तभी नक्सली समस्या जड़ से खत्म हो पाएगी। गृह मंत्री ने कहा कि खाद के रूप में किसानों को दिया जाने वाला अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग नक्सली विस्फोट के लिए करते है इसलिए यह उन तक यब नही पहुँचे इसके लिए भी प्रभावी रणनीति बनाई जाएगी।
गृह मंत्री डॉ मिश्रा ने कहा कि पुलिस,हॉक फोर्स सीआरपीएफ सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अथक प्रयास व जज्बे का ही परिणाम है कि नक्सली गतिविधियों वाले जिलों में शांति है। हालात पूरी तरह नियन्त्रण में है। पिछले 10 महीनों में ही हमारे बहादुर जवानों ने डेढ़ करोड़ इनामी नक्सली या तो पकड़ लिए या मार दिए।इससे ही पता चलता है कि प्रदेश में नक्सलियो के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाही चल रही है।
समर्थन की बाढ़ में चढ़ रहे एक पेड़ पर, लेकिन लड़ रहे
विपक्षी दलों की बैठक पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कसा तंज
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पटना में विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक को लेकर कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन की बाढ़ से डर कर एक पेड़ पर बैठने की कोशिश कर रहे है, लेकिन अंतर यह है कि उस बाढ़ के समय बाकी लोग पेड़ पर शांति से बैठते है, ताकि बाढ़ उतर जाए, लेकिन यह लोग बाढ़ के समय भी लड़ रहे है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज राजधानी में स्मार्ट सिटी में वृक्षारोपण करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता के बीच लोकप्रियता देश नहीं दुनिया में है। उनके प्रति श्रद्धा, विश्वास और प्रेम तीनों है। उनकी लोकप्रियता से घबराकर जैसे जब बाढ़ आती है तो एक ही पेड़ पर जान बचाने के लिए सभी लोग इकट्ठा हो जाते है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन की बाढ़ से डर कर एक पेड़ पर बैठने की कोशिश कर रहे है, लेकिन अंतर यह है कि उस बाढ़ के समय बाकी लोग पेड़ पर शांति से बैठते है, ताकि बाढ़ उतर जाए। लेकिन यह लोग बाढ़ के समय भी लड़ रहे है। किसी के प्रधानमंत्री के पोस्टर लग रहे है। कोई कह रहा है कांग्रेस को नहीं घुसने देंगे। बंगाल और यूपी से वैसी ही आवाज आ रही है।
ख्याली पुलाव पकाते हैं, पकाते रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता इनको घुसने नहीं दे रही। अभी सूत न कपास जुलाहो में लट्ठम लट्ठा। यह अभी से प्रधानमंत्री बनने तैयारियां कर रहे है। यह दीवार पर साफ लिखा है कि 2024 में पिछले सारे रिकॉर्ड को भी तोड़ कर मोदी सरकार बनाएंगे। नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री होंगे। जिनको ख्याली पुलाव पकाने है वो पकाते रहें।
बुधवार, 21 जून 2023
अमित शाह आज करेंगे गौरव यात्रा का शुभारंभ
भोपाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल 22 जून को बालाघाट से वीरांगना दुर्गावती गौरव यात्रा का शुभारंभ करेंगे। यह यात्रा पांच स्थानों से निकाली जाएगी। यात्रा का समापन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 27 जून को शहडोल में करेंगे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में गौरव यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने अकबर की फौज का वीरतापूर्वक सामना किया और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना बलिदान दे दिया। वर्तमान पीढ़ी को उनके संघर्ष से अवगत कराने के लिए यह यात्राएँ निकालने का निर्णय लिया गया है। यात्राएँ बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिंगरामपुर (जबेरा-दमोह), रानी दुर्गावती के जन्म स्थान कालिंजर फोर्ट और धोहनी सीधी से आरंभ होंगी। सभी 5 यात्रा का समापन 27 जून को शहडोल में होगा। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी सिकल सेल एनीमिया से भारत को मुक्ति दिलाने के लिए राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम लाँच करेंगे और मध्यप्रदेश में एक करोड़ आयुष्मान कार्ड का उनके द्वारा प्रतीक स्वरूप वितरण किया जाएगा। प्रदेश के सभी वार्ड और गाँव कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ेंगे।
उन्होंने बताया कि यात्राओं की बेहतर व्यवस्था के लिए जिला कलेक्टर, स्थानीय जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों को यात्रा और कार्यक्रम प्रमुख बना कर उन्हें जिम्मेदारी सौंपे। जनजातीय कार्य विभाग गौरव यात्रा का नोडल विभाग होगा, साथ ही जनअभियान परिषद, संस्कृति विभाग और युवा आयोग को भी दायित्व सौंपे गये हैं। गौरव यात्राओं की राज्य स्तर से भी मॉनीटरिंग की जाएगी।
मंत्री ने उठाई समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग
भोपाल। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि एक देश में एक संविधान लागू होना चाहिए।
प्रदेश में चुनावी साल में समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग उठने लगी है। यह मांग राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने उठाई है। सारंग का कहना है कि राज्य सरकार समान नागरिक कानून के लिए संकल्पित है। हर वर्ग के लिए एक देश में एक कानून जरूरी है, इसलिए मध्यप्रदेश में भी जल्द से जल्द समान नागरिक संहिता लागू किया जाएगा। मंत्री के बयान को लेकर यह माना जा रहा है कि प्रदेश में जल्द ही सरकार इसे लेकर समिति बना सकती है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2022 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया था। 2 दिन पहले भाजपा और संघ की समन्वय बैठक में भी यूसीसी के बारे में चर्चा की जा चुकी है।
क्या है समान नागरिक संहिता
समान नागरिक संहिता के अनुसार पूरे देश के लिए एक समान कानून के साथ ही सभी धार्मिक समुदायों के लिए विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने के नियम एक होंगे। संविधान के अनुच्छेद 44 में भारत में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून का प्रावधान लागू करने की बात कही गई है। ऐसे में एक पत्नी के रहते हुए आप दूसरी शादी नहीं कर सकते।
मंगलवार, 20 जून 2023
गायों की एकता, बाघ को बिना शिकार किए भागने पर किया मजबूर
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई पूरी घटना
भोपाल। कहते हैं एकता में बड़ी शक्ति होती है। घर के बुजुर्ग भी एकता पर जोर देते हैं। इसका एक उदाहरण राजधानी भोपाल में पशुओं की एकता का भी देखने को मिला, जब बीती रात गायों की एकता ने बाघ को अपने शिकार को छोड़कर भागना पड़ा।
दरअसल राजधानी भोपाल के केरवा क्षेत्र के बाघ भ्रमण क्षेत्र स्थित बुल मदर फार्म में 18 और 19 जून की रात करीब 1 बजे एक बाघ घुस आया। इस बाघ ने फार्म में बैठी एक गाय पर हमला किया। हमले से गाय चौंक गई और उसने रंभाना शुरू कर दिया, जिसके बाद गायों का झुंड वहां पहुंच गया। गायों का झुंड घायल गाय के बचाव के लिए उसके चारों और खड़ा हो गया, जिससे बाघ को मजबूरन दूर जाना पड़ा। इसके बाद काफी देर तक बाघ शिकार का दूर खड़ा होकर इंतजार करता रहा, लेकिन गायों का भी ष्यह अहसास था कि बाघ दोबारा आएगा। इसके चलते गायें घायल गाय के समीप ही झुंड बनाकर खड़ी रही। इसके चलते बाघ भी वहां से लौट गया। यह पूरी घटना फार्म हाउस के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। फार्म हाउस परिसर में करीब 50 से 55 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता चला था कि 15 दिन पहले भी शिकार के लिए बाघ फार्म में आया था, लेकिन उस वक्त गायों को बाड़े में रखा गया था, जिसकी वजह से बाघ को खाली हाथ लौटना पड़ा। हाल ही में घटित इस घटना के बाद फार्म की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।



































