शुक्रवार, 30 जून 2023

22 सौ मतदाता वाला गांव, 2 सौ महिलाएं लखपति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचेंगे 1 जुलाई को, साधेंगे 68 विधानसभा सीटें


चुनावी साल में मध्यप्रदेश के दौरे पर 1 जुलाई को आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहडोल जिले के पगरिया गांव से जहां 22 सौ मतदाता है, वहां से 68 विधानसभा क्षेत्रों को साधने की कवायद करेंगे। सघन वनों से आच्छादित इस क्षेत्र में मोदी का आदिवासी परंपरा के साथ स्वागत की तैयारी मध्यप्रदेश भाजपा और भाजपा की सरकार ने की है। प्रधानमंत्री पगरिया गांव से मध्यप्रदेश के विंध्य और महाकौशल अंचल की राजनीति में भाजपा को जड़े मजबूत करने का प्रयास करने आ रहे हैं। 2018 के चुनाव में इस अंचल की आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर भाजपा का कम हुए प्रभाव को वे बढ़ना चाहते हैं। यही वजह है कि सरकारी आयोजन वाले स्थल लालपुर से करीब 6 किलोमीटर दूर पगरिया गांव भी प्रधानमंत्री पहुंचेंगे। यहां पर आदिवासियों के साथ वे संवाद कर आदिवासी वर्ग के साथ-साथ विंध्य और महाकौशल अंचल के मतदाताओं के बीच भाजपा की पकड़ को मजबूत करने काम करेंगें। वैसे देखा जाए तो यह गांव महिलाओं को उनके अधिकार देने में देश में काफी आगे हैं। इस गांव की पंचायत में महिलाएं पदाधिकारी है, वहीं गांव की करीब दो सौ महिलाएं आजीविका मिशन से जुड़कर लखपति बन गई है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 जुलाई को मध्यप्रदेश के शहडोल जिले पगरिया गांव पहुंचेंगे। वे यहां पर लालपुर में सरकारी कार्यक्रम के तहत देशव्यापी सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री आयुश्मान योजना के कार्ड भी वितरित करेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस साल मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के वोट बैंक को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य यहां से विंध्य और महाकौशल अंचल की राजनीति में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाना है, साथ ही आदिवासी वर्ग के मतदाता के बीच भाजपा की पैठ को जमाना भी है। दोनें ही अंचल की करीब 68 सीटों को वे पगरिया में आयोजित कार्यक्रम के तहत साधने का काम करेंगे। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को आदिवासी वोट से ही बड़ा झटका लगा था। शहडोल और उससे आसपास सटे जिलों की बात ही की जाए तो कांग्रेस के पास वर्तमान में यहां आधी सीटें हैं, जबकि पहले इन सारी सीटों पर भाजपा का कब्ज़ा था। जाहिर सी बात है कि जनजातीय समाज के प्रभाव वाली सीटों पर पार्टी की पकड़ कमज़ोर होती जा रही है। मोदी के इस दौरे का पूरा फोकस जनजातीय समुदाय पर है। राजनीतिक जानकार कहते हैं कि विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा का खास जोर विंध्य और महाकौशल अंचल  पर है। भाजपा इस इलाके में पिछले चुनाव के नतीजों को दोहराना चाहती है. पिछले चुनाव में आए नतीजों के बाद बीजेपी पूरी तरह से आदिवासी वोटर्स को अपने पक्ष में लाने का प्रयास कर रही है. पार्टी इन कार्यक्रमों के जरिए एससी और एसटी वोटरों को साधने की कोशिश में है

47 सौ की आबादी, 22 सौ मतदाता

पकरिया गांव में लगभग 47 सौ लोग निवास करते हैं, जिसमें से लगभग 22 सौ लोग मतदान करते हैं। गांव में लगभग 700 घर जनजातीय समाज के हैं। जिनमें गोड़ समाज के 250, बैगा समाज के 255, कोल समाज के 200, पनिका समाज के 10 तथा अन्य समाज के लोग निवास करते हैं। पकड़िया गांव में 3 टोला है, जिसमें जल्दी टोला, समदा टोला एवं सरकारी टोला है। जनजातियों का नृत्य-संगीत प्रकृति की लीला-मुद्राओं का अनुकरण ढोल, मांदर, गुदुम, टिमकी, डहकी, माटी माँदर, थाली, घंटी, कुंडी, ठिसकी, चुटकुलों की ताल पर जब बाँसुरी, फेफरिया और शहनाई की स्वर-लहरियों के साथ भील, गोंड, कोल, कोरकू, बैगा, सहरिया, भारिया आदि जनजातीय युवक-युवतियों की तरह बुंदेलखंड-शिखर थिरक उठते हैं, जनजातियों का नृत्य-संगीत प्रकृति की इन्हीं लीला-मुद्राओं का तो अनुकरण है।

मौसम साफ हुआ तो आम के बगीचे में करेंगे भोजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वैसे तो पगरिया में पहले 27 जून को कार्यक्रम तय हुआ था, मगर मौसम की खराबी के कारण यह कार्यक्रम निरस्त कर 1 जुलाई को आयोजित किया जा रहा है। प्रशासन ने आदिवासी परंपरा के तहत मोदी के स्वागत की तैयारी की है। अगर मौसम साफ रहा तो इस गांव के आम के बगीचे में प्रधानमंत्री आदिवासी वर्ग के लोगों के साथ भोजन करेंगे और उनसे संवाद करेंगे। 

देशी ठाठ के साथ होगा भोजन


प्रधानमंत्री मोदी जिस लकड़ी के तखत पर बैठकर देशी ठाठ में भोजन करेंगे, वह जिले की खास सीसम की लकड़ी से तैयार किया गया है। इसके साथ ही जनजातीय समुदाय के लोगो के लिए भी 100 से अधिक खाट मंगाई गई है। खास बात यह है कि जिस मिट्टी के बर्तन से प्रधानमंत्री के लिए खानां बनाया जाएगा, वह मिट्टी के बर्तन संभाग के चंदिया गांव के स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाए गए हैं।

लालपुर से छह किलोमीटर है पकरिया

प्रधानमंत्री शहडोल जिले के लालपुरा मैदान में आम सभा को संबोधित करेंगे। यहां पर वे सरकारी कार्यक्रम के तहत देशव्यापी सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री आयुश्मान योजना के कार्ड भी वितरित करेंगे। इसके बाद वे पगरिया पहुंचेगे, यहां पर आदिवासी वर्ग के लोगों के साथ उनका संवाद होगा। 

दो सौ महिलाएं हैं लखपति

आदिवासी अंचल का पकरिया गांव महिलाओं को उनका अधिकार देने में बहुत आगे है। एक ओर जहां पंचायत की कमान महिलाओं के हाथ हैं, वहीं दूसरी तरफ गांव में 2 सौ से ज्यादा लखपति बहनें भी हैं। पकरिया पंचायत की वर्तमान सरपंच गेंद बाई बैगा एक जनजातीय समुदाय की महिला है। वहीं गांव की जनता ने ग्राम पंचायत में उप सरपंच का दायित्व भी एक महिला रेखा चौधरी को सौंप रखा है। इस गांव की  442 महिलाएं आजीविका मिशन के साथ जुड़कर चौका बर्तन के साथ साथ स्वरोजगार भी कर रहीं हैं। ग्राम पंचायत में 39 समूहों का गठन किया गया है। इन समूहों के साथ मिलकर काम करने वाली लगभग 2 सौ महिलाएं लखपति भी बन चुकीं हैं। 







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