देष में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। इसके ड्राफ्ट को लेकर राजधानी में संघ का महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में संघ पदाधिकारी इस डाफट पर चर्चा करेंगे। यह कार्यक्रम राजधानी में 30 जून से षुरू होगा जो 2 जुलाई तक चलेगा। इस कार्यक्रम में देश भर के विशेषज्ञ भी विचार मंथन करने के लिए पहुंचने वाले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि आगामी लोक सभा चुनाव के पहले सरकार देश में समान नागरिक संहिता लागू कर अपनी एक और बड़ी घोषणा पूरी करने की तैयारी में है। इसका फाइनल ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 22वें विधि आयोग ने जन सामान्य के साथ सार्वजनिक संस्थान और मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों से 14 जुलाई तक सुझाव मांगे हैं।
क्या है समान नागरिक संहिता
समान नागरिक संहिता का मतलब सबके लिए एक कानून से है। इसके तहत सभी धार्मिक समुदायों पर विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने और रखरखाव जैसे मसलों पर एक जैसा कानून लागू होगा। देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान ‘आपराधिक संहिता’ तो है, लेकिन समान नागरिक कानून नहीं है। गोवा राज्य इसका अपवाद है। देश में 5 साल बाद इस मुद्दे पर फिर गंभीरता से मंथन चल पड़ा है।

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