भोपाल। नरोन्हा प्रशासन अकादमी के माध्यम से लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित राज्य सेवा के अधिकारियों के 62 प्लस 62 सदस्यीय बैच को ए.पी.सिंह, प्रमुख सचिव विधान सभा द्वारा विधान सभा परिसर में संबोधित किया गया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जो अधिकार मिले हैं वे जनता की सेवा के लिए हैं। इन अधिकारों का उपयोग अह्म या रौब दिखाने के लिए ना करें। प्रमुख सचिव ए.पी. सिंह द्वारा युवा अधिकारियों को विधान सभा की प्रक्रिया के संबंध में विधान निर्माण, बजट आदि की विस्तार से जानकारी देते हुए उल्लेख किया कि विधान सभा प्रदेश की जनता द्वारा निर्वाचित सर्वोच्च विधायी संस्था है इसी के माध्यम से शासन चलाने हेतु कार्यपालिका को जरूरी कानून व बजट उपलब्ध कराया जाता है तथा इसके द्वारा संवैधानिक व्यवस्था के तहत विभिन्न प्रक्रियाओं तथा सभा समितियों के माध्यम से कार्यपालिका पर नियंत्रण रखा जाता है. विधायिका एवं जनप्रतिनिधि सदस्यों का सम्मान व गरिमा रखना कार्यपालिका का दायित्व है। प्रमुख सचिव ने कहा कि शासकीय अधिकारियों को जो अधिकार प्राप्त होते हैं वह राष्ट्र, प्रदेश व जनता की सेवा में उपयोग के लिए है। इसलिए राज्य सेवा के लिए चयनित अधिकारी यह ध्यान रखें की अपने अधिकारों का उपयोग अहम या रौब दिखाने के लिए न करें। सिंह द्वारा अधिकारियों को उनके व्यक्तित्व, कृतित्व के संबंध में वृक्ष का उदाहरण देते हुये नसीहत दी गई कि जैसे वृक्ष पहले अपने पत्तों के द्वारा छाया प्रदान करता है, जैसे-जैसे वृक्ष का कद बड़ा होता है उसकी छाया का दायरा भी बढ़ता चला जाता है और जब वृक्ष में फल लगते हैं तो वह झुक जाता है. इसी तरह शासकीय सेवकों को अपने व्यक्तित्व व कर्तव्य के विस्ताह से विकास में योगदान एवं आम जन का कल्याण करना चाहिये तथा उच्च पद या ओहदा बढ़ने पर फल लगे वृक्ष की भांति विनम्र होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिये साथ ही आवश्यकतानुसार नवाचार भी अपने कार्य क्षेत्र में किये जायें इससे सेवा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम दे सकेंगे।
शुक्रवार, 31 मई 2024
bhopal news: टूटा मनोबल, कैसे जीतेगी कांग्रेस : डा मोहन यादव
कांग्रेस नेता खुद अपनी सीट से नहीं लडना चाहते, कैसे बढ़ाएंगे कार्यकर्ता का मनोबल
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने यह बात आज मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मनोबल कितना गिरा है, ये इस बात से पता चलता है कि तीन बार के सांसद अपनी पैतृक सीट से पटखनी खा कर चले गए। दोबारा वहां का मुंह ही नहीं देखा। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कांग्रेस का मनोबल कैसे रखोगे, जब आप के पास खुद की सीट से लड़ने की हिम्मत नहीं है। दूसरी ओर सोनिया गांधी जीती हुई सीट को भी छोड़ रही हैं। ऐसे में ये नेता कार्यकर्ताओं का मनोबल कैसे बनाएंगे। उन्होंने मध्यप्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन के संदर्भ में कहा कि यहां इस गठबंधन का कोई कारण नहीं बनता था, पर कांग्रेस ने मजबूरी के चक्कर में एक सीट गठबंधन में दे दी।
हिन्दू परंपराओं पर सवाल क्यों खड़े करती है कांग्रेस
कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन दिनों कन्याकुमारी में चल रहे ध्यान पर आरोप लगाए जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कांग्रेस हिंदू परंपराओं पर क्यों सवाल खड़े करती है। आप ध्यान नहीं कर सकते तो मत करो, हमारा ध्यान तो मत भंग करो। उन्होंने कहा कि देश 1947 में आजाद हो गया, पर राम के देश में उनका ही मंदिर बनने के लिए इतना कष्ट क्यों आया। आजादी के समय जिनकी सरकारें रहीं, उन्हें वो सारे प्रश्न खत्म कर देने थे, जिनकी बाद में देश ने कीमत चुकाई। लॉर्ड मैकाले ने 1832 में हमारे धर्मग्रंथों को पाठ्यक्रम से बाहर किया तो वे 1947 में आजादी के समय वापस क्यों नहीं हुए।
पतन की स्थिति में कांग्रेस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में भाजपा वर्सेस कांग्रेस ही रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने धीरे-धीरे कर पतन की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मनोबल कितना गिर हुआ है, इसका एहसास भी हम सभी को हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल की आंधी चली थी, लेकिन जब केजरीवाल हमारे प्रधानमंत्री मोदी के सामने बनारस से चुनाव लड़ने पहुंचे तो प्रधानमंत्री ने उन्हें भी पटकनी दे दी।
सीबीआई जो कहेगी सरकार करेगी
राज्य में इन दिनों सुर्खियों में बने हुए कथित नर्सिंग घोटाले के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कोर्ट के आदेश पर चल रही है। जो सीबीआई जांच में निर्देश हैं, उसके आधार पर काम कर रहे हैं। कोर्ट या सीबीआई जो कहेगी, सरकार उसी आधार पर चलेगी।
सभी 29 सीटें जीतने का किया दावा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दावा किया कि भाजपा प्रदेश की सभी 29 सीटों पर जीत हासिल करेगी। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले हमने बूथ विजय अभियान चलाया है। मैं आश्वस्त करना चाहूंगा कि हम 68 फीसदी वोटों के साथ 80 फीसदी बूथ जीतेंगे। शर्मा ने बताया कि मोदी यहां 8 जनसभाएं और चार रोड शो किए हैं। रक्षामंत्री ने 6 जनसभा, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 180 आमसभाएं और 58 रोड शो किए हैं। उन्होंने ओड़िशा बिहार और यूपी सहित 12 राज्यों की 72 लोकसभा सीटों में प्रचार किया है। शर्मा ने बताया कि इस बार हमारे 2070 नेताओं ने 10 हजार से अधिक शक्ति केंद्रों में पथ सभाएं की है।
bhopal : खटीक आठवीं, फग्गन सातवीं जीत की कर रहे तलाश में
तीन सांसदों को हैट्रिक का इंतजार, एक के सामने कड़ी चुनौतीभोपाल। मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के चुनाव परिणाम 4 जून को आ जाएंगे। इस बीच राज्य की टीकमगढ़ सीट से भाजपा के प्रत्याशी अपनी लगातार आठवीं जीत की उम्मीद के लगाए हैं। वहीं मंडला से फग्गन सिंह कुलस्ते को सातवीं बार जीत भरोसा है। हालांकि मंडला में इस बार कांग्रेस प्रत्याशी ने मुकाबले को कड़ा किया है। वहीं राज्य में तीन सीटों के सांसद हैट्रिक लगाने को आतुर हैं। इनमें एक सीट पर कड़ा मुकाबला नजर आ रहा है।
मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव का इतिहास देखे तो वर्तमान सांसदों में टीकमगढ़ से सांसद वीरेन्द्र खटीक अब तक सबसे ज्यादा बार लोकसभा चुनाव जीते हैं। खटीक टीकमगढ़ लोकसभा सीट से अगर इस बार जीतते हैं तो वे इस सीट पर लगातार चौथी बार सांसद निर्वाचित होंगे। इसके पहले वे सागर संसदीय सीट पर 1996 से 2004 तक लगातार तीन बार जीत अर्जित कर चुके हैं। इसी तरह मंडला संसदीय सीट पर फग्गन सिंह अपनी सातवीं जीत अर्जित करना चाह रहे हैं। वे मंडला में 1996 से 2004 तक लगातार चार बार जीते। 2009 में कुलस्ते को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2014 से फिर लगातार जीतते आ रहे हें। इस बार मंडला सीट से वे सातवीं जीत का इंतजार कर रहे हैं। खटीक और कुलस्ते के बाद गणेश सिंह सतना से 2004 से लगातार जीतते आ रहे हैं। वे अब तक चार बार सांसद रह चुके हैं। इस बार उनके सामने कड़ी चुनौती बसपा प्रत्याशी ने खड़ी की है। यहां पर समीकरण बदले हैं। अब चुनाव परिणाम बताया कि गणेश सिंह पांचवी जीत हासिल कर पाते हैं या फिर नहीं।
ये सांसद तलाश रहे हैट्रिक
राज्य की मंदसौर, राजगढ़ और रीवा से भाजपा ने वर्तमान सांसदों को टिकट देकर मैदान में उतारा है। ये तीनों ही जीत की हैट्रिक तलाश रहे हैं। मंदसौर में सुधीर गुप्ता को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया। गुप्ता 2014 और 2019 का चुनाव जीते हैं। इस बार फिर मैदान में हैं। इसी तरह राजगढ़ सीट से रोडमल नागर पर भाजपा ने भरोसा जताया। वे भी 2014 और 2019 का चुनाव जीते हैं। उनके सामने इस बार पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। इसके चलते मुकाबला कड़ा हुआ है। अगर नागर को जीत हासिल होती है तो वे अपनी जीत की हेटिक लगाते नजर आएंगे। वहीं रीवा से सांसद जनार्दन मिश्रा भी 2014 से लगातार जीत हासिल करते आए हैं। इस बार चुनाव जीते तो उनकी भी जीत की हैट्रिक होगी।
गुरुवार, 30 मई 2024
bhopal news : पानी नहीं मिला तो मूंग की फसल हुई खराब
दिग्विजय सिंह ने कहा सरकार किसानों को दे मुआवजा
भोपाल। नर्मदापुर जिले में पानी ना मिलने के कारण मूंग की फसल खराब हो गई है। खराब फसल को अब किसान टेक्टर के सहारे खेत से बाहर फेंक रहा है। किसानों पर आई इस विपदा को देख पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उनका समर्थन किया है। सिंह ने सरकार से किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
नर्मदापुर जिले के सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र के विसोनीकलां और मलकाखेड़ी सहित कुछ अन्य ग्रामों में पानी नहीं मिलने की वजह से किसानों की मूंग की फसल पूरी तरह से खराब होने का मामला सामने आया है। अब किसान खुद ही खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाकर फसलों को रोंद रहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों ही गांवों में करीब 1500 से 1800 एकड़ में मूंग की फसल लगाई गई थी।
किसानों की इस समस्या को देख पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पीड़ित किसानों के समर्थन में आ गए हैं। दिग्विजय सिंह ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। दिग्विजय सिंह ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है कि “ग्राम विसोनीकलां और मलकाखेड़ी तहसील सिवनी मालवा जिला नर्मदापुरम मे नहर विभाग एवं जिला प्रशासन की चूक के कारण बुवाई के बाद 40 दिन तक नहर का पानी नहीं मिलने से 1500-1800 एकड़ की मूंग की फसल प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इन फसलों के खराब होने की वजह से 1000 एकड़ जमीन में फसल सूखने एवं फल नहीं लगने से किसानों को खड़ी फसल को रौंदना पड़ रहा है. किसानों के लिए खड़ी फसल को खत्म करना सबसे बड़ी पीड़ा है. हम इस पीड़ा की घड़ी मे किसानों के साथ खड़े और हक मिलने तक लड़ेंगे।
दिग्विजय सिंह ने की तीन मांगें
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सरकार के सामने तीन मांग रखी हैं, जिसमें पहली मांग यह है कि फसल का सर्वे कर 65-70 हजार रुपये एकड़ मुआवजा दिया जाए। आगामी फसल की खाद बीज उपलब्ध कराए जाए। गैर जिम्मेदारी वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने ने कहा कि मैं सरकार से आग्रह करुंगा की किसानों के साथ न्याय कर हक दें।
bhopal news जीत के पहले जश्न की तैयारी में जुटी भाजपा-कांग्रेस
भाजपा के हर जिला कार्यालय में मनेगा जश्न, कांग्रेस बांटेगी लड्डू
भोपाल। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के मतदान की मतगणना चार जून को होगी, मगर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में जीत का जश्न मनाने की तैयारियां तेज हो गई है। दोनों ही दलों के नेता अपनी-अपनी जीत के दावों के हिसाब से जश्न की तैयारी में जुटे हैं।
मध्यप्रदेश में 29 लोकसभा सीटों के लिए चार चरणों में मतदान हो चुका है। इसके बाद चार जून को मतगणना होनी है। मतगणना के पहले अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं ने जश्न की तैयारी करते हुए अपनी-अपनी जीत का दावा भी किया है। भाजपा नेताओं ने एक बार फिर यह दावा किया है कि प्रदेश में भाजपा क्लीन स्वीप करने जा रही है। यानि सभी 29 सीटें जीत रही है। तो दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि इस बार कांग्रेस को दहाई के अंकों में जीत हासिल हो रही है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि दस से बारह सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार जीत रहे हैं। हालांकि कुछ कांग्रेस नेता यह भी मान रहे हैं कि इस बार सीटें तो कांग्रेस की बढ़ रही है, मगर संख्या वे फिलहाल नहीं बता रहे हैं। उनका मानना है कि आधा दर्जन सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी जीत हासिल करेंगे।
जिला कार्यालयों में मनाया जाएगा जश्न
प्रदेश भाजपा कार्यालय भोपाल से जिला कार्यालयों को जश्न मनाने के निर्देश दिए गए हैं। 4 जून को भाजपा के हर कार्यालय में जश्न मनेगा। भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल का कहना है कि जीत प्रचंड होगी तो जश्न भी प्रचंड होगा। 4 जून को हर कार्यालय में जश्न मनाया जाएगा। वहीं भाजपा के प्रदेश बूथ प्रबंधन प्रभारी और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कहा है कि 80 प्रतिशत बूथों के साथ भाजपा सभी 29 सीट जीतने जा रही है। वोट शेयरिंग की बात की जाए तो 65 प्रतिशत वोट भाजपा को मिलेंगे।
कांग्रेस ने दिया लड्डुओं का आर्डर
प्रदेश में कांग्रेस ने भी जश्न मनाने की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को चारों ओर से चमकाया जा रहा है। इसके अलावा जीत के जश्न के लिए कांग्रेस ने 1 क्विंटल लड्डुओं का ऑर्डर भी दे दिया है। कांग्रेस कार्यालय को अंदर से लेकर बाहर तक चमकाया गया है। गार्डन से लेकर कार्यालय की फर्श तक चमकाई गई है। कांग्रेस नेता अविनाश सिंह बुंदेला ने कहा कि मोदी सरकार का बिस्तर बंद चुका है और इंडिया गठबंधन एवं कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने वाली है। उन्होंने कहा कि 4 जून को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में लड्डू बांटे जाएंगे। प्रदेश में हम 12-15 लोकसभा की सीट जीतने वाले है।
bhopal news: उज्जैन में किया जाए विशेष केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त
कांग्रेस ने की मांग, चुनाव आयोग को लिखा पत्र
भोपाल। कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर उज्जैन लोकसभा संसदीय क्षेत्र में मतगणना के दिन 4 जून को विशेष केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृहनगर है और यहाँ से येनकेन प्रकारेण परिणाम भाजपा के पक्ष में लाने का प्रयास हो सकता है, इसलिए वहाँ विशेष केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाए।
इस पत्र में जीतू पटवारी ने लिखा है कि ‘उज्जैन संसदीय क्षेत्र से महेश परमार कांग्रेस प्रत्याशी हैं और चूँकि उज्जैन मुख्यमंत्री मोहन यादव का गृहनगर है तो भाजपा के पक्ष में परिणाम लाने के प्रयास किया जाना संभावित है क्योंकि ये उनकी प्रतिष्ठा का प्रश्न है। उज्जैन में प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री के दबाव में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में खुलकर कार्य किया है, उनके कार्यकर्ताओं का समर्थन किया है एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान एवं हतोत्साहित किया है। मतगणना दिवस 4 जून को मतगणना कार्य में शासकीय अधिकारी, कर्मचारी जो उपस्थित रहेंगे उनमें से अधिकतर भाजपा से जुड़े नेताओं के समर्थक होने के कारण एवं मुख्यमंत्री के दबाव व प्रभाव के कारण मतगणना निष्पक्ष रूप सेहोना संभावित नहीं है एवं मतगणना के दौरान ईवीएम मशीनों एवं डाक मतपत्रों की गिनती में निश्चित रूप से शासकीय कर्मचारियों द्वारा किसी न किसी तरह से भाजपा प्रत्याशी को लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जाना संभव है। ऐसी स्थिति में निष्पक्ष मतगणना होना संभव प्रतीत नहीं होता है।
बुधवार, 29 मई 2024
bhopal news: टिकट कटा, अब पुनर्वास की हो रही चिंता
भूतपूर्व होने के पहले सांसदों को इंतजार है पद और सम्मान का
भोपाल। भाजपा ने लोकसभा चुनाव में आठ सांसदों का टिकट काटकर उन्हें चुनावी मैदान से बाहर कर दिया। अब इन सांसदों को पार्टी में अपने पुनर्वास की चिंता सता रही है। इन्हें उम्मीद है कि चुनाव परिणाम के बाद होने वाले परिवर्तन में उन्हें सम्मानजनक पद संगठन में मिलेगा, जिससे वे मैदानी सक्रियता बढ़ाए रखने में कामयाब होंगे। अब देखना है कि इन सांसदों की इच्छा पूरी होती है या नहीं। ये मैदान में सक्रिय रह पाते हैं या फिर घर बैठते नजर आएंगे।
भाजपा ने 29 में से आठ वर्तमान सांसदों को टिकट ना देकर चुनावी मैदान से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इन सांसदों में भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह, बालाघाट के सांसद ढ़ाल सिंह बिसेन, सागर के सांसद राजबहादुर सिंह, विदिशा के सांसद रमाकांत भार्गव, ग्वालियर के सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, धार के सांसद छतरसिंह दरबार, गुना के सांसद केपी यादव और रतलाम के सांसद गुमान सिंह डामोर है। चुनाव परिणाम आने के बाद ये सभी भूतपूर्व सांसद हो जाएंगे। भूतपूर्व होने के साथ ही अब इनकी िंचता फिर से संगठन में पुनर्वास को लेकर होने लगी है। ये सांसद चाहते हैं कि संगठन में कोई पद मिले, ताकि क्षेत्र में सक्रियता दिखाते हुए मैदानी पकड़ बनाए रखे। फिलहाल संगठन ने अभी इन्हें किसी तरह को कोई संकेत नहीं दिया है। फिर भी भूतपूर्व सांसद होने वाले इन सांसदों को भरोसा है कि संगठन कोई जिम्मेदारी सौंपेगा, जिससे वे मैदानी सक्रियता बढ़ाए रखने में कामयाब रहेंगे।
उपचुनाव के लिए कर रहे दावेदारी
विदिशा के सांसद रमाकांत भार्गव का टिकट काटकर विदिशा से भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मैदान में उतारा है। रमाकांत भार्गव इस सीट पर शिवराज सिंह चौहान की जीत को लेकर आशांवित है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री की बुधनी विधानसभा सीट पर अपनी नजरें गढ़ा दी है। वे संगठन के सामने बुधनी में होने वाले उपचुनाव को लेकर दावेदारी कर रहे हैं। दावेदारी में वे कितने सफल रहते हैं यह तो समय बताएगा। इसके पीछे कारण यह भी है कि इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री चौहान के पुत्र कार्तिकेय चौहान की दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है।
यादव को राज्यसभा जाने की उम्मीद
गुना के सांसद केपी यादव को राज्यसभा की रिक्त होने वाली एक सीट से राज्यसभा जाने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना से जीतते हैं उनकी इस रिक्त होने वाली सीट पर यादव को भरोसा है कि संगठन उन्हें मौका दे सकता है। इसके पीछे यादव समर्थक यह तर्क दे रहे हैं कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह जब चुनावी सभा लेने गुना संसदीय क्षेत्र पहुंचे थे तो उन्हें जनसभा में कहा था कि इस क्षेत्र के लोगों को सिंधिया और यादव दोनों मिलेंगे।
bhopal news: बरोदिया नोनागिर में खुलेगी पुलिस चौंकी
आर्थिक सहायता दी, कहा कांग्रेस घटना को लेकर ना करे राजनीति
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज हत्या के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने सागर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और उनकी हरसंभव मदद की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरोदिया में पुलिस चौकी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर कांग्रेस को राजनीति नहीं करनी चाहिए।
सरकार ने पीड़ित परिवार को 8 लाख 25 हजार रुपए की सहायता राशि देने का फैसला किया है। सरकार मृतक राजेंद्र अहिरवार के परिवार को 8 लाख 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आधी राशि 4 लाख 12 हजार पांच सौ रूपए बैंक खाते में जमा होगी। शेष आधी राशि चालान प्रस्तुत होने पर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। मैं परिवार के साथ खड़ा हूं। परिवार हर तरह की संभव मदद की जाएगी। इस तरह की घटना दोबारा न हो इसके भी निर्देश हैं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने गांव में चौकी की मांग की है। पुलिस चौकी बनाई जाएगी। राहुल गांधी के फोन से बात करने और कांग्रेस के सरकार पर हमलों को लेकर सीएम ने कहा कि कांग्रेस को इस तरह के मामलों में राजनीति नहीं करनी चाहिए।
यह थी घटना
दरअसल, सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र के बरोदिया ग्राम में पांच दबंगों ने एक शख्स को मार-मारकर घायल कर दिया था। अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई। चाचा का शव लेकर जा रही भतीजी पुलिस की मौजूदगी में बीच रास्ते में अचानक एंबुलेंस से गिर गई जिससे उसकी भी मौत हो गई। मृतिका दलित लड़की के भाई को बीते साल बदमाशों ने सरेआम मौत के घाट उतार दिया था। बीते साल युवती से छेड़छाड़ का विरोध करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। बीच बचाव करने गई मां के साथ भी बर्बरता की गई थी। इस मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमला बोल रही थी।
मंगलवार, 28 मई 2024
रेत उत्खनन में अवैध रूप से लगी मशीनों को करें जब्त
मुख्यमंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश, अधिकारियों की ली बैठक
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है किप्रदेश में रेत उत्खनन नियमानुसार हो, उत्खनन में अवैध रूप से लगाई गई मशीनों को तत्काल जप्त किया जाएं। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक चार माह में प्रदेश में क्षेत्रीय स्तर पर इन्वेस्टर समिट आयोजित की जाएं। उन्होंने उज्जैन में हुई समिट के बाद जबलपुर प्रस्तावित इन्वेस्टर समिट की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संभागीय बैठकों के परिणाम स्वरूप हुए विकास कार्यों तथा अन्य जनकल्याणकारी गतिविधियों पर केंद्रित संभाग स्तरीय बुकलेट प्रकाशित कराई जाए। बैठक में इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, नर्मदापुरम्, रीवा और उज्जैन संभाग की बैठक में लिए गए निर्णय के क्रियांवयन पर चर्चा हुई।
तहसील से संभाग तक की सीमाओं का होगा पुनर्निर्धारण
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी को राहत, प्रदेश में विकास की प्रक्रिया को गति देने, जनसामान्य की समस्याओं को कम करने, प्रशासनिक और विभागीय दक्षता व क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तहसील, विकासखंड, जिलों और संभाग की सीमाओं का पुर्ननिर्धारण किया जाना है। इस प्रक्रिया में जन भावनाओं और जनप्रतिनिधियों के विचारों को अवश्य शामिल किया जाए। दूरस्थ ग्रामों को निकटतम् जिला मुख्यालयों से जोड़ने, पुलिस कमिश्नरेट व जिला कलेक्टर की व्यवस्था में समन्वय, बड़े शहरों में मेट्रोपॉलिटन सिस्टम के प्रस्तावित क्रियान्वयन को भी इस प्रक्रिया में ध्यान में रखा जाए।
प्रत्येक जिले में होगा स्टेडियम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों को बड़े शहरों से जोड़ने, परस्पर दूरी कम करने व तेज गति से विकास के लिए नए एक्सप्रेस-वे की कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महाविद्यालयों के समायोजन की आवश्यकता है, जहां मांग हो और पर्याप्त विद्यार्थी उपलब्ध हों, वहीं महाविद्यालय संचालित किए जाएं। आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों को महाविद्यालय आने-जाने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने प्रत्येक जिले में छोटा स्टेडियम विकसित करने के निर्देश भी दिए। डॉ. यादव ने कहा कि इन स्टेडियमों का उपयोग आवश्यकता होने पर हेलीपैड के रूप में भी किया जा सकेगा।
वाराणसी-मुंबई कॉरिडोर के लिए बनाया जा रहा है लैंड बैंक
मुख्यमंत्री ने शिवपुरी मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रगति, प्रदेश से निकलने वाले वाराणसी-मुंबई कॉरिडोर के लिए संबंधित जिलों में लैंड बैंक बनाने और भूमि की उर्वरा शक्ति को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से फसल चक्र को बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे जन-जागृति अभियान के संबंध में की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी प्राप्त की।
उज्जैन और इंदौर के बीच विकसित होगा लॉजिस्टिक हब
उज्जैन और इंदौर के बीच विकसित होने वाले लॉजिस्टिक हब तथा वंडर एंटरटेनमेंट पार्क के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। शिवपुरी की सीवर लाइन स्वीकृत हो गई है। गुना रिंग रोड, अशोक नगर की पेयजल समस्या के समाधान सहित संभागीय बैठकों के परिणाम स्वरूप जिलों में समय सीमाओं में हुए विकास कार्यों व जन कल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी दी गई।
madhya pradesh : 31 जिलों में 66 अनफिट नर्सिंग कॉलेज होंगे बंद
छिंदवाड़ा, जबलपुर और मंडला में दो-दो कॉलेज किए जाएंगे बंद
भोपाल। प्रदेश सरकार ने नर्सिंग कॉलेजों में जांच के बाद फर्जीवाड़े मामले की जानकारी सामने आने पर राज्य के 31 जिलों के 66 नर्सिंग कॉलेजों को बंद करने का फैसला लिया है। जांच में ये सभी कॉलेज अनफिट पाए गए थे। इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग के कमिश्नर ने अनफिट कॉलेजों की सूची संबंधित जिलों के कलेक्टर्स को दी है। इस मामले में मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। इस आदेश से नर्सिंग कॉलेजों के पुराने विद्यार्थी प्रभावित नहीं हो सकेंगे। उनके लिए परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।बता दें कि इंदौर सहित कई जिलों में कल कार्रवाई हो चुकी है। कमिश्नर, मेडिकल एजुकेशन ने कलेक्टर्स को अनफिट नर्सिंग कॉलेजों की सूची दी है। हाईकोर्ट को सौंपी गई सीबीआई की रिपोर्ट में 66 कॉलेज अनफिट पाए गए हैं। अनफिट कॉलेज सिर्फ कागजों पर संचालित हो रहे थे। हालांकि, सरकार ने विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए कार्रवाई में राहत दी है। इस आदेश से नर्सिंग कॉलेजों के पुराने विद्यार्थी प्रभावित नहीं होंगे। विद्यार्थी परीक्षा दे सकेंगे। जानकारी के अनुसार कमिश्नर, मेडिकल एजुकेशन ने कलेक्टर्स को सूची दी है और कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार करें कार्रवाई। नर्सिंग काउंसिल ने सभी 66 अनफिट पाए गए नर्सिंग कॉलेज की सभी सत्रों और पाठ्यक्रमों की मान्यता निरस्त कर दी है। एमपी नर्सिंग घोटाला मामले में 23 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमें से 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में सीबीआई के अधिकारी भी हैं। जिसमें से एक को बर्खास्त दिया है।
किस जिले में कौन से कॉलेज होंगे बंद
अलीराजपुरः साई स्कूल ऑफ नर्सिंग, अलीराजपुर।
अनुपपुरः शारदा स्कल ऑफ नर्सिंग, अनुपपुर।
बड़वानीः बड़वानी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, बड़वानी।
बैतूल : विजन कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मारुति कॉलेज ऑफ नर्सिंग, श्री अग्रसेन महाराज स्कूल एंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मां मालती देवी मेमोरियल नर्सिंग कॉलेज, श्री गोवर्धन कॉलेज ऑफ स्कूल ऑफ नर्सिंग, वेंदास कॉलेज ऑफ नर्सिंग।
भिंडः आयुष्मान स्कूल ऑफ नर्सिंग, मां कृष्णा नर्सिंग कॉलेज।
भोपालः सविता कॉलेज ऑफ नर्सिंग, विनस कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस एंड नर्सिंग, राम राजा सरकार कॉलेज ऑफ नर्सिंग, रोशन हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सांई आसरा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, द होली फेथ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग।
बुरहानपुरः ऑल इज वेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग।
छतरपुरः आधार नर्सिंग कॉलेज, जेजे इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, खजुराहो इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंस, एसआर कॉलेज ऑफ नर्सिंग।
छिंदवाड़ाः ओरियंटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, रितू कॉलेज ऑफ नर्सिंग साइंस।
देवासः ओरियंटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, रितू कॉलेज ऑफ नर्सिंग साइंस।
धारः श्री वेंकटेंस नर्सिंग, रोशन कॉलेज ऑफ नर्सिंग, नवरतन कॉलेज ऑफ नर्सिंग, प्रयागराज कॉलेज ऑफ नर्सिंग।
ग्वालियर : जय मा भगवती नर्सिंग कॉलेज।
इंदौरः देवी अहिल्या नर्सिंग कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल, हरीतुंजय स्कूल ऑफ नर्सिंग, वर्मा यूनियन नर्सिंग कॉलेज, जगदगुरु दत्तात्रेय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, राय एकेडमी नर्सिंग कॉलेज।
जबलपुरः कोठारी नर्सिंग कॉलेज, प्रीति इंस्टीट्यूटी ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस।
झाबुआः मां पदमावटी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, अक्षर कॉलेज ऑफ नर्सिंग, झाबुआ।
खंडवाः प्रतिभा कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज।
खरगौन : श्री रीवा गुर्जर मेडिकल साइंस ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर।
मंडलाः केयर स्कूल ऑफ नर्सिंग, शक्ति विद्या मंदिर कॉलेज ऑफ नर्सिंग।
मुरैनाः बोस्टन इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग।
नर्मदापुरमः शांति निकेतन नर्सिंग स्कूल, नर्मदा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंस, दयाल एकेडमी ऑफ नर्सिंग साइंस कॉलेज।
पन्ना : छत्रसाल कॉलेज ऑफ नर्सिंग।
रीवाः गर्वमेंट नर्सिंग कॉलेज, स्वातिक नर्सिंग कॉलेज।
सागर : डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग।
सीहोर: हिंदूजा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मां पीताम्बरा नर्सिंग कॉलेज, निशा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंस एंड रिसर्च सेंटर, सुशीला नर्सिंग कॉलेज।
सिवनीः केयर कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बरापठार,, रिनी कॉलेज ऑफ नर्सिंग।
शहडोलः पंचशील इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग , शारदा देवी नर्सिंग कॉलेज।
टीकमगढ़ : दाउ सरदार सिंह नर्सिंग इंस्टीट्यूट।
उज्जैनः जेके कॉलेज ऑफ नर्सिंग।
उमरियाः टीडी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज एंड रिसर्च सेंटर उमरिया।
विदिशाः बीएम स्कूल ऑफ नर्सिंग।
श्योपुरः जेएम कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बागवाज, श्योपुर।
सोमवार, 27 मई 2024
bhopal : झूठी ब्रांडिंग कर पीठ थपथपाने में लगी सरकार : कमलनाथ
भोपाल। प्रदेश के विभिन्न सेक्टर में आ रही गिरावट को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार झूठी ब्रांडिंग कर अपनी पीठ थपथपाने में लगी है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य की गिरती रैंकिंग को लेकर सोमवार को सोशल मीडिया पर लिखा है कि क्या मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रदेश को हर मोर्चे पर सबसे पीछे करने की कसम खा ली है? कमलनाथ ने आगे लिखा कि पहले खबर आई कि मध्य प्रदेश का शिक्षा बोर्ड देश में सबसे खराब प्रदर्शन वाले राज्यों में पहुंच गया है और अब खबर है कि मध्य प्रदेश निर्यात के मामले में 13वें स्थान से लुढ़क कर 15वें स्थान पर पहुंच गया है। अन्य क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कमलनाथ ने कहा उधर महिला सुरक्षा, दलित और आदिवासी सुरक्षा के मामले में मध्य प्रदेश का रिकॉर्ड और भी खराब हो गया है। स्वास्थ्य शिक्षा का हाल यह है कि मध्य प्रदेश की पहचान व्यापम और नर्सिंग जैसे घोटालों से होने लगी है। क्या मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रदेश को हर मोर्चे पर सबसे पीछे करने की क़सम खा ली है?
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से सवाल किया कि समाज की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था, हर पहलू पर इतनी नाकामी क्यों हासिल हो रही है? इससे बढ़कर चिंता की बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार इन सारे विषयों पर एकदम चुप है। क्या जनता के विकास के ये सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर सरकार की प्राथमिकता से बाहर हो गए हैं? ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश की सरकार ने जमीनी सच्चाई से पूरी तरह पीठ फेर ली है और प्रदेश को उसके हाल पर छोड़ कर, खुद सिर्फ झूठी ब्रांडिंग से अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हो गई है। पिछले दिनों राष्ट्रीय स्तर पर जो रिपोर्ट सामने आई है उनमें मध्य प्रदेश की स्थिति में बीते सालों के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है. इसी को लेकर कांग्रेस हमलावर है।
bhopal :नेता प्रतिपक्ष ने लोकायुक्त कार्यालय में लगी आग पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि लोकायुक्त में सिंहस्थ घोटाले से संबंधित फाइलें रखी हुई थी। यह सारी बातें षड्यंत्र की ओर इशारा करती हैं। इसके निष्पक्ष रूप से जांच कराई जानी चाहिए। सरकार आग के बहाने फाइल गायब करना चाहती है तो यह षड्यंत्र है। मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहे रेप मर्डर जैसे अपराध, माफिया हमले कर रहे हैं। आम जनता परेशान है। बलात्कार अपराध माफियाओं के हमले के मामले सामने आ रहे हैं। सरकार अगर कुछ नहीं कहना चाहती तो इसका मतलब है कि माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है। सरकार घोटालों की जांच के लिए एसआईटी बना देती है। लेकिन फाइलें धूल खाती रहती हैं। इन सब मामलों को हम विधानसभा में उठाएंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में बीते कुछ दिनों में हुए आपराधिक मामलों के बढ़ने का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी अपनी ब्रांडिंग कर लें या फिर प्रदेश के कानून व्यवस्था देख लें। मुख्यमंत्री को गृह विभाग किसी और को देना चाहिए। लेकिन मुख्यमंत्री जी कानून का डंडा भी अपने पास रखे हैं और अपनी ब्रांडिंग भी करना चाहते हैं।
डाक्टर फर्जी, नर्स फर्जी, बस मरीज है असली
नर्सिंग कॉलेजों में हुए फर्जीवाड़े पर सिंघार ने ने कहा है कि डॉक्टर, फ़र्ज़ी, नर्स फ़र्ज़ी, बस मरीज असली है। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के कार्यकाल में 200 कॉलेजों को मान्यता दी गई है। उन्होंने लाखों रुपये देकर मान्यता दी है। सिंघार ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री कब अपने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
bhopal :जीतू को राहत, इमरती को नोटिस, सरकार से मांगा जवाब
चुनाव प्रचार के दौरान विवादित बयान का मामला
भोपाल। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मंत्री इमरती देवी पर दिए बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को हाईकोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने जीतू पटवारी की गिरफ्तार पर रोक लगा दी है। साथ ही इमरती देवी नोटिस भेजा है। वहीं राज्य सरकार से जवाब मांगा है। जीतू पटवारी ने इमरती देवी पर आपत्तिजनक बयान दिया था।
लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूर्व मंत्री इमरती देवी पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पटवारी ने कहा था कि ’इमरती का रस खत्म हो गया है। इस बयान के आने के बाद इमरती देवी की और से जीतू पटवारी के खिलाफ डबरा पुलिस थाने में एससी-एसटी एक्ट के साथ ही आईपीसी की धारा 509 के तहत रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। जीतू के खिलाफ इसी एफआईआर को खारिज करवाने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।
इस याचिका की सुनवाई के दौरान जीतू पटवारी की ओर से उनके वकील विभोर खंडेलवाल और जयेश ने तर्क दिया कि ’जीतू पटवारी ने जो बयान दिया था. उसमें किसी जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसलिए एससी-एसटी एक्ट के तहत जो मामला दर्ज किया गया है। उसे फिर खारिज किया जाए। धारा 509 के तहत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से यौन उत्पीड़न के मामले में भी वकीलों का तर्क था कि यह आरोप भी पूरी तरह गलत है। वकीलों के तर्क सुनने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है, साथ ही इमरती देवी को भी नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी।
रविवार, 26 मई 2024
bhopal : भाजपा के तीन नेताओं को जीत से ज्यादा कद की चिंता
भोपाल। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के प्रत्याशी जीत के इतिहास बनाने की बात कर रह हैं तो कुछ को अपने भविश्य की चिंता सता रही है। माना जा रहा है कि तीन नेताओं को भाजपा नेतृत्व सरकार बनी इनका कद बढ़ेगा। अब किसका कितना कद बढ़ेगा यह तो चुनाव परिणाम के बाद तय होगा। मगर फिलहाल उनके समर्थक इन नेताओं की जीत के बाद सरकार में पद और उनका कद बढ़ने को लेकर खुश नजर आ रहे हैं।
प्रदेश में लोकसभा चुनाव लड़े तीन नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी ष्शर्मा को जीत से ज्यादा पद और कद की चिंता है। हालांकि इनके समर्थकों को पूरा भरोसा है कि इन नेताओं को सरकार बनने पर मंत्री बनाया जाएगा और इनका कद बढ़ेगा। मगर संगठन के ही कुछ पदाधिकारी इस तरह के कयासों से किनारा भी करते नजर आ रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर तो पदाधिकारी मान रहे हैं कि उनकी जीत सुनिश्चित है, साथ ही सरकार बनने पर उन्हें मंत्री पद मिलेगा। उनका दम बढ़ेगा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर कुछ का मानना है कि समय आने पर पता चलेगा। विधानसभा चुनाव के बाद जिस तरह से उन्हें साइड लाइन किया गया, उससे उम्मीद कम है कि उन्हें सरकार में स्थान मिले, बल्कि संगठन में जरूर उन्हें पद मिल सकता है। हालांकि शिवराज समर्थक अभी से उन्हें मंत्री बनते देख रहे हैं। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा दूसरी बार सांसद निर्वाचित होंगी। मगर उनकी राह में कांटा यह है कि खजुराहो सीट पर विपक्ष का प्रत्याशी ही नजर नहीं आया। इस सीट पर इंडिया गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी की मीरा यादव को प्रत्याशी बनाया गया था, मगर उनका नामांकन फार्म ही निरस्त हो गया। इसके चलते उनके समर्थकों में निराशा का भाव भी है। हालांकि फिर भी समर्थकों का मानना है कि इस बार प्रदेश अध्यक्ष का कदम बढ़ेगा। यह सही है कि चुनाव परिणाम के बाद उनका प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होगा। इसके चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है।
कांग्रेस में दिग्विजय सिंह की बड़ेगी भूमिका !
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कद को लेकर चर्चा है। राजगढ़ से चुनाव जीते तो स्वाभाविक है कि कांग्रेस में खासकर दिल्ली में उनका कद बढ़ेगा। वे लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बड़ी भूमिका में नजर आ सकते हैं। साथ ही पार्टी में अच्छा पद भी पा सकते हैं। वहीं अगर चुनाव हारे तो उनका राजनीतिक संन्यास तय है। यह वे खुद भी चुनाव मैदान में उतरने के साथ ही स्वीकार कर चुके हैं।
bhopal: नीम के पेड़ पर आम की फसल
मंत्री प्रहलाद पटेल का बंगला चर्चाओं में
भोपाल। राजधानी में इन दिनों नीम के पेड़ पर आम लगने की चर्चा जोरों पर है। यह चर्चा उस वक्त जोरों पर आई जब राज्य के श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर नीम के पेड़ पर लगे आम का वीडियो पोस्ट किया। इसके बाद हर कोई उनके बंगले पर पहुंचकर यह देखना चाह रहा है कि सच क्या है।
दरअसल राजधानी के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित सिविल लाइन में राज्य के श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल को सरकार ने बंगला आवंटित किया है। इस बंगले पर निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री पटेल ने जब बंगले के चारों ओर घूमकर जायजा लिया तो उन्हें बंगला परिसर में लगे नीम के पेड़ पर आम लगे दिखाई दिए। आमों को देख खुद मंत्री हैरान रह गए। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर आमों का वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि यह प्रयोग सालों पहले किसी कुशल माली ने किया होगा, जो किसी आश्चर्य से कम नहीं है। अनुमान है कि यह पेड़ करीब 30 साल पुराना है। उन्होंने कर्मचारियों से इस पेड़ की विशेष देखभाल करने को कहा।
bhopal: पुलिस बल प्रयोग के दम पर हटवा रही धार्मिक स्थलों से लाउड स्पीकर
कांग्रेस विधायक ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र
भोपाल। प्रदेश में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई के साथ इस पर सियासत भी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने पत्र लिखा है। उन्होंने पुलिस पर बल प्रयोग के दम पर लाउडस्पीकर हटवाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि मैंने लाउडस्पीकर हटाने को लेकर सदन में सवाल पूछा था। इसके जवाब में कहा गया था कि धर्म गुरुओं से संवाद कर हटाए जाने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस लगातार लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध का भ्रम फैला रही है। सुप्रीम कोर्ट ने लाउडस्पीकर आवाज को लेकर जो आदेश दिया, उन नियमों का पालन करने के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देश करें ताकि किसी तरह का भ्रम न फैले।
मसूद ने मुख्यमंत्री को पत्र में लिखा कि बैठक कर लाउडस्पीकर डीजे. पर नियंत्रण अभियान पुनः चलाए जाने संबंधी मौखिक निर्देश दिए गए हैं। यह कि आपके द्वारा दिये गए निर्देशों के परिपालन में पुलिस द्वारा ग्रामीण अंचलों में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकरों को बलपूर्वक हटाने का कार्य कर रही है। जबकि फरवरी 2024 विधानसभा सत्र में 9 फरवरी 2024 को मैंने ध्वनि विस्तारक यंत्रों का नियम विरूद्ध प्रयोग विषयक प्रश्न क्र. 196 लगाया था। जिसके उत्तर में आपने सदन को बताया था कि प्रशासन ने समस्त संबंधित धर्मगुरुओं से संवाद व समन्वय के आधार पर लाउड स्पीकरों को हटाए जाने पर प्रेरित है। और स्वप्रेरणा से भी लाउडस्पीकरों को उतारा गया है। निर्धारित ध्वनि सीमा (डेसिबल) का उल्लंघन करने वाले समस्त ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
फैलाया जा रहा भ्रम
विधायक ने पुलिस द्वारा लगातार गृह विभाग द्वारा जारी आदेश दिनांक 13/12/2023 का हवाला देकर लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध है इस तरह का भ्रम फैलाया जा रहा है। अतः मेरा आपसे अनुरोध है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न्याय दृष्टांत रिट पिटीशन क्रमांक 72/98 में पारित दिनांक 18/07/2005 में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउड स्पीकर/डी.जे. / सम्बोधन प्रणाली) को नियंत्रण करने के लिए आदेश का पालन करने हेतु सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित करें ताकि किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति उत्पन्न ना हो।
bhopal: नर्सिंग घोटाले का मुद्दा उठाने वाले ने कहा जान को है खतरा
मुख्यमंत्री से मांगा मिलने का समय, लिखा पत्र
भोपाल। प्रदेश में नर्सिंग घोटाला उठाने वाले युवक ने खुद की जान को खतरा बताया है। युवक ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को पत्र लिखकर उनसे मुलाकात का समय मांगा है और कहा है कि वे मुख्यमंत्री को घोटाले के और भी साबूत देना चाहते हैं।
दरअसल प्रदेश में नर्सिंग घोटाले का मुद्दा कांग्रेस की एनएसयूआई विंग के रवि परमार ने उठाया था। उन्होंने इसकी शिकायत भी सीबीआई से की थी। इस शिकायत के बाद सीबीआई ने प्रदेश में कार्रवाई कर गिरफतारियां की है। अब मामले ने जब तूल पकड़ा तो रवि परमार ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को पत्र लिखकर खुद की जान को खतरा बताया है। मुख्यमंत्री को लिख पत्र में परमार ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर नर्सिंग घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य आपको सौपना चाहता हूं। मैं चाहता हूं शिक्षा माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए। मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को स्वच्छ बनाया जाना चाहिए। रवि परमार ने यह भी बताया कि नर्सिंग घोटाले में कई बड़े शिक्षा माफिया और अधिकारी शामिल हैं। रसूखदार मेरे खिलाफ षडयंत्र कर मेरी हत्या और झूठे प्रकरण दर्ज करवा सकते हैं।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि मध्यप्रदेश में लंबे समय से नर्सिंग फर्जीवाड़ा चल रहा था जिसको लेकर हम निरंतर शिकायत कर रहे थे लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया बल्कि घोटाले को दबाने के लिए अथक प्रयास किए गए। मध्यप्रदेश के नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा से प्रदेश के लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है, और पूरे भारत में मध्यप्रदेश की छवि धूमिल हुई है, इस नर्सिंग फर्जीवाड़े में कई बड़े शिक्षा माफिया, हवाला कारोबारी एवं शासन के ज़िम्मेदार अधिकारी शामिल हैं।
शुक्रवार, 24 मई 2024
bhopal news :राजनीतिक वादे की तरह छात्रों की वापसी का नहीं किया इंतजाम
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि किर्गिस्तान में फंसे छात्रों का कहना है, पाकिस्तान अपने छात्रों को यहां से निकाल चुका है, परंतु भारत सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। केवल बयान और मीडिया हेडलाइंस में सरकार सक्रिय है। हकीकत में मदद जैसा कुछ नहीं है। उन्होंने जो बच्चे फ्लैट में रह रहे हैं, वे बाहर ही निकल नहीं पा रहे हैं। खाने-पीने का सामान खत्म हो गया है। उन्हें भूखे ही रहना पड़ रहा है, क्योंकि बाहर निकलते ही मारपीट हो रही है! लोकल लोग लड़कियों से भी मारपीट कर रहे हैं।
पटवारी ने कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि बिश्केक में फ्लैट में रहने वाले बच्चों को कुछ मकान मालिक बाहर निकाल रहे हैं। जब वे बाहर जा रहे हैं, तो स्थानीय लोगों के हमले का शिकार हो रहे हैं! क्या आपको यह सब नहीं पता है? हैरान बच्चों के साथ उनके परिजन भी बहुत परेशान हैं! सभी यह उम्मीद कर रहे हैं कि संकट के गंभीर दौर में मध्यप्रदेश के साथ केंद्र सरकार भी प्राथमिकता से पहल करेगी और बच्चों की सुरक्षित वापसी के प्रयास करेगी! लेकिन भाजपा सरकार के रवैए से बहुत निराशा हो रही है। पीड़ित परिवार जानना चाहते हैं कि चुनावी रैलियों में झूठ परोस रहे प्रधानमंत्री को हमारे भूखे बच्चों की चिंता क्यों नहीं है? मुख्यमंत्री क्यों खामोश हैं?
महंगा हुआ वापसी का टिकट
पटवारी ने कहा कि बच्चों का कहना है पहले इंडियन स्टूडेंट्स का वापसी टिकट करीब 15-20 हजार रुपए में हो जाता था, लेकिन जब से हालात बिगड़े हैं, 50 हजार रुपए में फ्लाइट का टिकट हो रहा है! यह सभी के लिए संभव नहीं है। बच्चों ने नाराजगी जताते हुए मीडिया से यह भी कहा है कि किर्गिस्तान से अपने छात्रों को निकालने के लिए पाकिस्तान सरकार ने फ्री ऑफ कास्ट फ्लाइट भेजी है, लेकिन भारत की सरकार अभी तक बेफिक्र नजर आ रही है।
डबल इंजन क्या कर रहा है?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किर्गिस्तान में फंसे भारतीय छा़त्रों ने भारत सरकार, इंडियन एंबेसी और विदेश मंत्री को सोशल मीडिया पर टैग किया, गुहार भी लगाई, लेकिन कुछ रिस्पॉन्स नहीं मिला। इस स्थिति में बच्चे ज्यादा निराश और डरे हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव जी मैंने पहले भी उदाहरण देकर अनुरोध किया था, इसके बाद प्रदेश की भाजपा सरकार मीडिया और बयानों में तो नजर आई, लेकिन बच्चों की बातों से हकीकत फिर सामने है। डबल इंजन कहां है, क्या कर रहा है?
bhopal news : कमियों को ढूंढ़ेगी कांग्रेस, कार्यकारिणी भी होगी छोटी
जम्बो कार्यकारिणी को लेकर खफा है कांग्रेस नेता
भोपाल। लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में नई कार्यकारिणी गठन के पहले पूर्व में बनी जम्बो कार्यकारिणी को लेकर नेताओं की नाराजगी सामने आ रही है। विरोध करने वाले पार्टी के वरिश्ठ नेता ही है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और डा गोविंद सिंह खुद से संविधान के विपरीत गठित कार्यकारिणी बता रहे हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस को अपनी कमियों को ढ़ूढ.कर दूर करना होगा।
लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के पहले ही प्रदेश कांग्रेस के वरिश्ठ नेताओं ने संगठन में कसावट की बात उठानी शुरू कर दी है। ये नेता वर्तमान नेतृत्व के पक्षधर भी नजर आ रहे हैं। इनका कहना है कि जब दिल्ली में बैठे नेताओं ने कमान युवाओं को सौंपी है तो युवा नेतृत्व को उनके भरोसे पर खरा उतरना चाहिए। पुरानी गलतियों से सबक लेकर अब आगे संगठन को मजबूत करने का काम करना चाहिए।
वरिश्ठ नेताओं ने हाल ही में राजधानी में प्रत्याशियों और पदाधिकारियों की बैठक में यह बात उठाई थी कि अब नई कार्यकारिणी में ज्यादा लोगों को काम नहीं सौंपना चाहिए। यह बात पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने उठाई थी। उनका कहना था कि वर्तमान में पांच सौ से एक हजार तक पद देकर कार्यकारिणी गठित की गई है। इसे पार्टी संविधान के अनुसार छोटी होनी चाहिए। जवाबदेही उन्हें को दी जाए जो वास्तव में संगठन को मजबूत करने का काम करें।
परिवार को ठीक से चालने लेने होंगे कडे़ फैसले
वहीं अब पूर्व नेता प्रतिपक्ष डा गोविंद सिंह ने भी यह मुद्दा उठाया है। गोविंद सिंह ने साफ कहा है कि अभी संगठन के संविधान के विपरीत पांच सौ से एक हजार पद बांट दिए गए है,अब हम इसे ठीक करने जा रहे है। उनका कहना है कि इस कदम से यदि किसी नेता को परेशानी होती है तो वह इस बात को समझ ले कि परिवार को ठीक से चलाने के लिए कभी कभी कड़े और विपरीत कदम भी उठाने पड़ते है।
कमान युवाओं के हाथ में ही
प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र ने हाल ही में भोपाल में बैठक ली थी। इस बैठक में उन्होंने साफ कहा था कि अभी से ही आगामी विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। हम चुनाव के समय नहीं बैठेंगे। 15 जुलाई से लेकर 15 अगस्त तक मंथन अभियान चलाएंगे। प्रदेश में कांग्रेस असफल क्यों हो रही है, इस दौरान उस कमी को ढूंढेंगे और उन्हें दूर भी करेंगे। पार्टी की कमान युवाओं के हाथ में ही है,जीतू पटवारी, उमंग सिंघार हमारा पूरा नेतृत्व युवाओं के हाथों में है।
गुरुवार, 23 मई 2024
Bhopal news : इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियां मुस्लिमों को दे रही आरक्षण

भोपाल। पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर ने आज कांग्रेस ओबीसी विरोधी पार्टी है। इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियां दलितों पिछड़ों और आदिवासियों का आरक्षण खत्म कर सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लोगों को दे रही हैं। उन्होंने कहा कि असंवैधानिक तरीके से ममता बनर्जी सरकार द्वारा जारी किए गए सभी ओबीसी प्रमाणपत्र को कोलकाता हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है और ये फ़ैसला प्रशंसनीय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ओबीसी विरोधी पार्टी है। इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियां दलितों पिछड़ों और आदिवासियों का आरक्षण खत्म कर सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लोगों को दे रही हैं। राजीव गांधी जी ने ओबीसी आरक्षण के खिलाफ संसद में भाषण दिया था, कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही पिछड़े वर्ग के लोगों के आरक्षण के पक्ष में नही थी। कृष्णा गौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ़ तुष्टिकरण की राजनीति करती है और हमें इस बात की ख़ुशी है कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फ़ैसला दिया है और ममता बनर्जी सरकार को आईना दिखाने का काम किया है।
Bhopal news : कर्मचारियों, पेंशनरों के संगठनों की मान्यता बहाल करे सरकार
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कर्मचारियों, पेंशनरों के संगठनों की मान्यता को समाप्त करने के पीछे सरकार का षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि यह तानाशाह फैसला है। सरकार को जल्द ही संगठनों की मान्यता बहाल करनी चाहिए।पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मध्य प्रदेश में 12 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स की आवाज उठाने वाले संगठनों का रजिस्ट्रेशन ख़त्म कर भाजपा सरकार ने अपना कर्मचारी विरोधी और तानाशाह चेहरा एक बार फिर उजागर कर दिया है। इनमें से कुछ संगठन 50 साल तो कुछ 30 साल से अधिक समय से पंजीकृत थे। संगठन का पंजीकरण रद्द करने का अर्थ है कि अब कर्मचारी और पेंशनर्स की ओर से ये संगठन सरकार से बात नहीं कर पाएँगे। यह सीधे-सीधे कर्मचारियों की आवाज़ को दबाना है। यह आलोकतांत्रिक और मानवाधिकारों का हनन है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पष्ट है कि सरकार कर्मचारियों का दमन करना चाहती है और यह भी चाहती है कि इस उत्पीड़न का कोई प्रतिरोध ना हो सके। यह एक गहरा षड्यंत्र है। मैं मुख्यमंत्री से माँग करता हूँ कि तत्काल इन संगठनों की मान्यता बहाल करें।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान में, रजिस्ट्रार को किया तलब
मामला सामने आने का बाद खुद मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने इस पर संज्ञान लिया और तुरंत उन्होंने रजिस्ट्रार फर्म्स सोसायटी को तलब किया गया है। 3 लाख कर्मचारियों की अगुवाई करने वाले तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ का पंजीयन रद्द होने के बाद यह मामला हाई कोर्ट में ले जाया गया है। बता दें कि इसमें मंत्रालय कर्मचारी संघ, विधानसभा कर्मचारी संघ व पेंशनर्स एसोसिएशन का पंजीयन रद्द किया गया है।
मुख्य सचिव को लिखा पत्र
कर्मचारी संगठनों की ओर से मुख्य सचिव को लिखे पत्र में सहायक पंजीयक और फर्म संस्थान भोपाल की तरफ से पंजीकृत संस्थाओं के साथ भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया है। इस पत्र में आगे लिखा था कि इस पर जल्द से जल्द रोक लगाई जाए। रजिस्ट्रार फर्म्स सोसायटी ने कुछ पंजीकृत संस्थाओं का पंजीयन 3 माह में एक नोटिस देकर समाप्त कर दिया था, इस पर जल्दी से जल्दी लेखन संघ को 2021 से 2024 तक 15 दिन का नोटिस दिया गया है। नोटिस मिलने के बाद अब हाल ही में संस्था ने मंत्रालय में लगी आग का हवाले देते हुए सारे रिकॉर्ड जलने की बात कही थी।
Bhopal news : नर्सिंग घोटाले को लेकर सरकार को घेरा कांग्रेस ने
कहा विधानसभा सत्र में उठाएंगे मुद्दा
भोपाल। नर्सिंग घोटाला मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि व्यापम के कलंक से बाहर नहीं आ पाए कि अब नर्सिंग का भी घोटाला सामने आ गया। कांग्रेस ने इस घोटाले को अगले विधानसभा सत्र में उठाने की बात कही है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारने कहा कि व्यापम के कलंक से बाहर नहीं आ पाए, अब नर्सिंग का भी घोटाला सामने आ गया। जिसमें भाजपा के नेता भी शामिल है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी स्टूडेंट को हो रही है। एनएसयूआई मेडिकल विंग कॉर्डिनेटर रवि परमार ने कहा कि 100 बेड का अस्पताल, 2300 स्क्वायर फीट की जगह और टीचर्स की डेब. नर्सिंग की योग्यता होनी चाहिए। प्रदेश में फर्जी रजिस्टार की नियुक्ति की गई। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज से सुनीता सिदू को रजिस्ट्रार बनाया गया। परमार ने कहा कि हाइकोर्ट के आदेश के बाद इनको निलंबित किया गया, फिर भी सुनीता सिदू को सभी सुविधाए दी जा रही थी। ग्वालियर हाईकोर्ट ने परीक्षा पर रोक लगवाया, फिर सीबीआई जांच के आदेश दिए गए। भाजपा के कई नेता इस घोटाले में शामिल है। प्रदेश में फर्जी फैकल्टी का भी घोटाला हुआ। एक ही फैकल्टी 1 दिन में प्रदेश के जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर, भोपाल में पढ़ा कर अन्य राज्यों में भी पढ़ा रहे थे। भोपाल का मलय नर्सिंग कॉलेज का अस्पताल 40 किलोमीटर दूर था, नियम 20 किलोमीटर का ही है।a
नर्सिंग कॉलेज आफ इंडिया के मापदंडों के हिसाब से हो जांच
एमपी कांग्रेस मीडिया अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि प्रदेश का नर्सिंग वातावरण हनुमान जी की आठ सिद्धियां प्राप्त कर चुका हैं। नर्सिंग घोटाला अगले विधानसभा सत्र का सबसे महत्वपूर्ण विषय होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के समय सबसे ज्यादा मेडिकल नर्सिंग कॉलेज खोले गए। एक साल में 40 प्रतिशत नए कॉलेज खुले। हमको सीबीआई की जांच पर कोई विश्वास नहीं है। नर्सिंग कॉलेज ऑफ इंडिया के मापदंडों के हिसाब से जांच हो और सभी कर्मियों को एक समय के हिसाब से पूरा किया जाए।
ईडी भी दे सकता है दखल
सीबीआई अधिकारियों द्वारा रिश्वत लेने की घटना ने नर्सिंग घोटाले की जांच पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि जिन कॉलेजों को सीबीआई की पिछली टीम ने उपयुक्त बताया था, उन कॉलेजों को रिश्वत देकर यह प्रमाणपत्र प्राप्त किया गया था। इस घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी दखल दे सकती है. ईडी इस मामले में पीएमएलए के तहत अलग से मामला दर्ज कर सकती है, जिससे आरोपी अधिकारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
बुधवार, 22 मई 2024
कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं की वापसी का किया जाएगा विरोध
वापसी का प्रयास कराने वाले नेता का भी होगा विरोध
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार के के मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कोई
तीन स्टार या फाइव स्टार होटल नहीं है, जहां ऐशो आराम के लिए आये और संकट के दौर में चला जाए। उन्होंने कहा कि बिना डरे भितरघातियों के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए। सच कहने के लिए किसी मौसम और मुहूर्त की जरूरत नहीं पड़ती है। सच कहने के लिए जज्बा, जिगर चाहिए। वहीं भितरघातियों को लेकर सज्जन सिंह वर्मा के बयान पर केके मिश्रा ने सहमति जताई हैं। उन्होंने कहा कि जो भी सीनियर नेता गद्दारों को पार्टी में वापस लाने की कोशिश करेगा, उनका विरोध किया जाएगा। वह गद्दार जिन्होंने संकट के समय में पार्टी और विचारधारा का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। जो भी सीनियर इन गद्दारों को पार्टी में वापस लाने की कोशिश करेगा, हम उन सीनियर नेताओं का भी विरोध करेंगे।
दूसरे राज्यों में प्रदेश की संपत्ति, बेचने की तैयारी में सरकार
आर्थिक स्थिति को लेकर श्वेत पत्र जारी करे सरकार
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक बार फिर सरकार से आर्थिक स्थिति को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। पटवारी ने आरोप लगाया है कि सरकार दूसरे राज्यों में प्रदेश की संपत्ति का पता लगाकर उसे बेचने की तैयारी कर रही है।
प्रदेश में बजट से पहले वित्त विभाग ने सभी विभागों से दूसरे राज्यों में मौजूद संपत्ति की जानकारी मांगी है। विभागों को 22 मई तक जानकारी साझा करने का निर्देश दिया गया है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को लिखे पत्र में कहा है कि मुख्य सचिव दूसरे राज्यों में स्थित सरकार की संपत्ति को लेकर जल्द समीक्षा करेगी.। इस पत्र के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा और मुख्यमंत्री डा मोहन यादव पर हमला बोला है. उन्होंन मांग की है कि भाजपा सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। तीन लाख 73 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी मध्य प्रदेश सरकार देश के दूसरे राज्यों में मौजूद मध्यप्रदेश के अलग-अलग विभागों की संपत्ति बेचने और उसे किराए पर देने की तैयारी कर रही है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को पत्र लिखकर जानकारी भी मांग ली है। पूछा जा रहा है कि किस राज्य में कितनी संपत्ति किस रूप में है, उसका मूल्य क्या है? अगर किसी प्रॉपर्टी का कोर्ट में केस चल रहा है, किसी तरह का विवाद है तो इसकी भी जानकारी दी जाए। पटवारी ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स बता रही है कि इस कवायद का मकसद मध्य प्रदेश के बाहर मौजूद विभिन्न विभागों की संपत्ति का डेटा जुटाना है, ताकि, उसे बेचकर या किराये पर देकर राशि जुटाई जा सके। संपत्ति के मौजूदा स्वरूप की जानकारी देने के साथ, उसके मौजूदा मूल्य की जानकारी भी चाही गई हैं। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव आखिरकार आपने भी प्रधानमंत्री मोदी की परंपरा का पालन करना शुरू कर ही दिया।
मंगलवार, 21 मई 2024
किर्गिस्तान में प्रदेश के सभी छात्र सुरक्षित, लाएंगे वापस
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों को दिया आश्वासन
भोपाल। किर्गिस्तान में फंसे में उज्जैन के छात्रों को लेकर मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि किर्गिस्तान में मध्यप्रदेश के बच्चे सुरक्षित है। हम केन्द्र सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि जल्द ही इन बच्चों को भारत वापस लाया जाए। मुख्यमंत्री ने छात्रों के अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि सभी छात्र सुरक्षित वापस लौटेंगे चिंता ना करें।
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक और आसपास के इलाकों में इन दिनों भारतीय, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी स्टूडेंट्स को खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है। भारत से कई छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए किर्गिस्तान में हैं। इनमें मध्य प्रदेश के उज्जैन के भी 10 से ज्यादा छात्र शामिल हैं। ये छात्र इतने डरे और सहमे हुए हैं कि किसी भी तरह जल्द से जल्द भारत लौटना चाहते हैं। छात्रों ने अपने अभिभावकों को जानकारी दी है कि किर्गिस्तान के युवक हॉस्टल में घुसकर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौच कर रहे हैं। इसके साथ ही उनका कमरे से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इसके बाद छात्रों के अभिभावकों ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से छात्रों को सुरक्षित भारत वापस लाने का आग्रह किया था।
अभिभावकों के आग्रह पर मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने अभिभावकों को आश्वास्त किया है कि किर्गिस्तान में देश के हजारों बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, जिसमें हमारे मध्यप्रदेश के छात्र-छात्राएं भी हैं। संतोष की बात है कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि मैं सतत भारत सरकार के संपर्क में हूँ, किर्गिस्तान में स्थिति नियंत्रण में है। अभिभावकों से आग्रह है कि आप भी चिंता न करें। भारत सरकार के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम अपने सभी बच्चों को सुरक्षित वापस लाएंगे।
मुख्यमंत्री ने छात्रों से की चर्चा, कहा हॉस्टल में रहकर करें पढ़ाई
मुख्यमंत्री ने रोहित पांचाल, रवि सराठे और विवेक शर्मा से बात की। उनसे अन्य विद्यार्थियों के हालचाल भी पूछे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि वह हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई करें। चूंकि शीघ्र ही उनकी परीक्षा होने वाली है। वे सभी परीक्षा में शामिल हो, इसके बाद ढाई महीने का अवकाश रहेगा। उन्हें घर बुलवा लेंगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि किसी भी अप्रिय स्थिति निर्मित होने पर वह मध्य प्रदेश में जिला प्रशासन से बात कर सकते हैं। राज्य सरकार को भी सूचना दे सकते हैं। इस पर तुरंत हम कार्रवाई करेंगे। वर्तमान में मध्यप्रदेश से 1200 और पूरे देश से लगभग तीस हजार विद्यार्थी किर्गिस्तान में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
दूसरे राज्यों में किस विभाग की कितनी संपत्ति, बुलाई जानकारी
भोपाल। सरकार ने दूसरे राज्यों में सरकार की कितनी संपत्ति है, उसकी जानकारी विभागों से बुलाई है। अधिकारी संपत्ति की जानकारी जुटा रहे हैं। इन संपत्तियों की समीक्षा मुख्य सचिव वीरा राणा करेंगे। वित्त विभाग द्वारा 22 मई तक विभागों से यह जानकारी देने को कहा गया है।
प्रदेश के सरकारी विभागों की दूसरे राज्यों में संपत्तियां है। इसकी जानकारी अब वित्त विभाग के निर्देश पर विभागों द्वारा जुटाई जा रही है। जानकारी के अनुसार वित्त विभाग ने विभागों से दूसरे राज्यों में उनकी चल और अचल संपत्ति, उसकी मौजूदा स्थिति को लेकर जल्द जानकारी भेजने को कहा है। इसके बाद दूसरे विभाग अपनी संपत्तियों को लेकर रिकॉर्ड तैयार करने में जुट गए है। प्रदेश की संपत्ति विभिन्न विभागों से संबंधित प्रापर्टी एक दर्जन राज्यों में है। इसमें दिल्ली, महराष्ट्र, गुजरात समेत अन्य राज्यों में है। इसमें अधिकतर संपत्ति धार्मिक न्याय और धर्मस्व विभाग, पर्यटन विभाग सहित अन्य भिगों की संपत्ति दूसरे राज्यों में है। सरकार इन संपत्तियों का आकलन करना चाहती है कि किस राज्य में किस विभाग की कितनी संपत्ति है।
बताया जा रहा है कि विभागों से बुलाई जानकारी के बाद मुख्य सचिव वीरा राणा संपत्ति की समीक्षा करेंगी। समीक्षा में यह आकलन किया जाएगा कि किस राज्य में किस संपत्ति से कितनी आमदनी हो रही है। जानकारी के अनुसार कुछ राज्यों में संपत्ति पर अतिक्रमण होने की बात भी सामने आई है, इसके चलते सरकार इन संपत्तियों को ना तो बेच पा रही है और ना ही किराए पर दे पा रही है। झांसी में मध्यप्रदेश सड़क परिवहन विभाग की संपत्ति पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत सरकार को मिली थी। अतिक्रमण के चलते इस संपत्ति को किराए से भी नहीं दिया जा सका है। बताया जा रहा है कि संपत्तियों का आकलन किए जाने के बाद सरकार इसे लेकर कोई ठोस कदम उठाने की तैयारी कर रही है।
एसीपी को बताया मंत्री का रिश्तेदार, हटाने की मांग
कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव आयोग को की शिकायत
भोपाल। राजधानी भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव आयोग में शिकायत कर आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठे केस दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने नरेला विधानसभा में पदस्थ एसीपी सुनील श्रीवास्तव को मंत्री विश्वास सारंग का रिश्तेदार बताया है। कांग्रेस उम्मीदवार ने कहा कि काउंटिंग से पहले एसीपी को हटा दिया जाए नहीं तो वह और परेशान करेंगे।
भोपाल लोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव ने मुख्य चुनाव आयोग से शिकायत की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि नरेला विधानसभा में हमारे कार्यकर्ताओं को डराया धमकाया जा रहा है। इतना ही नहीं इलेक्शन के वक्त नरेला विधानसभा से हमारे जिन कार्यकर्ताओं को जबरदस्ती घर से उठाया गया था और झूठा प्रकरण बनाया गया था, मगर उन्होंने अपनी जमानत करा ली थी, लेकिन अब उन्हीं कार्यकर्ताओं को 107, 116 की कार्रवाई के तहत फिर से नोटिस दिए जा रहे हैं और परेशान किया जा रहा है।
कांग्रेस प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव ने आरोप लगाते हुए कहा है कि नरेला विधानसभा क्षेत्र मंत्री विश्वास सारंग का है, नरेला विधानसभा में कहीं वोटिंग प्रतिशत कम ना हो जाए, इसलिए ऐसी कार्रवाई की जा रही है, नहीं तो मंत्री सारंग का पद चला जाएगा और इसी डर और भय के कारण हमारे कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी ने इस पूरे मामले में एक व्यक्ति का नाम लिया है, जो एसीपी सुनील श्रीवास्तव है। सुनील श्रीवास्तव को मंत्री सारंग का रिश्तेदार बताया गया है। अरुण श्रीवास्तव का कहना है की काउंटिंग से पहले ।ब्च् सुनील को भोपाल लोकसभा से हटा दिया जाए नहीं तो वह और परेशान करेंगे।
सोमवार, 20 मई 2024
रिजर्व बैंक ने कर्ज देने से किया इंकार, फिर भी नहीं रूक रही फिजूलखर्ची
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले वादा किया गया था कि 450 रूपये में गैस सिलेण्डर दिया जाएगा. मोहन सरकार क्यों नही दे रही है? ये केवल काम के नाम पर बातें देते हैं। मध्य प्रदेश के मौजूदा हालात है कि रिजर्व बैंक ने हमें कर्ज देने से मना कर दिया है। फिर भी मोहन सरकार को हवाई जहाज और मंत्रियों के लिए गाड़ी खरीदना है। रिजर्व बैंक ने कर्ज देने से मना कर दिया फिर भी विधायकों और मंत्रियों के घरों की साज सज्जा की फिजूल खर्ची हो रही है। ये मध्य प्रदेश की मोहन सरकार का अकल्पनीय काम है. सरकार को फिजूलखर्ची से बचकर जो आम जनता से वादे किए हैं उनको पूरा करना चाहिए।
आर्थिक स्थिति के लिए श्वेत पर जारी करे
पटवारी ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति के लिए मध्य प्रदेश सरकार को श्वेत पर जारी करना चाहिए और इसको लेकर हम सदन में भी मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने बताया कि 4 जून को होने वाली मतगणना के लिए जिला में प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। 25 मई को भोपाल में लोकसभा चुनाव की मतगणना के लिए तैनात किए जाने वाले एजेंटों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
चुनाव में सरकारी मशीनरी का किया दुरुपयोग, मतदाता को डराया गया
कांग्रेस प्रत्याशियों और पदाधिकारियों की बैठक में उठे सवाल
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस की आज सोमवार को हुई बैठक में प्रत्याशियां और पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया है। चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडा अपनाया, भाजपा ने सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया और भाजपा ने धर्म और जाति का कार्ड चुनाव में खेला है। भाजपा मतदाता को डरा रही थी। योजना बंद करने की धमकी मतदाताओं को भाजपा ने दी थी।
बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी भंवर जीतेन्द्र सिंह ने कहा कि चुनाव में भाजपा ने सरकारी तंत्र का दुरूपयोग किया है। बैठक में प्रत्याशियों ने बताया कि कई स्थानों पर भाजपा ने धर्म और जाति का कार्ड चुनाव में खेला है। भाजपा मतदाता को डरा रही थी। योजना बंद करने की धमकी मतदाताओं को भाजपा ने दी थी। उन्होंने बताया कि आज हुई बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने मेगा प्लान बनाया है। 15 जून से कांग्रेस का महाभियान शुरू होगा। प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा कि ब्लाक लेवल पर वरिष्ठ नेता जाएंगे। ब्लाक लेवल पर पहुंचकर कांग्रेस से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। करीब 2 महीने तक अभियान चलेगा।ब्लॉक स्तर के बाद जिला स्तर पर अभियान चलेगा। बैठक में जिला स्तर के बाद प्रदेश स्तर पर 4 दिन की कार्यशाला आयोजित करने का फैसला भी लिया गया। उसके बाद बैठक में तय किया जाएगा कि संगठन को मजबूत करने के लिए क्या-क्या किया जाए। संगठन मजबूत करने के साथ कांग्रेस पार्टी से ओबीसी, महिला, एसटी, एससी वर्ग कैसे जुड़े इस पर विचार होगा।
मैं ज्योतिष तो नहीं, पर भाजपा से ज्यादा सीटें मिलेंगी
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने बड़ा दावा किया है कि मैं भले ही ज्योतिष नहीं हूं लेकिन हमारी जितनी भी सीटें आएंगी वो भाजपा से ज़्यादा होंगी। खास तौर से आज जो सबसे मुख्य एजेंडा है ये कि एक बहुत बड़ा कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी करेगी। बूथ से लेकर मंडल से लेकर सेक्टर से लेकर प्रदेश तक चलने वाला ये कार्यक्रम है। उसके ऊपर हमारे सभी सीनियर लीडर जितने भी है वो आए हैं उनके मार्गदर्शन में वो कार्यक्रम चलाया जाएगा। भीतरघातियों के लिए उसके ऊपर हमें कमेटी बनाएंगे उसके ऊपर कोई नाराज़गी है या कोई बात है वो आने दीजिए। उसके ऊपर अभी हम चर्चा करेंगे अभी तक काउंटिंग भी नहीं हुई है इसके के बाद इस पर विचार करेंगे।
मुझे दुख है कमेटी में रहकर भी कड़े फैसले नहीं कर पाया
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पार्टी को ही नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि डर के राजनीति नहीं होती, विधानसभा में पार्टी ने भीतरघातियों पर कार्रवाई में डर दिखाया गया। डर के कारण कार्रवाई नहीं की गई, इसका ख़ामियाजा लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ा। अगर विधानसभा में कार्रवाई कर देते तो आज ये स्थिति नहीं होती। उन्होंने कहा कि पार्टी को अब कड़े निर्णय लेने पड़ेंगे। चुनाव के बाद अब एक बहुत बड़ी सर्जरी होगी वो जरूरी भी है। मुझे दुख है कि मैं कमेटी में था फिर भी कड़े फ़ैसले नहीं हो पाए।
कमलनाथ बोले बेईमानों को सबक सिखाएगी जनता
प्रदेश कांग्रेस की आज हुई बैठक में छिंदवाड़ा के प्रत्याशी नकुलनाथ को ष्शामिल नहीं हुए। मगर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जरूर बैठक में ष्शामिल होने पहुंचे थे। वे बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना था कि कमलनाथ को दोपहर एक बजे छिंदवाड़ा पहुंचना था, इसके चलते वे गए हैं। वहीं बैठक से बाहर निकलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा में भाजपा ने पैसा, प्रशासन और बेईमानी में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब छिंदवाड़ा की जनता भाजपा के इन बेईमानों को सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि चार जून को आने वाले परिणामों में आपको हर सीट पर कांग्रेस का अच्छा प्रदर्शन दिखाई देगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की अच्छी सीटें आएंगी।
अब हमारे कार्यकर्ता लट्ठ बजाएंगे
भिंड से कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी और भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने भाजपा पर करारा हमला बोला। बरैया ने कहा कि भाजपा ने वोटों की लूट की है। वो ऐसा सोच रहे हैं कि हम वोटों की धांधली करके जीत जाएंगे। मतगणना को लेकर वो बेईमानी करेंगे। हमारी तैयारी यही है कि बेईमानी करेंगे तो हम लट्ठ बजाएंगे, हमारी बस एक ही तैयारी है। बरैया ने कहा कि उन्होंने अभी प्रशासन के साथ मिलकर हमारे कार्यकर्ताओं पर लट्ठ बजाए हैं।



























