भोपाल। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले मामले में 39 दिनों तक तिहाड़ जेल में बंद रहने के बाद आखिरकर उन्हें जमानत मिल गई है। केजरीवाल के जमानत के बाद राजनीतिक गलियारों में सियासी घमासान तेज हो गई है। उनके जेल से बाहर आने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अरविंद केजरीवाल की जमानत पर भड़कते हुए कहा कि तत्काल उन्हें पद से इस्तीफा देना चाहिए और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केजरीवाल को लेकर कहा केजरीवाल वेंटीलेटर पर हैं। उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देना चाहिए और देश से माफी मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि “एक मुख्यमंत्री ने अपनी जिद के आगे, अपने सभी मतदाताओं का अपमान किया है। अरविंद केजरीवाल जी जनता सब जानती है, आपको कभी माफ नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का मुख्यमंत्री रहते हुए जेल जाना शर्मनाक है और अगर गए तो इस तरह ज़मानत मंज़ूर करके बाहर आना पद का बहुत बड़ा अपमान है और ये दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जिस आधार पर उन्हें जेल से बेल मिली है उसकी शर्तों में कोर्ट ने उनसे कहा है किसी प्रकरण या पॉलिसी में बोलना नहीं है। अपने बारे में कोई चर्चा नहीं करना है और वहीं बाहर आकर कह रहे हैं कि मैं तानाशाह से लड़ रहा हूं तो जनता सब जानती है जनता कभी माफ नहीं करेगी। निष्कलंक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है, स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. वर्तमान समय की जो स्थितियां हैं इसे देखकर लगता है कि केजरीवाल को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। बड़ी बात यह है कि एक राजनेता को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए। देश के इतिहास में केजरीवाल की यह घटना गलत उदाहरण पेश करेगी. इसके लिए अरविंद केजरीवाल को पूरे देश से माफी मांगना चाहिए।
केन्द्र की हरी झंडी मिलते ही लागू करेंगे सीएए
उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि समान नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उनकी तैयारी पूरी है और जैसे ही केंद्र से इस बारे में हरी झंडी मिलेगी, वो प्रदेश में इसे लागू कर देंगे। इसी के साथ उन्होंने विश्वास जताया कि मध्य प्रदेश में एक बार फिर भाजपा सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने जा रही है। उन्होंने कहा कि हम सभी सीटों पर दबदबा क़ायम रखेंगे और देश में तीसरी बार भी मोदी सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि इस कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान इन तीन पड़ोसी देशों के हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और क्रिश्चियन समुदाय शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। 11 दिसंबर 2019 को इसे संसद में पारित किया गया था और बारह दिसंबर को राष्ट्रपति ने इस विधेयक को मंज़ूरी दे दी थी। इस साल मार्च में केंद्र सरकार ने नागरिकता सीएए के नियमों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया था और इसी के साथ यह क़ानून देश में लागू हो गया। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश में भी इसे लेकर पूरी तैयारी है और केंद्र से इशारा मिलते ही क़ानून लागू कर दिया जाएगा।

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