मंत्री बनेंगे या फिर संगठन में मिलेगा स्थान
भोपाल। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के प्रत्याशी जीत के इतिहास बनाने की बात कर रह हैं तो कुछ को अपने भविश्य की चिंता सता रही है। माना जा रहा है कि तीन नेताओं को भाजपा नेतृत्व सरकार बनी इनका कद बढ़ेगा। अब किसका कितना कद बढ़ेगा यह तो चुनाव परिणाम के बाद तय होगा। मगर फिलहाल उनके समर्थक इन नेताओं की जीत के बाद सरकार में पद और उनका कद बढ़ने को लेकर खुश नजर आ रहे हैं।
प्रदेश में लोकसभा चुनाव लड़े तीन नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी ष्शर्मा को जीत से ज्यादा पद और कद की चिंता है। हालांकि इनके समर्थकों को पूरा भरोसा है कि इन नेताओं को सरकार बनने पर मंत्री बनाया जाएगा और इनका कद बढ़ेगा। मगर संगठन के ही कुछ पदाधिकारी इस तरह के कयासों से किनारा भी करते नजर आ रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर तो पदाधिकारी मान रहे हैं कि उनकी जीत सुनिश्चित है, साथ ही सरकार बनने पर उन्हें मंत्री पद मिलेगा। उनका दम बढ़ेगा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर कुछ का मानना है कि समय आने पर पता चलेगा। विधानसभा चुनाव के बाद जिस तरह से उन्हें साइड लाइन किया गया, उससे उम्मीद कम है कि उन्हें सरकार में स्थान मिले, बल्कि संगठन में जरूर उन्हें पद मिल सकता है। हालांकि शिवराज समर्थक अभी से उन्हें मंत्री बनते देख रहे हैं। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा दूसरी बार सांसद निर्वाचित होंगी। मगर उनकी राह में कांटा यह है कि खजुराहो सीट पर विपक्ष का प्रत्याशी ही नजर नहीं आया। इस सीट पर इंडिया गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी की मीरा यादव को प्रत्याशी बनाया गया था, मगर उनका नामांकन फार्म ही निरस्त हो गया। इसके चलते उनके समर्थकों में निराशा का भाव भी है। हालांकि फिर भी समर्थकों का मानना है कि इस बार प्रदेश अध्यक्ष का कदम बढ़ेगा। यह सही है कि चुनाव परिणाम के बाद उनका प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होगा। इसके चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है।
कांग्रेस में दिग्विजय सिंह की बड़ेगी भूमिका !
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कद को लेकर चर्चा है। राजगढ़ से चुनाव जीते तो स्वाभाविक है कि कांग्रेस में खासकर दिल्ली में उनका कद बढ़ेगा। वे लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बड़ी भूमिका में नजर आ सकते हैं। साथ ही पार्टी में अच्छा पद भी पा सकते हैं। वहीं अगर चुनाव हारे तो उनका राजनीतिक संन्यास तय है। यह वे खुद भी चुनाव मैदान में उतरने के साथ ही स्वीकार कर चुके हैं।
भोपाल। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के प्रत्याशी जीत के इतिहास बनाने की बात कर रह हैं तो कुछ को अपने भविश्य की चिंता सता रही है। माना जा रहा है कि तीन नेताओं को भाजपा नेतृत्व सरकार बनी इनका कद बढ़ेगा। अब किसका कितना कद बढ़ेगा यह तो चुनाव परिणाम के बाद तय होगा। मगर फिलहाल उनके समर्थक इन नेताओं की जीत के बाद सरकार में पद और उनका कद बढ़ने को लेकर खुश नजर आ रहे हैं।
प्रदेश में लोकसभा चुनाव लड़े तीन नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी ष्शर्मा को जीत से ज्यादा पद और कद की चिंता है। हालांकि इनके समर्थकों को पूरा भरोसा है कि इन नेताओं को सरकार बनने पर मंत्री बनाया जाएगा और इनका कद बढ़ेगा। मगर संगठन के ही कुछ पदाधिकारी इस तरह के कयासों से किनारा भी करते नजर आ रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर तो पदाधिकारी मान रहे हैं कि उनकी जीत सुनिश्चित है, साथ ही सरकार बनने पर उन्हें मंत्री पद मिलेगा। उनका दम बढ़ेगा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर कुछ का मानना है कि समय आने पर पता चलेगा। विधानसभा चुनाव के बाद जिस तरह से उन्हें साइड लाइन किया गया, उससे उम्मीद कम है कि उन्हें सरकार में स्थान मिले, बल्कि संगठन में जरूर उन्हें पद मिल सकता है। हालांकि शिवराज समर्थक अभी से उन्हें मंत्री बनते देख रहे हैं। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा दूसरी बार सांसद निर्वाचित होंगी। मगर उनकी राह में कांटा यह है कि खजुराहो सीट पर विपक्ष का प्रत्याशी ही नजर नहीं आया। इस सीट पर इंडिया गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी की मीरा यादव को प्रत्याशी बनाया गया था, मगर उनका नामांकन फार्म ही निरस्त हो गया। इसके चलते उनके समर्थकों में निराशा का भाव भी है। हालांकि फिर भी समर्थकों का मानना है कि इस बार प्रदेश अध्यक्ष का कदम बढ़ेगा। यह सही है कि चुनाव परिणाम के बाद उनका प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होगा। इसके चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है।
कांग्रेस में दिग्विजय सिंह की बड़ेगी भूमिका !
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कद को लेकर चर्चा है। राजगढ़ से चुनाव जीते तो स्वाभाविक है कि कांग्रेस में खासकर दिल्ली में उनका कद बढ़ेगा। वे लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बड़ी भूमिका में नजर आ सकते हैं। साथ ही पार्टी में अच्छा पद भी पा सकते हैं। वहीं अगर चुनाव हारे तो उनका राजनीतिक संन्यास तय है। यह वे खुद भी चुनाव मैदान में उतरने के साथ ही स्वीकार कर चुके हैं।

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