राजधानी के स्कूल में घटी घटना, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
भोपाल। राजधानी भोपाल के ज्ञानगंगा स्कूल में 8 साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में सरकार सख्त है। नाबालिग से दुष्कर्म मामले की जांच अब एसआईटी करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी गठित कर की मामले की जांच की जाए।
दरअसल, राजधानी भोपाल के एक हाई प्रोफाइल स्कूल में मासूम से रेप का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। ज्ञानगंगा बोर्डिंग स्कूल के हॉस्टल में 8 साल की मासूम से दुष्कर्म की वारदात हुई है। हॉस्टल वार्डन और ओनर पर दुष्कर्म के आरोप है। एफआईआर के बाद पीड़िता की मां के साथ पुलिस की टीम स्कूल पहुंची थी। सीसीटीवी फुटेज जब्त किए गए हैं। 12 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपी फरार है। मासूम की मां का आरोप है कि अपने रसूख के दम पर स्कूल संचालक खुद को बचाने में जुटा हुआ है। फ़िलहाल पुलिस ने तीन लोगों को आरोपी बनाया है और एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है।
डीसीपी श्रध्दा तिवारी का कहना है कि इस मामले में पुलिसकर्मी दोषी होगा तो कार्रवाई की जाएगी। उधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले में गठित करके जांच के आदेश दिए हैं। मिसरोद के एसीपी रजनीश कश्यप की अध्यक्षता में एसआईटी काम करेगी। थाना प्रभारी मिसरोद और मिसरोद एसआई श्वेता शर्मा एसआईटी के सदस्य होंगे।
नशीला पदार्थ खिलाया
बच्ची को 15 दिन पहले ही हॉस्टल में दाखिल कराया गया था। बच्ची की माँ कहना है कि उसे खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर खिलाया गया, जिससे वो बेहोश हो गई। देर रात जब बच्ची की नींद खुली तो उसके साथ ग़लत काम किया जा रहा था। पीड़ित बच्ची की माँ का कहना है कि इस घटना के बाद उसे डराया धमकाया गया और कहा गया कि वो अपने घरवालों को कुछ भी न बताए। उससे कहा गया कि अगर वो स्कूल में किसी से भी कहेगी उसकी माँ से कभी बात नहीं कराएँगे। बच्ची की माँ का कहना है कि बीते रविवार को बच्ची ने फ़ोन पर बात की तो वो रोने लगी। जब उन्होंने वीडियो कॉल लगाया तो बच्ची ने कहा कि उसे ब्लीडिंग हुई है। वो कुछ और भी बताना चाह रही थी लेकिन वहाँ के लोगों ने फ़ोन काट दिया और मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद माँ को कुछ संदेह हुआ और वो तुरंत स्कूल पहुँची। हॉस्टल पहुँचने पर उन्हें कहा गया कि आप अपनी बच्ची को घर ले जा सकते हैं, क्योंकि बच्चों की छुट्टियाँ हो गई है और वहाँ अभी कोई और लड़कियाँ नहीं है। जब पीड़ित बच्ची की माँ ने कहा कि किसी ने उन्हें इन्फॉर्म क्यों नहीं किया कि उनकी बच्ची वहाँ अकेली है, तो इस बात का कोई सही सही जवाब नहीं मिला। माँ का कहना है कि उनकी बच्ची बहुत डरी हुई थी और जब उन्होंने पूछा तो बिलख बिलखकर रोने लगी। इसके बाद बच्ची ने अपनी माँ को पूरी घटना बताई। ये सुनकर माँ के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। वो तुरंत बच्ची को मेडिकल चेकअप के लिए जेपी अस्पताल लेकर गईं। वहाँ डॉक्टर ने चेकअप के बाद कहा कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट में चोट है और इसके बाद उन्हें पुलिस में शिकायत करने को कहा।
कमलनाथ ने कहा घटना सभ्य समाज के माथे पर कलंक
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना को लेकर कहा कि प्रदेश में बेटियों के साथ हो रही इस तरह की ज़्यादती सभ्य समाज के माथे पर कलंक है। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि मध्य प्रदेश की सरकार बेटियों को सुरक्षा देने और अपराधियों को कड़ा से कड़ा दंड देने की जगह उन लोगों पर कार्रवाई करती है जो पीड़ितों के साथ सहानुभूति व्यक्त करते हैं। जोबट में पीड़ित परिवार से मिलने गये कांग्रेस नेताओं पर मुक़दमा दर्ज करना यही दिखाता है। उन्होंने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं कि आप बेटियों के साथ हो रहे अत्याचार को राजनैतिक बदले का औजार बनाने के बजाय, क़ानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने पर ध्यान दीजिए। मैं मांग करता हूं कि भोपाल की घटना में पूरी ईमानदारी से जांच की जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।

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