रविवार, 12 मई 2024

निमाड़ में जयस के सहारे कांग्रेस, लंबे समय से नहीं मिली है जीत


 भोपाल। मालवा, निमाड़ अंचल की आठ सीटों के लिए कल सोमवार को मतदान होना है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं। वहीं कांग्रेस को लंबे समय बाद निमाड़ में जयस संगठन के सहारे अपनी मजबूती नजर आ रही है। वहीं संघ के सहारे भाजपा मालवा में फिर अपने परिणाम दोहराने की तैयारी कर रही है।

प्रदेश के आठ लोकसभा सीटों के लिए सोमवार को मतदान होना है। इनमें कई सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस लंबे समय से जीत के लिए संघर्श कर रही है। इन सीटों में मंदसौर, इंदौर, खरगोन, उज्जैन ऐसी सीटें हैं, जिन पर कांग्रेस का खाता सालों से नहीं खुला है। इन सीटों पर संघ के सहारे भाजपा फिर मजबूती से मैदान में है। वहीं संगठन ने भी पूरी ताकत के साथ मैदानी जमावट की है। मालवा अंचल की इन सीटों पर आदिवासी मतदाता का खासा प्रभाव रहा है। आदिवासी वर्ग के बीच कांग्रेस की पैठ भी रही है, इस पैठ को कांग्रेस बरकरार रखना चाहती है। वहीं भाजपा इस वर्ग के बीच सेंधमारी कर अपने पक्ष में परिणाम चाहती है। मालवा में रतलाम-झाबुआ और धार सीट पर मुकाबला दिलचस्प हुआ है। इन सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है। वहीं एससी वर्ग के लिए आरक्षित देवास और उज्जैन सीट पर भाजपा अपनी मजबूती मान रही है। देवास सीट 2009 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई है। इसके पहले ष्शाजापुर में यह सीट हुआ करती थी। 2009 में इस सीट पर कांग्रेस को जीत हासिल हुई थी, लेकिन बाद में यह सीट भाजपा के कब्जे में चली गई जो अब तक भाजपा के पास है। वहीं उज्जैन सीट पर 2009 में ही कांग्रेस जीती थी। इसके बाद से यहां भी भाजपा का कब्जा रहा है। इसके पहले भी भाजपा 1989 से 2004 तक इस सीट पर जीतती रही है।
जयस का मिला कांग्रेस को साथ
निमाड़ अंचल की दो सीटों खरगोन और खंडवा पर कांग्रेस को युवा आदिवासी संगठन जयस का साथ मिली है। इसके चलते कांग्रेस खरगोन सीट पर अपने को मजबूत मान रही है। मगर भाजपा ने भी पूरी ताकत इस सीट पर लगाई है। इस सीट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी की सभाएं हुई है। कांग्रेस इस सीट पर जयस के भरोसे अपनी जीत तलाश रही है।

 

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