सोमवार, 24 दिसंबर 2012

सांसद हुए आमने-सामने

भारतीय जनता पार्टी के दो सांसद एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं़ भारत स्काउट गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त के चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पहले आनन-फानन में सांसद अशोक अर्गल सहित तीन सदस्यों की सदस्यता समाप्त और एक सदस्य का नाम मतदाता सूची में नहीं होने का मामला तूल पकड़ गया है़ मामले को लेकर अर्गल ने अदालत की शरण ली है, वहीं वर्तमान राज्य मुख्य आयुक्त ने मामले की जांच कराने की बात कही है़ भारतीय जनता पार्टी के दो सांसद जीतेन्द्र बुंदेला और अशोक अर्गल एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं़ इस बार फिर भारत स्काउट गाइड के राज्य मुख्य चुनाव आयुक्त के पद के लिए जनवरी माह की 24 तारीख को वाले चुनाव को लेकर मामला गर्मा गया है़ पिछले तीन साल पहले जब इस पद के लिए चुनाव हुए थे, तब भी दोनों के बीच मामला गर्मा गया था़ चुनाव मैदान में अर्गल और बुंदेला आमने सामने थे, मगर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के हस्तक्षेप के कारण मामला टल गया और अर्गल मैदान से हट गए थे़ पिछले अनुभव को देखते हुए इस बार अधिसूचना जारी होने के पहले भारत स्काउट गाइड की कार्यकारिणी की बैठक में अशोक अर्गल सहित उनके दो समर्थकों चंद्रप्रकाश शिवहरे, महेन्द्र अग्रवाल की सदस्यता समाप्त करने और डी़एस़ राघव के नाम मतदाता सूची मे नहीं होने का फैसला कर डाला़ इस बात की खबर जब अर्गल और उनके समर्थकों को लगी तो मामले ने तूल पकड़ना शुरु कर दिया़ बात इतनी बड़ी की अर्गल और उनके समर्थकों ने एन चुनाव के पहले उन्हें अयोग्य घोषित कर सदस्य भी नहीं रहने दिया तो मामले को अदालत ले गए़ उधर जब मामला अदालत पहुंचने की खबर राज्य मुख्य आयुक्त जीतेन्द्र बुंदेला तक पहुंची तो उन्होंने मामले की जांच बैठा कर इस बात से पल्ला छाड़ लिया कि अधिसूचना जारी हो गई है अब वे कुछ नहीं कर सकते़ हालांकि बुंदेला तर्क देते हैं कि कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही वे इस मामले में कुछ कह पाएंगे़ भारत स्काउट गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त और खजुराहो संसदीय क्षेत्र से भाजपा के सांसद जीतेन्द्र बुंदेला ने लोकमत समाचार से कहा कि जिस दिन कार्यकारिणी की बैठक थी वे बैठक में शामिल नहीं हुए़ वे गुजरात चुनाव के कारण और परिवार के आयोजन होने की वजह से बैठक में नहीं पहुंचे थे़ अर्गल का उनके पास जब पत्र आया तो उन्होंने इस मामले में जांच बैठा दी है़ जांच समिति जल्द ही रिपोर्ट देगी, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है़ वैसे इस मामले में अब अधिसूचना जारी हो चुकी है, इस कारण वे अब कुछ कर नहीं सकते हैं़ अयोग्य घोषित किए गए चंद्रप्रकाश शिवहरे का कहना है कि उन्हें जब अयोग्य घोषित कर सदस्य भी नहीं रहने दिया तो उन्होंने और सांसद ने मामले को अदालत तक पहुंचा दिया है़ फिलहाल अवकाश है, जनवरी माह के पहले सप्ताह तक ही अदालत इस मामले में कुछ कदम उठाएगी़

शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2012

मिट्टी और पानी के लिए नमूने

सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूनियन कार्बाइड कारखाने के समीप बनी बस्तियों में पानी खराब होने के मामले में परीक्षण करने के आदेश देने के बाद आज इंडियन इंस्टीटयूट आफ टाकसिक रिसर्च (आईआईटीआर) लखनऊ की टीम ने मिट्टी और पानी के नमूने एकत्रित किए हैं़ करीब दो दर्जन से ज्यादा नमूने इस चार सदस्यीय दल ने लिए हैं़ दल और संगठन दोनों ने 70 से ज्यादा सेम्पल लिए हैं़ राजधानी के गैस पीड़ितों द्वारा यूनियन कार्बाइड कारखाने के समीप बनी बस्तियों आरिफ नगर और जे़पी़नगर सहित करीब डेढ़Þ दर्जन बस्तियों मेें पीने के पानी की खराबी को लेकर कई मर्तबा मुद्दा उठाया, मगर जब सरकार ने इस मामलें ध्यान नहंी दिया तो संस्थाओं ने सुप्रीम कोर्ट तक इस मामले को पहुंचाया़ सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करने के बाद यह आदेश दिए थे कि यहां की मिट्टी और पानी की जांच कराई जाए़ स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा लंबे समय से यह बात उठाई जा रही थी कि यूनियन कार्बाइड कारखाने परिसर में जो रसायन कचरे के रुप में पड़ा था उसके जहरीले होने से कारखाने के आस-पास की बस्तियों में पानी का पानी भी जहरीला सा हो गया है, इस पानी के पीने से लोग गंभीर भयावह बीमारियों से पीड़ित हो जाते हैं और कईयों की तो इस मामले में जान तक चली गई है़ संस्थाओं द्वारा मामले को लगातार निचली अदालत से उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने के बाद कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और यहां की मिट्टी और पानी के परीक्षण कराने के निर्देश दिए थे़ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आज इंडियन इंस्टीटयूट आफ टाकसिक रिसर्च (आईआईटीआर) लखनऊ की चार सदस्यीय टीम भोपाल पहुंची़ यह टीम डाक्टर वी़पी़शर्मा और एल़एऩश्रीवास्तव के नेतृत्व में भोपाल पहुंची है़ इस टीम ने सुबह से कारखाने परिसर और आस-पास बनी बस्तियों से मिट्टी और पानी के सैम्पल लेना शुरु किया़ शाम तक टीम द्वारा 30 मिट्टी और 7 सेम्पल पानी के लिए थे़ इतने ही सेम्पल गैस राहत भोपाल गैस पीड़ित संगठन ने लिए हैं़ संगठन इसकी जांच अपनी तरह से कराएगा़ यह टीम आज ही भोपाल से लखनऊ के लिए रवाना हो गई़ इसके बाद दोबारा एक और टीम के 15 अक्तूबर को भोपाल आने की खबर है़ बताते हैं कि आज के जो सेम्पल लिए हैं उनकी जांच के बाद आने वाली टीम जो जांच में सामने आएगा उस पर कार्य करेगी़ इसके बाद अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करके सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी़ गैस पीड़ित संगठन की पदाधिकारी रचना ढ़Þीगरा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह दल आया था जिसने आज सेम्पल कलेक्सन का कार्य किया है़ यह दल लखनऊ जाकर सेम्पल की जांच करेगा़ इसके बाद 15 अक्तूबर को लखनऊ से ही एक दल के और आने की संभावना है़ लखनऊ से आए दल ने 30 मिट्टी के और 7 पानी के सेम्पल लिए हैं़ इतने ही सेम्पल हमारे संगठन ने भी लिए हैं़ हम अपने सेम्पलों की जांच अलग से कराएंगे़

1 नहीं 11 सीटें चाहिए मध्यप्रदेश से

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में मध्यप्रदेश के पदाधिकारियों से साफ कहा है कि उन्हें विधानसभा चुनाव में सरकार और लोकसभा की 1 नहीं 11 सीटें चाहिए़ मायावती ने मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में संगठन के कार्यों की सराहना भी की और अधिक मजबूती के साथ मैदान में डटे रहते हुए भाजपा एवं कांग्रेस को टक्कर देने की बात कही़ बहुजन समाज पार्टी द्वारा मंगलवार को लखनऊ में आयोजित रैली में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से पहुंचे कार्याकर्ताओं की संख्या को देख बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती प्रसन्न तो हुई़साथ ही उन्होंने दोनों ही प्रदेशों में बसपा की सरकारें बनाना की बात पदाधिकारियों से कही़ मायावती ने रैली के दूसरे दिन बुधवार को कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश के पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश में संगठन के हो रहे कार्यों से खुश तो हैं, मगर जिस तरह से कार्य हो रहे हैं उसी तरह से प्रदेश में बसपा के पक्ष में परिणाम आने चाहिए़ मायावती ने कहा कि जिस तरह से मध्यप्रदेश में संगठन मजबूत हुआ है और बीते विधानसभा चुनाव एवं लोकसभा चुनाव में जो परिणाम आए हैं वे संतोषजनक तो नहीं, लेकिन फिर भी बसपा के ग्राफ को बढ़Þाने वाले ही साबित हुए हैं़ उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बसपा के वर्तमान में 7 विधायक और 1 सांसद हैं़ वे इससे संतुष्ट नहीं हैं़ अब प्रदेश में बसपा को सरकार बनाने के लिए काम करना चाहिए और लोकसभा में 1 नहीं बल्कि 11 सांसद मध्यप्रदेश से पहुंचना चाहिए़ लखनऊ से मध्यप्रदेश वापस लौटे कार्यकर्ता मायावती द्वारा प्रदेश संगठन के कामों की प्रशंसा करने पर खुश हैं, मगर इस बात को लेकर चिंतित भी है कि प्रदेश में सरकार बनाने के लिए वे अब किस तरह का कार्य करें़ प्रदेश के बसपा नेताओं की जल्द ही इस मामले को लेकर बैठक होनी है, इस बैठक में विधानसभा के 2013 एवं लोकसभा के 2014 के चुनाव के लिए वे रणनीति बनाएंगे़

गुरुवार, 11 अक्टूबर 2012

संदेश पढ़गे शिक्षक

शिक्षक दिवस पर राज्य की स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनिस ने जो संदेश पढ़Þा, उसे अब विभाग शिक्षकों को पढ़Þने के लिए हर जिले में भेज रहा है़ इस संदेश को पहले तो हजारों की संख्या में प्रकाशित कराया गया, इसके बाद अब इसे विशेष वाहन और विशेष वाहक के जरिए हर जिले में भेजने की व्यवस्था शिक्षा विभाग ने की है, जिस पर लाखों का खर्च किया जाएगा़ राज्य का स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों में शिक्षा का स्तर सुधारने से ज्यादा शिक्षकों के लिए काम करता नजर आ रहा है़ कभी विभाग संघ से जुड़ी किताबों को शिक्षकों को पढ़Þने की बात कहकर उन तक किताबें पहुंचाने का कहता है, विभाग कागजों पर निर्देश भी देता है, मगर निर्देशों पर अमल नहीं होते और न ही किताबें शिक्षकों तक पहुंच पाती है़ किताबों तक तो ठीक था अब स्कूल शिक्षा मंत्री ने एक कदम और आगे बढ़Þाकर नया फैसला सुना दिया, जिसके तहत अफसर इस काम में जुट गए़ स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनिस ने 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर जो संदेश का वाचन किया था वे उसे अब हर शिक्षक तक पहुंचाना चाहती है़ इसके पीछे मकसद क्या है यह तो विभाग के अफसर भी नहीं बता रहे हैं, मगर विभाग मंत्री के निर्देश पर अमल कर रहा है़ विभाग ने इसके लिए पहले तो संदेश को प्रकाशित कराया और अब उसे हर जिले में हर शिक्षक तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है़ सूत्रों के अनुसार विभाग द्वारा इसके यह तय किया गया कि 4 अक्टूबर तक राज्य के हर जिले में मंत्री के संदेश को शिक्षकों तक पहुंचा दिया जाए़ जिलों में पहुंचाने के लिए विभाग ने विशेष वाहन और विशेष वाहक का इंतजाम किया है़ राजधानी भोपाल से पहले यह संदेश संभाग मुख्यालय उज्जैन,इंदौर, भोपाल, होंशगाबाद, सागर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा और शहडोल भेजे जाएंगे़ यहां से फिर विशेष वाहन और वाहक के जरिए संदेश को जिलों में और फिर जिलों में पदस्थ अफसर संदेश को शिक्षकों तक पहुंचाने का काम करेंगे़ विभाग द्वारा करीब 5 लाख से अधिक की संख्या में संदेश का प्रकाशन कराया गया है़

‘कक्काजी’ के आंदोलन में दिखेगी गोंगपा !

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अब किसानों के मुद्दों पर भारतीय किसान संघ के पूर्व अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ‘कक्काजी’ के साथ नजर आएगी़ शर्मा ने भी गोंगपा को राज्य में तीसरी ताकत बताते हुए पार्टी से निकटता दिखाई है़ राज्य में जैसे-जैसे विधानसभा के 2013 में होने वाले चुनाव का समय समीप आ रहा है, राजनीति दलों में रणनीति का बदलाव भी तेज दिखाई देने लगा है़ आदिवासियों का नेतृत्व करने वाली पार्टी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने अब अपनी विचारधारा में बदलाव लाकर सर्वसमाज का नारा बुलंद करना शुरु कर दिया है़ पार्टी द्वारा आदिवासियों की समस्याओं के अलावा अन्य मुद्दों को लेकर भी सक्रियता दिखाई देने लगी है़ पार्टी ने किसानों की समस्याओं को लेकर अब किसान सम्मेलन आयोजित करना शुरु कर दिया है़ हाल ही में सिवनी जिले के बण्डोल में हुए किसान सम्मेलन में गोंगपा ने किसान नेता और भारतीय किसान संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ‘कक्काजी’ को बुलाकर उन्हें गोंडवाना अस्मिता सम्मान से सम्मानित कर यह जताया है कि किसानों के साथ जो रहेगा पार्टी उसका साथ देगी़ सम्मेलन में ‘कक्काजी’ ने भी खुलकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यों और उद्देश्यों की सराहना कर डाली़ इतना ही नहीं उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को किसान विरोधी बताया और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को राज्य में तीसरी उभरती ताकत बताया़ उन्होंने कहा कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी राज्य में तीसरा विकल्प बनकर उभरेगी़ ‘कक्काजी’ का गोंगपा के प्रति यह संबोधन गोंगपा के पदाधिकारियों को तो प्रसन्न कर गया, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों में चिंता खड़ी कर गया़ दोनों ही दल ‘कक्काजी’ के इस सम्मेलन में पहुंचने और लंबा भाषण देने से चिंता में पड़ गए हैं़ दोनों ही दलों के महाकौशल के नेताओें को इस बात की चिंता सताने लगी है कि कहीं कक्काजी गोंगपा का साथ न दे दें़ अगर ऐसा हुआ तो दोनों ही दलों के समीकरण बिगड़ जाएंगे़ हालांकि कक्काजी ने भी इस सम्मेलन में गोंगपा के पदाधिकारियों से चर्चा कर यह तय कर दिया है कि वे अब राज्य में जब भी किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन छेड़ेंगे गोंगपा उनके साथ होगी़ इस बात पर गोंगपा के पदाधिकारी भी सहमत नजर आए़ उन्होंने कक्काजी को यह आश्वासन दिया है कि वे बड़ा आंदोलन खड़ा करें जिसमें गोंगपा उनके साथ दिखाई देगी़ गोंगपा के इस आश्वासन से कक्काजी की सक्रियता भी बढ़Þ रही है़ उन्होंने बण्डोल में ही यह तय कर दिया है कि इसी साल वे फिर से किसानों की मांगों को लेकर एक भोपाल में बड़ा आंदोलन करेंगे़ बण्डोल में हुए किसान सम्मेलन का आयोजन गोंगपा ने किया था़ इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम, प्रदेश अध्यक्ष कमल मरावी सहित सभी प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे़

उठ सकता है प्रदेश कार्यकारिणी का मुद्दा

राज्य में बहुजन समाज पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन का मुद्दा लखनऊ में बसपा की होने वाली संकल्प राष्ट्रीय महारैली के दूसरे दिन होने वाली केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक में उठ सकता है़ हजारों की संख्या में प्रदेश के गए बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में से कुछ नेता इस मुद्दे को उठा सकते हैं़ राज्य में बहुजन समाज पार्टी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने के बाद अब तक प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है़ प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद आई़ए़एस़ मौर्य ने इस मामले में गंभीरता तो दिखाई, मगर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें संगठन को मजबूत करने की बात ही कही़ इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष लगातार जिलों को दौरा कर राज्य में बसपा को मजबूत करने के लिए काम करते नजर आए़ श्री मौर्य ने जिलों कार्यकारिणी का गठन तो कर दिया, मगर वे अपनी प्रदेश की कार्यकारिणी नहीं बना पाए हैं़ इस कारण नेताओं में लंबे समय से नाराजगी भी दिखाई दे रही है़ बसपा की मासिक बैठकों में प्रदेश प्रभारी राजाराम के सामने भी यह मुद्दा नेताओं ने उठाया, मगर उनकी बात सुनी नहीं गई़ प्रदेश अध्यक्ष श्री मौर्य ने इस मामले को लेकर अब तक यही बात कही कि वे अपनी कार्यकारिणी बनाकर लखनऊ भेज चुके हैं, मगर उन्हें अनुमति नहीं मिली है़ अब जबकि नेताओं को लखनऊ में कल 9 अक्टूबर को आयोजित बसपा संकल्प राष्ट्रीय महारैली में जाने का मौका मिला है तो वे इस रैली के बहाने राष्ट्रीय नेताओं से प्रदेश कार्यकारिणी के मुद्दे पर भी चर्चा करने का मन बनाकर भोपाल से लखनऊ के लिए रवाना हुए हैं़ बताया जाता है कि प्रदेश भर से इस रैली में भाग लेने के लिए करीब पांच से छह हजार की संख्या में नेता और कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे हैं़ लखनऊ पहुंचे प्रदेश के बसपा नेताओं ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की 10 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली बैठक में इस मुद्दे को उठाने का मन बना लिया है़ करीब एक दर्जन नेता इसी मंशा से लखनऊ गए हैं, और वे दूसरे दिन होने वाली कार्यसमिति की बैठक में भी उपस्थित रहेंगे़ बसपा नेताओं का कहना है कि 2013 में प्रदेश में विधानसभा का चुनाव होना है और अब तक पार्टी द्वारा प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं किया गया है़ इस स्थिति में संगठन को वे कैसे मजबूत करने का काम करें़ उनके पास पद है नहीं और वे किस हैसियत से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और कार्यकर्ताओं को निर्देश दें़ इस बात को वे राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में उठाएंगे़

क्षमता से ज्यादा कैदी

राज्य की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी बंद हैं़ वर्षों से उठ रही कैदियों की संख्या को देखते हुए जेलों सुविधाएं और क्षमता के हिसाब से जेल बनाने की मांग को सरकार द्वारा अब तक हरी झंडी नहीं मिली है़ राज्य की कुल 123 जेलों में 33,132 कैदी बंद हैं, जिनमें 1143 महिला बंदी हैं़ राज्य की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों को लेकर वर्षों से मुद्दा उठाया जा रहा है़ विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा समय-समय पर विधानसभा से लेकर अलग-अलग मंचों पर भी यह बात उठाई गई, मगर कैदियों के संख्या को देखते हुए जेलों की संख्या में इजाफा नहीं हो पाया है़ यही वजह है कि कैदियों को शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही है़ महिला कैदियों की संख्या तो ठीक है, मगर पुरुष कैदियों की हर तरह की जेलों सेंट्रल जेल, जिला जेल, सब जेल सभी में संख्या क्षमता से ज्यादा है़ राज्य में सेंट्रल जेलों की संख्या 8, जिला जेलों की संख्या 22, सब जेलों की संख्या 92 और ओपन जेल की संख्या 1 है़ इस तरह से कुल 123 जेलें हैं़ इन जेलों में जुलाई 2012 की स्थिति में जेल अधिनियम के तहत सेंट्रल जेल में 11,363 , जिला जेल में 5,984 और सब जेल में 8313 कैदियों की क्षमता है़ जबकि सेंट्रल जेल में 16,292, जिला जेल में 7,976 और सब जेल में 8,840 कैदी बंद थे़ इसके विपरीत राज्य की एक ओपन जेल होशंगाबाद में 25 कैदियों के रखने की क्षमता है, वहां पर 24 कैदी हैं़ इस जेल में 1 कैदी कम हैं़ राज्य की सभी जेलों में नियम के अनुसार पुरुष कैदियों की संख्या 24,065 और महिला कैदियों की संख्या 1620 होनी चाहिए़ जबकि वास्तविकता यह है कि जेलों में 31,989 पुरुष कैदी और 1143 महिला कैदी बंद हैं़ इस तरह से नियम के अनुसार राज्य की सभी 123 जेलों में 25,685 कैदियों की क्षमता है़ इसके विपरीत जुलाई माह में जेल विभाग द्वारा की गणना के अनुसार राज्य की सभी जेलों में 33,132 कैदी बंद थे़ जेल संख्या क्षमता कुल कैदी पुरुष महिला पुरुष महिला सेंट्रल जेल 08 10,776 587 15734 558 जिला जेल 22 5550 434 7527 449 सब जेल 92 7714 599 8704 136 ओपन जेल 01 25 00 24 00 कुल 123 24065 1620 31989 1143

18 हजार से अधिक हुए गर्भपात

राज्य के शासकीय और निजी चिकित्सालयों में 4 माह में 18 हजार से ज्यादा गर्भपात हुए हैं़ इनमें राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा 5 हजार से अधिक गर्भपात होना पाया गया है़ जानकारों की माने तो इनमें से अधिक कन्या भू्रण के मामले हैं़ बड़ी संख्या में हो रहे गर्भपातों के कारण बेटी बचाओ अभियान की सफलता पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है़ राज्य सरकार ने एक साल पहले भू्रण हत्या को रोकने के लिए चलाए बेटी बचाओ अभियान का परिणाम कागजों पर ही दिखाई दिया़ सच्चाई यह कुछ और ही बयां करती नजर आ रही है़ राज्य में अब भी भ्रूण हत्या के मामले रुक नहीं रहे हैं़ इसी वर्ष अप्रैल माह से लेकर जुलाई माह के बीच राज्य में 18,358 मामले ऐसे आए हैं जिनमें महिलाआें का शासकीय और निजी चिकित्सालयों में गर्भपात कराया गया है़ इन मामलों में राजधानी भोपाल राज्य में सबसे ऊपर है़ राजधानी में अप्रैल से जुलाई के बीच चार माह में की समयावधि में 5944 गर्भपात होना पाया गया है़ इनमें निजी चिकित्सालयों में हुए गर्भपात की संख्या 1244 थी, जबकि शेष गर्भपात 4700 गर्भपात शासकीय चिकित्सालयों में हुए हैं़ भोपाल के बाद ग्वालियर में 1301, जबलपुर में 872, इंदौर में 858 गर्भपात हुए हैं़ राज्य में दिनों दिन भ्रूण हत्या के मामलों की संख्या बढ़Þती जा रही है़ सरकार बेटी बचाओ अभियान का ढ़िÞढोरा पीटकर बेटी बचाने की बात कही जा रही है, मगर ये आंकड़े सरकार की खुद कमजोरी को बयां कर रहे हैं़ राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में पूरे पचास जिलों का सर्वे कराकर भ्रूण हत्या के मामलों की जानकारी जुटाई थी, जिसमें यह बात सामने आई है कि राज्य में अप्रैल माह से लेकर जुलाई माह के बीच 18,358 गर्भपात हुए हैं़ इनमें 12 सप्ताह के बीच होने वाले गर्भपात की संख्या 6434, 12 सप्ताह से ज्यादा के गर्भपात होने की संख्या 1088 पाई गई है़ इसके अलावा 7759 गर्भपात भी हुए हैं जिनके बारे में विभाग को भी सच्चाई की जानकारी नहीं है़ हालांकि सूत्रों की माने तो ये सभी मामले कन्या भ्रूण हत्या के हैं़ लिंग परीक्षण पर पाबंदी होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में गर्भपात होने की जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग खुद सकते में आया है़ महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसर तो इन दिनों इस मामले को लेकर लगातार समीक्षा कर रहे हैं कि आखिर बेटी बचाओ अभियान में कहां पर कमी रह गई है़ महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों में अब इस अभियान के बारे में पूरा विस्तृत विवरण जिलों में पदस्थ अफसरों से मांगा हैं़ किस जिले में कितने गर्भपात भोपाल 5944 ग्वालियर 1301 जबलपुर 872 इंदौर 858 होशंगाबाद 505 धार 494 भिण्ड 417 सीधी 380 राजगढ़Þ 379 बड़वानी 365 खरगोन 356 सतना 335 सीहोर 329 मुरैना 325 बैतूल 319 उज्जैन 315 मंडला 309 सागर 272 रीवा 270 झाबुआ 255 विदिशा 239 रतलाम 224 रायसेन 220 छिंदवाड़ा 215 छतरपुर 212 सिवनी 185 दमोह 176 अशोकनगर 174 शाजापुर 155 उमरिया 136 डिंडोरी 127 गुना 125 शिवपुरी 124 पन्ना 124 नरसिंहपुर 118 अलीराजपुर 105 सिंगरौली 104 मंदसौर 104 खण्डवा 101 टीकमगढ़Þ 99 बालाघाट 98 शहडोल 94 अनूपपुर 93 दतिया 93 हरदा 76 श्योपुर 65 कटनी 61 देवास 60 बुरहानपुर 46 नीमच 5

किसान को मुद्दा बनाएगी गोंगपा

आदिवासियों के पार्टी के रुप में पहचान बना चुकी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अब किसानों को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है़ पार्टी द्वारा महाकौशल अंचल के अलग-अलग स्थानों पर किसान सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है़ सम्मेलनों में पार्टी किसानों के लिए चलाई गई योजनाओं की विफलताओं को गिनाने का काम कर रही है़ गोंणवाना गणतंत्र पार्टी ने हाल ही में सभी वर्ग को साथ लेकर 2013 के विधानसभा चुनाव लड़ने के निर्णय लेने के बाद अब आदिवासियों के अलावा अन्य वर्ग के मुद्दों को भी उठाना शुरु कर दिया है़ पार्टी ने अपने गढ़Þ महाकौशल में किसानों की समस्याओं को लेकर सम्मेलनों को आयोजन कर किसानों को पार्टी की ओर आकर्षित करना शुरु कर दिया है़ पार्टी द्वारा इस तरह के सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अधिक से अधिक संख्या में किसानों को जोड़ा जा रहा है़ गोंगपा द्वारा किसानों की समस्याओं को लेकर फिलहाल सिवनी जिले में इस तरह के सम्मेलनों की शुरुआत की गई है़ जिले के ग्राम कढ़Þी में बीते दिनों पार्टी को सम्मेलन की अनुमति न दिए जाने के बाद ग्राम कोटवार को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा़ यहां पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से अब किसी भी मांग या शिकायत न करने का भी पार्टी ने फैसला किया़ इसके बाद अब पार्टी किसान सम्मेलनों के लिए सक्रिय हो गई है़ गोंगपा ने अब 7 अक्टूबर को सिवनी जिले के बण्डोल में किसान सम्मेलन का आयोजन किया है़ इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में किसानों को लाने का प्रयास पार्टी द्वारा किया जा रहा है़ पार्टी का लक्ष्य है कि किसानों की समस्याओं को सम्मेलनों के जरिए किसानों को अवगत कराया जाए़ पार्टी सम्मेलनों में सरकार द्वारा किसानों के लिए जो घोषणाएं कि विशेषकर 50,000 तक के ऋण की माफी व अन्य को लेकर किसानों को सक्रिय कर उन्हें सरकार से घोषणा पर अमल कराने के लिए दबाव बनाने की बात कही जाए़ इस तरह से गोंगपा द्वारा किसानों को साथ में लेकर सरकार के खिलाफ माहौल खड़ा करना भी है़ कक्काजी का करेंगे सम्मान ? गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने किसानों के सम्मेलनों में भारतीय किसान संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी का सम्मान करने का भी निर्णय लिया है़ हालांकि अभी कक्काजी ने इस मामले में अनुमति नहीं दी है़ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के सिवनी जिला इकाई के प्रवक्ता विवेक डेहरिया ने इस बात की पुष्टि की है़ उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याओं को लेकर कक्काजी ने संघर्ष किया और लड़ाई लड़ी, मगर वे भाजपा में चली गुटबाजी के शिकार हो गए़ उन्होंने बताया कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने यह फैसला किया है कि कक्काजी को हम किसान सम्मेलनों में साथ में रखकर किसानों के बीच उन्हीं से सच कहलवाएं कि सरकार किसानों के लिए क्या कर रही है़ श्री डेहरिया ने बताया कि कक्काजी से अभी चर्चा हुई है, उन्होंने अपना फैसला नहीं सुनाया है़ जल्द ही वे हमें उन्हें सम्मानित करने के हमारे निर्णय पर मान जाएंगे़

रविवार, 30 सितंबर 2012

राज्यपाल के नाम कोटवार को ज्ञापन

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने यह अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल तक पहुंचने का अनूठा तरीका निकाला है़ इसके तहत उसने गांव के कोटवार को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें राज्यपाल तक पहुंचाने की बात कही है़ कोटवार ने भी ज्ञापन लेकर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करा दिया है कि वह उनका आवेदन राज्यपाल को पहुंचा देगा़ प्रदेश सरकार से खफा चल रही गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की सिवनी जिला इकाई ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को अब आदिवासियों और किसानों की समस्याओं को लेकर किसी भी तरह का आवेदन देने या ज्ञापन नहीं भेजने का निर्णय लिया है़ पार्टी ने तय किया है कि वे अब जो भी बात समस्या होगी उसे सीधे राज्यपाल को बताएंगे़ गोंगपा की सिवनी जिला इकाई 27 अक्टूबर को जिले के कड़ी ग्राम में किसान सम्मेलन की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा न दिए जाने से खफा हैं़ इस कारण उसने विरोध का यह नया अनूठा कदम उठाया है़ पार्टी के सिवनी जिला अध्यक्ष हरीशचंद्र उइके का कहना है कि हम पूर्व में जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित कई ज्ञापन और आवेदन भेज चुके हैं, मगर आदिवासियों की कोई सुनवाई नहीं हुई है़ इस कारण हमने यह तय किया है कि भाजपा जो अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात कहती है, उसे यह दिखाएं की हम भी हमारी मांग राज्य के प्रथम नागरिक राज्यपाल तक गांव के अंतिम व्यक्ति के माध्यम से पहुंचाएंगें़ उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार द्वारा किसानों को लेकर जो भी अब तक घोषणाएं की गई उनमें किसान को कोई फायदा नहीं हुआ़ घोषणाओं पर प्रशासन अमल ही नहीं कर रहा है़ सरकार को इस बारे में हमने ज्ञापन के जरिए कई मर्तबा कहा, मगर हमारी सुनवाई होती ही नहीं है़ इस कारण पार्टी ने यह तय किया है कि अब राज्य के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पार्टी आदिवासियों और किसानों की समस्याओं के बारे में कुछ भी नहीं बताएगी़ पार्टी अब सीधे राज्यपाल को ही ज्ञापन सौंपेगी़ गोंगपा के सिवनी जिला के मीडिया प्रभारी विवेक डहरिया ने बताया कि गोंगपा वोट मांगने का काम नहीं कर रही, बल्कि किसानों और आदिवासियों की समस्याओं को लेकर काम कर रही है़ इसी के तहत लगातार हम किसानों और आदिवासियों की समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन करते रहे हैं, मगर अब तक सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री ने हमारी कोई बात नहीं सुनी है़ इसी कारण हमने अब गांव के कोटवार के माध्यम से हमारी बात राज्यपाल तक पहुंचाने का प्रयास किया है़ इसके तहत सिवनी जिले के ग्राम कड़ी में हमने कोटवार लेखराम शेण्डे को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा है़ जिसमें यह निर्णय भी राज्यपाल को बताया गया है कि अब हम मुख्यमंत्री को कोई भी आवेदन या ज्ञापन नहीं सौंपेंगे़

सपा ने शुरु की जोड़-तोड़ की कवायद

समाजवादी पार्टी ने 2013 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए दूसरे दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ने की कवायद शुरु कर दी है़ सपा ने 11 स्थानों पर संभागीय सम्मेलनों का आयोजन करना तय किया है़ इन सम्मेलनों में जिला अध्यक्षों के कामों की समीक्षा के साथ दूसरे दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक संख्या में पार्टी में लाने का काम किया जाएगा़ समाजवाद वादी पार्टी ने प्रदेश में 2013 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए सक्रियता बढ़Þा दी है़ पार्टी द्वारा दूसरे दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सपा में लाने की कवायद की जाने लगी है़ पार्टी ने इसके लिए राज्य में 11 स्थानों पर संभागीय सम्मेलनों के आयोजन करने का फैसला कर लिया है़ इसके शुरुआत आज शिवपुरी जिले में आयोजित संभागीय सम्मेलन से कर दी है़ पार्टी द्वारा पूर्व में भी सम्मेलन किए गए, तब सम्मेलनों में जिला इकाईयों को मजबूत करने का मकसद था, लेकिन अब पार्टी का मकसद अधिक से अधिक संख्या में सदस्य बनाने के साथ दूसरे दलों के उपेक्षित नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाना है़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव ने कोलकाता में हाल ही में हुए पार्टी के अधिवेशन से लौटने के बाद इस काम को शुरु कर दिया है़ उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों के साथ-साथ जिला अध्यक्षों को साफतौर पर कह दिया है कि वे सदस्य संख्या बढ़Þाने के साथ-साथ इस बात पर ज्यादा ध्यान दें कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के उपेक्षित नेता और कार्यकर्ता हमारे दल में आएं़ इस लिहाज से उन्होंने संभागीय सम्मेलनों की शुरुआत की है़ पार्टी अध्यक्ष ने एक सम्मेलन में कम से कम एक से लेकर दो हजार तक सदस्य बनाने की बात भी कही गई है़ सपा द्वारा आयोजित किए जा रहे सम्मेलनों में राष्ट्रीय नेताओं को भी बुलाने का प्रयास किया जा रहा है़ आज शिवपुरी में हुए सम्मेलन में पार्टी ने बांदा के सांसद आरक़े़सिंह पटेल के अलावा मोहम्मद उस्मान और प्रदेश सपा के प्रभारी विसम्भर निषाद को बुलवाया था़ इसके अलावा अन्य स्थानों पर होने वाले सम्मेलनों में भी पार्टी का प्रयास यह है कि अधिक से अधिक संख्या में राष्ट्रीय नेताओं को बुलाया जाए जिससे कार्यकर्ताओं में यह संदेश मिले की सपा का लक्ष्य प्रदेश में मजबूती पाना है़ सपा द्वारा संभागीय सम्मेलनों के अलावा बैतूल में लोहिया वाहिनी का प्रदेश सम्मेलन 11 अक्टूबर को ओर सागर में पार्टी का प्रदेश सम्मेलन 28 अक्टूबर को आयोजित किया गया है़ इसके अलावा सागर जिले के राहतगढ़Þ में एक सभा का आयोजन भी 20 अक्टूबर को किया जा रहा है़ इस सभा में उत्तरप्रदेश से राष्ट्रीय नेताओं को बुलाने की कवायद भी पार्टी द्वारा की जा रही है़ कहां कब होंगे सम्मेलन 7 अक्टूबर इंदौर 9 अक्टूबर पैटलावद, झाबुआ 12 अक्टूबर जबलपुर 14 अक्टूबर बालाघाट 16 अक्टूबर मुरैना 30 अक्टूबर सीधी 2 नवंबर उज्जैन 3 नवंबर रतलाम 5 नवंबर छतरपुर 10 नवंबर उमरिया

गुरुवार, 24 मई 2012

वंशवाद में घिरी कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस वंशवाद की परंपरा से घिरती जा रही है़ विधानसभा के उपचुनाव हों, या फिर मुख्य चुनाव कांग्रेस नेताओं का प्रयास यही रहता है कि उनकी किसी परिजन को ही टिकट मिले़ यही जून में महेश्वर में होने जा रहे उपचुनाव के लिए हुआ़ यहां भी राज्यसभा सदस्य डॉ़ विजय लक्ष्मी साधौ विरोध के बाद भी अपने भाई देवेन्द्र साधौ को टिकट दिलाने में सफल हो गर्इं़ उपचुनाव में वैसे कांग्रेस को वंशवाद महंगा ही पड़ा है़ वर्तमान विधानसभा में कांग्रेस को मात्र एक ही सीट पर जीत हासिल हुई, जबकि वंशवाद के चलते तीन स्थानों पर उसे हार का मुंह देखना पड़ा है़ प्रदेश कांग्रेस में वर्षों से चली आ रही वंशवाद की परंपरा अब भी जारी है़ इस परंपरा के चलते कांग्रेस में जमीनी नेता को पद से लेकर चुनाव में टिकट तक से वंचित होना पड़ता है़ चाहे विधानसभा के मुख्य चुनाव हों या फिर उपचुनाव वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का यही प्रयास रहता है कि पहली प्राथमिकता उनके परिवार के सदस्य को मिले़ वर्तमान विधानसभा के लिए हुए अब तब पांच उपचुनाव में भी यही देखने को मिला है़ सद््भावना लहर का फायदा राष्ट्रीय नेतृत्व को दिखाकर कांग्रेस के नेता वंशवाद की बेल को आगे तो बढ़Þा ले जाते हैं, मगर परिणाम पार्टी हित में नहीं ला पाते हैं़ तेरहवीं विधानसभा के अब तक के हुए पांच उपचुनाव में कांग्रेस ने चार स्थानों गोहद, जबेरा, कुक्षी और सोनकच्छ में परिवारवाद के चलते कांग्रेस नेता टिकट तो दिला पाए, मगर उन्हें फायदा केवल एक स्थान गोहद में मिला़ यहां पर स्वर्गीय माखनलाल जाटव के पुत्र रणवीर जाटव को कांग्रेस ने खड़ा किया, जिन्हें सद्भावना लहर का फायदा भी मिला़ इसके अलावा कुक्षी में नेता प्रतिपक्ष रही स्वर्गीय जमुनादेवी की भतीजी निंशा सिंघार, सोनकच्छ में सांसद सज्जनसिंह वर्मा के भाई अर्जुन वर्मा और जबेरा में स्वर्गीय रत्नेश सालोमन की पुत्री तान्या रत्नेश सालोमन को कांग्रेस ने टिकट दिया, मगर इन तीनों ही स्थानों पर उसे हार का मुंह देखना पड़ा़ केवल एक उपचुनव तेंदूखेड़ा में कांग्रेस परिवारवाद से जरुर उभरी, लेकिन यहां भी सांसद बने राव उदयप्रताप सिंह के समर्थक विश्वनाथ को टिकट मिला, मगर उन्हें भी हार का मुंह देखना पड़ा़ कांग्रेस में वंशवाद की परंपरा तो बढ़Þ रही है,मगर नेता अपने परिजनों को जीत नहीं दिला पा रहे हैं़ हालांकि ये परिणाम उपचुनाव के हैं़ कांग्रेस इन स्थानों पर नेताओं के बीच गुटबाजी की भी शिकार हो रही है जिस कारण वंशवाद को भी हार का मुंह देखना पड़ा है़ महेश्वर में एक बार फिर कांग्रेस ने वंशवाद की बेल को आगे बढ़Þाते हुए राज्यसभा सदस्य डॉ़ विजय लक्ष्मी साधौ के भाई देवेन्द्र साधौ पर दाव खेला है़ यहां देखना है कि कांग्रेस को कितना फायदा मिलता है़ 12 जून को होने वाले मतदान के लिए अभी से यहां पर निमाड़ के नेताओं के बीच गुटबाजी दिखाई दे रही है़

माइग्रेशन कार्ड दूर करेगा शिक्षा की बाधा

राज्य में पलायन करने वाले मजदूरों एवं लोगों के बच्चों की पढ़Þाई में आने वाली बाधा को अब माइग्रेशन कार्ड दूर करेगा़ राज्य शिक्षा केन्द्र पीले रंग का एक कार्ड बनवाकर ऐसे बच्चों के पालकों को देगा जिसे वे जहां काम पर जाएं वहां पर शिक्षक को देने पर बच्चों की पढ़Þाई जारी रख सकेंगे़ साथ ही बच्चा मूल शाला में नामांकित भी रहेगा़ राज्य शिक्षा केन्द्र ने प्रदेश में कराए एक सर्वे के अनुसार राज्य के 15 जिलों भिंड, दतिया, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खण्डवा, बुरहानपुर, बैतूल, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़Þ, मण्डला, बालाघाट, उमरिया में सर्वाधिक पलायन की स्थिति प्रत्येक वर्ष निर्मित होती है़ पलायन का सर्वाधिक प्रभाव बच्चों की पढ़Þाई पर पढ़Þता है़ इस सर्वे में यह जानकारी सामने आई कि राज्य में तीन तरह का पलायन होता है़ एक तो जिले में दूसरा जिले से बाहर और तीसरा पलायन राज्य से बाहर याने मध्यप्रदेश से बाहर का होता है़ इस पलायन को रोकने के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र ने एक योजना बनाई जिसमें पलायन करने वाले अभिभावकों को पहले शिक्षक यह समझाईश देेंगे की वे बच्चें को छात्रावास में छोड़ दें़ इसके बाद अगर अभिभावक नहीं माने हैं तो ऐसे बच्चों का एक कार्ड बनवाया जाए़ राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा पीले रंग का माइग्रेशन कार्ड पलायन करने वाले बच्चों के लिए बनवाया जाएगा़ इस कार्ड में बच्चे के शिक्षा का स्तर,भाषा और उसका कोर्स भी लिखा जाएगा़ यह कार्ड जिला स्तर पर बनवाया जाएगा़ इस कार्ड के बनवाने के पीछे मकसद यह है कि राज्य के सभी शासकीय स्कूलों में तो समान रुप से कोर्स होता है,मगर दिक्कत उन बच्चों को होती है जिनके पालक प्रदेश से बाहर पलायन कर जाते हैं़ इन बच्चों को भाषा एवं कोर्स संबंधी मुसीबतों को सामना करना पड़ता है जिस कारण वे पढ़Þाई में पिछड़ जाते हैं़ अब प्रदेश से बाहर पलायन करने वाले अभिभावकों के बच्चों को यह समझाइश दी जाएगी कि वे जहां भी काम पर जाएं वहां पर शिक्षक से संपर्क कर बच्चे को स्कूल भेजें़ वहां पर शिक्षक को माइग्रेशन कार्ड बताएं जिससे वहां पर बच्चे की पढ़Þाई हो सके़ राज्य शिक्षा केन्द्र प्रदेश के पड़ौसी राज्यों में संपर्क कर वहां के शिक्षा विभाग से मध्यप्रदेश के पलायन कर जाने वाले बच्चों की पढ़Þाई में मदद करने की बात कहेगा़ राज्य शिक्षा केन्द्र की इस पहले में 6 से 14 वर्ष के बच्चों को समाहित किया गया है़

छोटे दलों से गठबंधन करेगी सपा

समाजवादी पार्टी प्रदेश में 2013 के विधानसभा चुनाव के लिए राज्य के छोटे दलों से गठबंधन कर मैदान में उतरेगी़ इसके लिए पार्टी ने अभी से प्रयास शुरु कर दिए हैं़ गठबंधन में वह बसपा व उसकी सोच वाले दलों से दूरी बनाएगी़ समाजवादी पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई अब आगामी विधानसभा के लिए सक्रिय हो गई है़ पार्टी ने अभी से मिशन 2013 की तैयारी शुरु कर दी है़ संभागीय सम्मेलनों के साथ ही सोमवार को प्रदेश पदाधिकारियों एवं जिला अध्यक्षों की घोषणा कर समाजवादी पार्टी ने यह संकेत दिए हैं कि वह प्रदेश में एक बड़ा जनाधार जुटाने का प्रयास कर रही है़ सपा द्वारा अब जल्द ही प्रदेश के हर जिले में जिला कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर विधानसभा चुनाव के लिए तैयार किया जाएगा़ समाजवादी पार्टी ने मिशन 2013 को लक्ष्य रखते हुए यह रणनीति अपनाई है कि अब प्रदेश पदाधिकारियों की जब भी बैठक हो उसमें राष्ट्रीय नेता भी शामिल हों, इससे पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ताओं को और सक्रिय किया जा सकेगा़ समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव ने आगामी वर्ष 2013 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राज्य के छोटे दलों एवं क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने की रणनीति तय की है़ इस रणनीति में वह गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, समानता दल के अलावा क्षेत्रीय दलों को अपने साथ करके चुनाव लड़ने की योजना तय की है़ सपा इसके अलावा भाजपा और कांग्रेस के बागी उम्मीदवारों पर भी अभी से निगाहें जमाए हुए है़ प्रदेश अध्यक्ष ने नयी कार्यकारिणी घोषित करने के साथ यह तय कर दिया है कि पदाधिकारी कांग्रेस और भाजपा के ऐसे नेताओं पर निगाह रखें जिन्हें ये पार्टियां टिकट नहीं देंगी, मगर उनका क्षेत्रों में अच्छा खासा दबदबा हो़ ऐसे उम्मीदवारों की सूची तैयार करने का काम भी पदाधिकारियों को प्रदेश अध्यक्ष ने सौंपा है़ प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव ने कहा कि वे आगामी चुनाव के लिए अभी से छोटे दलों से संपर्क कर रहे हैं़ उन्होंने बामपंथी विचारधारा वाले दलों के नेताओं से भी इस संबंध में संपर्क किया है़ इसके अलावा वे गोंगपा व समानता दल के नेताओं से भी संपर्क कर इस संबंध में जल्द ही चर्चा करेंगे़ श्री यादव ने इस बात से साफ मना कर दिया कि सपा राज्य में बहुजन समाजवादी पार्टी या फिर उस जैसे विचार वाले दल या लोगों से किसी तरह को गठबंधन नहीं करेंगे़ उन्होंने बताया कि पार्टी द्वारा बघेलखंड में जल्द ही एक बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा, जिसमें उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आमंत्रित किया जाएगा़

निशाने पर आदिवासी नेता

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के निशाने पर अब भाजपा के आदिवासी नेता और मंत्री आ गए हैं़ पार्टी ने इन नेताओं के खिलाफ अभियान चलाकर आदिवासी मतदाता के बीच पहुंचकर उनकी पोल खोलने की रणनीति बनाई है़ गोंगपा द्वारा पूर्व सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते और पूर्व मंत्री एवं भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष ओमप्रकाश धुर्वे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है़ दोनों ही नेताओं की संपत्ति की जांच की मांग गोंगपा ने की है़ इसके बाद भाजपा के अन्य आदिवासी पदाधिकारियों के खिलाफ भी ऐसा ही अभियान चलाने की बात पार्टी द्वारा की जा रही है़ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा अब भारतीय जन पार्टी के उन आदिवासी नेताओं के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है जो पार्टी में पदाधिकारी हैं या फिर सरकार में मंत्री़ गोंगपा ने आदिवासी नेताओं का विरोध पूर्व सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते का विरोध कर शुरु किया है़ पार्टी द्वारा कुलस्ते के खिलाफ मंडला जिले में आदिवासियों मतदाता के बीच पहुंचकर उनके द्वारा आदिवासियों की उपेक्षा कर संपत्ति किस तरह बनाई गई इसकी जानकारी दी जा रही है़ इसके अलावा कुलस्ते के विरोध में पूर्व में धरना-प्रदर्शन भी पार्टी द्वारा किया जा रहा है़ कुलस्ते के अलावा पूर्व मंत्री और भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष एवं डिण्डोरी जिला पंचायत के अध्यक्ष ओमप्रकाश धुर्वे के खिलाफ अब गोंगपा ने अभियान छेड़ा है़ इसकी शुरुआत बीते सप्ताह डिण्डोरी जिले के करंजिया में दिए गए धरना प्रदर्शन से शुरु हुई़ गोंगपा द्वारा यह धरना श्री धुर्वे के खिलाफ था़ पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि धुर्वे द्वारा लगातार आदिवासियों की उपेक्षा की जाती रही है़ गोंगपा के राष्ट्रीय महासचिव श्याम मरकाम ने कहा कि धुर्वे के खिलाफ लोकयुक्त में जांच होने के बाद मामला लंबित है, उन पर कार्रवाई नहीं की गई है़ इसके अलावा वे जब मंत्री रहे तब डिण्डोरी जिले में विकासकार्यों के लिए करीब 24 करोड़ रुपए शासन से आए थे, जिसमें से मात्र 12 करोड़ रुपए ही खर्च हुए हैं़ शेष राशि का कोई अता-पता नहीं है़ श्री मरकाम ने कहा कि हमने धरना देकर मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे धुर्वे की संपत्ति की जांच कराएं़ श्री मरकाम ने आरोप लगाया कि धुर्वे जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और वे आदिवासी सरपंचों पर दबाव देकर काम कराने का प्रयास करते हैं़ उन्होंने आरोप लगाया कि धुर्वे द्वारा डिण्डोरी जिले के सरपंचों को धारा 40 का डर दिखाकर काम करा रहे हैं़ सरपंच न चाहकर भी उनके अनुसार काम कर रहे हैं़ श्री मरकाम ने कहा कि पार्टी ने मुख्यमंत्री से श्री धुर्वे के एनजीओ और उनकी संपत्ति की जांच कराने की मांग की है़

वृंदा तलाश गई जमीन

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने राजधानी भोपाल में राज्य सचिवों की बैठक में शामिल होकर मध्यप्रदेश में माकपा के लिए राजनीतिक जमीन तलाशी़ उन्होंने राज्य के 11 जिलों में वामपंथी विचारधारा से जुड़े दलों को अपने साथ मिलाकर गरीबों के हित में और उद्योगपतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ने का प्रदेश इकाई को संकेत दे दिया़ प्रदेश इकाई अब इन 11 जिलों में अपनी सक्रियता बढ़Þाकर संगठन को मजबूत करेगी़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य सचिवों की बैठक में आई पार्टी की पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने बैठक में माकपा को मध्यप्रदेश में मजबूत करने की बात कही़ उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों से यह जाना कि संगठन किन जिलों में सक्रिय है़ इसके अलावा उन जिलों में किस तरह की परेशानियों से लोगों को जूझना पड़ रहा है़ वृंदा ने खासतौर पर गरीबों के अलावा आदिवासी वर्ग के बारे में हर उस पहलू की जानकारी हासिल की जिससे पार्टी उनके निकट पहुंच सके़ प्रदेश इकाई ने गरीबों को उनके अधिकार न मिलने और आदिवासियों की जमीन उद्योगपतियों को देने की जानकारी वृंदा को दी़ प्रदेश इकाई द्वारा चिन्हित किए 11 जिलों की जानकारी हासिल करने के बाद वृंदा ने प्रदेश इकाई को साफ संकेत दिए की वे जल्द ही संगठन को मजबूत करें और इन 11 जिलों में अपनी सक्रियता बढ़Þाएं़ संगठन ने जो 11 जिले वृंदा को बताए उनमें विंध्य-महाकौशल के जिले प्रमुख रुप शामिल हैं़़ इन 11 जिलों में सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, जबलपुर, सिवनी, मुरैना, भिण्ड हैं़ इसके अलावा दो जिले इंदौर और धार को भी माकपा ने अपने एजेंडे में रखा है़ इन जिलों में माकपा का संगठन पूर्व से ही सक्रिय रहा है़ यहां पर माकपा द्वारा उद्योगपतियों को सरकार द्वारा दी गई जमीन के खिलाफ माकपा का आंदोलन समय-समय पर होता रहा है़ प्रदेश इकाई द्वारा जानकारी हासिल कर वृंदा ने साफ संकेत दिए हैं कि संगठन पहले अपने कार्यक्षेत्र वाले 11 जिलों में और बाद में 2 जिलों इंदौर और धार में संगठन को मजबूत करे साथ ही वामपंथी विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़े़ उन्होंने आदिवासियों की जमीन उद्योगपतियों को दिए जाने के मामले को गंभीरता से लेने की बात भी कही़ वृंदा ने खासतौर पर प्रदेश संगठन को गरीबों के हित में लड़ाई लड़ने व आदिवासियों को उनके अधिकार दिलाने के लिए सक्रिय किया़ वहीं उद्योगपतियों को जिन्हें जमीन सरकार द्वारा दी गई है उनके खिलाफ गरीबों एवं आदिवासियों के साथ किस तरह व्यवहार किया जा रहा है उसकी जानकारी लेकर उद्योगपतियों के खिलाफ लोगों को लामबंद करने की बात कही़ वृंदा का साफ इशारा था वर्ष 2013 एवं 2014 के विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में प्रदेश में पार्टी की ऐसी पकड़ हो जिससे प्रदेश से उसके प्रत्याशी विजयी हों़

फिर खफा किसान संघ

भारतीय किसान संघ एक बार फिर सरकार से खफा दिखाई दे रहा है़ संघ इस बार राजधानी में 21 मई को आयोजित धरने के लिए स्थान को लेकर नाराज है़संघ शासन द्वारा कानून का हवाला देने को दमनकारी कानून बता रहा है़ संघ का कहना है कि उसके धरने को लेकर शासन बाधा डालता है तो किसान सरकार के खिलाफ हो जाएंगे़ भारतीय किसान संघ की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष बदले जाने के बाद संघ के तेवर कम होते नजर नहीं आ रहे हैं़ संघ एक बार फिर सरकार के नाराज हो गया है़ संघ इस बार आक्रामक भूमिका में आ गया है़ विवाद की स्थिति तब बनी जब संघ ने प्रदेश अध्यक्ष पद से शिवकुमार शर्मा कक्काजी और उपाध्यक्ष पद से दर्शन सिंह चौधरी को हटाया़ इसके बाद प्रभारी अध्यक्ष के रुप में संघ ने सुरेश गुर्जर की नियुक्ति की़ इस वक्त सरकार ने जरुर राहत की सांस ली थी, मगर अपनी नियुक्ति के बाद ही गुर्जर बरेली कांड से जुड़े किसानों की रिहाई के लिए 21 मई से भोपाल में प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने की घोषणा कर दी़ इस घोषणा के साथ ही संघ ने राजधानी के नीलम पार्क पर धरने की अनुमति मांगी़ इस अनुमति को लेकर भोपाल जिला प्रशासन ने संघ के पदाधिकारियों को साफ कह दिया कि धरना नीलम पार्क में नहीं,बल्कि जंबूरी मैदान पर करें़ जिला प्रशासन के इस जवाब के बाद किसान संघ सकते में आ गया़ संघ के पदाधिकारी जिला प्रशासन के इस जवाब के बाद भोपाल में एक बार फिर एकत्रित होने लगे हैं़ उनका कहना है कि वे धरना नीलम पार्क में ही देंगे़ संघ का कहना है कि जब किसान संघ ने 20 दिसंबर 2011 को राजधानी में चक्काजाम किया तब किसी नागरिक को कोई परेशानी नहीं हुई, कहीं उत्तेजना नहीं फैली, फिर सरकार इस बार धरने को लेकर क्यों चिंतित है़ किसान संघ के प्रभारी अध्यक्ष सुरेश गुर्जर का कहना है कि सरकार जो हमें कानून व्यवस्था का हवाला दे रही है वह हमारे लिए दमनकारी कानून बनता दिखाई दे रहा है़ हम जिला प्रशासन के रुख से खुश नहीं है़ हम जो स्थल मांग रहे हैं वह हमें मिलना चाहिए़ श्री गुर्जर ने कहा कि अंग्रेजों के बनाए कानून अब भी चल रहे हैं़ अंग्रेज तो स्वयं को असुरक्षित मानते थे इस कारण पुलिस को साथ रखते थे़ उन्होंने कहा कि अगर हमारे धरने पर पुलिस न हो तो उत्तेजना फैले ही नहीं़ हम तो शांतिप्रिय ढंग से अपनी बात कहते हैं़ सरकार से हमारी मंशा यही है कि सरकार हमें नीलम पार्क पर धरने की अनुमति दे़ श्री गुर्जर ने कहा कि अगर हम जंबूरी मैदान पर धरना देते हैं तो खुले आसमान में हमारे किसान कहां बैठेंगे़ उनके लिए छाया का क्या इंतजाम होगा़ वहां पर पानी भी नहीं मिलेगा़ सरकार चाहती है हम एक दिन धरना देकर चले जाएं़ ऐसा नहीं होगा़ हमारे किसान भाई जो जेल में बंद हैं उन्हें जब तक सरकार नहीं छोड़ेगी हम धरना पर बैठेंगे़

सरकारी जांच पर नहीं भरोसा

भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष पद से भले ही शिवकुमार शर्मा कक्काजी को हटा दिया हो़, पर सरकार की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं़ संघ में उनके समर्थक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सरकार की नीति और नियति पर भरोसा नहीं है़ वे सरकार द्वारा अपर मुख्य सचिव से बरेली घटना की जांच की निष्पक्षता पर यकीन नहीं कर रहे हैं़ शिवकुमार शर्मा समर्थक पदाधिकारी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधिश से न्यायिक या फिर सीबीआई से इस घटना की जांच कराना चाहते हैं़ भारतीय किसान संघ मध्यप्रदेश इकाई में प्रदेश अध्यक्ष पद से शिवकुमार शर्मा कक्काजी को हटाने के बाद विभाजन साफ नजर आने लगा है़ कक्काजी समर्थक पदाधिकारी अब पहले से ज्यादा सक्रिय होकर सरकार और भाजपा के खिलाफ नजर आने लगे हैं़ इन पदाधिकारियों को कक्काजी के जेल से बाहर आने का इंतजार है़ कक्काजी समर्थक पदाधिकारी इन दिनों सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ने की रणनीति बना रहे हैं़ इन पदाधिकारियों ने राज्यपाल रामनरेश यादव से मुलाकात कर संघ के निर्णय पर नाराजगी जताई़ इनका कहना है कि किसान संघ द्वारा जो कदम उठाया गया है वह अनुचित और दबाव में लिया गया निर्णय है़ संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बरेली घटना की तुलना अब 3 दिसंबर 2011 को भोपाल में भोपाल गैस पीड़ितों द्वारा किए गए आंदोलन से करने लगे हैं़ इनका कहना है कि भोपाल गैस कांड की 27 वीं बरसी पर गैस पीड़ितों ने अपनी कई वर्षों पुरानी मांगों को लेकर पुलिस पर पथराव किया था़ बरेली के किसानों की अपेक्षा भोपाल गेस पीड़ितों के पास रेलवे ट्रेक पर अधिक संख्या में बड़े-बड़े पत्थर थे़ गैस पीड़ितों के उग्र प्रदर्शन के दौरान सबसे पहले निशाना मीडियाकर्मी बने थे़ इसके विपरीत भारतीय किसान संघ की जिला इकाई का कार्यक्रम शांति से चला था़ राज्यपाल से दुखड़ा सुनाते हुए कक्काजी समर्थकों ने कहा है कि गैस पीड़ितों पर तो धारा 307 नहीं लगाई गई थी़ उन पर कमजोर धाराएं इसलिए लगाई गई,क्योंकि सरकार वोट बैंक की राजनीति करना चाहती थी़ किसान संघ के कक्काजी समर्थक कार्यकर्ताओं का मानना है कि बरेली में हुई घटना की सरकार द्वारा अपर मुख्य सचिव इंद्रनील दाणी से जांच कराई जा रही है़ वे इस जांच पर भरोसा नहीं रखते हैं़ संघ का मानना है कि जब लाठी, आंशु गैस, बंदूक और गोली पुलिस की थी, और अब जांच कराने वाले अफसर भी शासन के हैं तो जांच कैसे सही होगी़ उन्होंने मांग की है कि सरकार अगर वास्तव में घटना की सच्चाई जानना चाहती है तो वह इस मामले में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक या सीबीआई से जांच कराएं़ राज्यपाल से मुलाकात कर उन्होंने इस मांग का आग्रह भी किया है़

छोटे दल ढ़ढ रहे उम्मीदवार

राज्य में 12 जून को होने वाले महेश्वर विधानसभा के उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस के अलावा छोटे दलों ने सक्रियता बढ़ा दी है़ बहुजन समाज पार्टी ने तो इस चुनाव से दूरी बनाने का फैसला लिया है,मगर समाजवादी पार्टी और राष्ट्रवादी पार्टी के अलावा अन्य छोटे दल यहां उम्मीदवार तलाश रहे हैं़ महेश्वर उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही की सक्रियता तो बीते एक पखवाड़े से कुछ ज्यादा नजर आ रही है़ दोनों ही दल मैदानी जमावट में लग गए हैं, लेकिन प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में अभी दोनों ही दलों में बाधाएं नजर आ रही है़ दोनों ही दलों में दावेदारों की संख्या तीन से चार है़ भाजपा यहां पर अपने पूर्व प्रत्याशी राजकुमार मेव को मैदान में उतारना चाहती है, मगर मेव के रास्ते में स्थानीय नेताओं ने बाहरी प्रत्याशी होने को लेकर मोर्चा खोल रखा है़ मगर पार्टी यहां पर मेव को ही प्रत्याशी बनाने पर जोर दे रही है़ इसके पीछे उनकी हार मात्र छह सौ से भी कम मतों से होना माना जा रहा है़ वहीं कांग्रेस ने यहां पर विधायक नर्मदा प्रसाद प्रजापति एवं वरिष्ठ नेता चंद्रप्रभाष शेखर को भेजकर कार्यकर्ताओं की नब्ज को टटोला है़ यहां पर राज्यसभा सांसद डॉ़ विजयलक्ष्मी साधौ अपने भाई देवेन्द्र साधौ को टिकट दिलाना चाहती हैं, मगर यहां पर उनकी ही दो बहनों ने टिकट के लिए दावेदारी कर कांग्रेस के लिए संकट बढ़Þा दिया है़ कांग्रेस अब इस मामले में डॉ़ साधौ की बात पर तटस्थ रहती है तो उनके भाई देवेन्द्र को टिकट मिलना तय है़ भाजपा और कांग्रेस के अलावा छोटे दल भी यहां पर चुनाव लड़ने के लिए सक्रिय नजर आने लगे हैं, मगर इन दलों के पास मजबूत या फिर यह कहें कि जिताऊ प्रत्याशी की कमी है़ ये दल यहां पर मैदान में किसे उतारें यह अभी वे तय नहीं कर पा रहे हैं़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नजर जहां कांग्रेस, भाजपा के बागी उम्मीदवार पर टिकी हुई है़ वहीं समाजवादी पार्टी यहां पर प्रत्याशी तलाश रही है़ समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव इस मामले में 20 तारीख तक कोई निर्णय लेंगे़ यादव ने बताया कि वे यहां पर प्रत्याशी उतार कर वर्ष 2013 के चुनाव की तैयारी का जायजा लेने का प्रयास कर रहे हैं़ श्री यादव यह चाहते हैं कि यहां पर चुनाव लड़ कर भविष्य की रणनीति तय कर ली जाए़ वहीं बहुजन समाज पार्टी ने चुनाव से दूरी बनाने का फैसला लिया है़ बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आई़एस़ मौर्य का कहना है कि उपचुनाव सरकार लड़ती है इस कारण हम यहां पर उपचुनाव नहीं लड़ेंगे़ हमारी प्राथमिकता 2013 का विधानसभा चुनाव है़ बसपा के अलावा भारतीय गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी यहां पर प्रत्याशी को मैदान में उतार कर अपनी भविष्य की रणनीति तय करना चाहती है, फिलहाल तो उसके पास भी प्रत्याशी नहीं है़ भारतीय गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन शाह बट्टी यहां पर प्रत्याशी की तलाश कर रहे हैं़

शुक्रवार, 18 मई 2012

घोटालों की लंबी लिस्ट

List of Scams Prominant Scams Before 2005 •Harshad Mehta Big Bull Scam – 4000 crore •Lalu’s Chara Ghotala – 950 crores – July 2008 IAS officer Sajjal gets four-yr RI for 39 crore scam •Hawala Scandal – 5000 crores •Bofors Scandal – 64 crores (Also Read: 1 2 3) •Narendra Rastogi serial scammer – more than 43 crores (Read more 1) •Dalmia Scandal – 595 crores •Civil Aviation Minister Praful Patel fraud case-50 crores •UTI Scam – 32 crores •Mutual Fund Scam – 1350 crores •Bansali Scam – 1200 crores •Ketan Parekh’s Sebi Scam- 888 crores - June 08 – SC issues arrest warrant against Ketan Parekh •Cobbler Scam – 1000 crores •Bribe to allot petrol pumps scam •Churhat lottery scam – ? •Anantnag transport subsidy scam – ? •Bangalore – Mysore Infrastructure Corridor – ? •Kerala SNC Lavalin power scandal – 374.5 crore loss – Dec 09 – Accused CPM leader Vijayan gets bail in graft case. January 2005 •Telgi Scam – 171 crores - Telgi was sentenced 13 yrs RI and 100 cr fine. (Read More 1 2 Timeline 3) •Mayawati’s Taj Corridor- 175 crores alleged scam – Case was dropped in 2007 by the pecial designated court due to insufficient evidence (Read more 1 Is Politics such a high paying profession ? 2 May 2008 -Mayawati attempts to stop CBI investigation 3) •Motilal Goel Scam – 1000 crore February 2005 •West Bengal Telecom Scam – 400 crores •India’s unchecked textbooks racket – estimated 225 crores •Urea Scam – 133 crores March 2005 •Meghalaya lottery scam – 25000 crore April 2005 •Ration Card Scam – 3 crore •Car Financing Scam – ? crore •Junior Basic Trained teachers’ recruitment scam- ? May 2005 •Flood Relief Scam – 13 crores Let them eat plastic bags – Gautam Goswami June 2005 •Temple Lands Scam – 30 crores •Franking Scam – 30 crores July 2005 •Volkswagon Equity Scam – 11 crores – Sep 10 – CBI names 6 accused •National Slum Development Programme – 1.52 crores (Same guy of Flood Relief Scam May 05 who said “Victims can eat plastic bags”) •Kerala State Electricity Board – 89.32 crores (alleged corruption worth Rs. 100 crores was also involved in the drinking water project) August 2005 •Indian Oil Corporation Scam – ? crores September 2005 •Just talks of investigation of scam shaves off 89000 crores from the market capital •CBI nets 70 officials in all-India anti-corruption drive •Nagmani Scam – 1.5crore •Stamp Scam (Goa) – 30.19 crore October 2005 •Evasion of duty on High End Car’s – ? crore •Okhla Industrial Development Authority (Noida) land scam – ? crore •Employment Guarantee Scheme (EGS) Scam- 9.1 crore Delivering a talk on Corruption in democratic governance, Pandey said that “At present, the total amount of black money in India has been estimated to be in the range of Rs 50,000 crore and Rs 1,00,000 crore. The most worrisome is the fact that even those quarters that are supposed to fight corruption are not totally corruption-resistant”. Read more: ‘Black money behind politics’ November 2005 •Local Area Development Scheme (MPLADS) Scam – ? crores •National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India (NAFED) Scam – 250 crores – Sep 2007 – HC pulls up CBI for not registering case “I am pained to observe that the law in this country punishes very harshly the small offenders involved in offences of stealing of small amounts to the tune of few hundreds or few thousands. ”Such accused are often sent to jail by the big fishes who defraud the exchequer of crores of rupees…they are dealt with by investigating agencies in a different manner and the law does not act with the same harshness to these offenders,” Justice Dhingra observed in a recent order. ”This attitude of the investigating agencies is beyong comprehension,” he said while directing the CBI to register a case against Pankaj Aggarwal, the alleged mastermind in the scam. Aggarwal has his business in Dubai. December 2005 •Election Fund Scam – ? Crores •Operation Blackboard scam – 1000 crores •Oil for Food Scam – ? January 2006 •Rice Scam – 320 crores •Benami Demat Scam – 30 crores (Sanjay Pandey the same guy in cobbler scam pre 2005) February 2006 •Benami IPO Scam – 32 crores •Liquor Scam – 3600 crores March 2006 •Jaitley an MP who allegedly bailed out Ketan Parekh in Madhavpura Mercantile Co-operative Bank scam case (see Pre 2005 list) one of the biggest scammers enjoys a lavish lifestyle. •The controversial Scorpene Deal – ? crores April 2006 •MTNL GSM Scam – 450 crore May 2006 •Chautala Scam – 1400 crores •BPL Red Cards Scam – 1400 crores June 2006 •The Great Wheat Scam – ? •UTI Franchisee forgery – ? crores •Punjab State Council of Education Research and Training (SCERT) Scam – more than 3 crores July 2006 •BPO Scam – more than 3 crore •Bellary bribe – 150 crore •Duty Exemption Pass Book (DEPB) scheme Scam – 10 crore August 2006 •Unaccounted money on sale of petrol pumps – 18 crores •Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh goes on a multi-crore holiday extravaganza – 2.5 crores •Tata Finance scandal – ? crores September 2006 •Top Punjab cops booked for wireless sets scam – 5 crores •Koda Scandal – 2500 crores – Nov 09 – First arrest made Feb 10 – 1 crore ceized , Ujjawal Chaudhary, senior Income Tax (I-T) officer who was going to reveal connections with politicians and hawals traders abruptly shifted •Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh in real estate fraud – more than 2100 crores (See Aug 2006) •Earlier, all of them had got anticipatory bail from the Punjab and Haryana High Court. Today, they moved regular bail applications. A senior counsel of the Supreme Court appearing on behalf of Captain Amarinder Singh had stressed before the court that his client be granted regular bail till the conclusion of the trial. •“We are discussing legal recourse to be taken in the Apex Court. We may even file public interest litigation before the Supreme Court asking for intervention in the case. It is a mockery of the law we are witnessing in the case. Scores of witnesses are going back on their words. We may even demand the CBI inquiry into the change of stance by the witnesses,” – Report of Jan 2008 October 2006 •West Bengal State Consumer’s Federation Ltd (CONFED) Paddy Scam – ? crore •SEZ Controversies – RBI fears of a revenue loss — some Rs. 170,000 crore over the next five years by way of income tax, excise and customs duties foregone (based on a NIPF study). •Dharmesh Doshi, Madhavpura Cooperative Bank scam – 1030 crores •Barak Missile Deal – 400 crore – The CBI case alleges that Rs 2 crore were paid to the president of a political party (Jaya Jaitley), who functioned from the residence of the then Defence Minister (George Fernandes). March 2008 Nandas claim innocence •Blood Test Kit Scam – ? November 2006 •Bangalore Development Authority and Bangalore Mahanagara Palike on illegal constructions – 180 crore •NSDL and CDSL bags illegitimate profits in an IPO manipulation scam – 116 crore December 2006 •SMS Con – 40-100 crore •Agrofed job scam – ? crore •Haj Quota scam- bribes taken to illegally procure seats from the Government’s subsidised Haj quota for 1 lakh muslims. January 2007 •Illegal Telephone Exchanges Scam – 1000 crores •Non-Banking Financial Companies (NBFC) Scam – swindled 12,000 crores of small investors before leaving the state Karnataka State Government to award a meagre cash prize (Rs. 2,000) to Jayant Tinaikar, who reportedly exposed the fake stamp paper scam 12 years ago. February 2007 •Uranium Corporation of India Limited Scam – 20 crores •Oriental Bank Scam – 596.44 crores •Mandankumar Scam – 3.5 crores March 2007 •Pune Hassan Ali Khan Scam – 50 crores - I-T department, ED, and IB estimates that several thousand crore rupees were routed out of India(possibly swiss banks) through havala and banking channels. •Congress MP Moni Kumar Subba from Tezpur, lied about his Indian nationality for 16 years manages to scam the country off by 25000 crores There is little chance of recovery in most of these cases as there are not many assets to recover the arrears, officials claimed. April 2007 •Air Ticket Booking Scam – 13 crores •The Royapettah Benefit Fund (RBF) in Chennai went bust drowning Rs 450 crore and leaving investors and depositors in the lurch a company allowed to operate by RBI. •Fertilizers Subsidies Scam – ? crores May 2007 •Arunachal Pradesh’s corrupt governance: 1000 crores .Misappropriation under former CM Gegong Apang and present incumbent Dorjee Khandu) Aug 10 - Apang arrested There were a number of cases regarding mismanagement in the Public Distribution System. People in the villages were not getting enough food allotted by the Centre. Cooperative rural banking scams affected small depositors like labourers and teachers. The hydel power sector was also in doldrums. •Sampoorn Gramin Rojgar Yogana Scam – 457 crores . Dec 07 – Scam referred to CBI. A muti-crore scam under which the poor were deprived of foodgrains under the state scheme. A systematic loot was taking place in the state and the government was not willing to give permission for holding a CBI probe into the scam running into crores of rupees. •Warehouse Receipts Scandal – 500 crores July 2007 •Stock Holding Corporation of India Limited (SHCIL) Scam – ? •Hyderabad Metropolitan Water Supply and Sewerage Board (HMWS&SB) Scam – ? •Punjab Public Service Commission (PPSC) recruitment scam – 8 crores Three judges of the High Court were found taking favours from Ravi Sidhu, former PPSC chairman. On April 19, 2004, 25 sitting judges of the High Court had gone on mass leave protesting Chief Justice B K Roy’s move to seek an explanation from two judges, Justice Vinay Mittal and Varinder Singh, who had allegedly applied for membership of a private golf course, Forest Hill Resort Club. The club was involved in litigation and was later demolished on the orders of the High Court. The club was illegally constructed in complete violation of Forest and Environment laws. Honorary memberships were given to IAS officers and the two judges to legitimise the illegalities August 2007 •Delhi Development Authority canteen owner Ashok Malhotra owned more than 50 cars and 10 motorcycles were recovered, all bearing special VIP number plates. Raid unearthed 5000 land documents, ? crores •Former Supreme Court Chief Justice YK Sabharwal was involved in dubious judicial deal-making that earned his sons huge profits. – ? crores September 2007 •Kerala State Cooperative Bank Scam – 2000 crores •Aircraft Import Scam – 1059 crores •Leave Travel Concession (LTC) Scam – loss of Rs 200 crore to Government and PSUs. •Indian Space Research Organisation (ISRO) Land Scam – ? crores ‘ISRO comes directly under the prime minister and it is they who have to launch an inquiry and not us. If they are ready for it, then the state government will provide all necessary help,’ – Kerala Chief Minister V.S. Achuthanandan October 2007 •Das filed the petition challenging the actions of the banks in waiving of around Rs 2,300 crore of public money arbitrarily without any valid reason. Describing this as the largest single waiver in the history of Indian banking industry. •Fake housing projects in north India – 500 crores - Y S Rana from Delhi. Rana was the owner of PS&G Developers and Engineers Ltd arrested by EOW. •Kidney Transplant Racket – ? crores more than a 1000 victims. •Many innocent labourers lost their kidney in lure of money and job.The racket is believed to be spread in various states, including Jammu and Kashmir, Rajasthan, Haryana, Delhi and Maharashtra. Source •Coal India Ltd illegally diverted at least Rs10 crore from the funds it had collected for over a decade and meant for the Prime Minister’s National Relief Fund (PMNRF). Part of the funds collected at the time of the Kargil war for the NDF have been transmitted as late as 27 August 2007, after the initiation of this inquiry.” The Kargil war happened in 1999. December 2007 •Funds collected for victims of the Kargil war, Orissa cyclone and Gujarat earthquake were misused by top IAS officers in Punjab – the documents prove that officers posted as deputy commissioners in Ludhiana, Patiala and Sangrur misappropriated and misused crores of money while heading the Red Cross societies in their districts. •Lucknow Development Authority (LDA) Land Scam – 6 crores January 2008 •Punjab VB arrests whistle-blower Punjab vigilance bureau is penny wise and pound foolish. A sub-divisional officer (SDO) who blew the whistle on a scam worth crores was arrested by the bureau in an alleged graft case (see pre 2005 SNC Lavalin). While the SDO has been suspended, his own report on the utilisation of border area funds — exposing what is probably the tip of the iceberg — is gathering dust. February 2008 •Kolkotta Museum Scam – 18 crores One of the biggest repositories of the country’s cultural and historical heritage, has been siphoning off crores of rupees under the pretext of preserving priceless artifacts, a probe has found. March 2008 •Senior Punjab IAS officer suspended for going out of his way to help a company by hiring it without inviting tenders and extending advances without proper bank guarantees. The company failed to repay, causing loss of Rs 20 crore to the corporation. •KPMG – India is “fraud haven” April 2008 •BCCI Dalmiya Scam – ? crores •Illegal export of sandalwood – 5 crores June 2008 •Madhya Pradesh Health Minister Ajay Vishnoi quits after Income Tax raid on brother’s premises – 500 crore •Hotel Le Meridien Credit card skimming – 1 crore July 2008 •Parliamentary horse trading – ? crores •Ghaziabad Provident Fund scam – 23 crores – involved 83 accused included 36 judges, including one sitting Supreme Court judge, 11 High Court judges and 24 judges of subordinate judiciary. Beneficiaries of the ill-gotten money which was siphoned off fraudulently on the basis of fake documents and fictitious government servants and withdrawal of crores of rupees from the provident fund account of third and fourth-grade employees in Ghaziabad region between 2001 and 2008.(Read more 1) Chief Justice of India KG Balakrishnan denied heading the bench hearing (Read more 1) Dec 08 – CBI says it would seek permission to interrogate the judges. Oct – 09 – Key accused dies of heart attack while in custody Jul 10 No evidence against 17 out 41 judges and 24 remaining judges Ghaziabad police sought permission from the Chief Justice of India and Allahabad Court to initiate a probe against the judges accused in this scam. While the Allahabad High Court dismissed the petition summarily, at the Supreme Court, Chief Justice K. Balakrishnan handled the request with remarkable astuteness and ordered a novel method of investigation that would protect the prestige and the reputation of the judiciary as far as possible. August 2008 •Fake Currency Scam in Uttar Pradesh Bank – 1.5 crores September 2008 •Fake RBI Cheques Scam – 14 crores October 2008 •Shirdi Ghat Repair – ? crores November 2008 •Mid Day Meal Scam – 15.37 crores •2G Spectrum Scam – 1,76,000 crores Dec 08 – Center claims that charges are baseless (Read more 1 2 3 4) •Satyam Computer’s Emergency Management Research Institute (EMRI) Ambulance Services Scam – 5600 crores December 2008 •E-ticketing fraud – 5 crores January 2009 •11 Directors of National Agricultural Marketing Federation of India (Nafed) face criminal action in a Rs3,700 crore fraud. •Satyam Fraud – 7 to 14000 crores – Pricewaterhouse Coopers saw no fraud in Satyam – Nov 09 CBI arrested Satyam’s internal audit head V S Prabhakar Gupta for allegedly fabricating account books, just days before it is due to file a second chargesheet in the multi-crore fraud at the IT firm. Jul 10 – Promoters wrongfully gained 2643 crores (Read more 1 2 3 4 5 6 7) Reports said that investors like DSP Merrill Lynch, DSP Blackrock, ILFS Financial Services and Deutsche Bank offloaded their shares days before Satyam fraud came out in open. [/caption] May 2009 •Computer Purchasing Fraud – 1.53 crores •Divine Homeopath Investment Manager – 1600 crore •Ordnance Factory Board (OFB) arms deal scam – ? crores - Jul 10 - 6 firms get blacklisted •Dr A S Bindra father of ace shooter Abhinav Bindra and managing director of Punjab Meats Limited, Dera Bassion had charges of cheating, fraud and forgery. He committed fraud with a Delhi-based private financial company, Apple India, to the tune of Rs 4.31 crore and with the IndusInd Bank to the tune of Rs 5 crore. June 2009 •Ashok Jadeja Divine Ayurved and Money Multiplier – 100 to 1600 crores (Read more 1) •MCD 45000 Fake Employees Scam – 500-1000 crores annually July 2009 •Bitumen Scam – more than 100 crores •Chhattisgarh Paddy Scam – 4000 crores August 2009 •All India Council of Technical Education bribery scam – ? crores – Chairman R.A. Yadav, who drew a monthly salary of about Rs 80,000, had amassed property worth crores. •Metal Scrap Scam – ? crores •SBI Kanpur – 52 crores - Assistant General Manager, 2 Chief Managers and some senior managers, who were suspected to be directly involved in pilfering the bank by crediting fake cheques into select accounts. September 2009 •Austra Coke – 1000 crores •Bollywood star Nasir Khan figures in multi crore rupee chit fund scam – 191 crore October 2009 •Gold Quest Scam – 1100 crore December 2009 •Dr Suresh Dhotre medicine fraud – 47 crores January 2010 •IAS officer Pradeep Sharma Bheed Bazaar Land allotment scam – 70 crores •Railways and LIC Scam – 400 crores February 2010 •Bhopal Home Loan Scam – 2 crores •Wipro Embezzlement Fraud – 180 crores •Chak De India Scam – ? •PAN Card Scam – 3 crores March 2010 •Kandla Port Trust (KPT) Scam – ? crores – 16000 acres of land was leased out to few parties at nominal rates. •Fake Income Tax Returns Scam – 6 crores April 2010 •President of the Medical Council of India (MCI), Dr Ketan Desai in college scam – 500 crores - Demanded Rs 40 lakh from students seeking admission in a capitation fee racket and money for allotting seat as a management quota student. (Read more 1 2) •Financial Fraud hits 87% of Indian companies Perception of Fraud in India Satyam Scam Timeline June 2010 •Canara Bank defrauded – 9.14 crore •Railway Recruitment Board Paper Leak – 15.5 crore July 2010 •Lalit Modi Indian Premier League (IPL) Scam – 1200 crores August 2010 •Commonwealth Games Scam – 8000 crores September 2010 •Senior citizen savings scheme (SCSS) Post Office Scam – 2 crores October 2010 •International Film Festival of India (IFFI) Infrastructure creation Scam in Goa – ? crores •Adarsh Society Scam – ? crores November 2010 •State-owned Mineral Scrap Trading Corporation (MSTC) was defrauded by jewelery traders – 1400 crores December 2010 •Citibank swindle – 300 crores • The most famous but still secret for India news media….Rajiv Gandhi’s swiss bank account proof…. The most popular magazine of Switzerland, Schweizer Illustrierte, [dated November 11, 1991] did an expose of 14 politicians of deve

रविवार, 13 मई 2012

स्वास्थ्य संचालक या डाकू ?

मध्यप्रदेश में अस्पतालों से सुविधाओं को छीनने वाले गुनाहगार को पोस्टर के जरिए तलाशने की कोशिश की जा रही है़ यह पोस्टर अभी प्रदेश के इटारसी शहर में लगाया गया है, इसे राज्य के अन्य शहरों में भी लगाने की योजना बनाई गई है़ ‘स्वास्थ्य संचालक है या डाकू?’ शीर्षक से लगाए गए इस पोस्टर में यह जानना चाहा है कि सौ करोड़ कहां से आया ?, इस लूट में और कौन शामिल है ?, क्या अकेले इतना कमा सकते हैं़ राज्य के स्वास्थ्य महकमें के तीन संचालकों के यहां छापे में अब तक पड़े छापे के बाद उनकी संपत्तियों के हुए खुलासे ने लोगों के सामने भ्रष्ट कमाई का जरिया ला दिया है़ पहले डॉ़ योगिराज शर्मा, फिर डॉ़ अशोक शर्मा और अब डॉ़ ए़एऩमित्तल के यहां पड़े छापे में जिस तरह से संपत्ति मिली, उसने इस बात की पोल भी खोल दी कि स्वास्थ्य विभाग का बजट किस तरह से उपयोग हो रहा है़ इस पोल खुलने के बाद राज्य की समाजवादी जनपरिषद की होशंगाबाद जिला इकाई ने एक पोस्टर इटारसी शहर के जय स्तंभ चौक पर लगवाकर लोगों से यह जानने का प्रयास किया है कि हमारे अस्पतालों में हमारी सुविधाओं को कौन छीन रहा है़ अस्पतालों को बरबाद करने का असली गुनहगार कौन है? स्वास्थ्य संचालक है या डाकू ? शीर्षक से प्रकाशित किए इस पोस्टर में छह बिन्दुओं पर अपनी बात कही है़ इन बिन्दुओं में सरकारी अस्पताल में अब इलाज नहीं होता, दवा नहीं मिलती, डॉक्टर गायब, गंदगी का राज है, कुत्ते-सुअर घूमते हैं, सरकारी डॉक्टर अपनी प्राईवेट दुकानें चला रहे हैं, प्राइवेट डॉक्टर भी जमकर लूटने में लगे हैं, 50 की जगह 500 रुपए की दवाई लिखते हैं, हजार रुपए के टेस्ट कराते हैं, जरुरी न हो तो भी आपरेशन कर देते हैं, पैसा न हो तो लाश नहीं उठने देते, सेवा-परोपकार की जगह लालच और लूट का धंधा बना डॉक्टरी का पेशा, दवाईयों के दाम आसमान पर, महंगा इलाज महंगे अस्पताल, सरकार कहती हे राष्ट्रीय आय बढ़ रही है और अंत में आप तो अपोलो में इलाज करा लोगे, विदेश चले जाओगे, हमारा क्या होगा ?़ इन बिन्दुओं के जरिए लोगों तक स्वास्थ्य महकमें में चल रहे भ्रष्टाचार को समाजवादी जनपरिषद की होशंगाबाद इकाई ने लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया है़ जनपरिषद ने लोगों से कहा है कि सोचो, सोचो, जवाब, ढूढों और कुछ करो (नही तो बहुत देर हो जाएगी)़ समाजवादी जनपरिषद के सुनील का कहना है कि यह पोस्टर अभी हमने इटारसी के जयस्तंभ चौक पर लगाया है, इसके बाद इसी तरह के पोस्टर हम राजधानी भोपाल के अलावा अन्य शहरों में भी लगाने की तैयारी कर रहे हैं़ पोस्टर लगाने के पीछे लोगों तक यह जानकारी पहुंचाना है कि स्वास्थ्य महकमें में जो बजट आता है उसका उपयोग हमारे अफसर और सरकार कैसा कर रहे हैं़ यह पैसा कहां जा रहा है़

बुधवार, 2 मई 2012

भ्रष्टाचार पर ढीली चाल

लोकायुक्त संगठन की अनुशंसा के बाद भी विभागों द्वारा वर्षों तक कार्रवाई के नाम पर प्रकरण लंबित पड़े रहते हैं़ बीते दस साल में लोकायुक्त द्वारा आठ विभागों को 33 मामले में कार्रवाई करने की अनुशंसा की, मगर ये सभी प्रकरण अब तक लंबित हैं़ वर्तमान में लोकायुक्त द्वारा 16 विभागों को 170 प्रकरण में कार्रवाई के लिए अनुशंसा की गई, मगर इन पर कार्रवाई के नाम पर विभागों ने पहल तक शुरु नहीं की है़ राज्य में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए लोकायुक्त संगठन की स्थापना तो कर दी गई, मगर सरकार द्वारा ही संगठन की अनुशंसाओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता है़ लोकायुक्त संगठन ने स्थापना के बाद कई मामलों में जांच के बाद विभागों को कार्यवाही के लिए लिखा, मगर विभाग इन मामलों को गंभीरता से लेता ही नहीं है़ हालात यह है कि कई प्रकरण वर्षों तक कार्रवाई की प्रतिक्षा में पड़े रहते हैं अफसर सेवानिवृत्त हो जाते हैं़ लोकायुक्त संगठन द्वारा 11 अप्रैल 2012 की स्थिति में की गई अनुशंसा के बाद कार्रवाई न करने वाले विभागों में सबसे अव्वल राज्य का लोक निर्माण विभाग है,यहां संगठन की अनुशंसा के बाद 71 मामले अब तक कार्रवाई के लिए लंबित हैं़ लोक निर्माण विभाग में 17 मामले तो ऐसे हैं जिनमें दस साल से अनुशंसा के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है़ इसी तरह जल संसाधन विभाग में 5, नगरीय प्रशासन विभाग में 5, आदिम जाति कल्याण विभाग में 2, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 1 और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में 1-1 प्रकरण ऐसे हैं जहां दस साल के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है़ सर्वाधिक लंबित प्रकरणों में दूसरे नंबर पर जल संसाधन विभाग है, जहां पर 28 प्रकरण लंबित हैं़ इस तरह संगठन ने 16 विभागों को 170 प्रकरणों में कार्रवाई के लिए लिखा, मगर विभागों ने अब तक कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया़ लंबे समय से लंबित इन मामलों में कई अफसर तो सेवानिवृत्त भी हो गए हैं़ विभाग लंबित प्रकरण लोक निर्माण 71 जल संसाधन 28 नगरीय निकाय 27 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी 14 पंचायत एवं ग्रामीण 10 आदिम जाति कल्याण 03 आवास एवं पर्यावरण 03 कृषि विभाग 02 वन विभाग 02 ऊर्जा 02 वाणिज्य एवं उद्योग 02 सामान्य प्रशासन 01 मत्स्य 01 जनशक्ति नियोजन 01 स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण 01 नर्मदा घाटी विकास 01 कुल 170

शुक्रवार, 27 अप्रैल 2012

दल बदलकर लड़ेंगे चुनाव

राज्य में विधानसभा के चुनाव से पहले हो रहे महेश्वर उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकट के दावेदार सक्रिय हो गए हैं़ सक्रिय हुए दावेदारों ने टिकट न मिलने पर अपना दल छोड़कर दूसरे दल से हाथ मिलाने का मन बना लिया है़ राज्य में विधानसभा के चुनाव तो वर्ष 2013 में होने हैं, मगर जून माह में होने वाले महेश्वर उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही के स्थानीय नेताओं ने सक्रियता बढ़Þा दी है़ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकट के दावेदारों की संख्या इस बात कुछ ज्यादा बताई जा रही है़ दावेदारों की संख्या ज्यादा होने की वजह यह है कि दावेदार यहां पर इस बात टिकट लेकर भविष्य में याने अगले वर्ष होने वाले चुनाव की तैयारी कर रहे हैं़ इन दावेदारों का मानना है कि अगर इस बात दावेदार कर टिकट हासिल कर चुनाव जीत जाते हैं तो अगला टिकट जीते प्रत्याशी होने की वजह से पार्टी खुद दे देगी और अगर चुनाव हारते हैं तो वे अपनी कमजोरी का आकलन अभी से कर लेंगे ताकि समय रहते उसे दूर कर आगामी चुनाव में विजय हासिल कर सकें़ वैसे भाजपा में फिलहाल तो पूर्व घोषत उम्मीदवार राजकुमार मेव का ही नाम सामने आ रहा है, मगर यहां भी दो अन्य दावेदार भी सक्रिय हैं, जो मेव के गणित को बिगाड़ सकते हैं़ भाजपा के अलावा कांग्रेस में महेश्वर से जीती विजयलक्ष्मी साधौ अपने भाई को टिकट दिलाना चाहती हैं, मगर इस बार उपचुनाव में उनके सामने भी कुछ दावेदार मुसीबत बन सकते हैं़ बताया जाता है कि साधौ के विरोधी इस बार अपनी बात मजबूती के साथ पार्टी हाईकमान तक पहुंचाकर परिवारवाद की राजनीति प्रत्याशी चयन में नहीं होने देंगे़ यहां पर सक्रिय दावेदारों ने अभी से कुक्षी और जबेरा में पार्टी द्वारा परिवार के सदस्य को टिकट दिए जाने के बाद क्या परिणाम सामने आए इसकी जानकारी वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचाने का मन बना लिया है़ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में दावेदारों द्वारा बिछाई जा रही चौसर में अगर दावेदार टिकट पाने में असफल होते हैं तो वे दूसरे दल याने छोटे दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी से हाथ मिला सकते हैं़ दोनों ही दलों के एक-एक प्रत्याशी ने तो अभी से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बृजमोहन श्रीवास्तव से मिलकर अपनी इच्छा से भी उन्हें अवगत करा दिया है़ श्री श्रीवास्तव का कहना है कि दोनों ही दलों के एक-एक दावेदार उनके पास आए थे और उनकी चर्चा हो गई है़ उन्होंने इन दावेदारों के दावे की सच्चाई जानने के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है़ इस समिति में राकपा के महामंत्री चंद्रकांत पराड़कर और खरगोन के जिला अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह चावला को सदस्य बनाया है़ ये दोनों ही जल्द वहां का दौरा कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे़ उस रिपोर्ट के आधार पर हम फैसला लेंगे़

गुरुवार, 26 अप्रैल 2012

हासिये पर सपा के नेता

मध्यप्रदेश के समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता इन दिनों हासिये पर चल रहे हैं़ सपा की प्रदेश और जिला कार्यकारिणी का गठन तो हुआ नहीं, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकारिणियां भंग करने की घोषणा कर डाली़ अध्यक्ष द्वारा की गई यह घोषणा सपा के कार्यकर्ताओं के गले नहीं उतर रही है़ अध्यक्ष की इस घोषणा के बाद सपा के कद्दावर नेता विशेषकर यादव नेता लखनऊ पहुंचकर मुलायम सिंह यादव एवं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर प्रदेश अध्यक्ष द्वारा यादवों की उपेक्षा करने की बात बताकर आ गए हैं़ यादव नेताआें ने अध्यक्ष के बीते बारह साल का चिट्ठा बताकर आए, जिससे एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष के बदले जाने की खबर जोर पकड़ गई है़ समाजवादी पार्टी के उत्तरप्रदेश में सरकार बनने के बाद अब प्रदेश में सपा के विशेषकर यादव समाज के नेता जो लंबे समय से सपा में हैं वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव को पद से हटाने को लेकर सक्रिय हो गए हैं़ अध्यक्ष को हटाने के लिए ये नेता लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर अपनी व्यथा बताकर आ गए हैं़ लखनऊ पहुंचे नेताओं में अधिकांश वे नेता हैं जो इन दिनों पार्टी में हासिये पर चल रहे हैं़ इन नेताओं में यादव समाज के नेताओं के अलावा पूर्व विधायक और अन्य समाज के नेता भी शामिल हैं़ मध्यप्रदेश समाजवादी पार्टी ने बीते विधानसभा चुनाव के बाद गौरी यादव को अध्यक्ष बनाया़ इसके बाद से लगातार यादव नेता अपने को उपेक्षित मान रहे हैं़ उपेक्षित नेताओं में दिनेश यादव, सौदान सिंह यादव, के़आऱयादव, आऱएस़यादव, मार्तण्ड यादव, के अलावा दर्जनभर यादव नेता हैं़ इनके अलावा कुछ ऐसे भी हैं जो पार्टी छोड़कर चले गए हैं़ इन नेताओं को इस बात का दुख हैं कि पार्टी में उन्हें जब से गौरी यादव अध्यक्ष बने तब से कोई काम नहीं मिला, जबकि कई को तो अध्यक्ष ने दल से बाहर का रास्ता दिखा दिया़ उपेक्षित यादव नेताओं ने अब फिर सक्रियता बढ़Þा दी है़ इन नेताओं का कहना है कि गौरी यादव के अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश और जिला कार्यकारिणी का गठन हुआ ही नहीं और उनके भंग करने की घोषणा कर डाली़ सपा के उपेक्षित नेताओं का कहना है कि यादव ने कब कार्यकारिणी का गठन किया, यह उन्हें पता ही नहीं था़ नेताओं ने अब सक्रियता बढ़Þाकर गौरी यादव को पद से हटाकर उनके स्थान पर दूसरे नेता को अध्यक्ष बनाने की मुहिम छेड़ दी है़ सपा के उपेक्षित नेताओं की सक्रियता को देख यह कहा जाने लगा है कि जल्द ही वर्तमान अध्यक्ष को हटाकर किसी दूसरे को प्रदेश अध्यक्ष की कमान राष्ट्रीय नेतृत्व सौंपेगा़ हालांकि सपा का मध्यप्रदेश में इतिहास देखा जाए तो यह बात सामने आती है कि बीते पंद्रह साल में पार्टी की सक्रियता के दौर में लंबे समय करीब 11 साल तक गौरी यादव प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं़ इसके अलावा दो वर्ष का कार्यकाल नारायण त्रिपाठी और शेष कार्यकाल दीपनारायण यादव एवं श्रीचंद यादव का रहा है़ गौरी यादव के कार्यकाल में पार्टी को कोई उपलब्धि भी हासिल नहीं हुई है़

तीर्थाटन पर पीपल की राजनीति

प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार द्वारा हाल ही में शुरु की बुजुर्गों को तीर्थ कराने की योजना का विरोध पीपल के पौधे रोपकर शुरु कर दिया है़ विरोध के तहत आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया विभाग के अध्यक्ष माणक अग्रवाल ने पौधा रोपकर अभियान की शुरुआत की़ प्रदेश कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार द्वारा पिछले दिनों शुरु की बुजुर्गों को तीर्थ कराने की योजना का विरोध शुरु कर दिया है़ इस विरोध के स्वरुप प्रदेश कांग्रेस द्वारा गांव-गांव में पीपल के पौधे रोपने का अभियान चलाया जाएगा़ इस अभियान के तहत प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों को सरकार की योजना का विरोध करने के लिए प्रेरित करेंगे़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने विरोध को मुखर करने के लिए पदाधिकारियों को कहा है कि वे लोगों को पत्र लिखकर इसके लिए प्रेरित करें कि वे अधिक से अधिक पीपल के पौधे रौपे एवं सरकारी तीर्थ कराने की योजना का विरोध करें़ कांग्रेस के इस विरोध अभियान के तहत आज राजधानी में कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष माणक अग्रवाल ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने पीपल का पौधा रोपकर इस अभियान की शुरुआत की़ इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार की यह योजना संघ के लोगों को तीर्थ कराने के लिए है, न की बुजुर्गों को तीर्थ कराने के लिए़ उन्होंने कहा कि हम इस अभियान के तहत राज्यभर में पीपल के पौधे रोपकर सरकार की बुजुर्गों को तीर्थ कराने की योजना का विरोध करेंगे़ यहां उल्लेखनीय है कि बीते दिनों राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने बुजुर्गों को तीर्थ कराने की योजना को हरी झंडी दे दी है़ इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष एक लाख बुजुर्गों को तीर्थ कराने का लक्ष्य सरकार ने रखा है़ तीर्थ योजना का दायित्य राज्य सरकार ने धर्मस्य विभाग को सौंपा है़

मेव और साधौ ने बढ़Þाई सक्रियता

राज्य के महेश्वर विधानसभा के लिए होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के दावेदारों ने सक्रियता बढ़Þा दी है़ दोनों ही दलों से फिलहाल पुराने ही नाम सामने आ रहे हैं़ भाजपा की ओर से हारे प्रत्याशी राजकुमार मेव और कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सदस्य विजयलक्ष्मी साधौ के भाई देवेन्द्र साधौ का नाम लिया जा रहा है़ महेश्वर उपचुनाव की घोषणा होने के बाद भाजपा ने संगठनात्मक सक्रियता बढ़Þा दी है़ दोनों ही दलों की ओर से अब प्रत्याशी चयन को लेकर भी पदाधिकारी विचार मंथन में जुट गए हैं़ भाजपा पदाधिकारियों द्वारा अधिकृत रुप से अभी किसे प्रत्याशी बनाया जाएगा इस पर कोई विचार नहीं किया गया है, लेकिन यह माना जा रहा है कि भाजपा वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव हारे राजकुमार मेव को ही प्रत्याशी बनाया जाएगा़ मेव करीब आठ सौ से कम मतों के अंतर से हारे थे़ हार के बाद मेव ने याचिका भी दायर की थी, मगर उस पर कोई निर्णय नहीं आया़ सोनकच्छ और कुक्षी उपचुनाव के वक्त मेव को पार्टी पदाधिकारियों द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि वे याचिका वापस लेते हैं तो उन्हें उम्मीदवार बनाया जा सकता है़ पदाधिकारियों के इस आश्वासन के बाद ही मेव ने याचिका वापस ले ली थी, मगर समय निकल जाने के कारण कुक्षी एवं सोनकच्छ के साथ यहां चुनाव नहीं हो पाए थे़ अब जबकि चुनाव आयोग द्वारा यहां चुनाव की तारीख घोषित कर दी गई है, तो एक बार फिर मेव ने दावेदारी शुरु कर दी है़ यह माना जा रहा है कि भाजपा अपना प्रत्याशी मेव को ही घोषित करेगी़ वहीं राज्यसभा सदस्य विजयलक्ष्मी यादव इस सीट पर विजय हासिल करने के बाद राज्यसभा भेज दी गई़ वे यहां पर अपने भाई देवेन्द्र साधौ को चुनाव लड़ाना चाहती हैं़ वे अपने भाई के लिए दिल्ली में सक्रिय हो गई है़ वैसे माना जा रहा है कि कांग्रेस भी कम समय और पिछले उपचुनावों में मिली हार को देखते हुए साधौ को टिकट दे सकती है़ वैसे कांग्रेस की ओर से अरुण यादव भी अपने समर्थक को लेकर सक्रिय बताए जाते हैं, मगर उनका दावा मजबूत नहीं है ऐसा माना जा रहा है़

सोमवार, 23 अप्रैल 2012

दौरे में बरतें सतर्कता

राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से पहरा बढ़ा दिया है़ पुलिस ने प्रशासनिक अफसरों और जनप्रतिनिधियों को कहा है कि अगर वे नक्सल प्रभावित जिलों में जाते हैं तो पुलिस को सूचना देकर जाएं, ताकि उनकी सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं़ पुलिस ने दौरे के दौरान सतर्कता बरतने को कहा है़ छत्तीसगढ़ में आईएएस अफसर एलेक्स पाल मेनन के नक्सलियों द्वारा किए अपहरण के बाद मध्यप्रदेश में पुलिस ने राज्य के उन नौ जिलों में अलर्ट कर दिया है जहां पर नक्सलियों की गतिविधियां रही है़ राज्य के नौ जिलों बालाघाट, सिवनी, अनूपपुर, मण्डला, डिण्डोरी, शहडोल, उमरिया, सीधी और सिंगरौली जिले नक्सल प्रभावित घोषित किए गए हैं़ इन जिलों में बालाघाट, शहडोल और उमरिया में नक्सलियों की गतिविधियां देखी गई हैं़ छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की सक्रिय हुई गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने इन जिलों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई है़ नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस की सक्रियता बढ़ गई और जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अफसरों को यह कहा जा रहा है कि वे नक्सल प्रभावित इलाकों में अगर दौरे पर जाते हैं तो सतर्कता बरतें एवं पुलिस को सूचना दें़ बालाघाट जिले में लांजी, परसवाड़ा और बैहर विधानसभा क्षेत्रों में नक्सलियों की गतिविधियां पूर्व में सक्रिय रही हैं़ इस लिहाज से इन तीनों ही विधानसभा क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़Þ गई है़ जिलों में पुलिस के वरिष्ठ अफसर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षाएं करने में जुट गए हैं़ महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़Þ की सीमा से लगे जिलों में पुलिस का अभियान तेज हो गया है़ बालाघाट शहडोल, उमरिया एवं सीधी जिलों में भी पुलिस ने सक्रियता बढ़Þा दी है़ बालाघाट के पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर का कहना है कि छत्तीसगढ़Þ के सुकमा जिले के कलेक्टर का पिछले दिनों हुए अपहरण के बाद नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा के इंतजाम हमने बढ़Þा दिए हैं़ विशेषकर जिन चिन्हित स्थानों पर जहां पर नक्सलियों की गतिविधियां पूर्व में देखी गई थी, वहां पर पुलिस का पहरा बढ़Þाया है़ उन्होंने बताया कि हमने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अफसरों को भी यह कहा है कि वे अगर दौरे पर जाएं तो इसकी सूचना पहले पुलिस को दें इसके बाद ही जाएं ताकि सुरक्षा के इंतजाम किए जा सकें़

बुधवार, 18 अप्रैल 2012

झांसी की रानी का फोटो

अग्निपरीक्षा होगा नगरीय निकाय चुनाव

राज्य में मिशन-2013 के पहले मई-जून में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए अग्निपरीक्षा साबित होंगे़ दोनों ही दल इन चुनाव को आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल मानकर मतदाता के नब्ज टटोल रहे हैं़ दोनों ही  दलों के प्रदेश अध्यक्ष इन दिनों जिन पंद्रह जिलों में यह चुनाव होने हैं वहां सक्रियता बनाए हुए हैं़
राज्य में मई-जून में होने वाले नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव को लेकर प्रदेश के प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस सक्रिय हो गए हैं़फिलहाल दोनों ही दल आदिवासी इलाकों में होने वाले चुनाव को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं़ भाजपा की ओर से खुद प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा इन दिनों जिन आदिवासी अंचलों में ये चुनाव होने हैं, वहां लगातार सक्रियता बनाए हुए हैं़ वहीं कांग्रेस की ओर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया एवं विधानसभा नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह दोनों एक साथ दौरा कर रहे हैं़ दोनों ही नेताओं ने मालवा के रतलाम जिले से अपना दौरा शुरु करने के बाद अब विंध्य और महाकौशल अंचल के जिलों में सक्रिय हो रहे हैं़
15 जिलों की 52 नगर पालिका और नगर पंचायतों के होने वाले चुनाव को दोनों ही दल गंभीरता से ले रहे हैं़ कांग्रेस हरदा नगर पालिका का चुनाव जीतने के बाद हरसूद नगर पंचायत के चुनाव में कांग्रेस के बागी नेता की विजय से उत्साहित नजर आती है़ इन दोनों ही चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा़ भाजपा को यहां मिली हार से कांग्रेस उत्साहित है और होने वाले 52 स्थानों पर चुनाव को लेकर गंभीर भी है़ इन 52 नगरीय निकाय के चुनाव में 29 सीटों आदिवासी अंचल की है, इस कारण दोनों ही दलों के नेताओं की निगाह आदिवासियों पर टिक गई हैं़ कांग्रेस की ओर से श्री भूरिया और श्री सिंह एवं भाजपा की ओर से श्री झा ये तीनों ही नेता इन दिनों आदिवासी अंचल पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं़ इन नेताओं की सक्रियता नगरीय निकाय चुनाव के बहाने विधानसभा के 2013 के चुनाव के मद्देनजर अपने दल का वजन भी आदिवासी अंचलों में आंकना हैं़ दोनों दलों का लक्ष्य मिशन-2013 के फतह के लिए आदिवासी सीटें प्रमुख हैं यही कारण है कि दोनों ही दल इन दिनों आदिवासी अंचल में सक्रियता बनाए हुए हैं़
नगरपालिका जहां चुनाव होंगे
सारणी, पाढुर्ना, सौंसर, जुन्नारदेव, दमुआ, मंडला, नैनपुर, कोतमा, बिजुरी, शहडोल, धरमपुरी, मनावर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार,  खरगौन, सेंधवा, बड़वानी, नेपानगऱ
नगर पंचायत जहां चुनाव होंगे
चिचौली,आठनेर, मोहगांव, हर्रई, बिछिया, निवास, बैहर, लखनादौन, बाम्हनी बंजर, सैलाना, थांदला, पेटलावद, भाबरा, जोबट, सरदारपुर, राजगढ़Þ, कुझी, धरमपुरी, धामनोद, डही, भीकनगांव, महेश्वर, मंडलेश्वर, पानसेमल, खितिया, पालसूद, अंजड़,राजपुर, मोहगांंव, जयसिंह नगर, बुढार, पाली और औंकारेश्वर हैं़ 

जनप्रतिनिधियों के परिजनों का स्वास्थ्य विभाग पर कब्जा

राज्य के सिवनी जिले के स्वास्थ्य विभाग पर जिले के जनप्रतिनिधियों के परिजनों का कब्जा बना हुआ है़ इस कब्जे को हटाने के लिए अब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की जिला इकाई सक्रिय हो गई है़ गोंगपा ने कब्जा हटाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को सद्बुद्धि देने के लिए हनुमानजी को ज्ञापन सौंपने की बात कही है़
राज्य के सिवनी जिला स्वास्थ्य केन्द्र पर इन दिनों भाजपा के जनप्रतिनिधियों के परिजनों को कब्जा हो गया है़ इस कब्जे के कारण लोगों को परेशानी हो रही है़ स्वास्थ्य विभाग में जहां एक और आए दिन अनियमितताएं हो रही है़ वहीं लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से भी वंचित होते जा रहे हैं़ स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों सिवनी की विधायक और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नीता पटैरिया के पति एच़पी़पटैरिया जिला टीकाकरण अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं़ इसके अलावा लखनादौन की विधायक श्रीमती शशि ठाकुर के पति वाय़एस़ठाकुर सीएमओ के पद पर पदस्थ हैं़ इसी तरह सहकारी बैंक के अध्यक्ष भाजपा के नेता अशोक तेकाम की पत्नी श्रीमती तेकाम सिविल सर्जन के रुप में अपनी सेवाएं दे रही है़ सभी वरिष्ठ पदों पर भाजपा जनप्रतिनिधियों के परिजन पदस्थ हैं़ इन परिजनों की पदस्थापना के कारण स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों अनियिमितता का वातावरण बन गया है़ कई मर्तबा लोग शिकायतें लेकर पहुंचे भी, मगर उनकी एक नहीं सुनी गई़ अब इन परिजनों को वहां से हटाने के लिए गोंडवाना की सिवनी जिला इकाई ने मुहिम छेड़ी है़ गोंगपा की जिला इकाई मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि देने के लिए जल्द ही एक ज्ञापन हनुमानजी को सौंपने की तैयारी कर रही है़
गोंगपा की सिवनी जिला इकाई के प्रवक्ता विवेक डेहरिया ने बताया कि हमने कई मर्तबा इस मुद्दे को लेकर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायतें की़ यहां स्वास्थ्य विभाग में हो रही अनियमतिताओं की जानकारी भी दी, मगर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई़ उन्होंने बताया कि अब पार्टी ने यह तय किया है कि हम पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को सद्बुद्धि दिलाने के लिए पार्टी द्वारा भगवान हनुमानजी को एक ज्ञापन सौंपेगें़ इसके अलावा हवन कराकर पूजा-अर्चना भी की जाएगी़ उन्होंने बताया कि सिवनी जिले के साथ प्रदेश सरकार द्वारा लगातार उपेक्षा का व्यवहार भी किया जा रहा है़ यहां पर जनप्रतिनिधियों की पसंद के अधिकारी पदस्थ होते हैं जिस कारण लोगों को काम कराने में परेशानी उठानी पड़ती है़

रविवार, 15 अप्रैल 2012

अवैध उत्खनन, चिंतित हुए भाजपा नेता

मध्यप्रदेश में अवैध उत्खनन को लेकर प्रदेश के भाजपा नेताओं की चिंता भी बढ़Þने लगी है़ बैतूल जिले के भाजपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जिले में स्कूल शिक्षा मंत्री के भाई द्वारा कराए जा रहे अवैध उत्खनन की शिकायत की है़ मध्यप्रदेश में अवैध उत्खनन को लेकर जहां पर कांग्रेस ही नहीं, बल्कि भाजपा के नेता भी चिंतित होने लगी है़ कांग्रेस तो लंबे समय से भाजपा को इस मामले को लेकर घेर रही है, मगर अब भाजपा के पदाधिकारी ही अपनी सरकार को इस मुद्दे पर सरकार को घेरने लगे हैं़ विधानसभा के बीते बजट सत्र में भी कई अवसर ऐसे आए जब दर्जनों विधायकों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा़ वहीं बीते दिनों बैतूल के जिला भाजपा अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने तो मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को एक पत्र भी लिखा, जिसमें बैतूल जिले में रेत ठेकेदार द्वारा मनमाने ढंग से रायल्टी के पैसे वसूल करने की शिकायत दर्ज कराई है़ सूत्रों के अनुसार रेत का जिस ठेकेदार को ठेका मिला है उसने स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनिस के भाई को अधिकार पत्र देकर रेत उत्खनन करने का कार्य दिया है़ जिला भाजपा अध्यक्ष श्री खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि रेत ठेकेदार द्वारा रायल्टी की राशि ली जाती है और रसीद दी जाती है उस रसीद पर कहीं भी राशि अंकित नहीं की जाती है़ रायल्टी रेट निर्धारित कर ली गइृ राशि पर अंकित की जानी चाहिए़ उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा आवंटित खदान वाले क्षेत्रों से बाहर निकलकर रायल्टी की रसीद काटी जाती है़ ठेकेदार को जो खदान आवंटित की गई है उसके अलावा भी दूसरी खदानों से रेत निकाली जा रही है़ उन्होंने कहा कि रेत ठेकेदार के साथ जो जिले के बाहर के व्यक्ति कार्य कर रहे हैं उनकी जानकारी पुलिस थाने में ही उनके परिचय पत्र जारी किये जावें, जिससे की आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके़ मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि रेत खदान जिसके नाम आवंटित है वह खदान पर काम ना करते हुए दूसरे को अधिकार पत्र देकर दूसरे व्यक्ति से कार्य करा रहा है़ इस पत्र में बैतूल के विधायक अलकेश आर्य एवं आमला के विधायक चैतराम मानेकर के भी हस्ताक्षर हैं़ इस मुद्दे पर आज नेता प्रतिपत्र अजयसिंह ने कहा कि बैतूल के अलावा राज्य के भिंड और मुरैना में तो यह मामला कुछ ज्यादा ही चल रहा है़ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिला भी अछूता नहीं है़

शुक्रवार, 13 अप्रैल 2012

‘चक्रव्यू’ के ‘चक्रव्यूह’ में फंसे आदिवासी

फिल्म निदेशक प्रकाश झा द्वारा राजधानी में बनाई जा रही फिल्म ‘चक्रव्यू’ के ‘चक्रव्यूह’ में प्रदेश के आदिवासी फंस गए़ बैगा जाति के कलाकारों के गु्रप को झा ने नृत्य के लिए बुलाकर एनवक्त पर काम नहीं दिया़ जनजातीय कलाकारों को काम के साथ खाना भी नहीं मिला़ यहां तक की उन्हें वापस घर लौटने के लिए किराए हेतु भी मशक्कत करनी पड़ी़
राजधानी भोपाल में इन दिनों फिल्म निदेशक प्रकाश झा अपनी नई फिल्म ‘चक्रव्यू’ की शूटिंग कर रहे हैं़ फिल्म ‘राजनीति’ की सफलता के बाद उन्हें शूटिंग के लिए मध्यप्रदेश भा गया़ यही वजह है कि उन्होंने ‘चक्रव्यू’ भी यहां बनाने का फैसला किया़ इस फिल्म की शूटिंक में एक दृश्य में लोक परंपरा पर केन्द्रित आदिवासी नृत्य को फिल्माने के लिए उन्होंने डिंडोरी जिले के बैगाचक गांव में बैगा और चक जाति के बैगाकर्मा ग्रुप के मुख्य डॉ़विजय चौरसिया से संपर्क किया़ डॉ़ चौरसिया के समीप झा को समाजसेवी संजय यादव ने पहुंचाया था़ यादव आदिवासी क्षेत्रों में सामाजिक गतिविधियां चलाते हैं़ झा के कहने पर बैगा और चक जाति के 22 कलाकारों को संजय यादव बुधवार को भोपाल लाए़ इन कलाकारों को जब वे प्रकाश झा के पास ले गए तो उन्होंने काम न देते हुए यह कहकर वापस लौटा दिया कि उनका काम हो गया़ बुधवार को दिनभर ये अपने काम के लिए मशक्कत करते रहे़ झा ने न तो अनुंबध के आधार पर उन्हें पैसा दिया और न ही काम़ बुधवार को भूखे रहे कलाकार घर लौटने के लिए किराए तक के मोहताज हो गए थे़ बताया जाता है कि प्रकाश झा ने इन कलाकारों को पंद्रह हजार रुपए देने का करार किया था, मगर बुधवार को वे पलट गए और नृत्य भी इन कलाकारों से उन्होंने नहीं कराया़
समाजसेवी संजय यादव का कहना है कि मुझे प्रकाश झा ने आदिवासी कलाकारों को लाने का कहा था़ इस पर संस्कृति विभाग के संचालक श्रीराम तिवारी से उन्होंने बैगा जाति के इन कलाकारों का पता लिया और उन्हें भोपाल लेकर आया़ इसके बाद झा ने उन्हें न तो पैसे दिए और काम देने से भी मना कर दिया़ उन्होंने कहा कि अगर काम नहीं लिया गया तो कलाकारों को एडवांस के रुप में कुछ देना चाहिए था़ यहां तक की झा ने इन कलाकारों को खाने तक का नहीं पूछा़ श्री यादव ने कहा कि सरकार को प्रदेश में फिल्म नीति बनाकर कोई नियम बनाना चाहिए जिससे प्रदेश के कलाकारों के साथ कोई अभद्रता न कर सके़ संजय यादव का कहना है कि इन कलाकारों को संस्कृति विभाग तीस हजार रुपए मानदेय देता है, जबकि झा उन्हें मात्र पंद्रह हजार रुपए देकर ही काम कराना चाहते थे़
पचमढ़Þी में नहीं होने देंगे शूटिंग
‘चक्रव्यू’ में नृत्य प्रस्तुत करने आए कलाकारों की उपेक्षा के बाद अब फिल्म निदेशक प्रकाश झा को पचमढ़Þी में अपनी फिल्म की शूटिंग के दौरान परेशानी आ सकती है़ दुखी होकर भोपाल से गए ये कलाकार आदिवासी समाज के बीच अपनी बात कहेंगे़ इस पर आदिवासी खफा होकर पचमढ़Þी में फिल्म ‘चक्रव्यू’ की शूटिंग के दौरान मुसीबत बन सकते हैं़ बताया जाता है कि आदिवासी समाज इस बात से खफा हो गया है़ समाज के कुछ लोगों ने आज ही झा द्वारा लज्जित किए कलाकारों से चर्चा कर पचमढ़Þी में शूटिंग के दौरान प्रदर्शन करने और शूटिंग न करने देने की बात कही है़
आमिर भी कर चुके हैं वादाखिलाफी
आमिर प्रोडेक्शन के बैनर तले मध्यप्रदेश में पीपली लाइव फिल्म की भी शूटिंग हुई़ इस शूटिंग के दौरान रायसेन जिले का बड़वई गांव देश में चर्चा में रहा़ इस गांव के एक शिक्षक गयाप्रसाद की मंडली ने आमिर की इस फिल्म में ‘सखी सैंया तो खूबई़़़’ गाना गया़ इस गाने के लिए आमिर खान ने उन्हें वादा किया था कि वे इसके लिए मंडली को मात्र 1100 रुपए दिए और शेष राशि नहीं दी़ गांव के भोल-भाले लोग शूटिंग तक राशि मिल जाने को लेकर निश्ंिचत रहे, मगर शूटिंग पूरी होने के बाद भी उन्हें राशि नहीं मिली और शूटिंग के लिए आई टीम वापस मुंबई चली गई़ जब फिल्म का यह गाना खूब छाया और फिल्म प्रदर्शन की बात आई तब शिक्षक गयाप्रसाद ने अपनी पीड़ा मीडिया के सामने बताई़ इसके बाद आमिर खान ने पूरी मंडली को मुंबई बुलाकर छह लाख रुपए का चेक दिया़ बात यहीं समाप्त नहीं होती है, आमिर की इस फिल्म की शूटिंग का दंश आज भी बड़वाई गांव के लोग भोग रहे हैं़ इस फिल्म के दौरान जो बिजली का उपयोग किया उसका बिल करीब पौने पांच लाख रुपए आया जो अब तक नहीं भरा गया है़ इस कारण अब विद्युत विभाग ने पूरे गांव की बिजली ही बंद कर दी है़ गांव के लोग अंधेरे में रह कर अब आमिर की फिल्म ‘पीपली लाइव’ को कोस रहे हैं़

गुरुवार, 29 मार्च 2012

महाराष्ट्र एटीएस की सूचना की नहीं हुई पुष्टि

औरंगाबाद में मुठभेड. में मारे गए अजहर उर्फ खलील कुरैशी ने मध्य प्रदेश पुलिस की परेशानी बढ.ा दी है. पुलिस में उसके खिलाफ मामला दर्ज नहीं है, जबकि महाराष्ट्र एटीएस उसे खंडवा का वांटेड बता रही है. खंडवा पुलिस का दावा है कि अजहर कुरैशी पर कोई मामला दर्ज नहीं है, जबकि उसके दो भाइयों पर ट्रेन में लूट के मामले दर्ज हैं.
औरंगाबाद में महाराष्ट्र एटीएस द्वारा एनकाउंटर में मारे गए अजहर उर्फ खलील कुरैशी पर खंडवा पुलिस में कोई मामला दर्ज नहीं है. यह खुद पुलिस का कहना है. खंडवा पुलिस का कहना है कि अजहर के दो भाइयों तौसीफ और रकीब पर बीड. शटल ट्रेन में लूट का मामला दर्ज है. दोनों भाइयों पर धारा 319 के तहत मामले दर्ज हैं. इसके अलावा अजहर पर कोई मामला दर्ज नहीं है.
खंडवा पुलिस का दल औरंगाबाद गया है, जहां से वह पकडे. गए अन्य आरोपियों को भी प्रोटेक्शन
वारंट पर खंडवा लाएगा. पकडे. गए आरोपियों में खलील खिलजी के पिता अकील खिलजी का नाम बताया जा रहा है. अकील का एक लड.का जलील भी सिमी का कार्यकर्ता है. अकील से खंडवा पुलिस को और भी जानकारी हासिल होने की संभावना है. महाराष्ट्र एटीएस जो दावा कर रही थी कि अजहर खंडवा पुलिस का वांटेड है, वह खंडवा पुलिस ही झुठला रही है.
खंडवा के पुलिस अधीक्षक हरिकृष्ण मिश्रचारी का कहना है कि अजहर कुरैशी पर कोई मामला दर्ज नहीं है. पुलिस की टीम औरंगाबाद गई है, जो अन्य पकडे. गए आरोपियों को खंडवा लेकर आएगी. वहीं सीएसपी मुकेश मिश्र का कहना है कि अजहर पर कोई मामला दर्ज नहीं है. उसके दो भाइयों पर ट्रेन में लूट का मामला दर्ज है.

शुक्रवार, 20 जनवरी 2012

‘काली कमाई के किंग ’बने सरकारी कारिंदे

मध्यप्रदेश में हो रही छापों की कार्यवाही ने राज्य के कर्मचारियों और अफसरों के यहां मिल रही संपत्ति से इस बात का खुलासा हो रहा है कि ये ‘काली कमाई के किंग’बनते जा रहे हैं़ हर छापे में चाहे वह कर्मचारी के यहां हो या फिर अफसर के यहां करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हो रहा है़ वर्ष के शुरुआती 19 दिनों में अब तक हुई छापे की इस कार्यवाही में लोकायुक्त संगठन ने पचास करोड़ से ज्यादा की बेनामी संपत्ति इन कर्मचारियों और अफसरों के यहां होने का खुलासा किया है़
राज्य में इन दिनों लोकायुक्त संगठन द्वारा कर्मचारी से लेकर आला अफसर के यहां की जा रही छापे की कार्यवाही में इनके यहां से जो संपत्ति मिल रही है, वह चौंकाने वाली है़ करोड़ों की अवैध संपत्तियों का खुलासा हर छापे में हुआ है, इससे यह साबित होता जा रहा है कि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों द्वारा बार-बार अफसरों पर भ्रष्टाचार को लेकर जो बातें उठाई जा रही है उनमें सत्यता नजर आती है़ वर्ष 2010 के शुरुआती माह याने जनवरी में आईएएस दंपत्ति टीनू जोशी, अरविंद जोशी के यहां आयकर के छापे के बाद मध्यप्रदेश में लगातार कभी आयकर के तो कभी ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त के छापे सरकारी कर्मचारियों एवं अफसरों के यहां डलते रहे हैं़ इन दो वर्षों में अब तक कर्मचारियों एवं अफसरों के यहां पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है़ इस संपत्ति के बारे में आज तक किसी कर्मचारी या अफसर ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उसके पास इतनी संपत्ति आई कहां से है़ छापे के दौरान मिली यह संपत्ति इस बात का संकेत है कि राज्य के सरकारी कारिंदे इन दिनों काली कमाई के किंग बनते जा रहे हैं़ इन पर किसी का कोई अकूंश नहीं रहा है़
राज्य में चल रही छापे की कार्यवाही में बीते साल याने 2011 में 140 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ था़ इसके बाद हाल ही में वर्ष 2012 के शुरुआती माह जनवरी में हुई छापे की कार्यवाही में अब तक पचास करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हो चुका है़ दर्जनभर छापे की कार्यवाही में अब तक जो बेनामी संपत्ति उजागर हुई है उससे यह भी पता चलता है कि राज्य के अफसर और कर्मचारी जमीन खरीदी के अलावा अन्य धंधों में खूब पैसा लगा रहे हैं़ गुरुवार को छापे की कार्यवाही के दौरान आबकारी विभाग के अधिकारी भवानी प्रसाद भारके के यहां तो सामान और संपत्ति मिली है उसने एक बार फिर आईएएस अरविंद जोशी के यहां हुई छापे की कार्यवाही को याद दिलाया है़ भारके के यहां पर छापे के दौरान नगदी, जमीन जायदाद के दस्तावेजों के अलावा दो लाइसेंसी रायफल 51 बाटल देशी विदेशी शराब जिसकी कीमत 28 हजार रुपए आंकी गई है, मिली हैं़
* खण्डवा में आबकारी अधिकारी भवानी प्रसाद भारके के खंडवा स्थित शासकीय निवास, होशंगाबाद स्थित पैतृक निवास और इंदौर स्थित निवास से करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* मंडला में सिंचाई विभाग के सब इंजीनियर शारदा प्रसाद सोनी के निवास पर मारे गए छापे में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा़
* लोकायुक्त पुलिस ने श्रम विभाग के उद्योग विभाग में पदस्थ निरीक्षक ब्रजेश शर्मा के इंदौर सिथत सुखलिया के पास परागनगर में छापा मारकार तीन करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा किया़
* उज्जैन में पदस्थ पीएचई विभाग के सब इंजीनियर आऱ के़द्विवेदी के उज्जैन स्थित निवास पर छापे के दौरान 15 करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* रतलाम में पदस्थ सहकारिता निरीक्षक आनंद पाठक के इंदौर स्थित मकान पर छापे में दो करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला़
* नीमच में पदस्थ लोक निर्माण विभाग के सब इंजीनियर एस़पी़ पटेल के मंदसौर स्थित निवास पर लोकायुक्त के छापे में छह करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* आदिवासी विभाग के भोपाल में पदस्थ उपायुक्त देवीसिंह परमार के राजधानी स्थित शिवाजी नगर और रजत विहार होशंगाबाद रोड स्थित निवास पर लोकायुक्त ने छापा मारा़
* उज्जैन नगर निगम में राजस्व निरीक्षक पद पर पदस्थ कैलाश सांगते के निवास पर छापे में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* जबलपुर नगर निगम के सब इंजीनियर रामलखन के इंदौर और छिंदवाड़ा स्थित आवासों पर छापे में करीब 10 करोड़ की संपत्ति मिलने की बात सामने आई़

काम लिया, भुला दिया

उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी ने आमिर अली खान के सौ साला समारोह के लिए एक लेखक और चित्रकार से काम तो लिया, मगर दाम देने के बजाय उन्हें समारोह में बुलाना तक उचित नहीं समझा़ इन कलाकारों ने सरकार पर कलाकारों के साथ उपेक्षित व्यवहार करने का अरोप लगाया है़ समारोह में आमिर अली पर मोनोग्राफ और उनके पोर्टेट बनाने वाले लेखक और कलाकर दोनों ही अपने को उपेक्षित मान रहे हैं़ इन दोनों से लंबे समय तक मेहनत कराकर काम तो करा लिया, मगर उसके बाद अकादमी ने दोनों को भुला दिया़
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा इंदौर में कल 20 जनवरी से तीन दिनों तक मनाया जाने वाला आमिर अली खां का शताब्दी समारोह की प्रशंसा हो, उसके पहले ही यह समारोह विवादों में आ गया है़ विवाद इस बात को लेकर हुआ है कि समरोह के लिए अकादमी ने इंदौर के लेखक प्रभु जोशी से आमिर अली के जीवन पर केन्द्रित एक मोनोग्राफ तैयार कराया़ जोशी से इसके लिए विभाग ने बकायदा आग्रह किया था, इसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत कर इस काम को पूरा कर विभाग को दे दिया़ उन्हें यह आश्वासन दिया था कि इसका बाकायदा किताब के रुप में प्रकाशन कराकर लोगों तक उस किताब को पहुंचाया जाएगा़ इसी तरह पोट्रेट बनाने वाले इंदौर निवासी कलाकार जो वर्तमान में मुुंबई में रहे रहे हैं सफदर शामी से उस्ताद अलाउद्दीन अकादमी की ओर से कहा था कि वे आमिर साहब पर केन्द्रित चित्र बना दें़ अकादमी की ओर से जब उन्हें यह कहा गया तो उन्होंने आमिर साहब के पड़ौसी रहने एवं संगीतकार की दृष्टि से उन्हें याद करने का मौका मिलता, हां कह दिया़ इसके बाद उन्होंने आमिर अली के 13 पोर्ट्रेट बनाकर भेज दिया़
अकादमी ने मोनोग्राफ और चित्र बनवाने के बाद दोनों ही कलाकारों को भुला दिया़ इसके बाद न तो उनसे संपर्क किया और न ही कल से शुरु हो रहे कार्यक्रम में उन्हें बुलाया ही़ यहां तक की जो आमंत्रण पत्र छपवाया है उसमें सफदर शामी के बनाए चित्र को तो प्रकाशित किया है, मगर उनका नाम तक नहीं दिया है़ इसके अलावा शामी को कल के कार्यक्रम में पहुंचने के लिए निमंत्रण तक नहीं दिया है़ दोनों ही कलाकार इसे अपनी उपेक्षा मान रहे हैं और विभाग की इस कार्यशैली को लेकर आहत भी हैं़ विभाग द्वारा कोलकाता से बुलाए गए फोटोग्राफर प्रशांत अरोरा को लेकर भी दोनों कलाकार आहत हैं़ उनका कहना है कि फोटोग्राफर को वायुमार्ग से बुलवाया गया है, जबकि उन्हें आमंत्रित ही नहीं किया गया है़
यह तो श्राद्धकर्म करने जैसा हुआ: जोशी
प्रख्यात लेखक प्रभु जोशी का कहना है कि प्रदेश का संस्कृति विभाग और सरकार दोनों ही एक पद्मभूषण से नवाजे कलाकार आमिर अली खान का शताब्दी समारोह मनाने के बात कहकर खुश हो रहे हैं, मगर कला से जुड़े लोग इसे शास्त्रीय गायन के ख्यात गायक का श्राद्धकर्म करना मान रहे हैं़ सरकार खुले में मंच बनवाकर लाखों रुपए खर्च कर यह आयोजन कर रही है, मगर उनके लिए किताब प्रकाशित करने का कहकर भी किताब का प्रकाशन नहंी कर रही है़ श्री जोशी का कहना है कि उन्हें दिए आश्वासन के अनुसार अगर किताब प्रकाशित होती तो नई पीढ़Þी भी आमिर अली साहब को अच्छे से जान सकती थी़ वे इस बात को लेकर दुखी हैं कि उनसे मोनोग्राफ तैयार करा लिया गया, मगर उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है़ श्री जोशी ने बताया कि उन्होंने खूब मेहनत कर आमिर अली साहब पर मोनोग्राफ तैयार किया था, अब दुख होता है कि हमारी सरकार हमारे प्रदेश के अल्पसंख्यक वर्ग के कलाकारों के साथ किस तरह का व्यवहार करती है़

चित्र बनवा कर भुला दिया
आमिर अली खां के पोर्ट्रेट बनाने वाले मुुंबई निवासी कलाकार सफदर शामी का कहना है कि उन्हें अकादमी ने जब यह कहा कि आमिर अली खां पर पोर्ट्रेट उन्हें बनाने हैं, तो काफी खुशी हुई थी़ आमिर साहब का पड़ौसी होने पर फर्क हुआ़ मैंने खूब मेहनत कर 13 पोर्ट्रेट बनाकर भिजवा दिए़ अब मुझे पता चला कि जो आमंत्रण छपवाए गए हैं उसमें उनका नाम तक नहीं है़ इतना ही नहीं उनके चित्र का उपयोग किया गया है, मगर उनका नाम कहीं भी नहीं है़ उन्होंने कहा कि मेरे चित्रों का वे क्या कर रहे हैं इसकी जानकारी तो मुझे नहीं है, मगर इस बात का दुख जरुर है कि आमिर अली खां साहब के साथ प्रदेश सरकार मजाक कर रही है़
अब जरुर छपेगा मोनोग्राफ
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत अकादमी के कार्यकारी निदेशक गणेश भालचंद्र वाकदरे का कहना है कि यह सच है कि कुछ तकनीकी कारणों से पूर्व में हम मोनोग्राफ का प्रकाशन नहीं कर रहे थे़ हमारा विचार था कि हम तीन दिनों के पूरे कार्यक्रम को मोनोग्राफ प्रकाशित करेंगे़ मगर अब हमने यह तय किया है कि उसे कल तक प्रकाशित करा दिया जाएगा़ सफदर शामि को आमंत्रित करने की बात मुझे नहीं मालूम है, मैं पता करता हूं़ वागदरे ने कहा कि मुझे 12 जनवरी को ही यहां का कार्यभार मिला है इस कारण भी मुझे पूरी जानकारी नहीं है, मगर अब मैं सबकुछ ठीक ढंग से करुंगा़ हम एक बड़े कलाकार का शताब्दी समारोह मना रहे हैं उन्हें उपेक्षित करने की सोच हमारी नहीं है़

उप्र चुनाव में सक्रिय हुए मप्र के नेता

उत्तरप्रदेश में होने वाले चुनावों को लेकर मध्यप्रदेश के भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने उत्तरप्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार की कमान संभाल ली है़़ तीनों ही दलों के नेताओं ने अपने को सौंपी जिम्मेदारियां संभालकर चुनाव प्रचार में सक्रियता बढ़Þा दी है़
उत्तरप्रदेश में शुरु हुए चुनावी महासंग्राम में वैसे तो मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेताओं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुरैना के सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजसिंह चुनाव की घोषणा होने के पहले से ही सक्रिय रहे हैं़ इन वरिष्ठ नेताओं के अलावा अब पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ जिला पदाधिकारियों और संगठन के नेताओं ने उत्तरप्रदेश चुनाव में सक्रियता बढ़Þा दी है़ भाजपा द्वारा विधायक अरविंद भदौरिया और खनिज निगम के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा को अलग-अलग टीमें बनाकर विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है़ दोनों ही नेताओं के अधिनस्थ अस्सी-अस्सी विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है़ ये नेताओं ने अपने करीबी और सक्रिय नेताओं को तो उत्तरप्रदेश बुला लिया है, वहीं संगठन और राष्ट्रीय नेताओं द्वारा जिन पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश चुनाव प्रचार के लिए बुलवाया था उन्हें भी जिम्मेदारी सौंप दी है़ मध्यप्रदेश के भाजपा नेताओं को उत्तरप्रदेश में महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है़
खनिज निगम के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने लोकमत समाचार से चर्चा में बताया कि वे लखनऊ के आसपास के विधानसभा क्षेत्रों की कमान संभाले हुए हैं़ उन्हें पार्टी ने 81 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है, उनके साथ मध्यप्रदेश के 131 पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की टीम लगी हुई है़ विधायक अरविंद भदौरिया ने बताया कि उन्हें संगठन ने जो काम सौंपा है उसके तहत मध्यप्रदेश के नेता उनका साथ दे रहे हैं और चुनाव प्र्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं़
भाजपा के अलावा कांग्रेस के नेताओं को भी उत्तरप्रदेश में जमावड़ा लगने लगा है़ कांग्रेस में भाजपा से अलग तरीके से नेताआें को बुलवाया जा रहा है़ कांग्रेस पार्टी द्वारा अब तक जिन नेताओं को बुलवाया गया है उनकी जानकारी प्रदेश संगठन को नहीं है़ कांग्रेस नेताओं को सीधे दिल्ली से निर्देश दिए जा रहे हैं कि उन्हें किस विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर जिम्मेदारी निभानी है़ प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सेल के अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने बताया कि कांग्रेस के कुछ प्रदेश पदाधिकारी, विधायक और युवा नेता उत्तरप्रदेश पहुंचे हैं़ इन नेताओं को पार्टी के महासचिव राहुल गांधी के यहां से बुलावा आया था इस वजह से ये सीधे पहुंचे हैं़ श्री अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश संगठन के पास यह जानकारी तो नहीं है कि प्रदेश से कितने नेता उत्तरप्रदेश चुनाव में प्रचार के लिए बुलवाए गए हैं़
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव ने बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह ने उन्हें मध्यप्रदेश की सीमा से लगे उत्तरप्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेश के सपा नेताओं को भेजने को कहा है़ इस निर्देश के बाद उन्होंने प्रदेश के जिला पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश जाने को कह दिया है़ इनमें से कुछ नेता तो चले गए हैं, कुछ पदाधिकारी जल्द ही उत्तरप्रदेश के लिए रवाना होंगे़
बाक्स
बसपा नेताओं को इंतजार
बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश के नेताओं और पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश में चुनाव प्रचार में हिस्सा लेने के लिए जाने हेतु राष्ट्रीय नेताओं के बुलावे का इंतजार है़ बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अभी मध्यप्रदेश से किसी नेता को उत्तरप्रदेश आकर चुनाव प्रचार में मदद करने के लिए नहीं बुलाया है़ मध्यप्रदेश के कुछ बसपा नेता तो इस तैयारी में बैठे हैं कि उन्हें निर्देश मिले और वे उत्तरप्रदेश की ओर कूच कर जाएं, मगर अब तक किसी नेता को भेजने के लिए प्रदेश संगठन को नहीं कहा गया है़ दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष आईईएस मौर्य का कहना है कि उत्तरप्रदेश में पार्टी के पास नेता और कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है इस कारण प्रदेश के नेताओं को वहां नहीं बुलाया गया है़