गुरुवार, 29 दिसंबर 2011

34 सीटों पर करेंगे संघर्ष

बहुजन समाज पार्टी फिर भाजपा छोड़कर फूलसिंह बरैया ने अपना नया दल बहुजन संघर्ष दल बनाकर 2013 के विधानसभा चुनाव के लिए सक्रियता बढ़Þा दी है़ उन्होंने अजा के लिए आरक्षित 34 सीटों पर संघर्ष करने का मन बनाया है और यहां पर अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की सक्रियता बढ़Þा दी है़
कभी बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रुप में ताकतवर नेता के बने फूलसिंह बरैया को जब पार्टी से मायावती ने हटाया तो उन्होंने भाजपा की शरण ले ली थी, मगर भाजपा में भी जब उन्हें मुख्यधारा से नहीं जोड़ा गया तो उन्होंने अपना नया दल बहुजन संघर्ष दल बनाकर अपनी सक्रियता प्रदेश में बढ़Þानी शुरु कर दी़ बरैया ने प्रदेश के हर जिले में अपनी टीम तो बना ली है, मगर 2013 के विधानसभा चुनाव के लिए उन्होंने अजा के लिए आरक्षित 34 सीटों पर विशेष ध्यान देना शुरु किया है़ ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, विंध्य और भोपाल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों पर वे विशेष ध्यान दे रहे हैं़ इन विधानसभा क्षेत्रों में उनके दल के कार्यक्रम भी तेजी से हो रहे हैं़ बहुजन संघर्ष दल का विस्तार करने के साथ-साथ वे बहुजन समाज पार्टी को कमजोर करने का उनका लक्ष्य साफ दिखाई देता है़ बरैया ने इन दिनों ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में लगातार दौरे करके कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी कर ली है, साथ ही वे जातिगत आधार पर अपने नेताओं को आगे बढ़Þा रहे हैं़ अजा वर्ग के लोगों को वे अधिक से अधिक अपने दल में स्थान देकर यह संदेश देना चाहते हैं कि बहुजन समाज पार्टी से जुड़ने के बजाय उनके दल से लोग जुड़ेंगे तो उन्हें क्या फायदा होगा़ बरैया ने इन दिनों अजा वर्ग की आरक्षित सीटों पर कद्दावर नेताओं को जिन्हें चुनाव लड़ाया जा सके उनकी सूची बनानी शुरु कर दी है़ वे अभी से सक्रिय इसलिए भी हैं कि एनवक्त पर कोई चूक न हो जाए और न ही उनके साथ जुड़े लोग अपने को इस दल में आने के बाद उपेक्षित समझें़
बहुजन संघर्ष दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष फूलसिंह बरैया ने लोकमत समाचार से चर्चा करते हुए बताया कि फिलहाल उनका लक्ष्य जातीय आधार पर लोगों को अपने दल से जोड़कर पार्टी को ताकतवर बनाना है़ वे बसपा से ज्यादा मजबूत दल प्रदेश में अपना बनना चाहते हैं़ उन्होंने कहा कि प्रदेश में वे बहुजन संघर्ष दल को ताकतवर दल के रुप में खड़ा करेंगे़ इसके साथ ही अधिक से अधिक अजा वर्ग के लोगों को अपने दल से जोड़ेंगे़ इस बार वे किसी तरह की कोई चूक नहीं होने देंगे और विधानसभा के 2013 में होने वाले चुनाव के लिए वे फिलहाल तो अजा वर्ग की आरक्षित 34 सीटों पर संघर्ष करने का फैसला कर चुके हैं़

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