मध्यप्रदेश के जिले खण्डवा में इन दिनों चल रहे ‘केबल वार’ में राज्य के आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह और वहां के सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव आमने-सामने होते नजर आ रहे हैं़ दोनों ने अपने-अपने समर्थकों को सर्पोट देकर मामले को तूल पकड़ाने का काम किया है़ मामले को सुलझाने के प्रयास जिला प्रशासन ने भी किया, मगर स्थानीय राजनीति और अपने प्रचार-प्रसार के माध्यम को पुख्ता करने के लिए राजनेताओं ने दोनों पक्षों को अड़े रहकर एक दूसरे के खिलाफ खड़े रहने को कहा है़
रंगीन मिजाज और सदैव चर्चा में रहने वाले प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह इन दिनों प्रदेश स्तर पर किसी मुद्दे को लेकर तो तो चर्चा में नहीं हैं, मगर बीते एक पखवाड़े से खण्डवा में चल रहे ‘केबल वार’ में जरुर सक्रिय हो गए हैं़ यहां चल रहा ‘केबल वार’ दो राजनेतातओं के बीच टकराव और प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है़ खण्डवा सिटी केबल के अलावा इस शहर में हाल ही में स्काइ टीवी के नाम से एक और सिटी केबल की शुरुआत हुई है़ इसकी शुरुआत होते ही यहां पर ‘केबल वार’ की स्थिति निर्मित हो गई़ पूर्व में जब खण्डवा में सिटी केबल की शुरुआत हुई तो इसके स्थापना करने वालों में अधिकांश लोग वे थे, जो आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह से जुड़े रहे हैं़ इसकी स्थापना के समय एक समिति बनाई गई जिसमें केबल आपरेटरों में कुंदन बजाज, नीतिश शर्मा, रिजवान अंसारी के अलावा मुख्य रुप से भाजपा नेता ओम सोनी कर्ताधर्ता के रुप में रहे़ वैसे तो इस समिति में और भी लोग थे, मगर वे केवल कागजों तक ही सीमित रहे़
‘केबल वार’ शुरुआत और खण्डवा टीवी पर ग्रहण उस वक्त लगा जब यहां पर खण्डवा-बुरहानपुर के सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव के रिश्तेदार अंजड़ निवासी संजय पटेल ने इंदौर के संजीव अग्रवाल के साथ मिलकर स्काइ टीवी की शुरुआत की़ इसमें खण्डवा टीवी के कुछ सदस्यों को उन्होंने मिला लिया़ इसके बाद केबल आपरेटरों के बीच तो घमासान मचने की परिस्थति निर्मित हुई, मगर स्थानीय राजनीति में रखल रखने वाले मंत्री विजय शाह को इस बात की चिंता हुई की अब उनके कार्याें की कहीं बखिया न उधेड़नी शुरु हो जाए़ विशेषकर उन्हें अपनी महापौर पत्नी भावना शाह को लेकर चिंता हुई़ खण्डवा नगर निगम में जो कुछ हो रहा है अब तक तो ढका था, मगर उन्हें अरुण यादव से जुड़े इस ग्रुप को लेकर अपनी छवि खराब होती भी दिख रही थी़ इस कारण उन्होंने अपने निकटमत ओम सोनी को सक्रिय किया और इस ‘केबल वार’ को तेज किया़ उनकी मंशा थी कि स्काइ टीवी यहां से जुदा हो जाए, मगर सांसद अरुण यादव ने भी इस मामले को राजनीतिक दृष्टिकोण से लिया और अपने रिश्तेदार को ताकत देनी शुरु कर दी़ मामले ने जब राजनीतिक मोड़ लिया तो खण्डवा जिला प्रशासन भी सक्रिय हुआ और पुलिस अधीक्षक हरीकृष्ण मिश्र चारी ने दोनों पक्षों को बुलाकर सुलह करानी चाही, मगर यह सुलह हुई नहीं, बल्कि बढ़Þती चली गई़ वर्तमान में दोनों ही पक्ष अपनी बात पर अड़े हुए हैं और राजनीति कर रहे हैं़
मंत्री को क्यों ही चिंता
मंत्री विजय शाह को स्काइ टीवी का खण्डवा आने से चिंता इसलिए हुई क्योंकि वे बीते लोकसभा चुनाव के दौरान खण्डवा सीटी केबल पर चली बुरहानपुर दंगों का सच सीडी का हश्र जानते हैं़ इस सीडी के बाद कुछ ऐसा असर हुआ था कि भाजपा के प्रत्याशी नंदकुमार सिंह चौहान को हारना पड़ा था़ तब इस मामले में मंत्री अर्चना चिटनिस पर सभी को आशंका थी कि यह सीडी उन्हीं ने चलवाई है़ मामला संगठन स्तर तक भी पहुंचा था़ इस मामले को देख अब मंत्री विजय शाह को इस बात की चिंता है कि स्थानीय स्तर अब विरोधी खेमा सक्रिय होकर लोगों के बीच उनकी छवि खराब करने में सक्रियता निभाएगा और कांग्रेस नेता इस मामले में कुछ ज्यादा सक्रिय जाएंगे़ नगर निगम के अलावा उनके क्षेत्र में जो खामियां होंगी उन्हें विरोधी खेमा जनता के बीच पहुंचाने का काम शुरु कर देगा़
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें