मध्यप्रदेश लोकायुक्त में पदस्थ पुलिस महानिदेशक डी़जीक़ापदेव के सेवानिवृत्त होने के बाद उनके स्थान को पाने और उससे बचने वालों की सक्रियता बढ़Þ गई है़ इस पद को पाने वालों से बचने वालों की संख्या कुछ ज्यादा ही दिखाई दे रही है़
मध्यप्रदेश लोकायुक्त में पदस्थ पुलिस महानिदेशक डी़जीक़ापदेव की इसी माह सेवानिवृत्ति होनी है़ इस माह की 27 तारीख को वे साठ साल के हो जाएंगे़ उनका स्थान पर अगला पुलिस महानिदेशक कौन होगा इसके लिए सक्रियता कुछ ज्यादा ही बढ़Þ गई़ पुलिस मुख्यालय से लेकर सरकार तक इस पद को पाने वालों में और इस पद से दूरी बनाने वालों की संख्या बढ़Þ गई है़ सरकार भी इस पद पर किसी ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति चाहती है, जिसके कारण सरकार की छवि बची रहे़ कापदेव के स्थान पर सबसे ऊपर ईओडब्ल्यू में पुलिस महानिदेशक पद पर पदस्थ रमेश शर्मा का नाम है़ वैसे उनके अलावा भी पुलिस महानिदेशक होमगार्ड नंदन दुबे और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशासन सुरेन्द्र सिंह का नाम लिया जा रहा है, लेकिन ये दोनों ही इस पद पर जाने से बचना चाहते हैं़ बताया जाता है कि सुरेन्द्रसिंह को वहां पर पदस्थ करने से सरकार भी बचना चाहती है, जबकि भाजपा के ही एक वरिष्ठ नेता इन्हें वहां पर बैठाना चाहते हैं़ वहीं नंदन दुबे के समर्थन में भी संघ से जुड़े कुछ भाजपा के वरिष्ठ नेता आगे आ रहे हैं, लेकिन दुबे इस पद पर जाने से बचना चाहते हैं़ इनके अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय वीक़े़ पंवार, पुलिस हाउंसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष पद पर पदस्थ वीक़ेक़ंवर की भी इस पर पहुंचने के लिए सक्रियता नजर आ रही है़ वे यहां अपने को साइड लाइन में होने के कारण लोकायुक्त जाना चाहते हैं, मगर इन नामों पर सरकार की ओर से सक्रियता कुछ कम ही नजर आ रही है़ कापदेव के बाद पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त कौन होगा इसके लेकर सरकार के सामने भी संकट की स्थिति बनी हुई है़ सरकार वहां पर भाजपा से जुड़े अफसर को पदस्थ करना चाहती है, ताकि मंत्रियों को लेकर जो मामले चल रहे हैं वे किसी तरह से दबे रहे और सरकार को इस मामले कांग्रेस घेरने से बची रहे़ सरकार ने फिलहाल इस मुद्दे पर गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता से चर्चा कर इस पर किसी ऐसे व्यक्ति का नाम सुझाने को कहा है जो भाजपा के निकट रहा हो या फिर उसका कांग्रेस से किसी तरह का नाता न रहा हो़
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