मंगलवार, 6 दिसंबर 2011

गोंडवाना पर गोंगपा का जोर

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने अब गोंड बाहुल्य इलाकों में अपनी ताकत लगानी शुरु कर दी है़ संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़Þावा देते हुए पार्टी द्वारा आदिवासी लोगों को अपनी ओर ज्यादा से ज्यादा आकर्षित करने का काम शुरु कर दिया है़ इसके लिए पार्टी ने एक व्यक्ति को दस सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया है़
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अब राज्य में एक बार फिर अपनी ताकत दिखाना चाहती है़ पार्टी द्वारा राज्य के गोंड क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं़ इन कार्यक्रमों में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम स्वयं उपस्थित होते हैं़ वे पार्टी पदाधिकारियों से कम और आदिवासी लोगों के बीच पहुंचकर ज्यादा चर्चा करते हैं़ उन्होंने आदिवासियों को यह बताना शुरु कर दिया है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अब तक आदिवासियों के नाम पर राजनीति ही की है, इसलिए उन्हें अब अपने दल गोंगपा को ज्यादा से ज्यादा ध्यान देना चाहिए़ विंध्य के अलावा महाकौशल क्षेत्र के कई अंचलों में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे हो चुके हैं़ वे अब पार्टी की गतिविधियों को बढ़Þाने के लिए पदाधिकारियों को सक्रिय कर रहे हैं़
श्री मरकाम ने बीते दिनों विंध्य अंचल के अनूपपुर में बैठक आयोजित कर आदिवासी नेताओं को गोंगपा की ताकत बढ़Þाने के लिए सक्रिय किया़ साथ ही यह भी कहा कि हर व्यक्ति दस सदस्य बनाकर गोंगपा से जोड़ेगा़ ये दस सदस्य अगले दस अन्य दस व्यक्तियों को सदस्य बनाएंगे़ इस लक्ष्य के तहत उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि वे अब पार्टी से आदिवासी समाज के अलावा अन्य समाज के लोगों से भी जोड़ेंगे़ सर्वसमाज के नारे के तहत अब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने प्रदेश में अपनी ताकत बढ़Þाने का फैसला किया है़ पार्टी द्वारा फिलहाल आदिवासी बहुल इलाकों विशेषकर गोंड बाहुल्य क्षेत्र में ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं़ इसके पीछे पार्टी का मुख्य मकसद यह है कि वह पहले अपने से दूर हुए अपने समाज के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करे, उसके बाद दूसरे समाज के बीच अपनी पैठ जमाए़ पार्टी द्वारा लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं़
पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री श्याम मरकाम का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं दौरा कर लोगों के बीच पहुंचकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ने का काम कर रहे हैं़ इसके अलावा वे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भी पदाधिकारियों को टिप्स से रहे हैं कि चुनाव के दौरान उन्हें क्या करना है और किस तरह सजग रहना है़ फिलहाल उनका लक्ष्य पार्टी का सदस्यता अभियान है़

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