राज्य सरकार जल्द ही बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करने की तैयारी कर रही है़ इस सर्जरी के तहत मंत्रालय से लेकर जिलों में पदस्थ कलेक्टरों को भी बदले जाने की संभावना है़ वहीं पदोन्नत हो चुके अफसरों की नई पदस्थापना की जानी है़
विधानसभा में कांग्रेस द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद अब राज्य सरकार कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो गई है़ सरकार ने अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चार दिन की चर्चा में जिन कलेक्टरों या मंत्रालय में पदस्थ अफसरों पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया है़ मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इस मामले उन अफसरों की सूची तैयार करानी शुरु कर दी है, जिन्हें लेकर कांग्रेस ने सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया था़ वहीं कुछ अफसरों की शिकायतें संगठन से और सरकार दोनों से पार्टी पदाधिकारी लगातार करने आ रहे हैं, उन शिकायतों पर भी सरकार गंभीर हो रही है़
मुख्यमंत्री श्री सिंह ने अब इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है़ उन्होंने वर्ष 1987 बैच के पदोन्नत हुए अफसरों को मंत्रालय में पदस्थापना देने के साथ कुछ मैदानी अफसरों को भी बदलने की तैयारी शुरु कर दी है़ बताया जाता है कि इस माह के अंत तक सरकार द्वारा प्रशासनिक सर्जरी की जाने की पूरी तैयारी है़ इस तैयारी के तहत करीब एक दर्जन कलेक्टरों के बदले जाने की खबरें हैं, इसके अलावा पुलिस अधीक्षकों को भी बदले जाने की तैयारी सरकार कर रही है़ बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस द्वारा जो मुद्दे उठाए गए उन्हें भी मुख्यमंत्री सहित संगठन ने गंभीरता से लिया है़ संगठन ने मुख्यमंत्री से अलग से चर्चा कर यह तय किया है कि जल्द ही अधिकारियों को हटाकर नयी पदस्थापनाएं की जाएं, जिससे कार्यकर्ताओं के अलावा सरकार की साख भी बनी रहे़ संगठन द्वारा मुख्यमंत्री को यह जानकारी भी दी गई है कि जिलों में पदस्थ कलेक्टरों द्वारा शासकीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार में रुचि नहीं दिखाई जा रही है,जिसके कारण लोगों तक जानकारी नहीं पहुंच पा रही है और कांग्रेस उसका फायदा उठा रही है़ कांग्रेस द्वारा भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलते ही संगठन ने सरकार पर दबाव बनाने का काम शुरु कर दिया कि वे जल्द ही प्रशासनिक सर्जरी करे, जिससे मिशन 2013 के तहत संगठन भी सक्रिय होकर काम कर सके़
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