गुरुवार, 29 दिसंबर 2011

‘फुल’ होटल, रिसोर्ट

राज्य के पर्यटक स्थलों पर न्यू ईयर मनाने वालों को अब ठहरने के लिए परेशानी का सामना करना पढ़Þेगा़ न्यू ईयर मनाने वालों ने आनलाइन के जरिए 30 एवं 31 दिसंबर को पर्यटन विकास निगम के सारे होटल और रिसोर्ट बुक करा लिए हैं़ इसके साथ ही निजी होटलों पर ही कुछ ऐसी ही स्थिति है़
राज्य के पर्यटक स्थलों मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटल और रिसोर्ट ‘न्यू ईयर’ के लिए पूरे बुक हो चुके हैं़ पर्यटन विकास निगम अब इस चिंता में है कि प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों पर क्या किया जाए जिससे किसी को निराशा नहीं हो, मगर पर्यटन विकास निगम के पास फिलहाल कोई विकल्प नहीं है़ निगम अब वन विभाग की सहायता लेने का विचार कर रहा है, लेकिन वहां भी पूर्व से ही शत-प्रतिशत बुकिंग हो चुकी है़
राज्य में खजुराहो, पचमढ़Þी, माण्डव, बांधवगढ़Þ, ओरछा, पन्ना, कन्ना किसली, अमरकंटक, औंकारेश्वर, उज्जैन आदि पर्यटक स्थल ऐसे हैं जहां पर सभी प्रकार के पर्यटक पहुंचते हैं़ इन स्थानों पर प्रतिवर्ष जोरदार भीड़ होती है़ इस लिहाज से इस बार इन पर्यटन स्थलों पर दिसंबर माह के प्रारंभ से ही आनलाइन बुकिंग का सिलसिला शुरु हो चुका था, जो 20 दिसंबर तक नब्बे फीसदी से ज्यादा पहुंच गया था़ पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में पर्यटन विभाग के राज्य में सभी होटल और रिसोर्ट बुक हो चुके हैं़ विभाग के मैनेजर आऱसी़ चौरसिया का कहना है कि राज्य में निगम के करीब 52 होटल और रिसोर्ट हैं, जो पूरी तक से नये साल का जश्न मानने वालों के लिए बुक हो चुके हैं़ अब हमारे पास और कोई ऐसा उपाय नहीं है जहां पर हम पर्यटकों को ठहरा सके़
पर्यटन विकास निगम के अलावा राज्य के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा जैसे शहरों में स्थित निजी होटलों के भी कुछ ऐसे ही हालत बन गए हैं़ इन होटलों पर नये साल के लिए आज तक याने 23 दिसंबर तक करीब नब्बे फीसदी से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है़ अब जो भी बुकिंग के लिए इन शहरों में प्रयास करते हैं उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है़
पर्यटकों की इस परेशानी को देख पर्यटन विभाग ने वन विभाग और लोक निर्माण विभाग से मदद मांगी है, मगर अब तक उसे वहां से निराशा ही हाथ लगी है़ दोनों विभागों के रेस्ट हाउस के लिए विभागीय अधिकारियों ने अब तक कोई स्वीकृति नहीं दी है़

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