भारतीय जनता पाटी अनुशांगिक संगठन भारतीय किसान संघ एक बार फिर अपनी ही सरकार से खफा है़ किसानों की मांगों को लेकर एक बरस पहले किए आंदोलन के तहत मानी गई मांगें पूरी न होने से नाराज संघ आंदोलन की बरसी मनाएगा और सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ते हुए राज्यभर में प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है़ सरकार भी किसान संघ की तैयारियों पर नजर रखे हुए है, मगर वह उसकी रणनीति को अब भी नहीं भांप पाई है़
भारतीय किसान संघ एक बार फिर किसानों की मांगों को लेकर अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहा है़ एक साल पहले 20 दिसंबर 2010 को राजधानी में पहिये थमा देने वाले आंदोलन की सफलता के बाद किसान संघ फिर से किसानों की मांगों को लेकर गंभीर नजर आ रहा है़ सरकार के पास कई मर्तबा अपनी मांगों को पूरा करने की बात कहने के बाद भी जब उनकी मांगें नहीं मानी गई तो किसान संघ ने इस बार अपनी रणनीति को और गोपनीय रखते हुए इस बात का खुलासा तो किया है कि वह किसानों के लिए किए गए आंदोलन की बरसी 20 दिसंबर को मनाएगा़ इसकी रुपरेखा क्या होगी इसका खुलासा संघ नहीं कर रहा है़ फिलहाल वह इतना जरुर कह रहा है कि इस दिन जिला और तहसील स्तर पर किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन करेगा, मगर राजधानी में उसका स्वरुप क्या होगा इसके बारे में संघ के पदाधिकारी मौन हैं़ किसान संघ के पदाधिकारी इन दिनों वैसे तो अपनी बैठकों में सक्रिय हैं़ वे राज्य सरकार के अलावा केन्द्र सरकार के खिलाफ भी मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं़ मालवा और मध्यप्रांत में किसान संघ के पदाधिकारियों की बैठकों का दौर लगातार जारी है़
किसान संघ द्वारा राजधानी में आंदोलन की रणनीति क्या होगी इसकी जानकारी के लिए सरकार खुफिया तंत्र भी सक्रिय है, मगर वह भी अब तक कोई जानकारी नहीं जुटा पा रहा है़ किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ‘कक्काजी’ का कहना है कि सरकार ने एक साल पहले जो हमें आश्वासन दिया है उस पर वह खरी नहीं उतरी है़ इसलिए हम आंदोलन की बरसी तो मनाएंगे साथ ही सरकार को यह बताएंगे की वह किसानों से जो वादे करे उन्हें पूरा भी करे़ उन्होंने प्रदर्शन किस तरह का होगा इसके बारे में कुछ कहने से मना कर दिया़ किसान संघ के प्रदेश पदाधिकारियों की सक्रियता तो फिलहाल यह बताती है कि संघ की तैयारी किसी बड़े प्रदर्शन की चल रही है, मगर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है़ वहीं सरकार भी किसान संघ के पदाधिकारियों से संपर्क करने की तैयारी कर रही है़ बताया जाता है कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तिरुपति यात्रा से लौटने के बाद जल्द ही किसान संघ के पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे, मगर किसान संघ के पदाधिकारी इस बार अपनी बात पर अडिग नजर आ रहे हैं़ उनका कहना है कि किसान को बिजली तो मिल नहीं रही, साथ ही यूरिया खाद भी समय पर नहीं मिल पाया है़ किसान अपनी हर समस्या को लेकर परेशान है वह अधिकारियों के पास जाता है, मगर उसकी कोई सुनता नहीं है़ पदाधिकारियों को कहना है कि सरकार ने किसान केबिनेट बनाई, मगर उसका भी कोई फायदा किसान को नहीं मिला है़ इस केबिनेट में लिए जाने वाले निर्णयों से किसान को कोई फायदा नहीं हुआ है़
किसान संघ के प्रवक्ता संदीप श्रीवास्तव का कहना है कि सरकार ने किसानों को आश्वासन देकर केवल झुनझुना पकड़ा दिया है़ किसान इन दिनों परेशान है, अधिकारी सरकार को आंकड़ों में उलझाकर रखे हुए हैं़ इस कारण सरकार किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है़ उन्होंने बताया कि 20 दिसंबर को प्रदेश के हर जिला और तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर किसान एक बार फिर अपनी बात सरकार तक पहुंचाएगा़
सदस्यता बढ़Þाकर दिखाएगा ताकत
भारतीय किसान संघ जनवरी 2012 से सदस्यता अभियान की शुुरुआत करने जा रहा है़ इस अभियान के तहत संघ राज्य में अधिक से अधिक सदस्य बनाने की रणनीति बना चुका है़ संघ के पदाधिकारियों को निर्देश भी दिए जा चुके हैं कि सरकार से मांग मनवाने के लिए अब उसे अपनी ताकत का अहसास एक बार फिर सरकार को कराना होगा़ इसके लिए संघ द्वारा यह रणनीति तय की गई है कि राज्य में अधिक से अधिक संख्या में किसान संघ से किसानों को जोड़ा ताए, ताकि सरकार को इस बात का अहसास हो की किसान संघ के बाद बड़ी ताकत है़़
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