गुरुवार, 29 दिसंबर 2011

नये सीएस और डीजी की शुरु हुई तलाश

मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त होने के बाद इन पदों पर कौन पदस्थ होगा, इसे लेकर कयासों का दौर शुरु हो चुका है़ वहीं इन पदों के दावेदारों ने भी सक्रियता बढ़Þा दी है़ दोनों की सेवानिवृत्ति में अभी दो से लेकर चार माह का वक्त है, मगर सरकार और अफसरों ने इस बात को लेकर चिंतन शुरु कर दिया हैं़ मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान मिशन-2013 के तहत सकरात्मक और राजनीतिक सोच वाले अफसर को इन पदों पर बैठाना चाहते हैं़ इसके लिए उन्होंने भी इन दोनों पदों पर किसे पदस्थ किया जाए उसे लेकर मंथन शुरु कर दिया है़
राज्य में मौजूदा मुख्य सचिव अवनि वैश्य का कार्यकाल अप्रैल 2012 में पूरा होने जा रहा है, वहीं पुलिस महानिदेशक एसक़े़राउत का कार्यकाल फरवरी 2012 में पूरा होगा़ इन पदों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मंथन शुरु कर दिया है, उन्होंने तेजतर्रार अफसर को इन पदों पर बैठाने की बजाय सकारात्मक और राजनीतिक की समझ वाले अफसर को इन पदों पर बैठाने का मन बनाया है़ वैसे इन पदों पर पदस्थापना को लेकर आईएएस और आईपीएस अफसरों ने सक्रियता बढ़Þा दी है़ मुख्य सचिव पद के लिए सक्रिय हुए दावेदारों में ओ़पी़रावत, मलय कुमार राय, डॉ़ विश्वपति त्रिवेदी, दिलीपराज सिंह चौधरी पदमवीरसिंह, श्रीमती आभा अस्थाना, उदय वर्मा, सुमित बोस,आर परशुराम सहित अन्य अफसर हैं जो सक्रिय हो गए हैं़वहीं पुलिस महानिदेशक पद के लिए नंदन दुबे, सुरेन्द्र सिंह, डा़आनंद कुमार, यशोवर्धन आजाद के नाम फिलहाल सामने आ रहे हैं़ इनके अलावा कुछ अन्य अफसर भी सक्रियता बढ़Þाए हुए हैं़
कौन होगा वैश्य का उत्तराधिकारी
1975 बैच के आईएएस अवनि वैश्य अप्रैल 2012 में मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं़ वैश्य की सेवानिवृत्ति के बाद उनकी कुर्सी पर कौन बैठेगा यह अभी सुनिश्चित नहीं है़ वरिष्टता के आधार पर देखा जाए तो 1976 बैच के आईएएस सुमित बोस का नाम आगे आता है,मगर वैश्य जब मुख्य सचिव बनाए गए थे, तब भी उनका नाम इस पद के लिए उठा था, मगर उन्होंने इससे दूरी बना ली थी, वे केन्द्र में ही वित्त सचिव बनना चाहते थे़ हालात कुछ ऐसे रहे कि वे इस पद पर नहीं पहुंच पाए, इस कारण उनकी सक्रियता अब इस पद के लिए दिखाई देती है, मगर उनके नाम पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान अब तैयार नहीं बताए जा रहे हैं़ बोस ने केन्द्र में पदस्थापना के दौरान वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से जो नजदीकियां बढ़Þाई वह उनके आड़े आ सकती है़ बोस के बाद 1977 बैच के मलय कुमार राय का नंबर इस पद के लिए आता है, मगर उनका रिटायरमेंट नवंबर 2012 में है़ इसके बाद ओ़पी़रावत जो कि 1977 बैच के ही हैं उनका नाम भी लिया जा रहा है, मगर नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर के मुख्यमंत्रित्वकाल में गौर से रही उनकी नजदीकियां इस पद के लिए उन्हें दूर रख सकती हैं़ रावत के बाद 1977 बैच के ही डा़विश्वपति त्रिवेदी भी इस पद के दावेदार हैं़ अधिकांश समय केन्द्र में ही प्रतिनियुक्ति पर रहने वाले त्रिवेदी पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के रिश्तेदार भी है, इस कारण कांग्रेसी नेता से रिश्तेदारी उनके लिए इस पद पर आड़े आ सकती है़ 1977 बैच के ही अन्य अफसर दिलीप राज सिंह, पदमवीर सिंह, आऱपरशुराम और श्रीमती आभा अस्थाना इस पद के लिए सपना संजोए बैठे हैं, परंतु ये सीएस की कुर्सी पर जाए इसके लिए भी उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख आड़े आ रही है़ इनकी सेवानिवृत्ति 2013 के नवंबर माह में होनी है़ इस लिहार से फिलहाल 1977 बैच के ही पदमवीर सिंह का नाम इस पर कुछ ज्यादा सक्रिय बताया जा रहा है़ इनका कार्यकाल फरवरी 2014 में पूरा होगा़ पदमवीर सिंह के नाम पर बल तब और मिला जब पिछले दिनों प्रशासन अकादमी मसूरी में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का व्याख्यान हुआ था़ इस अकादमी के संचालक वे स्वयं हैं़ उन्होंने पूर्व से ही इस मामले में रुचि दिखाते हुए अपनी जमावट शुरु कर दी थी़ पदमवीर सिंह के लिए आईएएस अफसरों की पंजाबी लाबी भी कर रही है़ इस लाबी ने सक्रियता बढ़Þा दी है़


राउत के बाद कौन
1974 बैच के पुलिस महानिदेशक एसक़े़राउत का भी फरवरी 2012 में सेवानिवृत्त होने जा रहे है़ं श्री राउत का स्थान पाने के लिए वैसे तो आधा दर्जन आईपीएस अफसर सक्रिय हैं, परन्तु यहां भी मुख्यमंत्री की सोच सीएस पद के लिए जिस तरह अफसर की है वैसी ही दिखती है़ इस पद पर वे ऐसे व्यक्ति को बैठाना चाहते हैं जो ऐन चुनाव के वक्त राजनीतिक सोच के हिसाब से काम करे़ वरिष्ठता के आधार पर इस पद के लिए 1976 बैच के नंदन दुबे का नाम सबसे ऊपर हैं, मगर दुबे की कार्यशैली अपनी है, इस कारण उन्हें अड़चने आ सकती हैं़ दुबे की सेवानिवृत्ति भी 2014 में होना है़ इसी तरह 1976 बैच के आईपीएस यशोवर्धन आजाद हैं, लेकिन उनकी सेवानिवृत्ति भी 2014 में मार्च माह में होनी है़ वैसे आजाद मध्यप्रदेश में ज्यादा सक्रिय नहीं रहे हैं़ 1977 बैच के वीक़े़पवार की सेवानिवृत्ति नवंबर 2013 में और वी़एमक़ंवर की सेवानिवृत्ति अक्टूबर 2012 में होना है़ इस कारण ये भी इस पद से आसीन नहीं हो पाएंगे़ इनके अलावा 1980 बैच के सुरेन्द्रसिंह और 1981 बैच के डॉ़ आनंद कुमार का नाम इस पद के लिए लिया जा रहा है़ आनंद कुमार को लेकर मुख्यमंत्री स्वयं तैयार नहीं बताए जाते है़ इस लिहाज से फिलहाल नंदन दुबे का नाम इस पद के लिए सबसे ऊपर माना जा रहा है़ जबकि वरिष्ठता के क्रम में ही 1975 बैच के एचक़े़सरीन भी 2012 में ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं़ इसके अलावा एस़ए़इब्राहिम, रमेश शर्मा, आऱसी़अरोरा भी वरिष्ठता क्रम में सुरेन्द्र सिंह और डॉ़ आनंद कुमार से ऊपर हैं, मगर इनका रिटायरमेंट वर्ष 2013 इस पद पर इन्हें पहुंचाने में आड़े आ रहा है़ वीक़े क़ंवर, इब्राहिम, रमेश शर्मा और अरोरा का रिटायरमेंट 2013 में होना है़
पुलिस महानिदेशक पद पर किस अफसर की पदस्थापना होगी इसे लेकर अफसर अभी से सक्रिय हैं़ इस कारण कुछ अफसर लोकायुक्त में खाली हो रहे पुलिस महानिदेशक के पद पर नहीं जाना चाहते हैं़ इन अफसरों का सोच है कि अगर लोकायुक्त में उनकी पदस्थापना हो गई तो दो माह बाद खाली हो रहे पुलिस महानिदेशक राउत के पद पर उनकी पदस्थापना में संकट खड़ा हो जाएगा, और उनका पुलिस महानिदेशक बनने का सपना पूरा नहीं होगा़ इन अफसरों में ईओडब्ल्यू में पदस्थ रमेश शर्मा भी एक हैं़ लोकायुक्त महानिदेशक पद पर उनका नाम चल रहा है, लेकिन वे यहां अपनी पदस्थापना नहीं चाहते हैं़ हालांकि श्री शर्मा का कार्यकाल भी अक्टूबर 2013 में समाप्त हो जाएगा इस कारण उनकी नियुक्ति इस पद पर होना मुश्किल नजर आती है,क्योंकि 2013 के अंतिम माहों में ही मध्यप्रदेश विधानसभा के चुनाव होना है़

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