मंत्रिमंडल की बैठक में लिया फैसला, उज्जैन में बनेगा नया आयुर्वेदिक कॉलेज
भोपाल। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले आज प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में किसानों सहित अन्य वर्ग के लिए कई फैसले लिए हैं। सरकार ने गेहूं खरीदी पर किसानों को 125 रूपए प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला लिया है। वहीं सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने का फैसला किया है।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में आज ये फैसले लिए गए। बैठक में सरकार ने किसानों को गेहूं पर 2275 रुपए समर्थन मूल्य के साथ ही प्रति क्विंटल 125 रुपए बोनस देने का निर्णय लिया है। यानी सरकार 2400 रुपए प्रति क्विंटल गेंहू खरीदेगी। साथ ही किसानों को खाद और उर्वरक की जरूरत को ध्यान में रखकर फिर से मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ को नोडल एंजेसी घोषित किया है। उसमें 850 करोड़ रुपए की निशुल्क शासकीय प्रत्यावृति स्वीकृत की गई है। इसके अलावा उज्जैन में सिंहस्थ 2028 आयोजन के दृष्टिगत स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिये नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के लिये सिविल कार्यों के लिये 592.30 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। इसके लिये आवश्यक उपकरणों एवं मानव संसाधनों की स्वीकृति बाद में दी जाएगी। चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण से आस-पास के जिलों की जनता को भी उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। बैठक में विभागाध्यक्ष कार्यालय संचालक, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व एवं संचालक, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना सतपुड़ा भवन को वर्तमान में पदस्थ अमले सहित उज्जैन स्थानांतरित करने का निर्णय भी लिया गया है।
जिला अस्पतालों में निःशुल्क शव वाहन
कैबिनेट बैठक में सायबर तहसील की क्षेत्रीय अधिकारिता प्रदेश के सभी जिलों में विस्तारित करने का अनुसमर्थन करते हुए स्वीकृति दी गई। एनडीबी योजना में भोपाल के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर मार्ग (कोलार मार्ग 15.1 किमी) के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन के लिये 305.08 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। वहीं, सरकार ने प्रदेश के सभी जिला अस्पताल में निःशुल्क शव वाहन रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। शव वाहन संचालन का दायित्व लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के पास होगा। अभी यह दायित्व नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पास है।
चार नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए 1200 करोड़
बैठक में नीमच, मंदसौर, श्योपुर एवं सिंगरौली के नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के संचालन एवं उपकरण क्रय के लिए 1167.95 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। नीमच के लिये 287.45 करोड़ श्योपुर के लिये 288.5 करोड़, सिंगरौली के लिए 289.74 करोड़ एवं मंदसौर के लिये 302.26 करोड़ रूपये की स्वीकृती दी गई है।
छिंदवाड़ा सहित 13 जिलों में नर्सिंग कॉलेज
केन्द्र प्रवर्तित योजना में मेडिकल कॉलेजों के साथ नये नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना के लिये मंत्रि-परिषद ने 192.40 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। प्रदेश के 13 जिलों दतिया, खंडवा, रतलाम, शहडोल, विदिशा, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, सतना, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, श्योपुर एवं सिंगरौली में नर्सिंग कॉलेज बनेंगे। प्रत्येक नर्सिंग कॉलेज के लिये 14.80 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। इससे इन जिलों एवं आस-पास के सभी नागरिको को चिकित्सा सुविधा का लाभ एवं छात्र-छात्राओं को सुगमतापूर्वक नर्सिंग संवर्ग की शिक्षा मिल सकेगी।
पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा योजना
बैठक में पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके संचालन एवं क्रियान्वयन का दायित्व लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के पास रहेगा। यह सेवा प्रदेश में कहीं भी चिकित्सा आपात स्थिति उत्पन्न होने या विशेष प्रकार के चिकित्सा सुविधा या चिकित्सा विशेषज्ञों की आवश्यकता होने पर उपलब्ध रहेगी। इसमें कठिन भौगोलिक परिस्थिति में प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक पहुँचकर उन्नत आपातकालीन चिकित्सा द्वारा मरीजों की स्थिति को स्थिर कर उच्च चिकित्सा केन्द्रों तक एयरलिफ्ट किया जाएगा। इसका लाभ आयुष्मान योजना के कार्डधारी मरीज को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
जनजातीय समुदाय के घरों तक बिजली पहुंचाएंगी सरकार
प्रधानमंत्री के जनजाति आदिवासी महाअभियान के तहत ही प्रदेश में बैगा, सहरिया और भारिया अति पिछड़ी जनजातियों के घरों पर बिजली पहुंचाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। इसके लिए संबंधित तीन जनजातियों के लोगों के घरों तक बिजली पहुंचाई जाएगी। जंगल में रहने वाले जनजाति के लोगों के घरों पर सोलर एनर्जी के माध्यम से बिजली की व्यवस्था की जाएगी।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में आज ये फैसले लिए गए। बैठक में सरकार ने किसानों को गेहूं पर 2275 रुपए समर्थन मूल्य के साथ ही प्रति क्विंटल 125 रुपए बोनस देने का निर्णय लिया है। यानी सरकार 2400 रुपए प्रति क्विंटल गेंहू खरीदेगी। साथ ही किसानों को खाद और उर्वरक की जरूरत को ध्यान में रखकर फिर से मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ को नोडल एंजेसी घोषित किया है। उसमें 850 करोड़ रुपए की निशुल्क शासकीय प्रत्यावृति स्वीकृत की गई है। इसके अलावा उज्जैन में सिंहस्थ 2028 आयोजन के दृष्टिगत स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिये नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के लिये सिविल कार्यों के लिये 592.30 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। इसके लिये आवश्यक उपकरणों एवं मानव संसाधनों की स्वीकृति बाद में दी जाएगी। चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण से आस-पास के जिलों की जनता को भी उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। बैठक में विभागाध्यक्ष कार्यालय संचालक, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व एवं संचालक, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना सतपुड़ा भवन को वर्तमान में पदस्थ अमले सहित उज्जैन स्थानांतरित करने का निर्णय भी लिया गया है।
जिला अस्पतालों में निःशुल्क शव वाहन
कैबिनेट बैठक में सायबर तहसील की क्षेत्रीय अधिकारिता प्रदेश के सभी जिलों में विस्तारित करने का अनुसमर्थन करते हुए स्वीकृति दी गई। एनडीबी योजना में भोपाल के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर मार्ग (कोलार मार्ग 15.1 किमी) के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन के लिये 305.08 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। वहीं, सरकार ने प्रदेश के सभी जिला अस्पताल में निःशुल्क शव वाहन रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। शव वाहन संचालन का दायित्व लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के पास होगा। अभी यह दायित्व नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पास है।
चार नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए 1200 करोड़
बैठक में नीमच, मंदसौर, श्योपुर एवं सिंगरौली के नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के संचालन एवं उपकरण क्रय के लिए 1167.95 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। नीमच के लिये 287.45 करोड़ श्योपुर के लिये 288.5 करोड़, सिंगरौली के लिए 289.74 करोड़ एवं मंदसौर के लिये 302.26 करोड़ रूपये की स्वीकृती दी गई है।
छिंदवाड़ा सहित 13 जिलों में नर्सिंग कॉलेज
केन्द्र प्रवर्तित योजना में मेडिकल कॉलेजों के साथ नये नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना के लिये मंत्रि-परिषद ने 192.40 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। प्रदेश के 13 जिलों दतिया, खंडवा, रतलाम, शहडोल, विदिशा, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, सतना, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, श्योपुर एवं सिंगरौली में नर्सिंग कॉलेज बनेंगे। प्रत्येक नर्सिंग कॉलेज के लिये 14.80 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। इससे इन जिलों एवं आस-पास के सभी नागरिको को चिकित्सा सुविधा का लाभ एवं छात्र-छात्राओं को सुगमतापूर्वक नर्सिंग संवर्ग की शिक्षा मिल सकेगी।
पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा योजना
बैठक में पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके संचालन एवं क्रियान्वयन का दायित्व लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के पास रहेगा। यह सेवा प्रदेश में कहीं भी चिकित्सा आपात स्थिति उत्पन्न होने या विशेष प्रकार के चिकित्सा सुविधा या चिकित्सा विशेषज्ञों की आवश्यकता होने पर उपलब्ध रहेगी। इसमें कठिन भौगोलिक परिस्थिति में प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक पहुँचकर उन्नत आपातकालीन चिकित्सा द्वारा मरीजों की स्थिति को स्थिर कर उच्च चिकित्सा केन्द्रों तक एयरलिफ्ट किया जाएगा। इसका लाभ आयुष्मान योजना के कार्डधारी मरीज को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
जनजातीय समुदाय के घरों तक बिजली पहुंचाएंगी सरकार
प्रधानमंत्री के जनजाति आदिवासी महाअभियान के तहत ही प्रदेश में बैगा, सहरिया और भारिया अति पिछड़ी जनजातियों के घरों पर बिजली पहुंचाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। इसके लिए संबंधित तीन जनजातियों के लोगों के घरों तक बिजली पहुंचाई जाएगी। जंगल में रहने वाले जनजाति के लोगों के घरों पर सोलर एनर्जी के माध्यम से बिजली की व्यवस्था की जाएगी।

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