कांग्रेस नेताओं के दल बदल पर बोले पटवारी
भोपाल। लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस में दल-बदल का सिलसिला थम नहीं रहा है। बड़ी संख्या में नेता भाजपा में ष्शामिल हो रहे हैं। इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं आज पटवारी ने दल बदल कर रहे नेताओं को लेकर कहा कि आदमी डर और लालच के चलते अपनी आस्था बदलता है।
भाजपा की ज्वाइन टोली के चलते प्रतिदिन कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में ष्शामिल होने का सिलसिला चल रहा है। इसके तहत अब तक पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी सहित कई बड़े नेता कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए और कई नेताओं के भाजपा में शामिल होने की बात सामने आ रही है। नेताओं के दल बदलने के जारी इस सिलसिले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि लालच और डर से आदमी अपनी आस्था बदलता है, जो लोग गए उनको धन्यवाद। पटवारी ने कांग्रेस का इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश को आजाद कराया। नेता अपनी आस्था बदल सकता है, लेकिन कार्यकर्ता नहीं। उन्होंने कहा कि हम लोग चुनाव हारे हैं, लेकिन निराश नहीं हैं। वहीं, पटवारी ने चुनाव में अनुशासनहीनता के लिए जिन लोगों को हमने पार्टी से बाहर निकाल दिया था। भाजपा में शामिल होने वालों में 80 प्रतिशत वही लोग हैं।
बेरोजगारों, आत्महत्या करने वाले किसानों को ढूंढे भाजपा
भाजपा के बूथ विजय संकल्प अभियान पर पटवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 370 बेरोजगार ढूंढे, क्योंकि उनको रोजगार देना पड़ेगा। 370 कर्जदार किसान और आत्महत्या करने वाले लोगों को ढूंढे। भाजपा अपने धर्म को निभाएं। उन्होंने कहा कि जब बोलते हैं तो कहते हैं कि रावण की भाषा बोल रहे हैं। पटवारी ने कहा लोकतंत्र में रावण की भाषा नहीं चलती। यहां तो जनता माई-बाप है। जनता इनके अहंकार को देखे।
भीड़ में पीछे खड़े पचौरी, दिग्विजय ने पोस्ट की फोटो
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हाल ही में मोहन सरकार के एक कार्यक्रम की तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की है। इस तस्वीर में पीछे भीड़ में खड़े एक चेहरे पर बाकायदा गोला भी बनाया गया है। ये चेहरा है कभी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अब भाजपा सदस्य सुरेश पचौरी का, जो भाजपाईयों की भीड़ में पीछे खड़े दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो का संदर्भ और प्रसंग बताते हुए दिग्विजय सिंह लिखा है कांग्रेस से भाजपा में जाने के बाद कितना सम्मान मिलता है अवश्य देखें जय सिया राम।


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