उज्जैन में मुख्यमंत्री तो इंदौर में कैलाश के कारण अटका मामला
भोपाल। भाजपा ने मध्य प्रदेश की 24 सीटों पर लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी घोशित कर दिए हैं, लेकिन पांच सीटों पर पेंच फंसा हुआ है। इन पांचों सीटों पर दिग्गज नेताओं मुख्यमंत्री डा मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के चलते मामला अटक गया है। अब इन पांचों सीटों पर फैसला पांच मार्च को भाजपा की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक में होने की संभावना जताई जा रही है।
भाजपा ने शनिवार को प्रदेश की 24 लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोशणा कर दी है। वहीं पांच सीटें छिंदवाड़ा, बालाघाट, इंदौर, उज्जैन और धार पर प्रत्याशी का चयन नहीं किया गया है। छिंदवाड़ा सीट पहले से ही भाजपा के लिए महत्वपूर्ण रही है। इस सीट पर भाजपा किसी भी तरह से जीत हासिल करना चाह रही है। इसके चलते दिल्ली में नेता इस सीट पर प्रभावशील व्यक्ति को प्रत्याशी बनाने की तैयारी कर चुके हैं। पहले माना जा रहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस सीट पर उम्मीदवार बनाया जाएगा, मगर उन्हें विदिशा से मैदान में उतारने के बाद इस बात के कयासों पर विराम लग गया है। वैसे इस सीट पर कैलाश विजयवर्गीय सेक्टर प्रभारी है। उनके सहमति पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। फिलहाल दावेदारों में नत्थन शाह, बंटी साहू का नाम सबसे आगे आ रहा है। वहीं पार्टी विधानसभा चुनाव हारी मोनिका बट्टी पर भी विचार कर रही है। जबकि कैलाश विजयवर्गीय इस सीट पर कविता पाटिदार को मैदान में उतारना चाहते हैं। मगर संगठन के पदाधिकारी कविता को इंदौर से प्रत्याशी बनाना चाहते हैं। सूत्रों की माने तो कैलाश इंदौर में जीतू जिराती के लिए प्रयासरत है। इंदौर में वर्तमान सांसद शंकरलाल लालवानी सुमित्रा महाजन गुट से होने के चलते उनके नाम पर कैलाश की सहमति नहीं बनी है। इंदौर में कविता और जीतू के अलावा निशांत खरे और गौरव रणदिवे भी दावेदारी कर रहे हैं।
वहीं उज्जैन सीट पर मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के कारण प्रत्याशी का चयन नहीं हो पाया है। वर्तमान सांसद अनिल फिरोजिया के नाम पर वे सहमत नहीं है। यहां पर मुख्यमंत्री के सुझाए नाम पर ही पार्टी मोहर लगाएगी। वैसे इस सीट पर पूर्व मंत्री पारस जैन और सत्यनारायण जटिया भी दावेदारी कर रहे हैं। इसके अलावा धार सीट पर पूर्व मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव के लिए केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रयास तेज कर दिए हैं। वे अपने समर्थक के तौर पर केवल एक सीट पर नाम सुझा रहे हैं। इसके चलते यहां भी मामला अटका हुआ है। इस सीट पर राजवर्धन सिंह के अलावा पूर्व मंत्री रंजना बघेल और जयदीप पटेल भी दावेदारी कर रहे हैं।
बालाघाट में पिता, पुत्री दावेदार
बालाघाट सीट पर वर्तमान सांसद ढ़ालसिंह बिसेन का नाम पूर्व मंत्री और विधानसभा चुनाव हारे गौरीशंकर बिसेन के कारण अटक गया है। गौरीशंकर बिसेन इस सीट पर खुद या फिर अपनी बेटी मौसम बिसेन के लिए दावेदारी कर रहे हैं। वे अपनी पुत्री के लिए ज्यादा प्रयासरत है। इस सीट पर इनके अलावा रमेश भटेरे के अलावा अभाविप के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार भी दावेदारी कर रहे हैं।

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