27 को कर सकती है प्रत्याशियों की सूची जारी
भोपाल। लोकसभा चुनाव के लिए 22 प्रत्याशी तय कर चुकी कांग्रेस के सामने अब 6 स्थानों पर प्रत्याशी चयन मुसीबत बनता नजर आ रहा है। कांग्रेस के लिए विदिशा और गुना में प्रत्याशी चन चुनौती बना है। दोनों ही सीटों पर पार्टी ऐसे प्रत्याशी को तलाश रही है, जो भाजपा के प्रत्याशियों को कड़ी चुनौती दे सके।
लंबी जद्दोजहद के बाद कांग्रेस ने शनिवार की देर रात 12 प्रत्याशियों की सूची जारी की। इसके पहले कांग्रेस 10 प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुकी थी। अब तक कांग्रेस ने प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के लिए 22 प्रत्याशियों का चयन कर सूची जारी की है। एक सीट खजुराहो गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी को दी है। इसलिए कांग्रेस को केवल 28 प्रत्याशी ही घोशित करना है। 22 प्रत्याशियों की सूची जारी करने के बाद अब छह लोकसभा क्षेत्रों विदिशा, गुना, मुरैना, ग्वालियर, खंडवा और दमोह में कांग्रेस को प्रत्याशी तय करने है। इसके लिए जद्दोजहद चल रही है। माना जा रहा है कि इन सीटों पर 27 मार्च को पार्टी प्रत्याशियों की घोशणा कर सकती है।
जानकारी के अनुसार गुना में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ संगठन पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण यादव को उतारना चाह रहा है, मगर यहां स्थानीय का मुद्दा उठने से मामला अटक गया है। अरूण यादव का नाम तय नहीं होने से खंडवा सीट भी अटकी है। अगर गुना से वे चुनाव में नहीं उतरते हैं तो पार्टी उन्हें खंडवा से मैदान में उतार सकती है। इसी तरह विदिशा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ प्रदेश इकाई विधायक देवराज सिंह पटेल को मैदान में उतारना चाह रही थी, मगर दिल्ली के नेता यहां पर पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा को चुनाव मैदान में उतारना चाह रहे हैं। इसी तरह ग्वालियर में कांग्रेस जिला अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा, पूर्व विधायक प्रवीण पाठक के अलावा पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव को चुनाव लड़ा सकती है, लेकिन सत्यपाल सिकरवार को केन्द्रीय नेतृत्व मैदान में उतारना चाह रहा है। वहीं मुरैना में पंकज उपाध्याय का नाम संगठन की ओर से दिया गया, लेकिन बाद में यहां पर जातिगत समीकरण बैठाते हुए गुर्जर नेता को मैदान में उतारना चाह रही है। वहीं दमोह में सुप्रीम कोर्ट के वकील वरुण ठाकुर की पत्नी जया ठाकुर, पूर्व विधायक तरवर लोधी और राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल के अलावा विधायक रामसिया भारती भी दावेदारी कर रहे हैं। इनमें से एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है।
लंबी जद्दोजहद के बाद कांग्रेस ने शनिवार की देर रात 12 प्रत्याशियों की सूची जारी की। इसके पहले कांग्रेस 10 प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुकी थी। अब तक कांग्रेस ने प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के लिए 22 प्रत्याशियों का चयन कर सूची जारी की है। एक सीट खजुराहो गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी को दी है। इसलिए कांग्रेस को केवल 28 प्रत्याशी ही घोशित करना है। 22 प्रत्याशियों की सूची जारी करने के बाद अब छह लोकसभा क्षेत्रों विदिशा, गुना, मुरैना, ग्वालियर, खंडवा और दमोह में कांग्रेस को प्रत्याशी तय करने है। इसके लिए जद्दोजहद चल रही है। माना जा रहा है कि इन सीटों पर 27 मार्च को पार्टी प्रत्याशियों की घोशणा कर सकती है।
जानकारी के अनुसार गुना में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ संगठन पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण यादव को उतारना चाह रहा है, मगर यहां स्थानीय का मुद्दा उठने से मामला अटक गया है। अरूण यादव का नाम तय नहीं होने से खंडवा सीट भी अटकी है। अगर गुना से वे चुनाव में नहीं उतरते हैं तो पार्टी उन्हें खंडवा से मैदान में उतार सकती है। इसी तरह विदिशा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ प्रदेश इकाई विधायक देवराज सिंह पटेल को मैदान में उतारना चाह रही थी, मगर दिल्ली के नेता यहां पर पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा को चुनाव मैदान में उतारना चाह रहे हैं। इसी तरह ग्वालियर में कांग्रेस जिला अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा, पूर्व विधायक प्रवीण पाठक के अलावा पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव को चुनाव लड़ा सकती है, लेकिन सत्यपाल सिकरवार को केन्द्रीय नेतृत्व मैदान में उतारना चाह रहा है। वहीं मुरैना में पंकज उपाध्याय का नाम संगठन की ओर से दिया गया, लेकिन बाद में यहां पर जातिगत समीकरण बैठाते हुए गुर्जर नेता को मैदान में उतारना चाह रही है। वहीं दमोह में सुप्रीम कोर्ट के वकील वरुण ठाकुर की पत्नी जया ठाकुर, पूर्व विधायक तरवर लोधी और राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल के अलावा विधायक रामसिया भारती भी दावेदारी कर रहे हैं। इनमें से एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है।

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