गुरुवार, 21 मार्च 2024

टूट के बाद भी हावी है कांग्रेस में गुटबाजी

एक-दूसरे को घेरने से नहीं चूक रहे नेता


भोपाल। प्रदेष कांग्रेस में मची भगदड़ के चलते बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जा चुके हैं। इसके बाद भी गुटों में बंटे नेता एकजुट होने के बजाय एक-दूसरे को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रत्याषी तलाष के दौरान यह कई बार यह सामने भी आया कि नेता एक-दूसरे को निषाना साधते हुए चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतारने की बात कहते नजर आए।  
लोकसभा चुनाव की तारीखें घोषित हो चुकी है। भाजपा ने पूरे प्रत्याशी घोषित कर मैदानी सक्रियता बढ़ा दी है। दूसरी ओर कांग्रेस में लगातार नेताओं और कार्यकर्ताओं की भगदड़ थम नहीं रही है। हालात यह है कि प्रतिदिन किसी न किसी अंचल के नेता भाजपा कार्यालय पहुंचकर भाजपा की सदस्यता ले रहे हैं। भाजपा में सदस्यता लेने वालों की संख्या भी अब पंद्रह हजार से ज्यादा हो चुकी है। कांग्रेस में मची भगदड़ को भी अब कांग्रेस नेता गुटबाजी ही मान रहे हैं। कांग्रेस में पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया गुटा हावी हुआ करता था, मगर सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद माना जा रहा था कि केवल दो गुट हैं, लेकिन जब लोकसभा चुनाव के पहले भगदड़ मची तो नेताओं ने एक दूसरे पर निषाना साधना षुरू किया तो कांग्रेस में पटवारी, उमंग सिंघार और अरूण यादव के गुट भी उभरकर सामने नजर आए को कहा। वहीं विंध्य में अजय सिंह और कमलेष्वर पटेल अपने हिसाब से रानजीति कर रहे हैं।  इन गुटों के नेताओं ने अपने-अपने तरीके से बड़े नेताओं पर निषाना साधा और चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरने की बात कहते रहे।  मगर बड़े नेता बचते नजर आए और दूसरे को घेरते रहे। मामला यही तक थमा नहीं, बल्कि नए उभर रहे कांग्रेस के  गुटों के नेता अब भी एक-दूसरे को मैदान में उतारने के प्रयास कर रहे हैं, जिसके चलते दिल्ली में बैठे नेता अब तक प्रत्याषी चयन ही नहीं कर पा रहे हैं।
सिंघार ने साधा पटवारी पर  निशाना 
सूत्रों की माने तो हाल ही में उमंग सिंघार ने बड़े नेताओं को चुनाव मैदान में उतारने की बात कहते हुए जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह का नाम लेकर कहा कि इन्हें इंदौर और गुना से मैदान में उतरना चाहिए। इस बीच उमंग पर भी निशाना  साधा गया कि उन्हें धार से चुनाव लड़ना चाहिए। दरअसल बताया जा रहा है कि धार सीट पर कांग्रेस राधेश्याम मुवेल को प्रत्याशी बना रही है, जो उमंग को रास नहीं आ रहे हैं। मुवेल पटवारी की पसंद हैं, इसके चलते उमंग अपनी पसंद का प्रत्याशी उतारना चाहते हैंं। वहीं अरूण यादव और उमंग दोनों एकजुट होकर मालवा-निमाड़ में अपनी पसंद के हिसाब से काम करना चाहते हैं।

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