मंगलवार, 5 मार्च 2024

महाकाल मंदिर में राहुल ने की पूजा-अर्चना, गर्भगृह में जाने की नहीं मिली अनुमति


भोपाल। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज प्रदेश के उज्जैन पहुंची, जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाकाल मंदिर में बाबा के दर्शन करके पूजा अर्चना की। लेकिन राहुल गांधी गर्भगृह में जाकर दर्शन नहीं कर पाए। दरअसल, शिवरात्रि के चलते उन्हें गर्भगृह जाकर पूजा करने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत अन्य कांग्रेसी नेता भी मौजूद रहे।

राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मंगलवार को राघौगढ़ से चलकर शाजापुर पहुंची। इस यात्रा में उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विज्य सिंह, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मौजूद रहे। यहां उन्होंने रोड शो किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि आप मोबाइल देखो, जय श्री राम बोलो और भूखे मर जाओ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जातिवाद और धर्मवाद को बढ़ावा देते हुए आपस में लड़वा रहे हैं।
शाजापुर पहुंचने के पहले रास्ते में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के काफिले के सामने मोदी-मोदी के नारे लगाए, जिसे सुनकर राहुल गांधी अपनी गाड़ी से उतरे और भाजपा नेताओं से मिलने पहुंचे। इस दौरान युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को आलू भी भेंट किया। शाजापुर के बाद राहुल की यात्रा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंची। उज्जैन पहुंचने के बाद राहुल गांधी महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने मंदिर की चौखट से बाबा महाकाल की पूजा-अराधना की. इसके बाद नंदी हॉल में बैठकर बाबा की भक्ती की। बता दें शिववरात्रि पर्व होने के चलते उन्हें गर्भ गृह में प्रवेश नहीं दिया गया।  वहीं इस दौरान उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मौजूद रहे।
पश्चाताप भी करना चाहिए राहुल गांधी को
राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के उज्जैन पहुंचने और महाकाल दर्शन को लेकर मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा है कि मैं इस पर कुछ बोलना नहीं चाहूं, लेकिन उनके कार्यकाल में कांग्रेस ने बहुत लंबा समय अदा किया है। चुनाव की बेला में भी कोई अपने दल का विचार नहीं करते हुए इस तरह से समय जाया करता तो यह उनका विषय हो सकता है, मैं इस पर क्या टिप्पणी करूंगा। लेकिन, उज्जैन देव दर्शन करने की नगरी है, वे भगवान के दर्शन अच्छे से कर लें। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। मध्यप्रदेश की धरती पर भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे। यादव ने कहा कि वे मंदिर में पश्चाताप भी करें कि भगवान राम के मंदिर का न्योता उनकी पार्टी ने क्यों ठुकराया था, वो जनता से माफी मांगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद वो मंदिर बना, उनके एक नेता बनाए हुए मंदिर के स्थान के बारे में आज भी कोई देव स्थान तोड़ा गया, उसका पश्चाताप करते हैं। उन से निवेदन है कि वे इस पर स्पष्टीकरण दें।

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