गुरुवार, 28 मार्च 2024

संघ भी हुआ सक्रिय, आधा दर्जन सीटों पर किया फोकस

छिंदवाड़ा, राजगढ़ और रतलाम-झाबुआ में बढ़ने लगी सक्रियता


भोपाल। लोकसभा चुनाव की तेज होती सरगर्मी के बीच संघ के स्वयसेवक भी भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए मैदान में सक्रिय हुए हैं। करीब आधा दर्जन सीटों पर इनकी सक्रियता बढ़ी है। भाजपा के लिए जो सीटें मुश्किल मानी जा रही है, उन सीटों पर संघ ने फोकस किया है। इनमें कमलनाथ का गढ़ छिंदवाड़ा और दिग्विजय सिंह का गढ़ मानी जाने वाली राजगढ़ लोकसभा सीटें भी ष्शामिल हैं।
लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत को बड़े मार्जिन से पाने के लिए भाजपा पूरी तरह से मैदान में नजर आ रही है। अब उसका साथ देने के लिए संघ ने भी प्रदेश की करीब आधा दर्जन सीटों पर अपनी सक्रियता को बढ़ाया है। फिलहाल संघ के स्वयं सेवकों का फोकस पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का गढ़ बनी छिंदवाड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का गढ़ मानी जाने वाली राजगढ़ सीट पर है। इसके अलावा रतलाम-झाबुआ, देवास, सीधी, जबलपुर, मंदसौर और सतना सीटों पर भी संघ ने सक्रियता को बढ़ाया है। संघ के स्वयंसेवक इन लोकसभा क्षेत्रों में टोली बैठकें कर भाजपा के विजयी अभियान को तेज करने में जुटे हैं। वे मतदाता के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की योजनाओं के अलावा राम मंदिर निर्माण के बारे में चर्चा कर रहे हैं। वहीं रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र में संघ के साथ-साथ वनवासी कल्याण परिषद की भी सक्रियता है। यहां पर कांग्रेस के पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया मैदान में हैं। आदिवासी मतदाता बहुल इस सीट पर जय आदिवासी युवा संगठन (जयस) का प्रभाव है, लेकिन संगठन के नेता दो गुटों में बंटे हुए हैं। इसके चलते वनवासी कल्याण परिषद के कार्यकर्ता दोनों ही संगठनों को साधते हुए भाजपा की जीत तय करने का काम कर  रहे हैं। वे समझाइश दे रहे हैं कि मोदी सरकार ने आदिवासी वर्ग के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की और अब तक आदिवासियों के हित में क्या कदम उठाए हैं।
राजगढ़ में बड़े अभियान की योजना
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के निशाने पर हमेशा ही संघ रहा है। इसके चलते संघ राजगढ़ में एक बड़े अभियान के तहत काम करने की योजना के साथ मैदान में उतरा है। सूत्रों की माने तो संघ के स्वयं सेवक आम मतदाता से संपर्क कर हिन्दुत्व के मुद्दे को मजबूती से रखते हुए यह बताने का प्रयास करेंगे कि सिंह ने हमेशा ही हिन्दुत्व के खिलाफ आवाज उठाई है। संघ दिग्विजय सिंह को उन्हें के गढ़ राजगढ़ में हराने के लिए इलाके में बड़ा अभियान शुरू करने की योजना बना रहा है।  

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