जीडीपी में 4.5 फीसदी है प्रदेश का योगदान : मुख्यमंत्री
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकारों के निरंतर प्रयासों के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश विकसित प्रदेश के रूप में स्थापित होने के मार्ग पर अग्रसर है। पहले की सरकारों में मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था। जीडीपी में मध्यप्रदेश का योगदान लगभग 4.5 प्रतिशत है, जिसे क्रमबद्ध रूप से 9 प्रतिशत तक करने के लिए प्रयास जारी हैं। हमारी सरकार ने एक बार भी ओवर ड्राफ्ट नहीं लिया है, जबकि विपक्षी दलों की सरकार में लगभग हर दो माह में ओवर ड्राफ्ट की स्थिति बनती थी।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने यह बात आज दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर प्रदेश के कई शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया गया है। इसी क्रम में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सनातन संस्कृति के विभिन्न पहलुओं की जानकारी आमजन को सरलता पूवर्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाकाल महालोक विकसित किया गया। सनातन संस्कृति की दुर्गायन , कृष्णायन, शिवायन परम्पराएं उज्जैन से जुड़ी हैं। उज्जैन, भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली रही , दुर्गायान के अंतर्गत हरसिद्धी माता की शक्ति पीठ है, साथ ही शैव परम्परा भी उज्जैन में सशक्त रूप से विद्यमान है।
दिया जा रहा है नदी जोड़ो अभियान को निर्णायक रूप
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के प्रयासों से निमाड़, मालवा और महाकौशल में नर्मदा नदी के दोनों और सिंचित क्षेत्र बढ़ा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ों अभियान का क्रियान्वयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ किया गया है। इसके अंतर्गत केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान को निर्णायक स्वरूप प्रदान किया गया है। बीस साल से लंबित पार्वती-काली सिंध चंबल परियोजना को गति प्रदान की गई है। सत्तर हजार करोड़ की इस परियोजना से पश्चिमी मध्यप्रदेश के 13 जिलों को लाभ होगा।
योग, व्यायाम बने पाठ्यक्रम का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को शिक्षा और ज्ञार्नाजन के लिए प्रोत्साहित करने के साथ स्वस्थ जीवन जीने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि व्यायाम, योग व शारीरिक सौष्ठव सहित अन्य उपयोगी विधाएं भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनें। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है, इस तथ्य से सभी को अवगत कराना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने यह बात आज दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर प्रदेश के कई शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया गया है। इसी क्रम में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सनातन संस्कृति के विभिन्न पहलुओं की जानकारी आमजन को सरलता पूवर्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाकाल महालोक विकसित किया गया। सनातन संस्कृति की दुर्गायन , कृष्णायन, शिवायन परम्पराएं उज्जैन से जुड़ी हैं। उज्जैन, भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली रही , दुर्गायान के अंतर्गत हरसिद्धी माता की शक्ति पीठ है, साथ ही शैव परम्परा भी उज्जैन में सशक्त रूप से विद्यमान है।
दिया जा रहा है नदी जोड़ो अभियान को निर्णायक रूप
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के प्रयासों से निमाड़, मालवा और महाकौशल में नर्मदा नदी के दोनों और सिंचित क्षेत्र बढ़ा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ों अभियान का क्रियान्वयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ किया गया है। इसके अंतर्गत केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान को निर्णायक स्वरूप प्रदान किया गया है। बीस साल से लंबित पार्वती-काली सिंध चंबल परियोजना को गति प्रदान की गई है। सत्तर हजार करोड़ की इस परियोजना से पश्चिमी मध्यप्रदेश के 13 जिलों को लाभ होगा।
योग, व्यायाम बने पाठ्यक्रम का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को शिक्षा और ज्ञार्नाजन के लिए प्रोत्साहित करने के साथ स्वस्थ जीवन जीने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि व्यायाम, योग व शारीरिक सौष्ठव सहित अन्य उपयोगी विधाएं भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनें। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है, इस तथ्य से सभी को अवगत कराना आवश्यक है।

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