छिंदवाड़ा पर संस्पेंस बरकरार, कटेंगे कई सांसदों के टिकट
भोपाल। भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया के तहत प्रत्याशियों के नाम तय कर लिए हैं। दिल्ली में हुई केन्द्रीय चुनाव समिति अब प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करेगी। बताया जा रहा है कि दर्जनभर वर्तमान सांसदों के टिकट काटे जा सकते हैं, वहीं महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण के तहत करीब सात से आठ महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा जा सकता है। इसके अलावा भाजपा कुछ दिग्गज नेताओं को भी मैदान में उतार सकती है। इनमें शिवराज सिंह चौहान के अलावा राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी सामने आ रहा है।
केन्द्रीय चुनाव समिति की दिल्ली में हुई बैठक के बाद प्रदेश संगठन पदाधिकारी भी इस बात के संकेत दे रहे हैं कि समिति द्वारा नामों पर लगाई मोहर के बाद जल्द ही नाम घोषित किए जाएंगे। बैठक में राज्य की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट के अलावा अन्य सीटों पर मंथन हुआ है। छिंदवाड़ा सीट पर हुए मंथन के बाद अभी यहां पर प्रत्याशी कौन होगा इसे लेकर सस्पेंस बरकरार है। सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम छिंदवाड़ा के अलावा भोपाल और विदिशा से भी चल रहा है। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा को खजुराहो सीट के बजाया विदिशा या फिर भोपाल से मैदान में उतारा जा सकता है। इसी तरह संघ के दबाव के चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनकी परंपरागत सीट गुना से मैदान में उतारा जा सकता है। ग्वालियर में संघ अपने कोटे से प्रत्याशी देना चाह रहा है। यहां पर यशवंत इंदापुरकर का नाम सामने आ रहा है। वहीं भोपाल में भी वर्तमान सांसद प्रज्ञा सिंह का नाम काटने की खबरें है। इसके अलावा सागर और इंदौर में महिला उम्मीदवारों को भाजपा मैदान में उतारने की तैयारी कर रही हैं सागर में लता वानखेड़े और इंदौर में कविता पाटीदार का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। सागर सीट पर पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का नाम भी चर्चा में आया है।
सभी 29 सीटों पर जीत का लक्ष्य
प्रदेश में ’मिशन-29’ के लक्ष्य के साथ चल रही है। भाजपा का फोकस सभी सीटों को जीतने का है जिसके लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और वीडी शर्मा तैयारियों में जुटे हैं। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 29 में से 28 सीटों पर जीत मिली थी। केवल छिंदवाड़ा सीट पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन हार जीत का अंतर बहुत कम रहा था। ऐसे में भाजपा का फोकस छिंदवाड़ा पर भी बना हुआ है।
कांग्रेस विधायक नहीं लड़ना चाहते चुनाव
प्रदेश कांग्रेस भी प्रत्याशियों के नाम जल्द घोषित करने की बात कह रही है। इसके लिए सभी सीटों पर नामों के पैनल तैयार कर लिए गए हैं। इन पैनलों में करीब दर्जनभर सीटों पर वर्तमान विधायकों के नाम भी है। मगर ये विधायक लोकसभा चुनाव लड़ने से दूरी बना रहे हैं। यही वजह है कि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में देरी हो रही है। कांग्रेस नेता चाहते हैं कि राहुल गांधी की न्याय यात्रा प्रदेश में समाप्त होते ही प्रत्याशियों के नामों की घोशणा कर दी जाए। मगर वर्तमान विधायकों की चुनाव लड़ने में इच्छा ना होने के चलते प्रत्याशी चयन करने में उसे परेशानी हो रही है।
केन्द्रीय चुनाव समिति की दिल्ली में हुई बैठक के बाद प्रदेश संगठन पदाधिकारी भी इस बात के संकेत दे रहे हैं कि समिति द्वारा नामों पर लगाई मोहर के बाद जल्द ही नाम घोषित किए जाएंगे। बैठक में राज्य की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट के अलावा अन्य सीटों पर मंथन हुआ है। छिंदवाड़ा सीट पर हुए मंथन के बाद अभी यहां पर प्रत्याशी कौन होगा इसे लेकर सस्पेंस बरकरार है। सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम छिंदवाड़ा के अलावा भोपाल और विदिशा से भी चल रहा है। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा को खजुराहो सीट के बजाया विदिशा या फिर भोपाल से मैदान में उतारा जा सकता है। इसी तरह संघ के दबाव के चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनकी परंपरागत सीट गुना से मैदान में उतारा जा सकता है। ग्वालियर में संघ अपने कोटे से प्रत्याशी देना चाह रहा है। यहां पर यशवंत इंदापुरकर का नाम सामने आ रहा है। वहीं भोपाल में भी वर्तमान सांसद प्रज्ञा सिंह का नाम काटने की खबरें है। इसके अलावा सागर और इंदौर में महिला उम्मीदवारों को भाजपा मैदान में उतारने की तैयारी कर रही हैं सागर में लता वानखेड़े और इंदौर में कविता पाटीदार का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। सागर सीट पर पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का नाम भी चर्चा में आया है।
सभी 29 सीटों पर जीत का लक्ष्य
प्रदेश में ’मिशन-29’ के लक्ष्य के साथ चल रही है। भाजपा का फोकस सभी सीटों को जीतने का है जिसके लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और वीडी शर्मा तैयारियों में जुटे हैं। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 29 में से 28 सीटों पर जीत मिली थी। केवल छिंदवाड़ा सीट पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन हार जीत का अंतर बहुत कम रहा था। ऐसे में भाजपा का फोकस छिंदवाड़ा पर भी बना हुआ है।
कांग्रेस विधायक नहीं लड़ना चाहते चुनाव
प्रदेश कांग्रेस भी प्रत्याशियों के नाम जल्द घोषित करने की बात कह रही है। इसके लिए सभी सीटों पर नामों के पैनल तैयार कर लिए गए हैं। इन पैनलों में करीब दर्जनभर सीटों पर वर्तमान विधायकों के नाम भी है। मगर ये विधायक लोकसभा चुनाव लड़ने से दूरी बना रहे हैं। यही वजह है कि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में देरी हो रही है। कांग्रेस नेता चाहते हैं कि राहुल गांधी की न्याय यात्रा प्रदेश में समाप्त होते ही प्रत्याशियों के नामों की घोशणा कर दी जाए। मगर वर्तमान विधायकों की चुनाव लड़ने में इच्छा ना होने के चलते प्रत्याशी चयन करने में उसे परेशानी हो रही है।

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