
मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार से नाराज चल रहे संत देव मुरारी बापू ने सरकार से मिले आश्वासन के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास के सामने आत्मदाह करने की घोषणा वापस ले ली. उन्होंने राजधानी के टीटी नगर एसडीएम और टीटी नगर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी घोषणा वापस ली है.
कथा वाचक संत देव मुरारी बापू ने टीटी नगर एसडीएम राजेश गुप्ता और थाना प्रभारी टीटी नगर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने कहा कि मैं अपने आत्मदाह की घोषणा को वापस लेता हूं और अब किसी प्रकार का आंदोलन नहीं होगा. संत देवमुरारी ने सरकार से सुरक्षा देने और पद की मांग की थी. वे अपनी इस मांग को लेकर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा के साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी मिले थे, मगर उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई थी. इसके चलते उन्होंने रविवार को मीडिया से चर्चा करते हुए आज सोमवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी थी. इस चेतावनी के बाद देवमुरारी बापू को सरकार की ओर से सुरक्षा और शासकीय पद दिए जाने का आश्वासन मिला है.
उल्लेखनीय है कि रविवार को देव मुरारी बापू ने मीडिया से चर्चा करते हुए कमलनाथ सरकार के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की थी. उन्होंने कहा था कि विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने कांग्रेस के पक्ष में कार्य किया था. चुनाव पूर्व कांग्रेस ने उनसे कुछ वादे किए थे जो अब तक पूरे नहीं हुए हैं. उनकी मेहनत और कार्य को देखकर शंकराचार्य के शिष्य सुबोधानंद व कम्प्यूटर बाबा की तरह सम्मान दिया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके अलावा देव मुरारी बापू ने खुद की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी.
मैं सरकार के साथ हूं और रहूंगा
संत देव मुरारी बापू को सरकार द्वारा सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने पर उन्होंने कहा कि मैंने अपनी मांग सरकार के सामने रखी थी, जिसे सरकार ने पूरी कर ली है. जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने देव मुरारी बापू को आश्वस्त किया कि निश्चित ही आपको शासकीय पद दिया जाएगा. सरकार से आश्वासन मिलने के बाद देव मुरारी बापू ने जो आत्मदाह की घोषणा की थी उसे निरस्त कर दिया. मीडिया से बातचीत में देव मुरारी बापू ने कहा कि मैं सरकार के साथ हूं और हमेशा सरकार के साथ रहूंगा. सरकार के लिए कार्य करूंगा.
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