मध्यप्रदेश में लोगों को महंगी बिजली का करारा झटका लगा है. प्रदेश में बिजली के दाम 7 फीसदी बढ़ा दिए गए हैं. बिजली की बढ़ी हुई नई दरें 17 अगस्त से लागू होगी.
मध्यप्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग ने गुरुवार की रात को प्रदेश की बिजली कंपनियों की टैरिफ याचिका पर अपना फैसला सुना दिया है, जिसमें प्रदेश में बिजली के दाम 7 फीसदी बढ़ाने को मंजूरी दी गई है. बिजली कंपनियों ने अपने घाटे का हवाला देकर प्रदेश में बिजली के दाम 12 फीसदी बढ़ाने की मांग की थी.
बीते दिनों मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कम्पनियों की मांग पर आई आपत्तियों पर जबलपुर, भोपाल और इंदौर में जन सुनवाई की थी और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब नियामक आयोग ने 12.03 फीसदी मांग के मुकाबले प्रदेश में बिजली के दाम 7 फीसदी बढ़ाने का फैसला सुनाया है. प्रदेश में बिजली की नई दरें इस वित्तीय वर्ष 2019- 20 में लागू की जाएगी. फैसले के मुताबिक घरेलू बिजली के दाम 5.1 फीसदी बढ़े हैं. गैर घरेलू बिजली के दाम 4.9 फीसदी बढ़ाए गए हैं. स्लैब में भी बदलाव किए गए हैं. आयोग ने 51 से 100 यूनिट स्लैब को खत्म कर 51 से 150 यूनिट का नया स्लैब बनाया गया है. नए स्लैब में इंदिरा गृह ज्योति योजना का फायदा मिल सकेगा. कृषि उपभोक्ताओं को राज्य सरकार की सब्सिडी मिलाकर 700 रुपए प्रति हार्स पावर देना होगा. 10 एचपी से ज्यादा लोड वाले कृषि पम्पों पर 1400 रुपए प्रति हार्स पावर देना होगा. गौशाला की चारा कृषि भी कृषि फ्लैट बिलिंग में शामिल है. 10 हजार से ज्यादा बिल वाले उपभोक्ताओं को त्वरित भुगतान पर बिल में आधा फीसदी छूट का फायदा मिलेगा. हालांकि रेलवे के लिए बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. आयोग ने मैरिज गार्डन, सामाजिक-वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए अस्थाई कनेक्शन, ई-वाहन, ई-रिक्शा चार्जिंग केंद्र और रेलवे ट्रेक्शन के लिए बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.
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