रविवार, 18 अगस्त 2019

सपाक्स का आरोप, पक्षपातपूर्ण व्यवहार कर रही सरकार



सामान्य, पिछड़ा व अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) की प्रांतीय पदाधिकारियों की बैठक में न्यायालयों के निर्णयों के बावजूद पदोन्नतियों को बाधित रखने पर चर्चा हुई. सपाक्स ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकार की भांति ही यह सरकार भी सपाक्स के साथ पक्षपात पूर्ण व्यवहार कर रही है.
सपाक्स संस्था के अध्यक्ष के एस तोमर ने बताया कि नई सरकार के गठन के बाद से ही संस्था मुख्यमंत्री  से मिलने के लिए समय मांग रही है, लेकिन मुख्यमंत्री विभिन्न कर्मचारी संगठनों से मिल रहे हैं. वहीं सपाक्स से मिलने के लिए अभी तक समय नहीं निकाल पा रहे हैं. 6 अगस्त को संस्था के सदस्यों को आश्वस्त किया गया था कि वे एक सप्ताह में समय देकर निश्चित रूप से मिलेंगे, लेकिन अभी तक न तो मुख्यमंत्री न ही मुख्य सचिव  ने ही  संस्था को अपनी बात रखने का कोई समय दिया. वहीं दूसरी ओर  मुख्यमंत्री, अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के संगठन के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जा रहे हैं. यह पूर्व सरकार की ही भांति वर्तमान सरकार की भी घोर तुष्टीकरण, पक्षपात तथा अन्याय की नीति का परिचायक है. संगठन इसका विरोध करता है तथा यह भी स्पष्ट करता है कि हम किसी भी पक्षपात, तुष्टिकरण का उसी प्रकार से विरोध करेंगे जिस तरह पूर्व सरकार का विरोध किया गया था. 

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