शुक्रवार, 9 अगस्त 2019

भारी बारिश से बिगड़ने लगे हालात

कई जिलों में गांव बने टापू, राजधानी की निचली बस्तियों में भरा पानी

मध्यप्रदेश में हो रही भारी बारिश से कई जिलों में हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, जिसके चलते कई गांव टापू बन गए हैं. किसानों की फसलें नष्ट हो रही है, तो कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हो रहा है. राजधानी में कई निचली बस्तियों पानी भर गया, जिसके कारण  लोग परेशान होते रहे.
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से मध्यप्रदेश  में भारी बारिश जारी है.  राज्य के कई हिस्सों में शुक्रवार को भी बारिश का दौर जारी रहा. राज्य में बीते एक सप्ताह से मानसून की सक्रियता ने ज्यादातर हिस्सों को बेहाल कर दिया है. कई हिस्सों में बारिश के चलते बाढ़ के हालात से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. राजधानी भोपाल में गुरुवार को दिन के अलावा रात में करीब 3 घंटे तेज बारिश हुई.  अगस्त के अभी 21 दिन बाकी हैं, लेकिन इस सीजन में अब तक भोपाल में 910 मिमी से ज्यादा बारिश हो चुकी है. मौसम विभाग के अनुसार तीन साल बाद बारिश का आंकड़ा यहां तक पहुंचा है. 2017 में सीजन में 781.0 और 2018 में 806.5 मिमी बारिश हुई थी. 2016 में अब तक के कोटे से ज्यादा 1464.1 मिमी पानी बरसा था. आज शुक्रवार को भी दिनभर रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रहा. राजधानी में हो रही तेज बारिश के चलते बड़ी झील का जलस्तर में बढ़ रहा है. बड़ी झील में फुल टैंक लेवल के लिए 0.80 फीट की जरूरत है. नगर निगम के अनुसार, अब तक हुई बारिश के चलते रात तक बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल तक भर जाने की संभावना है. बारिश को देखते हुए बड़े तालाब के निकट भदभदा बस्ती को अलर्ट कर दिया गया है और कंट्रोल रूम से कोलांस नदी पर नजर रखी जा रही है, जिससे तालाब में आ रहे पानी के लेवल को देखा जा सके. अगर दिन में सीहोर और बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में बारिश हुई तो भदभदा के गेट खोले जा सकते हैं. राजधानी में बीती रात को हुई तेज बारिश के चलते कई निचली बस्तियों में पानी भर गया, जिससे लोग परेशान होते रहे.
रायसेन का कटा संपर्क
राजधानी भोपाल से सटे रायसेन जिले में पिछले 24 घंटे में जमकर बारिश हुई है, जिस कारण ये जिले का आस पास से संपर्क कट गया है. रायसेन को विदिशा से जोड़ने वाला पगनेश्वर गांव का पुल बेतवा नदी के उफान के कारण डूब गया है. पुल से आठ फीट ऊपर से पानी बहा, जिससे रायसेन और विदिशा का संपर्क टूट गया है. 
राज्य के  होशंगाबाद में मूसलाधार बारिश हो रही है. पंचमढ़ी का प्रसिद्ध जटाशंकर मंदिर चारों तरफ से पानी से घिर गया है, जिससे मंदिर की सीढ़ियां भी पानी में डूब गई हैं. सुरक्षा के चलते श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद कर दिए गए हैं. वहीं मंदसौर की स्थिति तो पहले से भयानक है, रास्तों पर सैलाब उमड़ा है. सिहोर जिले में कई गांव टापू में बदल गए हैं, सड़के बाढ़ में बह गई हैं और मुख्य मार्गों से रास्ते कट गए हैं. सिहोर में बारिश ने बर्बादी के निशान दिए हैं. वहीं बुंदेलखंड में दमोह जिले में सुनार नदी उफान है. दमोह-पथरिया मार्ग पर बेलगड़ी के समीप बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रही. इसके अलावा बुंदेलखंड के अन्य जिलों में भी बारिश का कहर इसी तरह टूटा है. 
मालवा में दिखा खासा असर
मालवा अंचल में भी बारिश कहर हर जिले में दिखाई दे रहा है. खरगोन, बुरहानुपर, खंडवा के अलावा उज्जैन, इंदौर जिलों में भी बारिश का खासा असर हुआ है. यहां पर तेज बारिश के कारण लोग परेशान हो गए है, जनजीवन प्रभावित हुआ है. बुरहानपुर जिले के खकनार तहसील में पिछले पांच दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण खकनार का जिले से संपर्क पूरी तरह टूट गया है. वहीं शाजापुर जिले में भी बारिश का कहर दिखाई दिया है. यहां पर गुना-मक्शी मार्ग पर बने रेलवे ब्रीज के नीचे तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है. खरगोन में कुंदा नदी फिर उफान पर है, जिसके कारण कई गांवों में पानी घुस गया है. यहां पर निचली बस्तियों में पानी घुस जाने से प्रशासन ने लोगों को धर्मशाला में ठहराया है. साथ ही अलर्ट किया है कि लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें. मालवा के आलीराजपुर के सोंडवा गांव में एक मकान ढ़ह गया. लोगों को मकान गिरने की आशंका थी, इसलिए वे पहले ही खुले मैदान में आ गए थे.  रतलाम के जावरा औद्योगिक थाना क्षेत्र में बड़ावदा-जावरा मार्ग पर बामणखेड़ा में नाला पार करते हुए दो व्यक्ति रामचंद्र और भेरू भील बह गए. इनमें से एक को बचा लिया गया. दूसरे को सर्च टीम ढूंढ रही है. इसके अलावा राजपुर, बड़वानी में पचास लोगों को रेस्क्यू किया है. सनावद, हीरापुर, टोंकसर, भीकनगांव, सनावद के रास्ते बंद हैं. 
होशंगाबाद जिले में नदी-नाले उफान पर
 होशंगाबाद जिले में मानसून के सक्रिय होने के बाद जिले में मूसलाधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी है. लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए हैं. इसके अलावा बारिश के कारण तवा डैम का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है. इसे देखते हुए आगामी दिनों में प्रशासन द्वारा तवा डैम से पानी छोड़े जाने को लेकर तवा बांध और तवा नदी के पानी से प्रभावित होने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि ऊपरी क्षेत्र में बारिश होने के कारण बांध के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. ऐसे में आने वाले 2-3 दिनों में बांध का जल स्तर 1160 फीट होने की संभावना जताई गई है. नियम के अनुसार 15 अगस्त को बांध का जल स्तर 1160 फीट रखा जाना निर्धारित है. अगर 15 अगस्त से पहले बांध का जल स्तर 1160 फीट हुआ तो तवा बांध के गेटों से पानी छोड़ दिया जाएगा.

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