कांग्रेस का तंज, नकली नोट सीट पर हो रही नियुक्तियां
मध्यप्रदेश में जनतम से चुनी नहीं, बल्कि जुगाड़ वाली शिवराज सरकार है। यह सरकार किसान विरोधी है। सरकार के सौ दिन के कार्यकाल में फिर से माफिया सक्रिय हो गया है। सरकार में अमित ष्षाह के झूठे फोन पर नियुक्तियां हो रही है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री की नकली नोट सीट पर काम हो रहे हैं।
ये आरोप आज प्रदेष कांग्रेस कार्यालय में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति,पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, कांग्रेस मीडिया सेल के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में लगाए। पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आज मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार को 100 दिन पूरे हो गए हैं। यह जनमत से चुनी हुई नहीं बल्कि खरीदी हुई, जुगाड़ वाली ‘आऊटसोर्स’ सरकार है। यह किसान विरोधी, एक कमरे से चलने वाली, वीडियो कांफ्रेंस वाली, झूठ बोलने वाली, आधी अधूरी अवैधानिक सरकार है, जिसने अपने 100दिनों में महामारी से जूझती जनता की सेवा नहीं की उसने आटा के पैकेट से आटा चुराया, डाक्टरों के लिये अमानक पीपीई किटें खरीदीं,उत्तरप्रदेश के गरीबों का चुराया गेहूं खरीदा,निजी अस्पतालों मे जबरिया लोगों को भर्ती किया सरकारी अस्पताल खाली रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश का 15 साल का पला पुसा माफिया फिर सक्रिय हो गया है। तीन महीने में ही अमित शाह के झूठे फोनों से नियुक्तियां होने लगीं, मुख्यमंत्री की नकली नोटसीटें बनने लगीं हैं और पूरा प्रशासन आत्मनिर्भर हो गया है।
15 साल का तबादला माफिया लगा काम पर
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के 100 दिन के कार्यकाल में 70 प्रतिशत आईएएस और 50 प्रतिशत आईपीएस के ट्रांसफर किये गए हैं जो खुद में एक रिकार्ड है। कुल 227 आईएएस का ट्रांसफर किया गया है। इससे साफ है कि मुख्यमंत्री विचलित हैं और उनका सरकारी अधिकारियों पर से भरोसा पूरी तरह उठ गया है। जिन जिलों में कोरोना के कारण स्थिति गंभीर थी, वहां पर भी सरकार ट्रांसफर कर उद्योग चलाने में व्यस्त थी। यहां तक कि सरकार ने अनेक बार ट्रांसफर करके तुरंत कैंसिल भी किए जो बताता है कि सरकार के ट्रांसफर उद्योग को कोई पर्दे के पीछे से चला रहा है।
कोरोना से निपटने में नाकाम रही सरकार
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में पिछले 100 दिनों में मध्यप्रदेश में कोरोना की स्थिति बिगड़ती जा रही है। आज मध्यप्रदेश में 13 हजार से अधिक केस हैं और 500 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। प्रदेश में लंबे समय से प्रतिदिन 200 से अधिक केस आ रहे हैं। मध्यप्रदेश में कोरोना के मारण मृत्युदर 4.2 प्रतिशत है जो देश में तीसरे नंबर पर है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भोपाल में कोरोना के कारण 94 लोगों की मृत्यु हुई है लेकिन विश्रामघाट और कब्रिस्तान के आंकड़ों के अनुसार 180 व्यक्तियों की मृत्यु कोरोना के कारण हुई है। मध्यप्रदेश में पाए गए कोरोना के मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की क्या स्थिति है इसकी कोई जानकारी सरकार नहीं दे रही है।
ये आरोप आज प्रदेष कांग्रेस कार्यालय में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति,पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, कांग्रेस मीडिया सेल के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में लगाए। पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आज मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार को 100 दिन पूरे हो गए हैं। यह जनमत से चुनी हुई नहीं बल्कि खरीदी हुई, जुगाड़ वाली ‘आऊटसोर्स’ सरकार है। यह किसान विरोधी, एक कमरे से चलने वाली, वीडियो कांफ्रेंस वाली, झूठ बोलने वाली, आधी अधूरी अवैधानिक सरकार है, जिसने अपने 100दिनों में महामारी से जूझती जनता की सेवा नहीं की उसने आटा के पैकेट से आटा चुराया, डाक्टरों के लिये अमानक पीपीई किटें खरीदीं,उत्तरप्रदेश के गरीबों का चुराया गेहूं खरीदा,निजी अस्पतालों मे जबरिया लोगों को भर्ती किया सरकारी अस्पताल खाली रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश का 15 साल का पला पुसा माफिया फिर सक्रिय हो गया है। तीन महीने में ही अमित शाह के झूठे फोनों से नियुक्तियां होने लगीं, मुख्यमंत्री की नकली नोटसीटें बनने लगीं हैं और पूरा प्रशासन आत्मनिर्भर हो गया है।
15 साल का तबादला माफिया लगा काम पर
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के 100 दिन के कार्यकाल में 70 प्रतिशत आईएएस और 50 प्रतिशत आईपीएस के ट्रांसफर किये गए हैं जो खुद में एक रिकार्ड है। कुल 227 आईएएस का ट्रांसफर किया गया है। इससे साफ है कि मुख्यमंत्री विचलित हैं और उनका सरकारी अधिकारियों पर से भरोसा पूरी तरह उठ गया है। जिन जिलों में कोरोना के कारण स्थिति गंभीर थी, वहां पर भी सरकार ट्रांसफर कर उद्योग चलाने में व्यस्त थी। यहां तक कि सरकार ने अनेक बार ट्रांसफर करके तुरंत कैंसिल भी किए जो बताता है कि सरकार के ट्रांसफर उद्योग को कोई पर्दे के पीछे से चला रहा है।
कोरोना से निपटने में नाकाम रही सरकार
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में पिछले 100 दिनों में मध्यप्रदेश में कोरोना की स्थिति बिगड़ती जा रही है। आज मध्यप्रदेश में 13 हजार से अधिक केस हैं और 500 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। प्रदेश में लंबे समय से प्रतिदिन 200 से अधिक केस आ रहे हैं। मध्यप्रदेश में कोरोना के मारण मृत्युदर 4.2 प्रतिशत है जो देश में तीसरे नंबर पर है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भोपाल में कोरोना के कारण 94 लोगों की मृत्यु हुई है लेकिन विश्रामघाट और कब्रिस्तान के आंकड़ों के अनुसार 180 व्यक्तियों की मृत्यु कोरोना के कारण हुई है। मध्यप्रदेश में पाए गए कोरोना के मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की क्या स्थिति है इसकी कोई जानकारी सरकार नहीं दे रही है।

