मंगलवार, 30 जून 2020

फिर टला शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार


अगर बात बनी तो दो दर्जन मंत्रियों को आज दिलाई जा सकती है शपथ

मध्यप्रदेष में शिवराज सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार एक बार फिर टल गया है। दो दिन तक दिल्ली मंे चली माथा पच्ची के बाद भी यह तय नहीं हुआ कि किसे मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए और किसे नहीं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान, प्रदेष भाजपा अध्यक्ष वीडी ष्षर्मा, प्रदेष संगठन महामंत्री सुहास भगत आज वापस भोपाल लौट आए, मगर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा आज दिल्ली में ही रुके रहे। माना जा रहा है कि जिन नामों पर विवाद हो, उन्हें सुलझाने के बाद वे वापस भोपाल लौटेंगे।
प्रदेष में शिवराज मंत्रिमंडल के आज मंगलवार को विस्तार होने की अटकलों पर आज दोपहर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के दिल्ली से वापस लौटने के साथ ही विराम लग गया। माना जा रहा है कि अब संभवतः कल बुधवार को विस्तार हो सकता है। दो दिन तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी के राश्टीय अध्यक्ष जे पी नडडा, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित ष्षाह सहित कई नेताओं से विस्तार को लेकर मंथन किया,मगर भाजपा के कुछ वरिष्ठ विधायकों को लेकर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद आज वे वापस भोपाल लौट आए।
मुख्यमंत्री के भोपाल लौटने के बाद अब यह तय हो गया कि केन्द्रीय नेतृत्व ही यह तय करेगा कि किसे मंत्री बनाया जाए और किसे नहीं। इसके चलते गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को आज दिल्ली में ही रोका गया। माना जा रहा है कि केन्द्रीय नेताओं के साथ मंथन कर मिश्रा को मंत्रिमंडल में किसे  शामिल करना है और किसे नहीं, इसकी सूची सौंप जाएगी। यह माना जा रहा है कि वे कल बुधवार को ही दिल्ली से भोपाल लौटेंगे।  
भार्गव के बयान से भाजपा में खलबली
पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव को मंत्रिमंडल में ष्षामिल न किए जाने की बातें जब सामने आई तो भार्गव का आज बयान मीडिया में आया,जिसके बाद भाजपा में खलबली मच गई है। भार्गव द्वारा दिए बयान को मंत्रिमंडल में ष्षामिल न किए जाने की चल रही अटकलों के चलते उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल केन्द्रीय नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार में वरिष्ठ विधायकों को नजरअंदाज करते हुए युवा चेहरों को ष्षामिल किए जाने पर जोर दिया है। इसे लेकर भार्गव ने अपने बयान में कहा कि भाजपा भी वही गलती कर रही है जो कांग्रेस ने की थी। पार्टी को वरिष्ठ नेताओं का सहयोग लेना चाहिए, केन्द्र के फार्मूले को प्रदेश में लागू नही करना चाहिए। इसे कही ना कही भार्गव के अंदर का दर्द माना जा रहा है, जो लंबे इंतजार के बाद छलका है। वही पार्टी द्वारा भार्गव की नाराजगी को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चा है। हालांकि अंतिम फैसला हाईकमान को लेना है। भार्गव मंत्री पद ही चाह रहे हैं।
पांच नामों पर फंसा पेंच
दिल्ली में पार्टी के बडे़ नेताओं के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा में पांच विधायकों के नामों पर पेंच फंसा, जिसके चलते आज विस्तार नहीं हो सका। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह, रामपाल सिंह, राजेन्द्र ष्षुक्ल, विश्वास सारंग और संजय पाठक को मंत्रिमंडल में ष्षामिल करना चाह रहे हैं, मगर इन नामों पर केन्द्रीय नेतृत्व सहमत नहीं था। इसके कारण नामों पर सहमति नहीं बन पाई।
सिंधिया आएंगे आज
भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का मंगलवार का भोपाल दौरा टल गया था। सिंधिया अब विशेष विमान से बुधवार को भोपाल आएंगे।  सिंधिया 2 दिन के दौरे पर भोपाल आने वाले थे। दिल्ली में  मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मंथन का दौर आज मंगलवार को भी  जारी रहा।
वरिश्ठों पर भारी पड़ सकते हैं नए चेहरे
केन्द्र की रणनीति पर अगर मंत्रिमंडल विस्तार को अंजाम दिया गया तो वरिष्ठ विधायकों पर नए चेहरे भारी पड़ सकते है। ऐसी स्थिति में  गोपाल भार्गव, विजय ष्षाह, जगदीष देवड़ा, गौरीषंकर बिसेन, अजय विष्नोई, राजेन्द्र ष्षुक्ला और भूपेन्द्र सिंह को मंत्रिपद से दूर रहना पड़ सकता है।
राज्यपाल आज पहुंचेंगी दोपहर को
उत्तर प्रदेष की राज्यपाल और मध्यप्रदेश की प्रभारी राज्यपाल का सोमवार को राजधानी आना स्थगित हो गया था। अब यह बताया जा रहा है कि राज्यपाल बुधवार को दोपहर को भोपाल पहुंच सकती है। हालांकि राजभवन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पहले राज्यपाल को मुख्य न्यायाधीश मध्यप्रदेश के प्रभारी राज्यपाल की ष्षपथ दिलाएंगे, इसके बाद वे मंत्रिमंडल के सदस्यों को ष्षपथ दिला सकती हैं।
दो उपमुख्यमंत्री बनाने पर सहमत नहीं संगठन
केन्द्रीय नेताओं ने मंत्रिमंडल विस्तार के तहत दो उपमुख्यमंत्री बनाने की बात पर जोर दिया। ऐसा इसलिए कहा गया कि सिंधिया समर्थकों को संतुष्ट किया जा सके। दूसरा उप मुख्यमंत्री भाजपा की ओर से बनाया जाए, इसके लिए नरोत्तम मिश्रा का नाम आगे किया गया। मगर मुख्यमंत्री ष्षिवराज सिंह चैहान के  अलावा प्रदेष भाजपा अध्यक्ष वी डी ष्षर्मा और प्रदेष संगठन महामंत्री सुहास भगत इसके लिए राजी नहीं हुए।

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