भाजपा विधायक का ड्राइवर भी कोरोना पाजिटिव
मध्यप्रदेश की राजधनी भोपाल में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आज भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा के ड्राइवर की भी कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट आई है। इसके अलावा राजभवन में भी 3 नए संक्रमित मिले है, इसके बाद हड़कंप मच गया है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा थम नहीं रही है। आज सोमवार को भी 40 नए मरीज मिले हैं। राजधानी में आज सामने आए 40 नए कोरोना संक्रमितों में भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा के ड्राइवर की भी रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आया है। गौरतलब है कि भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा दो दिन पहले ही कोरोना पाजिटिव पाए गए थे। वहीं उनके संपर्क में आने वाले सभी विधायकों ने भी कोरोना की जांच कराई है, जिसमें सभी विधायकों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
राजभवन में फिर मिले 3 केस
राजभवन में एक बार फिर 3 मरीज संक्रमित मिले है। इन सभी की तबीयत खराब होने के बाद कोरोना जांच कराई थी, जिसकी रिपोर्ट आज पाजिटिव आई है। इसके अलावा राजधानी के बागमुगालिया से मिले 6 पाजिटिव मरीज मिले, जिनमें एक ही परिवार के 3 लोग शामिल है। साथ ही कोहेफिजा, काजी कैम्प, बैरागढ़ और शाहजहानाबाद से भी कोरोना के नए मरीज मिले हैं।
गृह मंत्री की रिपोर्ट आई निकेटिव
भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा के कोरोना पाजिटिव होने के बाद राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की कोरोना संक्रमण की जांच कराई गई थी। आज मंत्री की जांच रिपोर्ट निकेटिव आई है। इसके पहले जिन विधायकों की जांच हुई थी वह भी निकेटिव आई है। मंत्री और विधायकों की रिपोर्ट निकेटिव आने के बाद भाजपा संगठन में राहत मिली है।
कोरोना से मरने वाले 75 फीसदी गैस पीड़ित, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
राजधानी के गैस पीड़ितों पर कोरोना संक्रमण का खासा असर हुआ है। कोरोना के चलते राजधानी भोपाल में जितनी मौतें हुई उसका 75 फीसदी मौतें गैस पीड़ितों की हुई है। इसे लेकर आज गैस पीड़ित संगठनों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। गैस पीड़ित संगठन भोपाल ग्रुप फॉर इनफार्मेशन एन्ड एक्शन की रचना ढिंगरा ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से मरनेवाले गैस पीड़ितों में से 81 प्रतिशत गैस पीड़ित पुरानी बीमारी (गैस जनित) बीमारी से ग्रस्त थे, इसके अलावा 75 फीसदी गैस पीड़ित अस्पताल में भर्ती होने के 5 दिन के अंदर ही खत्म हुए और भर्ती होने के 24 घंटे के अंदर 84 फीसदी गैस पीड़ित खत्म हुए। इसलिए हम सरकार से बार बार कह रहे है की गैस पीड़ितों की पुरानी बीमारियों के मद्देनजर सभी हाई रिस्क गैस पीड़ितों की टेस्टिंग एवं मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल के मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार भोपाल बीएमएसआरसी को अस्पताल आने वाले गैस पीड़ितों की कोरोना जांच करनी है। बीएमएचआरसी आदेश के बावजूद भी आईसीएमआर द्वारा संचालित बीएमएचआरसी अस्पताल रोज अपनी इमरजेंसी वार्ड से गैस पीड़ितों को भर्ती करने से मना करते हुए हमीदिया पहुंचा देता है, जिसकी वजह से कम से काम 5 गैस पीड़ित कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गवा चुके है। ऐसी आपराधिक लापरवाही का खामियाजा गैस पीड़ितों को भुगतना पड़ रहा है और प्ब्डत् को इसकी सुध भी नहीं है, कहती है। उन्होंने बतायाकि आज सभी गैस पीड़ित संगठनों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका लगी है, सभी गैस पीड़ितों को मुआवजा दिलवाने के लिए उसमें यह बताया जाए कि गैस पीड़ित अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी क्षति से गुजर रहे हैं और उसी के हिसाब से कम्पनी से सही मुआवजा की मांग की जाए।
मध्यप्रदेश की राजधनी भोपाल में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आज भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा के ड्राइवर की भी कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट आई है। इसके अलावा राजभवन में भी 3 नए संक्रमित मिले है, इसके बाद हड़कंप मच गया है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा थम नहीं रही है। आज सोमवार को भी 40 नए मरीज मिले हैं। राजधानी में आज सामने आए 40 नए कोरोना संक्रमितों में भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा के ड्राइवर की भी रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आया है। गौरतलब है कि भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा दो दिन पहले ही कोरोना पाजिटिव पाए गए थे। वहीं उनके संपर्क में आने वाले सभी विधायकों ने भी कोरोना की जांच कराई है, जिसमें सभी विधायकों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
राजभवन में फिर मिले 3 केस
राजभवन में एक बार फिर 3 मरीज संक्रमित मिले है। इन सभी की तबीयत खराब होने के बाद कोरोना जांच कराई थी, जिसकी रिपोर्ट आज पाजिटिव आई है। इसके अलावा राजधानी के बागमुगालिया से मिले 6 पाजिटिव मरीज मिले, जिनमें एक ही परिवार के 3 लोग शामिल है। साथ ही कोहेफिजा, काजी कैम्प, बैरागढ़ और शाहजहानाबाद से भी कोरोना के नए मरीज मिले हैं।
गृह मंत्री की रिपोर्ट आई निकेटिव
भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा के कोरोना पाजिटिव होने के बाद राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की कोरोना संक्रमण की जांच कराई गई थी। आज मंत्री की जांच रिपोर्ट निकेटिव आई है। इसके पहले जिन विधायकों की जांच हुई थी वह भी निकेटिव आई है। मंत्री और विधायकों की रिपोर्ट निकेटिव आने के बाद भाजपा संगठन में राहत मिली है।
कोरोना से मरने वाले 75 फीसदी गैस पीड़ित, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
राजधानी के गैस पीड़ितों पर कोरोना संक्रमण का खासा असर हुआ है। कोरोना के चलते राजधानी भोपाल में जितनी मौतें हुई उसका 75 फीसदी मौतें गैस पीड़ितों की हुई है। इसे लेकर आज गैस पीड़ित संगठनों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। गैस पीड़ित संगठन भोपाल ग्रुप फॉर इनफार्मेशन एन्ड एक्शन की रचना ढिंगरा ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से मरनेवाले गैस पीड़ितों में से 81 प्रतिशत गैस पीड़ित पुरानी बीमारी (गैस जनित) बीमारी से ग्रस्त थे, इसके अलावा 75 फीसदी गैस पीड़ित अस्पताल में भर्ती होने के 5 दिन के अंदर ही खत्म हुए और भर्ती होने के 24 घंटे के अंदर 84 फीसदी गैस पीड़ित खत्म हुए। इसलिए हम सरकार से बार बार कह रहे है की गैस पीड़ितों की पुरानी बीमारियों के मद्देनजर सभी हाई रिस्क गैस पीड़ितों की टेस्टिंग एवं मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल के मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार भोपाल बीएमएसआरसी को अस्पताल आने वाले गैस पीड़ितों की कोरोना जांच करनी है। बीएमएचआरसी आदेश के बावजूद भी आईसीएमआर द्वारा संचालित बीएमएचआरसी अस्पताल रोज अपनी इमरजेंसी वार्ड से गैस पीड़ितों को भर्ती करने से मना करते हुए हमीदिया पहुंचा देता है, जिसकी वजह से कम से काम 5 गैस पीड़ित कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गवा चुके है। ऐसी आपराधिक लापरवाही का खामियाजा गैस पीड़ितों को भुगतना पड़ रहा है और प्ब्डत् को इसकी सुध भी नहीं है, कहती है। उन्होंने बतायाकि आज सभी गैस पीड़ित संगठनों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका लगी है, सभी गैस पीड़ितों को मुआवजा दिलवाने के लिए उसमें यह बताया जाए कि गैस पीड़ित अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी क्षति से गुजर रहे हैं और उसी के हिसाब से कम्पनी से सही मुआवजा की मांग की जाए।
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