शुक्रवार, 22 मई 2020

शिवराज-सिंधिया की जोड़ी को कमजोर करने कांग्रेस लेगी प्रशांत किशोर का सहारा

 मध्यप्रदेश कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए बनाया प्रभारी 

मध्यप्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे को हराने की रणनीति पर काम करने लगे हैं. भाजपा ज्योतिरादित्य सिंधिया का साथ मिलने से खुश है और शिवराज एवं सिंधिया की जोड़ी के साथ वह मैदान में उतरने की तैयारी कर चुकी है. वहीं कांग्रेस ने  उपचुनाव प्रशांत किशोर को मैदान में उतार कर भाजपा को टक्कर देने की रणनीति तैयार कर ली है. उन्हें उपचुनाव के लिए प्रभारी भी बना दिया है.
मध्यप्रदेश की जिन 24 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 16 विधानसभा सीटें ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर-चंबल में हैं. सिंधिया और शिवराज की जोड़ी के साथ भाजपा मैदान में उतरने की तैयारी कर चुकी है, वहीं कांग्रेस ने इस जोड़ी को कमजोर करने के लिए अब प्रशांत किशोर को उपचुनाव की जिम्मेदारी सौंपी है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रशांत किशोर को उपचुनाव का प्रभारी बनाया है. वैसे 2018 के विधानसभा चुनाव में भी प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को 15 साल के बाद सत्ता में वापसी के लिए रणनीति  बनाई थी और उस रणनीति पर कांग्रेस ने कई सीटों पर चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की थी. कांग्रेस  सिंधिया को घर में घेरने की रणनीति पर पूरा काम कर रही है. इस रणनीति के चलते उसने यह फैसला भी लिया है कि वह चुनाव का वार रुम भी भोपाल के बजाय ग्वालियर-चंबल अंचल के ग्वालियर में ही बनाएगी. 
बसपा के मैदान में आने से बनेगा त्रिकोणीय मुकाबला
बहुजन समाज पार्टी ने भी उपचुनाव में सभी 24 सीटों पर अपने प्रत्याशी मैदान में उतारने का फैसला लिया है. बसपा अपने बूते पर प्रत्याशी मैदान में उतारेगी. बसपा की इस घोषणा के साथ ही यह तय हो गया है कि उपचुनाव में सभी सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला होगा. ग्वालियर-चंबल में ज्यादा सीटें हैं और इस अंचल में बसपा का खासा प्रभाव भी है. बसपा की प्रदेश इकाई  जल्द ही इन सीटों के संभावित प्रत्याशियों के नाम पार्टी प्रमुख मायावति को भेजने की तैयारी कर रही है.

बसपा ने कांग्रेस ही नहीं भाजपा को भी चिंता में डाला


मध्यप्रदेश में 24 विधानसभा क्षेत्रों के लिए होने वाले उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने मैदान में उतरने की घोषणा करके अभी से त्रिकोणीय मुकाबले के आसार खड़े कर दिए हैं. बसपा ने साफ कहा है कि वह बिना गठबंधन के मैदान में उतरेगी. बसपा की इस घोषणा के बाद कांग्रेस ही नहीं, बल्कि भाजपा भी चिंतित हो गई है.
मध्यप्रदेश में 24 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव की तारीख तो घोषित नहीं हुई है, मगर दलों ने रणनीति बनानी शुरु कर दी है. भाजपा और कांग्रेस के अलावा अब बसपा भी मैदान में आ गई है. बसपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने प्रत्याशी सभी 24 सीटों पर उतारेगी. इस बार किसी दल से उसका गठबंधन नहीं होगा. बसपा की इस घोषणा के बाद कांग्रेस में चिंता की लहर देखी जा रही है. वहीं भाजपा भी बसपा के इस कदम से चिंतित होने लगी है. प्रदेश में जिन 24 विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव होने हैं, उनमें अधिकांश विधानसभा क्षेत्र ग्वालियर-चंबल अंचल के हैं. इन क्षेत्रों में बसपा का जनाधार भी है. इसे देखते हुए कांग्रेस यह प्रयास कर रही थी कि बसपा के समर्थन से वह भाजपा को करारी शिकस्त देगी, मगर उसका मंसूबा पूरा होना नजर नहीं आ रहा है. वहीं भाजपा खेमें में बसपा की इस घोषणा के बाद चिंंता सताने लगी है. भाजपा के लिए इस अंचल की जिन 16 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, वह इन पर पूरा जोर लगा रही है. सिंधिया के दबदबे वाले इस अंचल में भाजपा पूरी 16 सीटों पर जीत हासिल करने की रणनीति पर काम कर रही है. मगर बसपा ने रणनीति के आगे फिलहाल दोनों दलों की चिंता बढ़ गई है.
बरैया के भरोसे कांग्रेस
ग्वालियर-चंबल अंचल में बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और अब कांग्रेस नेता फूल सिंह बरैया का खासा प्रभाव है. वे कई सीटों पर जीत हार का गठित बिगाड़ते रहे हैं. अब कांग्रेस को बरैया पर भरोसा है कि वह इस क्षेत्र में कांग्रेस के वोट बैंक को बढ़ाएंगे. बरैया को कांग्रेस ने राज्य सभा का प्रत्याशी भी घोषित किया है, मगर उपचुनाव को लेकर यह भी माना जा रहा है कि कांग्रेस उपचुनाव में मैदान में उतार सकती है.  अगर ऐसा होता है कि कांगे्रस के लिए यह फायदेमंद भी साबित हो सकता है, लेकिन भाजपा को इसका ुनुकसान उठाना पड़ सकता है.

कमलनाथ ने कहा वास्तविक खपत के आधार पर लें बिजली बिल


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक बार फिर लाक डाउन के चलते सरकार से लोगों बिजली के भारी भरकम बिल थमाए गए हैं. उन्हेंने मांग की है कि वास्तविक खपत के अधार पर बिजली के बिल लिए जाएं. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी भरकम बिजली के बिल मिलने से लोग परेशान हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में कहा कि बिजली बिलों को लेकर हम शिवराज सरकार से कई बार मांग कर चुके है कि लाकडाउन को देखते हुए प्रदेश की जनता का तीन माह का बिजली बिल तत्काल माफ किया जाएं. आज फिर उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखा है. पत्र में लोगों को मिल रहे भारी भरकम बिलों का उल्लेख करते हुए मांग की है कि लोगों से वास्तविक खपत के हिसाब से बिजली बिल की वसूली की जाए. उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों की तरह प्रदेश सरकार भी उद्योगों को इस संकट काल में भी आ रहे भारी भरकम बिजली बिलों में राहत प्रदान करे. लाकडाउन की अवधि में करीब 60 दिन से उद्योग बंद पड़े है, फिर भी उन्हें लाखों के बिल थोपे जा रहे है. उन्होंने कहा कि फिक्स चार्ज से लेकर न्यूनतम यूनिट चार्ज, लाइन लास चार्ज, विलंब चार्ज सहित अन्य चार्ज में लाकडाउन की अवधि में सरकार छूट प्रदान कर उन्हें राहत प्रदान करे.
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री का लिखे पत्र में आग्रह किया है कि  पिछले दिनों उद्योगपतियोंं ने अपनी इस मांग को लेकर इंदौर में ई धरना भी दिया था. उन्होंने कहा कि जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए घरेलू उपभोक्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं उद्योगों से जितनी बिजली उतना दाम के सिंद्धांत पर फिक्स चार्ज आरोपित न करते हुए वास्तविक खपत के आधार पर बिजली का बिल लिया जाए एवं इंदिरा गृह ज्योति योजना के गरीब हितग्राहियों के छह माह के बिजली बिल माफ किए जाएं.

बारात निकाली तो दर्ज होगी एफआईआर


मध्यप्रदेश में अब शादी में लड़का और लड़की पक्ष को तय संख्या के हिसाब से ही लोगों को बुलाना होगा. इतना ही नहीं वर पक्ष के लिए सरकार ने साफ कर दिया कि अगर बारात निकाली तो एफआईआर दर्ज की जाएगी.
राज्य में शादी के तीन दिन बाद दुल्हन के कोरोना पाजिटिव पाए जाने के मामले के बाद सरकार अब  शादी के आयोजन को लेकर गंभीर हो गई है. सरकार ने साफ कर दिया है कि दिशानिर्देश के नियम अनुसार संक्रमित क्षेत्रों के बाहर शादी में दोनों पक्षों से 25-25 अधिकतम 50 सदस्य शामिल होने की अनुमति दी गई है, परंतु विवाह समारोह नहीं किया जा सकता और न ही बारात निकाली जा सकती है.  वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  साफ कर दिया कि  विवाह समारोह नहीं किया जा सकता और न ही बारात निकाली जा सकती है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नियम तोड़ने पर एफआईआर दर्ज की जाए.
गौरतलब है कि भोपाल के जाटखेड़ी में बारात आई, जिसमे दुल्हन संक्रमित हुई और साथ ही 32 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है. राज्य सरकार ने स्पष्ट दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा कि शादी समारोह और अंत्येष्टि के लिए तय संख्या का सख्ती से पालन करना होगा.
केवल निजी वाहनों को ही मिलेगी अनुमति 
राज्य के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि राजधानी में हुई शादी में अनुमति से अधिक लोग शामिल हुए और वे एक बस से आए. इसलिए हमने अब फैसला लिया है कि शादी समारोह में बसों को अनुमति नहीं दी जाएगी. यदि अनुमति से ज्यादा लोग शादी में शामिल होते हैं तो उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि शादी में शामिल होने के लिए आज से केवल निजी वाहनों के जरिए ही आने की अनुमति होगी.

बुधवार, 20 मई 2020

कांग्रेस ने किए 11 जिला अध्यक्ष नियुक्ति


 उपचुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अब अपनी तैयारी तेज कर दी है. इसके चलते मध्यप्रदेश के कांग्रेस ने 11 जिलों के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है. ये नियुक्तियां लंबे समय से लंबित थे.
मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा आज 11 जिलों के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है. लंबे समय से इन नियुक्तियों को लेकर कयास लगाए जा रहे थे, मगर सरकार गिरने और कोरोना के चलते नियुक्तियां अटक गई थी. अब जबकि राज्य में 24 स्थानों पर विधानसभा चुनाव होने हैं, इन्हें देखते पार्टी ने अब चुनावी तैयारियां तेज कर दी है. इसके चलते आज आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के लेटर पर नियिुक्तयां की गई है.नियुक्ति किए गए जिला अध्यक्षों में  श्योपुर में अतुल चौहान,  ग्वालियर ग्रामीण में अशोक सिंह,  विदिशा में कमल सिलाकरी,  सीहोर में बलबीर तोमर,  रतलाम शहर में महेंद्र कटारिया, शिवपुरी में श्रीप्रकाश शर्मा, गुना शहर में मानसिंह पसरोदा, गुना ग्रामीण में हरी विजयवर्गीय, होशंगाबाद में सत्येंद्र फौजदार, सिंगरौली शहर में अरविंद सिंह चंदेल और देवास ग्रामीण में अशोक पटेल को नियुक्त किया गया है.
माना जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों द्वारा उपचुनाव के पहले जिला में टीम को सक्रिय करने के लिए ये नियुक्तियां की जा रही है. कांग्रेस की और से उपचुनाव को लेकर पहला बड़ा कदम है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस एक दो और बड़े फैसले ले सकती हैं. इसके पहले भाजपा द्वारा भी आधा दर्जन से ज्यादा जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जा चुकी है.

गुड्डू के इस्तीफे पर गर्माई सियासत, भाजपा ने कहा नहीं मिला इस्तीफा


पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू ने पार्टी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ बयानबाजी करने पर भाजपा द्वारा दिए नोटिस का जवाब दिया है. इसके बाद सियासत गर्मा गई है. भाजपा ने गुड्डू के इस्तीफ पर कहा कि पार्टी को उनका इस्तीफा नहीं मिला है.
मध्यप्रदेश के पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू द्वारा ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा के खिलाफ की गई बयानबाजी के बाद पार्टी ने उन्हें नोटिस दिया था. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी.शर्मा की ओर से नोटिस देकर कहा था कि वे 7 दिन के अंदर अपना जवाब दें. इस बीच आज प्रेमचंद गुड्डू ने अपना जवाब भाजपा को दे दिया है. जवाब में उन्होंने कहा कि वे अपना इस्तीफा 9 फरवरी को ही दे चुके हैं. अपने जवाब में उन्होंने फिर से पार्टी और सिंधिया पर निशाना साधा है. गुड्डू ने भाजपा अध्यक्ष को लिखे जवाब में ज्योतिरादित्य सिंधिया और तुलसी सिलावट पर भी आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि तुलसी सिलावट को सांवेर उपचुनाव में हराना है. उन्होंने सिंधिया परिवार पर भी जमकर निशाना साधा. गुड्डू ने आरोप लगाया कि किसानों के मुद्दों पर लगातार सरकारों को चिट्ठियां लिखने वाले सिंधिया आज किसानों से बात करने को तैयार नहीं हैं, ना ही सिलावट किसानों की सुध ले रहे हैं. सांवेर के किसान ही समर्थन मूल्य से कम कीमतों पर 14 सौ से 15 सौ रुपए प्रति क्विंटल गेहूं बेचने पर मजबूर हैं, जो सब्जियां लगाई थी, वह मंडियां बंद होने के कारण खेत में ही खराब हो गई. गुड्डू ने कहा कि संकट के इस समय में बड़े-बड़े दावा करने वाले सिंधिया और सिलावट किसानों और सांवेर के मतदाताओं को धोखा देकर घरों में दुबके हुए हैं  वहीं गुड्डू के इस्तीफे को लेकर मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीडी शर्मा का कहना है कि उन्हें या पार्टी को अब तक गुड्डू का इस्तीफा नहीं मिला है.
कांग्रेस में वापसी करेंगे गुड्डू
पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू को लेकर माना जा रहा है कि वे जल्द ही कांग्रेस में वापसी करेंगे. वे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेश जोशी से मुलाकात कर चर्चा कर चुके हैं. बताया जा रहा है कि कांग्रेस प्रेमचंद गुड्डू को सांवेर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में प्रत्याशी बनाकर तुलसी सिलावट के खिलाफ मैदान में उतारेगी. 

पूर्व वित्त मंत्री को बंगला खाली कराने पहुंचा अमला

भाजपा में शामिल हुए मंत्रियों को छोड़ सभी को बंगला खाली कराने का दिया नोटिस

मध्यप्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री तरुण भानोत के बंगले को खाली कराने आज संपदा संचालनालय का अमला पहुंचा. भानोत को दो बार संचालनालय द्वारा बंगला खाली कराने को लेकर नोटिस जारी किया जा चुका था. भानोत के अलावा दूसरे पूर्व मंत्रियों को भी नोटिस दिए गए हैं, मगर सिंधिया समर्थक कमलनाथ सरकार में जो मंत्री रहे उन्हें बंगला खाली करने का नोटिस नहीं दिया गया है. भानोत  के अलावा अन्य पूर्व मंत्रियों को आज बुधवार की शाम तक बंगले खाली करने को कहा है.
सत्ता में आते ही शिवराज सरकार ने कमलनाथ सरकार में रहे मंत्रियों को बंगला खाली करने का दबाव बनाना शुरु कर दिया है. सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्रियों को छोड़कर सभी मंत्रियों को बंगला खाली करने के नोटिस संपदा संचालनालय द्वारा दिए थे. इसके चलते आज वित्त मंत्री तरुण भानोत के बंगले पर संपदा संचालनालय के अधिकारी बंगला खाली कराने के लिए पहुंचे. तरुण भानोत का चार इमली स्थित बी-16 बंगला भाजपा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वी.डी.शर्मा को अलाट किया है. शर्मा उसमें शिफ्ट होना चाहते हैं. मगर भानोत इसे खाली नहीं कर रहे थे. आज भानोत के बंगले को संपदा संचालनालय के अधिकारियों ने खाली करा लिया. जब बंगला खाली कराया गया, उस वक्त भानोत जबलपुर में थे. वे लाक डाउन के चलते वहीं पर हैं. उन्होंने सरकार की इस कार्रवाई को बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया. 
गौरतलब है कि गृह विभाग ने बेदखली का नोटिस पूर्व मंत्री तरुण भानोत के अलावा सज्जन सिंह वर्मा, हुकुम सिंह कराड़ा, बृजेंद्र सिंह राठौर, ओमकार सिंह मरकाम, प्रियव्रत सिंह, सुखदेव पांसे, उमंग सिंगार, पीसी शर्मा, कमलेश्वर पटेल, लखन घनघोरिया, सचिन यादव और सुरेंद्र बघेल को जारी किया है. 
दोनों सरकारों ने नहीं दिया था सिंधिया को बंगला
ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा शासनकाल में शिवराज सरकार और फिर कांग्रेस की सरकार में कमलनाथ ने बंगला नहीं दिया था. उन्होंने भाजपा सरकार के कार्यकाल में 23 मई 2018 को भोपाल में बंगले की मांग की थी, मगर तत्कालीन शिवराज सरकार ने उन्हें बंगला नहीं दिया था. कांग्रेस की सरकार बनने पर सिंधिया ने चार इमली स्थित बी-17 बंगला मांगा था, मगर तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने भी उन्हें बंगला नहीं दिया था. अब सिंधिया को उम्मीद है कि राज्यसभा सदस्य बनने पर उन्हें भोपाल में बंगला मिल जाएगा.

शिवराज सरकार चाहती है शराब दुकानें खुले, धार्मिक स्थल नहीं


मध्यप्रदेश में शराब दुकाने खोलने को लेकर कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर फिर हमला बोला है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश की शिवराज सरकार चाहती है कि राज्य में शराब की दुकानें खुले, मगर धार्मिक स्थल नहीं.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश का  आमजन, यहां तक की खुद शराब के ठेकेदार भी नहीं चाहते हैं कि प्रदेश में शराब की दुकाने अभी खुले, लेकिन शिवराज सरकार चाहती है कि इस महामारी में भले धार्मिक स्थल ना खुले. उन्होंने कहा कि स्कूल-कालेज ना खुले, लोगों को दूध, दवाई,आवश्यक वस्तु ना मिले लेकिन शराब जरूर मिले,शराब की दुकाने जरूर खुले. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही लोग हैं, जो विपक्ष में बैठकर प्रदेश में शराब को लेकर रोज विरोध करते थे, इसे बहन-बेटियों के लिए खतरा बताते थे, प्रदेश को मदिरा प्रदेश बनाने के आरोप लगाते थे. उन्होंने कहा कि  आज सत्ता में आकर यही शराब के सबसे बड़े पैरोकार बन गए हैं. प्रदेश भले कोरोना की चपेट में आता जाए, कोई फर्क नहीं, लेकिन शराब की बिक्री अनवरत चालू रहे.

मंगलवार, 19 मई 2020

किसानों ने वोट नहीं दिए तो बदला ले रही सरकार

कांग्रेस ने किया शिवराज सरकार पर हमला

शिवराज सरकार द्वारा कमलनाथ सरकार के कार्यकाल लिए फैसलों की जांच कराए जाने के निर्णय को लेकर आज कांग्रेस के मीडिया सेल के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शिवराज सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों ने भाजपा को वोट नहीं दिया तो अब शिवराज सरकार किसानों से बदला ले रही है. किसानों के कर्ज माफी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है.
पटवारी ने आज वीडियो कांफे्रंसिंग के जरिए मीडिया से चर्चा करते हुए यह आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कोरोना को अवसर समझ लिया है और वह भ्रष्टाचार पर भ्रष्टाचार कर रही है. भाजपा सरकार ने प्रदेश में क्वारंटीन सेंटरों के नाम पर कई भ्रष्टाचार किए हैं. कांग्रेस सरकार से तोड़कर भाजपा में शामिल किए गए मंत्रियों और विधायकों को पैसा दिया गया, अब सरकार वह पैसा वापस बराबर कर रही है. पटवारी ने कहा कि किसानों ने विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट नहीं दिया तो अब सरकार किसानों की कर्जमाफी को रोकने का काम कर रही है. सरकार किसानों से बदला ले रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कृषि मंत्री कमल पटेल की पत्नी आरती पटेल का कर्ज माफ किया था. उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार ने पिछली सरकार के फैसलों की जांच कराने का निर्णय लिया है, यह उसका अधिकार है, लेकिन राजनीतिक द्वेषभाव के चलते यह जांच नहीं कराई जानी चाहिए. पटवारी ने आरोप लगाया कि शिवराज सरकार का मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है, वह केवल कांग्रेस के खिलाफ षडयंत्र करना चाहती है.

दो वर्ष के गर्व ने हराया कोरोना को

राजधानी में हुई 39 मरीजों की छुट्टी

भोपाल के दो वर्ष के बालक गर्व किरार ने कोरोना को पराजित कर दिया.  गर्व को गत 9 मई को कोरोना पाजिटिव आने पर अस्पताल में भर्ती किया गया था. उनके  साथ उनकी मां ऋषिका भी अस्पताल में रही.
 गर्व को आज स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया. उसे मिलाकर आज यहां चिरायु अस्पताल  से 39 व्यक्तियों को पूरी तरह स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया. अपने 2 वर्षीय नन्हें बालक गर्व किरार के पाजिटिव आने के  साथ ही अस्पताल में उसकी मां ऋषिका भी रही.  उन्होंने बताया कि अपने बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर वो चिंतित थी, लेकिन यहां अच्छा इलाज और घर जैसा माहौल मिला तब मेरी चिंता खत्म हुई. अब वे अपने स्वस्थ बच्चे को लेकर अपने घर जा रही है. कोरोना योद्धा थाना प्रभारी 52 वर्षीय  निरंजन शर्मा आज स्वस्थ होकर घर लौटे. उन्होंने बताया कि 9 मई को कोरोना पाजिटिव आने के बाद वे स्तब्ध थे, लेकिन अच्छे इलाज और बेहतर प्रबंधन से आज वे स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो रहे है.    आज डिस्चार्ज  हुए जहांगीराबाद निवासी 66 वर्षीय हरीशचंद्र यादव ने बताया कि  जब वे 9 मई को अस्पताल आए तो मन में बहुत डर था, लेकिन यहां की व्यवस्था, अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सो के व्यवहार से उनका डर दूर हो गया.

शिवराज चला रहे सबसे बड़ी झूठ की दुकान: वर्मा

 चंबल प्रोग्रोस वे पर तेज हुई राजनीति  

मध्यप्रदेश में चंबल प्रोगेस वे पर राजनीति तेज हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश के पूर्व लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने शिवराज सिंह के चंबल एक्सप्रेस वे को लेकर शिवराज सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान सबसे बड़ी झूठ की दुकान चला रहे हैं और उनके साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस झूठ में शामिल होकर एक और एक ग्यारह हो गए. 
वर्मा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान ने अपने एक बयान में कहा कि ग्वालियर चंबल एक्सप्रेस वे योजना को कांग्रेस सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था, यह सरासर झूठ है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ही इस योजना को प्रारंभ करने के लिए अनेकों प्रयास किए, मैंने इस योजना की स्वीकृति के लिए केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को दो बार पत्र लिखे 13 फरवरी 2019 को मैंने पत्र लिखा तथा इस योजना की स्वीकृति देने का आग्रह किया. दूसरी बार 2 जुलाई 2019 को पुन: इस संबंध में मैंने और तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ  ने नितिन गडकरी से बात की, साथ ही अन्य विभागों से तालमेल कर इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए. हमारा काम बड़ी तेज गति से जारी था.
वर्मा ने कहा की शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया सारे कागज निकला ले विभाग से एक एक तारीख गवाह है. तत्कालीन मुख्य सचिव मोहंती  ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस संबंध में एक बड़ी बैठक 20 फरवरी को ली थी. उन्होंने कहा कि शिवराज अपनी झूठ की दुकान बंद करें तथा लोगों को गुमराह करना बंद करें.
चंबल प्रोग्रेस वे केन्द्र सरकार की योजना
 प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के आरोपों पर पलटवार किया है. वीडी शर्मा ने 'चंबल प्रोग्रेस वे' का श्रेय लेने की सियासत पर कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद हैं. 'चंबल प्रोग्रेस वे' केंद्र सरकार की योजना है. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में योजना को सीमित किया गया था, इसके साथ ही उन्होंने उप चुनाव की तैयारियों पर कांग्रेस के आरोप पर कहा कि यहां उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाही कहावत साबित हो रही है, जिस समय कोरोना की चिंता करनी चाहिए थी उस समय कांग्रेस की सरकार आईफा की तैयारी कर रही थी.

बढ़ सकती है प्रदेश में रेड जोन वाले जिलों की संख्या



प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राज्य में रेड जोन वाले जिलों की संख्या बढ़ सकती है. प्रदेश का खंडवा जिला नया रेड जोन बन सकता है. उन्होंने कहा कि इंदौर, भोपाल, उज्जैन जिले अब संभल रहे हैं, हमारा प्रयास है कि यहां पर अब कोई मौत न हो.
स्वास्थ मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि इंदौर, भोपाल में कोरोना के सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं. सरकार ने इस पर काबू पाने का हरसंभव प्रयास किया है. इसके चलते अब यहां पर पाजिटिव केसों की संख्या में भी कमी आई है. उन्होंने कहा कि इंदौर, भोपाल और उज्जैन जिले अब संभल गए हैं. कोशश अब यह है कि कोरोना से कोई मौत न हो. उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों में कोराना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. प्रवासी मजदूरों के कारण संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई.  सबसे पहले खंडवा नया रेड जोन बन सकता है. वहीं सरकार कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए पूरी कर ली है. संक्रमण फैल भी सकता है, और नहीं भी, इसे लेकर आशंका बनी है. 
कोरोना के साथ जीने की डालनी होगी आदत
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमें अब कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी होगी. उन्होंने कहा कि जब तक इसकी वैक्सीन नहीं आती, तब तक हमें  कोरोना वायरस के साथ ही जीने की आदत डालनी होगी. उन्होंने कहा कि कोरोना का डर अब समाप्ति की ओर है. मंत्री ने कहा कि जो प्रवासी मजदूर मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों से आ रहे हैं उनकी वजह से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है.  मध्यप्रदेश में जहां-जहां मजदूर आ रहे हैं. वहां वहां क्वारंटाइन सेंटर बना रहे हैं. जिला कलेक्टर से बात करके सावधानियां बरत रहे हैं.

कमलनाथ और उनके पुत्र नकुलनाथ पर 21 हजार का ईनाम

छिंदवाड़ा में लगे विधायक, सांसद  गुमशुदा के पोस्टर

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और छिंदवाड़ा से विधायक कमलनाथ और उनके पुत्र नकुल नाथ के लापता होने के पोस्टर छिंदवाड़ा में लगाए गए हैं. इस पोस्टर में उन्हें ढूंढकर लाने वाले को 21 हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा की गई है.
दो महीने पहले मुख्यमंत्री पद से हटे कमलनाथ को लेकर उनके निर्वाचन क्षेत्र छिंदवाड़ा में सियासत तेज हो गई है. छिंदवाड़ा में  कलेक्ट्रेट, तहसील, पार्क के समीप  छिंदवाड़ा विधायक कमलनाथ और उनके बेटे सांसद नकुलनाथ के लापता होने के पोस्टर लगाए हैं. पोस्टर में उनके वापस लाने वाले को 21 हजार रुपए का इनाम देने की बात लिखी गई है. पोस्टर में यह भी लिखा है कि इस संकट काल में छिंदवाड़ा की जनता उन्हें ढूंढ रही है. आज मंगलवार की सुबह यह पोस्टर शहर में कई स्थानों पर देखे गए. पोस्टर में यह भी लिखा गया है कि चिट्ठी ने कोई संदेश जाने वो कौन सा देश जहां तुम चले गए. यह पोस्टर किसने लगाएं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. पोस्टर पर प्रकाशक के रुप में समस्त छिंदवाड़ा विधानसभा एवं छिंदवाड़ा लोकसभा लिखा गया है.

रविवार, 17 मई 2020

इंदौर, भोपाल बन रहे ‘वुहान’

 इंदौर देश का 7 वां और भोपाल 11 वां हाटस्पाट शहर बना

मध्यप्रदेश की औद्योगिक नगरी इंदौर और राजधानी भोपाल में कोरोना का कहर ज्यादा देखने को मिल रहा है. दोनों ही शहरों में संक्रमितों की संख्या चीन के वुहान की तरह बढ़ रही है. इंदौर जहां देश का 7 वां और भोपाल 11 वां हाटस्पाट शहर बन गए हैं. दोनों ही शहरों में कोरोना वायरस की भयावह तस्वीर सामने आ रही है.
मध्यप्रदेश के इंदौर में 23 सौ से ज्यादा और राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 हजार के पास पहुंच गई है. इंदौर में तेजी से कोरोना संक्रमण बढ़ा और आज भी प्रतिदिन 50 से ज्यादा मरीज पाजिटिव मिल रहे हैं. इंदौर में अब तक इस बीमारी से मरने वालों की संख्या भी 100 हो गई है. इंदौर में 92 कोरोना पाजिटिव मरीज सामने आए हैं. इसके साथ ही अब यहां पर कोरोना संक्रमितों की संख्या 2470 हो गई है. वहीं भोपाल में यह संख्या 38 हैं. इसके साथ ही भोपाल में कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या अब बढ़कर 992 हो गई है. दोनों ही स्थानों पर स्वस्थ होकर घर लौटने वालों की संख्या 1625 है. इंदौर में 11 सौ और भोपाल में 5 सौ 25 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे हैं. बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या ने इंदौर को देश का 7 वां और भोपाल  को 11 वां हाटस्पाट शहर बना दिया है.
राजधानी भोपाल में सबसे बुरा हाल पुराने शहर के जहांगीरबाद इलाके का है. इस क्षेत्र में हर दिन 10 से ज्यादा मरीज कोरोना पाजिटिव आ रहे हैं. राजधानी के कुल कोरोना संक्रमितों में से 25 प्रतिशत कोरोना संक्रमित इसी इलाके के हैं और जो मौंते राजधानी में अब तक इस बीमारी के चलते हुई, इनमें सबसे ज्यादा मौतें भी इसी इलाके के लोगों की हुई है. इस क्षेत्र की हर गली में कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं, जिसने प्रशासन की चिंता को बढ़ा दिया है. 
भोपाल में मिले 38 नए मरीज 
राजधानी भोपाल में आज रविवार को फिर से 38 नए मरीज मिले हैं. इनमें मेडिकल कालेज सहायक चिकित्सक सहित परिवार के 10 लोग कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं. इनमें 10 वर्ष से कम उम्र के दो बच्चे भी शामिल हैं. रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिस इलाके में वह निवास करते है उस पूरे इलाके को बैरिगेटिंग कर सील कर दिया गया है.
खतरनाक रहा लाक डाउन 3
राजधानी भोपाल के लिए लाक डाउन 3 खतरनाक रहा है. पिछले 14 दिनों में राजधानी में 451 संक्रमित मिले हैं, तो मरने वालों की संख्या भी 14 रही है.

उपचुनाव के लिए मैदानी जमावट तेज की भाजपा ने

मध्यप्रदेश में कोरोना संकट के बीच भाजपा ने विधानसभा की 24 सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव की तैयारी तेज कर दी है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए इन सभी 24 विधानसभा क्षेत्रों में संगठन के पदाधिकारियों से विचार विमर्श किया. इस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी शामिल किया गया था.
मध्यप्रदेश भाजपा ने राज्य की 24 विधानसभा सीटों पर तैयारियां तेज कर दी है. इन सीटों पर कुछ में विरोध के स्वर मुखरित हो रहे थे, जिसे देखकर भाजपा ने सक्रियता बढ़ाई है. सिंधिया समर्थकों को टिकट दिए जाने को लेकर भाजपा अपनी रणनीति साफ कर चुकी है, इसके बाद उपजे असंतोष को देख भाजपा ने अभी से उस पर काबू पाने की रणनीति पर काम भी तेजी से करना शुरु कर दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के बेटे पूर्व मंत्री दीपक जोशी की नाराजगी के बाद उन्हें प्रदेश भाजपा कार्यालय तलब किया गया, इसके बाद वे फिलहाल शांत हो गए हैं. मगर भाजपा किसी भी तरह से उपचुनाव में नाराजगी नहीं चाहती है. इसके चलते आज प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग कर जहां उपचुनाव होने हैं, वहां के संगठन पदाधिकारियों से चर्चा की. इस कांफे्रंस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी शामिल किया गया था. 
सौंपी विस्तारकों और पूर्णकालिकों को जिम्मेदारी
पार्टी ने 24 विधानसभा सीटों के क्षेत्रों में संघ के विस्तारक और पूर्णकालिक सदस्यों को भी जवाबदारी सौंपी है. कोरोना संकट के दौर में उपचुनाव वाले 24 विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं और जरूरतों को लेकर भाजपा ने पदाधिकारियों और संघ के पूर्णकालिक से फीडबैक मांगा है, इसके आधार पर पार्टी अपनी चुनावी रणनीति तैयार करेगी.

शहरों से गांवों में बढ़ रही महामारी: कमलनाथ

 मध्यप्रदेश के हालात बेहर चिंताजनक, बढ़ रहे संक्रमण और मौत के आकड़े

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि आज कोरोना को लेकर लाकडाउन का तीसरा चरण समाप्त हो गया. इन तीन चरणों की समाप्ति के बाद भी मध्य प्रदेश की स्थिति कोरोना को लेकर बेहद चिंताजनक बनी हुई है. प्रदेश में कोरोना संक्रमण व इससे हो रही मौतों के आंकड़े दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं.  अब यह महामारी शहरों से गांव की और भी निरंतर बढ़ती जा रही है.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बताया कि प्रदेश में लाकडाउन के पहले दिन 24 मार्च तक कोरोना संक्रमण  के मात्र 4 मरीज थे और आज बात करें तो लाक डाउन 3 की समाप्ति पर प्रदेश में कोरोना संक्रमितो का आंकड़ा बढ़कर 5 हजार के करीब पहुंच चुका है, 250 के करीब मौतों का आंकड़ा पहुंच चुका है, प्रदेश के 45 से अधिक जिले कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, 100 से अधिक गांव कोरोना की चपेट में आ चुके हैं. अब यह महामारी शहरों से गांव की और भी निरंतर बढ़ती जा रही है.
प्रदेश का इंदौर देश का 7 वां और भोपाल देश का 11 वां हाटस्पाट बन चुका है. प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमितो का आंकड़ा एक हजार को पार कर चुका है, वहीं 38 मौतें अभी तक हो चुकी है. वही बात करें प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की तो वहां कोरमा संक्रमितो का आंकड़ा 2500 के करीब पहुंच चुका है और मौतों का आंकड़ा 100 पर पहुंच चुका है. यह सारे आंकड़े बेहद चिंताजनक है, जिस हिसाब से प्रदेश के अंदर कोरोना महामारी का संक्रमण बढ़ता जा रहा है, उस हिसाब से आज भी स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने की आवश्यकता है. आज भी पीपीई किट से लेकर मास्क व अन्य सुरक्षा संसाधनों के अभाव में कोरोना वारियर्स प्रतिदिन संक्रमित हो रहे हैं. जिस हिसाब से कोरोना  के संक्रमण के आंकड़े प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, उस हिसाब से प्रदेश में आज भी वेंटिलेटर से लेकर अन्य आवश्यक मेडिकल उपकरणो का अभाव है. आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में 75 हजार लोगों पर एक वेंटीलेटर है और 47 हजार  लोगों पर एक आईसीयू बेड की उपलब्धता है. 
आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के 10 जिले ऐसे हैं जहां पर निजी अस्पतालों में एक भी वेंटिलेटर नहीं है , वही करीब 10 जिलों में कुल वेंटिलेटर की संख्या 5 भी नहीं है। प्रदेश के भोपाल-इंदौर -जबलपुर जैसे शहरों में भी इस महामारी के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए आवश्यकता अनुसार इनकी कमी है. आज भी निजी अस्पतालों में आम मरीजों को इलाज नहीं उपलब्ध हो पा रहा है, वही कोरोना मरीजों से भी भारी भरकम बिल वसूले जा रहे हैं. इन पर सरकार का अभी तक कोई नियंत्रण नहीं है. आज भी प्रदेश में लोगों को दूध-दवाई व आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है ,वही शराब की आपूर्ति सरकार द्वारा करा दी गई है. मंदिर-मस्जिद-गुरुद्वारे व अन्य सभी धार्मिक स्थल बंद है, वहीं शराब की दुकानें चालू है. आज भी प्रदेश वापसी कर रहा मजदूर बेहद परेशानियों का सामना कर रहा है. आज भी प्रदेश के सभी मार्ग व सीमाएं इन मजदूरों से भरी पड़ी है. साधन के अभाव में हजारों गरीब-बेबस-लाचार मजदूर भूखे प्यासे , भीषण गर्मी में नंगे पैर , पैदल ही अपने घर की और जा रहे है. सरकार के सारे दावे हवा-हवाई साबित हो रहे है. सरकार की बसे व साधन कही नजर नहीं आ रहे है. इनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है.

श्रमिक किसी भी राज्य को हो, आर्थिक मदद करेगी शिवराज सरकार


मध्यप्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि मजदूर किसी भी राज्य का हो, अगर मध्यप्रदेश में किसी दुर्घटना का शिकार हुआ है तो उसके परिजनों को शिवराज सरकार आर्थिक मदद करेगी. इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं. छतरपुर जिले में कल हुई सड़क दुर्घटना में मृतक श्रमिकों के परिवार को 1-1 लाख रूपए और घायलों को 25 हजार रूपए की सहायता राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष से प्रदान की गई है.
 गत दिवस छतरपुर में हुई सड़क दुर्घटना में छह मजदूरों की मृत्यु हुई थी और 16 मजदूर घायल हुए थे. ये मजदूर उत्तरप्रदेश के निवासी थे और अपने घर लौट रहे थे. मध्यप्रदेश  शासन सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार छतरपुर कलेक्टर ने सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर मृतक के परिवार को 15 हजार रुपए और घायलों को 7 हजार 500 रूपए की आर्थिक सहायता राशि अतिरिक्त रूप से स्वीकृत की है. इस तरह इस दुर्घटना में मृत्यु पर 1 लाख 15 हजार और घायल होने पर 32 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रभावित परिवारों को दी गई.
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के दौरान अन्य राज्य से उनके मूल राज्यों की ओर प्रस्थान कर रहे प्रवासी श्रमिकों की यदि मध्यप्रदेश राज्य में किसी आकस्मिक दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उस स्थिति में राज्य शासन मृतक प्रवासी श्रमिक के परिवार को एक लाख रुपए एवं गंभीर रूप से घायल होने पर प्रवासी श्रमिक को 25 हजार रुपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष से स्वीकृत करेगा.

शुक्रवार, 15 मई 2020

असंतोष को दबाने जुटी भाजपा

उपचुनाव वाले विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं से की चर्चा

मध्यप्रदेश में भाजपा में उठ रहे असंतोष को दबाने संगठन सक्रिय हो गया है. जिन 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उन सीटों के नेताओं से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी.शर्मा और प्रदेश संगठन पदाधिकारी सुहाष भगत ने चर्चा कर उन्हें पार्टी हाईकमान का संदेश दे दिया है. नेताओं से कहा है कि सिंधिया समर्थकों का साथ दें, उन्हें उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया जाएगा.
मध्यप्रदेश में सिंधिया समर्थक 22 विधायकों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद रिक्त हुई विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को लेकर सक्रियता बढ़ती जा रही है. इन सीटों पर सिंधिया समर्थक पूर्व विधायकों को ही प्रत्याशी बनाने की रणनीति भाजपा ने तय की है. इसके चलते देवास जिले की हाटपिपल्या और इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा सीटों पर वहां के हारे प्रत्याशियों दीपक जोशी और मनोज सोनकर ने विरोध जताया था. ये दोनों ही प्रमुख दावेदार है, जबकि भाजपा यहां से सिंधिया समर्थक पूर्व विधायकों को मैदान में उतारने का फैसला ले चुकी है.
भाजपा में उभरे असंतोष को देखते हुए पार्टी ने इसे दबाने और नेताओं को समझाइश देने का सिलसिला शुरु कर दिया है. इस सिलसिले के चलते भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी.डी.शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने सभी 24 विधानसभा क्षेत्रों जहां पर उपचुनाव होने है, वहां के नेताओं से संपर्क किया और उन्हें इस बात की जानकारी से अवगत कराया कि पार्टी हाईकमान ने जो तय किया है, वह निर्णय अडिग रहेगा. सूत्रों की माने तो दोनों ने  नेताओं ने भाजपा नेताओं से चर्चा के दौरान स्पष्ट कर दिया है कि जिन 24 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं, उनमें से 22 विधानसभा क्षेत्रों में सिंधिया समर्थक पूर्व विधायकों को ही पार्टी मैदान में उतारेगी. 

क्वारेंटाइन सेंटरों से निकले तो जमातियों को भेजा जेल


मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में क्वारेंटाइन सेंटरों से निकले 18 जमातियों को जिला न्यायालय ने जेल भेज दिया है. इन जमातियों पर विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम और लाक डाउन तोड़ने का आरोप था.
राजधानी में 18 जमाती क्वारेंटाइन सेंटरों में थे. ये सभी जब समय पूरा होने पर क्वारेंटाइन सेंटरों से बाहर निकले तो पुलिस ने इन्हें जिला न्यायालय में पेश किया. न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी आशीष परसाई की अदालत में सुनवाई के बाद इन सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. जानकारी के अनुसार भोपाल के तलैया में मंगलवारा थाना पुलिस ने 18 जमातियों को क्वारेंटाइन का समय पूरा होने के बाद गिरफ्तार किया था, जिनमें 14 विदेशी हैं, जबकि चार यहीं के नागरिक हैं. जेल भेजे जाने वालों में कजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, महाराष्ट्र, बिहार के आरोपी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार ये सभी जानकारी छिपाकर राजधानी भोपाल में रह रहे थे और धार्मिक आयोजनों में शामिल हो रहे थे, भोपाल आने से पहले ये सभी दिल्ली मरकज में शामिल हुए थे, इसकी जानकारी भी इन लोगों ने छिपाई थी. इस्लामपुरा और मंगलवारा की मोम नानी मस्जिद में धार्मिक आयोजन हुआ था, जिसमें ये सभी लोग शामिल हुए थे. गिरफ्तार आरोपियों में एक भोपाल का ही रहने वाला है, जिस पर इन सभी को पनाह देने का आरोप है.
गौरतलब है कि अप्रैल में पुलिस ने 65 जमातियों को शहर के अलग-अलग धार्मिक स्थलों से विशेष आपरेशन चलाकर ट्रेस किया था, ये जमाती निजामुद्दीन स्थित मरकज के जमात में शरीक होकर लौटे थे और अपनी जानकारी छिपाने का प्रयास इन्होंने किया था. इसके बाद इन सभी पर पुलिस ने पासपोर्ट अधिनियम, विदेशी अधिनियम, लाकडाउन तोड़ने के मामले दर्ज किए थे.
अदालत के अंदर नहीं ले जाया गया
क्वारेंटाइन सेंटरों से पुलिस जब इन्हें अदालत लेकर पहुंची तो इन सभी को अदालत परिसर में गाड़ी के अंदर ही रखा. सुनवाई के लिए भी इन्हें अदालत में नहीं ले जाया गया, न्यायाधीश ने इनकी सुनवाई परिसर में गाड़ी में बैठे रहते हुए ही की. सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी आरोपियों को जमानत देने से इंकार कर दिया. शासकीय वकील का तर्क था कि ये आरोपी विदेश भाग सकते हैं, इसी आधार पर इन सभी की जमानत याचिका निरस्त कर दी और इन्हें 27 मई तक के लिए जेल भेज दिया गया है. 

सांसद को ढंूढों, 5 हजार का इनाम पाओ


मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को ढंूढने पर कांग्रेस ने 5 हजार रुपए का इनाम रखा है. कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने इनाम की घोषणा करते हुए कहा है कि जो सांसद हो ढूंढकर लाएगा उसे 5 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा साथ ही उसे प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा.
राजधानी भोपाल में कोरोना संकट के बीच सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को लेकर राजनीति तेज हो गई है. पूर्व मंत्री पी.सी.शर्मा द्वारा सांसद  के इस कठिन दौर में अपना दायित्य न निभाने और लोगों के बीच न पहुंचने को लेकर सवाल उठाए थे. इसके बाद आज कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने सांसद और भाजपा पर इसे लेकर हमला बोला है. कांग्रेस प्रवक्ता का कहना है कि राजधानी में कोरोना का कहर बढ़ रहा है और इस संकटकाल में सांसद नदारद हैं.  सक्सेना ने कहा कि भोपाल के नागरिक अपने सबसे गंभीर संकट काल से गुजर रहे हैं ऐसे समय भोपाल की सांसद का गायब हो जाना अपने दायित्वों से भागने का जहां दुष्कर्म हैं. वहीं संविधान की जो शपथ ली है उसका भी पूर्णत: हनन हैं. उन्होंने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर को ढूंढकर लाने वाले को मेरी और से 5 हजार रुपयों  का इनाम और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा.
सक्सेना ने कहा कि इस बीमारी से सैंकड़ों लोग संक्रमित हैं. दर्जनों लोगों की मौत हो गई है. उनहोंने कहा कि सैकड़ों लोग अब भी कोरोना से संक्रमित होकर जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं. ऐसे विषम संकट काल में भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर गुमशुदा हैं. ये बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं. 

कोरोना कहर के बीच पहले से खोद दी कर्ब

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना के बढ़ते कहर के बीच कोरोना के हाटस्पाट बने जहांगीराबाद क्षेत्र में पहले से (एडवांस) कब्रिस्तान में कर्ब खोद दी गई.  जहांगीराबाद कब्रिस्तान कमेटी द्वारा 10 कर्बे खोदी गई हैं.
राजधानी में कोरोना का हाटस्पाट बने जहांगीरबाद को लेकर प्रशासन तो चिंतित है ही, साथ ही लोगों में भी चिंता बढ़ रही है. सबसे ज्यादा मरीज इसी क्षेत्र में मिल रहे हैं.साथ ही राजधानी में अब तक जो मौतें हुई है, उनमें सबसे ज्यादा संख्या इसी क्षेत्र के लोगों की है. कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या और मौतों के आंकड़ों को देखते हुए जहांगीराबाद कब्रिस्तान कमेटी ने इस क्षेत्र के झदा कब्रिस्तान में 10 कब्रे पहले से एडवांस में ही खुदवा ली हैं. ये कर्बे जेसीबी मशीन से खुदवाई गई हैं. कब्रिस्तान कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि ये कब्रे पहले से इसलिए खुदवाई गई है, क्योंकि कई बार अस्पताल से मरीज की मौत होने के मात्र 15 मिनट पहले यह सूचना मिलती है कि फलां व्यक्ति मृत हो गया है, इसे दफनाना है. इस कम समय में कर्ब खोदना और सुरक्षा के पूरे इंतजाम का भी ध्यान रखने में दिक्कतें होती है. इस लिहाज से हमने यह कार्य किया है.  कब्रिस्तान कमेटी ने कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए एहतियातन यह कदम उठाया है.कब्रिस्तान कमेटी के इस कार्य को मुस्लिम समाज के लोग कोरोना संकटकाल में शरीयत के हिसाब से यह काम करना उचित बता रहे हैं, क्योंकि हमे अपनों को सुरक्षित भी रखना है.

गुरुवार, 14 मई 2020

कोरोना संक्रमण को रोकने ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद


राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण को रोकने पुलिस ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ले रही है. राजधानी के 2 सौ से अधिक कंटेनमेंट एरिया में पुलिस इनके द्वारा लोगों से लाक डाउन का सख्ती से पालन करा रही है.
राजधानी में कोरोना संक्रमित मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इसने सरकार की चिंता को बढ़ा दिया है. संक्रमण को रोकने के लिए पुलिस द्वारा कंटेनमेंट एरिया में लाक डाउन का सख्ती से पालन करा रही है. पुलिस द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम, बचाव एवं आमजन के स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए भोपाल जिले के 35 थाना क्षेत्र के कुल 204 कंटेनमेंट एरिया में पुलिस द्वारा पीपीई किट पहनकर पैदल पेट्रोलिंग की जा रही है, साथ ही लोगों की आवाजाही व सामाजिक गतिविधियों पर नजर रखने एवं लाक डाउन का सख्ती से पालन कराए जाने के लिए सीसीटीवी सर्विलांस व्हीकल्स  से नियमित मानिटरिंग की जा रही है. साथ ही  वीडियोग्राफी कर कंट्रोल रूम से लाइव मानिटरिंग भी की जाती है, ताकि शासकीय आदेशों का पालन कर कोरोना पर सख्ती से नियंत्रण पाया जा सकें. इसके अतिरिक्त उक्त क्षेत्रों में लगातार ड्रोन से विशेष निगरानी रखी जाकर किसी भी प्रकार की गतिविधियों न हो इस पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है, साथ ही थाना क्षेत्र के ऊंचे भवनों एवं रहवासी क्षेत्रों में छतों पर कोई गतिविधि न हो इसके लिए नियमित निगरानी की जा रही है. 
थाना क्षेत्र के मुख्य मार्गों, महत्वपूर्ण चौराहों व क्षेत्रों में भी ड्रोन द्वारा लाक डाउन का पालन कराने में मदद ली जा रही है. विभिन्न स्थानों, चौराहों पर थाना व यातायात पुलिस द्वारा नाकाबंदी, बेरिगेटिंग कर आवाजाही करने वाले वाहनों, लोगों की सघनता से चेकिंग की जा रही है एवं क्षेत्र में अलाउंसमेन्ट कर लाक डाउन का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है एवं लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रहीं है. 
पर्चों के द्वारा लोगों को किया जा रहा सावधान
राजधानी के अतिसंवेदनशील क्षेत्र जहांगीराबाद के अहीर मोहल्ले से  67 लोगों को शिफ्ट किया गया है. नगर निगम जिला और पुलिस प्रशासन के द्वारा शिफ्टिंग के लिए 5 टीमें बनाई गई है. इसके अलावा ड्रोन के माध्यम से क्षेत्र में सूचना संबंधी पर्चे पहुंचाए जा रहे हैं. इसमें लोगों को सावधान किया जा रहा है. साथ ही लोगों को बताया जा रहा है कि, आप रेड जोन क्षेत्र में हैं और ये रेड जोन क्षेत्र आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं है. इसलिए सभी से अनुरोध है कि, घरों में ही सुरक्षित रहें. किसी भी तरह से बाहर निकलने का प्रयास ना करें, क्योंकि इस पूरे क्षेत्र में संक्रमण फैला हुआ है.

कमलनाथ ने पूछा कब रुकेगी सड़कों पर अकाल मौत


गुना में हुए सड़क हादसे को लेकर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की शिवराज सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने सरकार से पूछा है कि कब तक इस तरह सड़कों पर अकल मौत होती रहेगी.
राज्य में दूसरे प्रदेशों से लौट रहे मजदूरों की सड़क दुर्घटना में मौत का क्रम जारी है. मजदूरों की मौत के इस सिलसिले पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज फिर शिवराज सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के गुना में प्रवासी मजदूरों से भरे ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने व इसमें करीब 8 मजदूर भाइयों की मौत की व 50 के करीब मजदूरों के घायल होने की दुखद जानकारी मिली. पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं. उन्होंने कहा कि सड़कों पर मजदूरों अकाल मृत्यु कब रुकेगी. सरकार कब नींद से जागेगी, इनकी घर वापसी के लिए पर्याप्त साधन-संसाधन की व्यवस्था कब होगी.  पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं कि हमारे प्रदेश में घायलों का समुचित इलाज हो, पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद हो. पता नहीं इस महामारी के संकट काल में रोजी-रोटी के अभाव में महाप्रस्थान की पीड़ा झेल रहे इन गरीब,बेबस, लाचार मजदूरों की सकुशल-सुरक्षित घर वापसी कब होगी. 
उपलब्ध कराएं परिवहन के साधन
मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने गुना जिले में हुई सड़क दुर्घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री  ने दिवंगत व्यक्तियों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है. महाराष्ट्र से उत्तरप्रदेश जा रहे श्रमिकों की बस और एक ट्राली की दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के उपचार और समुचित सहायता के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अन्य यात्रियों को उत्तरप्रदेश जाने के लिए परिवहन का साधन उपलब्ध  कराए जाएं.

पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे ने दिखाए बगावती तेवर

 बागियों को लेकर भाजपा में बगावत के आसार

मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक विधायकों को भाजपा में शामिल कर सरकार बनाने के बाद अब उपचुनाव से पहले भाजपा में बगावत के आसार नजर आ रहे हैं. बगावत की शुरुआत वैसे तो मंत्री तुलसी सिलावट के विधानसभा क्षेत्र से उठी थी, मगर भाजपा ने यहां पर सिलावट से चुनाव हारे राजेश सोनकर को जिला अध्यक्ष की कमान सौंपकर मनाने का प्रयास किया. इसके बाद अब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के पुत्र पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने बगावती तेवर दिखाए हैं. जोशी ने साफ संकेत दिया है कि अगर उपचुनाव में उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया गया तो वे नया सियासी ठिकाना तलाश लेंगे.
मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के भाजपा में शामिल होने के बाद अब संगठन से जुड़े नेताओं में नाराजगी सामने आने लगी है. सबसे पहले सांवेर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रुप में मंत्री तुलसी सिलावट से चुनाव हारे भाजपा के राजेश सोनकर ने सिलावट का विरोध दर्ज कराया था. सोनकर ने संगठन के सामने विरोध दर्ज कराकर संकेत दिए थे कि अगर उनका राजनीतिक कैरियर समाप्त हुआ तो उन्हें विचार करना होगा. इसके बाद संगठन ने उन्हें इंदौर ग्रामीण जिला अध्यक्ष की कमान सौंपकर शांत करने का प्रयास किया है, मगर मामला अभी शांत होता नजर नहीं आ रहा है. सोनकर उपचुनाव में फिर दावेदारी करेंगे, जिससे भाजपा और तुलसी सिलावट की मुसीबत बढ़ेगी. 
सोनकर के बाद अब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के पुत्र पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने बगावती तेवर दिखाए हैं. जोशी देवास जिले की हाट पिपल्या विधानसभा क्षेत्र से मनोज चौधरी से चुनाव हार गए थे. इसके बाद मनोज चौधरी भी सिंधिया समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं. अब उपचुनाव में भाजपा द्वारा चौधरी को प्रत्याशी बनाने की तैयारी की जा रही है. ऐसे में दीपक जोशी की नाराजगी भी सामने आई है. उन्होंने इस बात का विरोध करते हुए बागी होने तक की बात कह दी है.
पार्टी हमारे लिए नहीं सोचेगी तो विकल्प खुले हैं: जोशी
दीपक जोशी ने कहा कि फिलहाल तो पार्टी ने उपचुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित नहीं किया है और किसी का नाम भी तय नहीं किया है. अगर पार्टी हमारे बारे में नहीं सोचती है, तो हमारे लिए भी सारे विकल्प खुले हैं. उन्होंने कहा कि मैं तीन बार का विधायक हूं. मेरे पिता की अपनी राजनीतिक हैसियत रही है. उपचुनाव को लेकर जोशी ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी है तो वो मैच खेलेगा, नेशनल नहीं तो रणजी तो खेलेगा ही. अगर एक टीम से नहीं खेलेगा तो दूसरी टीम से खेलेगा. उन्होंने कहा कि अगर कोई आया है तो ग्राउंड पर उतरे देखे कि किसमें कितना तम है.

बुधवार, 13 मई 2020

फर्जी शुभचिंतक बनने का ढ़ोंग न करें कांग्रेस नेता

 मजदूरों की वापसी को लेकर भाजपा ने किया कांग्रेस पर हमला

कांग्रेस के नेताओं में आजकल खुद को मजदूरों का सबसे बड़ा शुभचिंतक दिखाने की होड़ लगी हुई है. एक-दूसरे से आगे निकलने के चक्कर में वे उस सच्चाई को भी अनदेखा कर रहे हैं, जो प्रदेश सरकार के सहारे सुरक्षित अपने घर लौट चुके पौने दो लाख से अधिक मजदूरों, हजारों छात्र-छात्राओं की खुशी से झलकती है. मजदूरों के शुभचिंतक होने का ढ़ोंग करने वाले इन कांग्रेसी नेताओं को पहले जमीनी सच्चाई पर नजर डालनी चाहिए. 
यह बात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कांग्रेस नेताओं के बयानों की निंदा करते हुए कही. उन्होंने कहा कि ये नेता अगर वास्तव में प्रदेश की जनता का दर्द महसूस करते हैं, तो इन्हें अपनी सरकार के मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ से यह पूछना चाहिए कि क्यों उन्होंने पूरे प्रदेश को कोरोना महामारी के आगे असहाय छोड़ दिया था. शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को झूठ फैलाने की बजाय सच्चाई देखना चाहिए और सच्चाई यह है कि अन्य प्रदेशों में फंसे प्रदेश के मजदूरों को लेकर रोजाना ही ट्रेनें प्रदेश में आ रही हैं. ऐसी 50 ट्रेनों से अब तक 60 हजार से अधिक मजदूरों को प्रदेश में लाया जा चुका है. इसी प्रकार राजस्थान, गुजरात एवं महाराष्ट्र से बसों के माध्यम से प्रदेश की सीमा पर आने वाले मजदूरों को जिलों में और दूसरे राज्यों की सीमाओं तक पहुंचाया गया है. राजस्थान सरकार द्वारा उनकी बसों के माध्यम से लगभग 40 हजार मजदूरों को आगर, नीमच, गुना और श्योपुर जिलों की बार्डर पर पहुंचया गया,  जिन्हें प्रदेश सरकार ने बसों से उनके जिलों तक पहुंचाया. इसी प्रकार पिछले 10 दिनों से अलीराजपुर और झाबुआ बार्डर पर प्रतिदिन 7 से 8 हजार मजदूर आ रहे हैं,  जिन्हें विभिन्न जिलों में पहुंचाने के लिए प्रतिदिन 70 से अधिक बसें लगी हुई हैं. इसके अलावा कोटा से प्रदेश के 03 हजार विद्यार्थियों को 150 बसें भेजकर लाया गया है.
 शर्मा ने कहा कि ट्रेनों के अलावा प्रदेश में सैकड़ों बसें मजदूरों को लाने-छोड़ने के काम में लगी हैं. महाराष्ट्र की ओर से आने वाले श्रमिकों के लिए सेंधवा बार्डर पर पिछले 10 दिनों से 100 से अधिक बसें मजदूरों को विभिन्न जिलों में पहुचांने का कार्य कर रही है. सागर में 25 से ज्यादा बसें लगी हैं,  जो बुंदेलखंड के जिलों में श्रमिकों को पहुंचाने के साथ ही मालथोन और ललितपुर के अंचलों में मजदूरों को पहुंचा रही हैं. छतरपुर में 20 बसें, सिवनी में 15 और बालाघाट में 20 बसें लगातार मजदूरों को पहुंचाने का काम कर रही हैं.  ये सभी बार्डर के जिले हैं जहां से दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों को उनके गांवों तक पहुचांया जा रहा है. मंगलवार से मजदूरों के परिवहन के काम के लिए 375 नई बसों को भी लगाया गया है.
 लोगों की मदद के लिए क्या किया?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी जिलों में मजदूरों के भोजन, अस्थायी आवास, पेयजल, चिकित्सा और परिवहन की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है. भाजपा के लाखों कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संगठन, समाजसेवी और आम नागरिक पीड़ित मानवता की सेवा के इस महायज्ञ में अपना योगदान दे रहे हैं. सिर्फ भाजपा कार्यकर्ताओं की ही बात करें, तो इनके द्वारा प्रदेश में अब तक तीन करोड़ से ज्यादा लोगों को मास्क, ग्लब्स, भोजन और राशन उपलब्ध कराया जा चुका है. बीते दो दिनों से पार्टी के कार्यकर्ता हाईवे पर टेंट लगाकर वहां से गुजर रहे मजदूरों एवं अन्य लोगों को चप्पलें पहना रहे हैं, भोजन और पानी उपलब्ध करा रहे हैं. 



जागो शिवराज, लापरवाही बड़े संकट में डालेगी प्रदेश को


मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दूसरे प्रदेशों से वापस आ रहे मजदूरों की स्क्रीनिंग न किए जाने और सोशल डिस्टेसिंग का पालन न होने को लेकर शिवराज सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह जागो, यह लापवाही प्रदेश को बड़े संकट में डालेगी.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज एक के बाद एक ट्वीट कर शिवराज सरकार को प्रदेश लौट रहे मजदूरी की व्यथा और स्थिति बताई है. उन्होंने ट्वीट के साथ फोटो और वीडियो भी डाले हैं, जिसमें भीड़ के साथ मजदूर ट्रकों में सवार दिखाई दे रहे हैं, तो एक वीडियो में बैलगाड़ी पर एक बैल के अभाव में एक युवक को बैलगाड़ी खींचता दिखाया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि शिवराज सिंह  आंखे खोलो, नींद से जागो, बेबस, लाचार मजदूरों की दशा देखो , उनकी सुध लो.   वल्लभ भवन से सरकार को बाहर निकलो.  आपके सारे दावे हवा- हवाई साबित हुए है. प्र्रदेश की सीमाएं , प्रमुख मार्ग आज भी मजदूरों से भरे पड़े हुए है , उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है.
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा आपकी यह लापरवाही प्रदेश को एक बड़े संकट में भी डालेगी. बाहर से प्रदेश वापस आ रहे हजारों मजदूरों की स्क्रीनिंग की कोई व्यवस्था नहीं, कोई मेडिकल चेकअप नहीं, कोई सोशल डिसटेंसिंग का पालन नहीं.  इससे कोरोना संक्रमण का खतरा गांवों की और बढ़ता जा रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवराज सिंह जागो, उठो, मेरे साथ चलो, मैं लेकर चलता हूं, आपको मजदूरों की व्यथा दिखाने. समय निर्धारित करो , मैं आपको प्रदेश की सीमाएं व प्रमुख मार्ग जो मजदूरों से भरे पड़े है, दिखाने ले चलता हूं.  उन्होंने कहा कि आपके सारे दावों व व्यवस्थाओं की वास्तविकता आप खुद साथ चल कर देख लें. शायद इन बेबस, लाचार, निरीह मजदूरों को खुद आंखों से देखकर आपका मन पसीज जाए. 
विधायक की गिरफ्तारी को बताया तानाशही कदम
तराना के कांग्रेस विधायक महेश परमान और उनके साथियों की गिरफ्तारी को पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने तानाशाही कदम बताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि किसान एवं मजदूर भाइयों की समस्याओं की निरंतर अनदेखी कर रही शिवराज सरकार को जगाने के लिए पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार उज्जैन से भोपाल तक शांतिपूर्ण ढंग से पदयात्रा पर निकले हमारे कांग्रेस के दो विधायक साथी महेश परमार व मनोज चावला को गिरफ्तार कर जेल भेजने का शिवराज सरकार का कृत्य लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन, तानाशाही व दमनकारी पूर्ण कदम. उन्होंने कहा कि उन्हें अविलंब रिहा किया जाए व सरकार किसानो एवं मजदूरों की समस्याओं का हल करे. गौरतलब है कि दोनों विधायक अपने साथियों के साथ तिरंगा लेकर यात्रा पर निकले तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर भैरवगढ़ जेल में डाल दिया. 

शिवराज पहुंचे संघ कार्यालय, मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें

राजभवन पहुंचकर राज्यपाल लालजी टंडन से भी की मुलाकात

मध्यप्रदेश में एक बार फिर शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई है. आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान संघ कार्यालय पहुंचे और उन्होंने संघ पदाधिकारियों से मुलाकात की. इसके पहले वे राजभवन पहुंचे थे, जहां उन्होंने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की थी.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह राजभवन पहुंचकर राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. इसके बाद वे संघ कार्यालय भी पहुुंचे और संघ पदाधिकारियों से मुलाकात कर चर्चा की. इन दोनों मुलाकातों के साथ ही प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें फिर से तेज हो गई है. हालांकि संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि भाजपा के आतंरिक मामलों में संघ का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है. मुख्यमंत्री ने संघ पदाधिकारियों से सौजन्य भेंट की होगी. वैसे माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रिमंडल का गठन अप्रैल माह में किया था, इस दौरान उन्होंने 5 मंत्रियों को शपथ दिलाई थी. इसके बाद से इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि वे जल्द ही मंत्रिमंडल का गठन करेंगे. बताया जा रहा है कि शिवराज सिंह किसी को नाराज न करते हुए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सबकी राय भी लेना चाह रहे हैं. वे विस्तार में क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक तीनों समीकरणों का पूरा ध्यान रखने का प्रयास कर रहे हैं.  पूर्व में किए मंत्रिमंडल गठन में  चंबल-मालवा, बुंदेलखंड, नर्मदा अंचल के साथ सामान्य, पिछड़ा, आदिवासी, ओबीसी वर्ग को इसमें प्रतिनिधित्व दिया गया था. साथ ही कांग्रेस से भाजपा में आए सिंधिया समर्थकों को भी स्थान दिया गया था. इसी तरह वे अब भी सिंधिया समर्थकों के अलावा पार्टी के विधायकों को मंत्री बनाने की कवायद में जुटे हैं. और इस कवायद में वे संघ और संगठन किसी को भी नाराज नहीं करना चाहते हैं. सूत्रों की माने से अगर विस्तार होता है तो करीब 20 से ज्यादा विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा. साथ ही सिंधिया समर्थकों को भी विस्तार में स्थान मिलेगा. 
राज्यपाल को भेंट किए मास्क के नमूने
शासकीय प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री शिवाज सिंह चौहान ने आज राजभवन में आज सोमवार को राज्यपाल  लालजी टंडन से सौजन्य भेंट की. मुख्यमंत्री  ने राज्यपाल टंडन को जीवन शक्ति योजना में महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे फेस मास्क के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी. कोरोना संकट के समय वायरस के फैलाव को रोकने के लिए फेस मास्क एक महत्वपूर्ण माध्यम है. मध्यप्रदेश में जीवन शक्ति योजना में 6 लाख से अधिक मास्क महिलाओं ने तैयार किए हैं जिसकी राशि 66 लाख महिलाओं के खाते में जमा की जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान राज्यपाल को मास्क के नमूने भी भेंट किए.
भाजपा टास्क फोर्स की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री
कोरोना संकट से निपटने के लिए बनाई गई भाजपा टास्क फोर्स की बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी हिस्सा लिया. बैठक के सदस्यों को मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश से 350 बसों के जरिए श्रमिकों को उनके राज्यों तक पहुंचाया गया. कोई श्रमिक पैदल न चलें इसका ध्यान रखा जा रहा है, सभी सुविधाएं देने की कोशिश है. कोरोना के नियंत्रण में सफलता मिल रही है. टेस्टिंग में पाजिटिव प्रकरणों की संख्या कम हो रही है, पहले 3 दिन में पाजिटिव केस दुगने हो रहे थे वहीं अब यह अवधि 17 दिन से अधिक है. 

मंगलवार, 12 मई 2020

बीड़ी उत्पादन कारखाने किए जाएं शुरु: कमलनाथ


मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि बीड़ी उत्पादन कारखानों को शुरु करने की आवश्यक अनुमतियां दी जाए. उन्होंने पत्र में कहा है कि बीड़ी कारखाने बंद होने से लाखों परिवारों की जिंदगी पर असर पड़ रहा है. 
 पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने सोमवार को मुख्यमंत्री चौहान को लिखें पत्र में कहा है कि बुंदेलखंड, महाकौशल सहित अन्य क्षेत्रों में बीड़ी उत्पादन का काम होता है, मगर लाकडाउन की वजह से तेंदूपत्ता संग्रहण नहीं हो पा रहा है और बीड़ी उत्पादन के लिए कच्चे माल की भी आपूर्ति नहीं हो पा रही है. इस वजह से घर में बैठकर बीड़ी बनाने वाले श्रमिक और तेंदूपत्ता संग्राहकों की आजीविका पर विपरीत असर पड़ रहा है.  पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है, तेंदूपत्ता संग्राहक ठेकेदारों का ठेका हो चुका है और ठेकेदारों द्वारा सुरक्षा निधि भी जमा की जा चुकी है, मगर प्रशासन द्वारा घरों से बाहर निकलने पर रोक होने के कारण तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य नहीं हो पा रहा है और कच्चे माल की अनुपलब्धता बने रहने से बीड़ी श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अनुरोध किया है कि बीड़ी उत्पादन कारखानों को आवश्यक अनुमति प्रदान की जाएं और कच्ची सामग्री के प्रबंधन के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं, जिससे बीड़ी श्रमिकों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें. 

राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण की भयावह बन रही स्थिति

 पुराना शहर बना चिंता का कारण, लगातार बढ़ रहे मरीज

मध्यप्रदेश में इंदौर के बाद राजधानी भोपाल में बढ़ते कोरोना संक्रमण की भयावह तस्वीर सामने आ रही है. बीते 7 दिनों में यहां लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले सामने आ रहे हैं. इनमें मरीजों का इलाज करने वाले भी संक्रमित हो रहे हैं. राजधानी का पुराना शहर विशेषकर जहांगीराबाद इलाका हाटस्पाट बन गया है. इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा 193 कोरोना संक्रमित मिले हैं.
राजधानी भोपाल में वैसे तो जहांगीराबाद के अलावा पुराने भोपाल के मंगलवारा, कोहेफिजा, ऐशबाग, टीला जमालपुरा और कोलीपुरा क्षेत्र, इस्लामपुरा आदि क्षेत्रों में कोरोना संक्रमित मरीज ज्यादा मिले हैं, मगर जहांगीराबाद में जिस तरह से संक्रमितों की संख्या सामने आ रही है, वह सरकार, प्रशासन और आम नागरिक के लिए चिंता बन गई है. राजधानी के पुराना शहर वैसे भी गैस पीड़ितों की संख्या ज्यादा है, अभी तक जो मामले आए हैं, ज्यादातर गैस पीड़ित शामिल हैं.
राजधानी में मरीजों की स्थिति की बात की जाए तो जहांगीराबाद क्षेत्र में अब तक 191 संक्रमित मरीज सामने आ आएं हैं. वहीं मंगलवारा क्षेत्र में 58, कोहेफिजा क्षेत्र में 101, ऐशबाग क्षेत्र में 34, तलैया क्षेत्र में 17, ईटखेड़ी क्षेत्र में 13, टीटी नगर क्षेत्र में 46 मरीज मिल चुके हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है.  सबसे भयावह स्थिति राजधानी के जहांगीराबाद की है. यहां अब तक 191 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं. केवल एक सप्ताह में ही यहां कोरोना के 80 से ज्यादा मरीज मिले हैं. इतना ही नहीं, अब तक इस क्षेत्र के 9 मरीजों की कोरोना से मौत हो चुकी है. 
प्रशासन हुआ चिंतित, की 10 हजार बेड की व्यवस्था
राजधानी भोपाल में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीजों को देख जिला प्रशासन चिंतित हो गया है. प्रदेश ने बढ़ते कोरोना मरीजों को ध्यान मे रखते हुए 10 हजार से ज्यादा बेड 1 हजार आईसीयू बेड और 1500 आक्सीजन बेड रिजर्व किए हैं. बता दें भोपाल में अब तक 8 सौ से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं. अच्छी बात ये है की इनमें से 521 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं.  गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने हमीदिया अस्पताल , एम्स, पीपुल्स, महावीर, आरकेडीएफ, एलएन मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (जेके अस्पताल) के अलावा 250 से ज्यादा नर्सिंग होम्स, एल एन मेडिकल कालेज एवं जेके अस्पताल, सभी निजी अस्पताल को आइसोलेशन एवं आईसीयू के बेड आरक्षित रखने के निर्देश हैं. एडवांस मेडिकल कालेज, रेलवे अस्पताल आदि भी शामिल हैं.
कलेक्टर ने कहा संक्रमण की चेन तोड़ना जरुरी
भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए यह बहुत आवश्यक है कि हम संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आएं, खुद को आइसोलेट करें. उन्होंने कहा कि लाकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें. घर में होम क्वारंटाइन रहें और सुरक्षित रहें, ताकि परेशानियों का सामना न करना पड़े. उन्होंने कहा कि शहर में ऐसे कई परिवार हैं, जिनमें सदस्यों की संख्या अधिक है, कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जिनमें सदस्यों की संख्या 40-50 तक है. उन्हें क्वारंटाइन रहने व दूरी बनाएं रखने में समस्या आ सकती है. ऐसे परिवारों के लिए जिला प्रशासन द्वारा संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर विभिन्न क्षेत्रों के आस-पास होटल में जगह दी जा रही है.
 आने वाली चुनौतियों के लिए रहें तैयार
भोपाल में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के अधिकतम उपयोग के लिए निमार्णाधीन व्यवस्थाओं को पन्द्रह दिन के भीतर पूर्ण करें. उक्त निर्देश आज यहां संभागायुक्त कविंद्र कियावत ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए. उन्होंने कोविड केयर सेंटर और हॉस्पिटल् के सभी आवश्यक सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों को युद्धस्तर पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए.संभागायुक्त ने कहा वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार  हमें पंद्रह दिवस के भीतर अपनी पूरी क्षमताओं के अधिकतम उपयोग के लिए तैयार रहना है. उन्होंने संयुक्त आयुक्त विकास अनिल कुमार द्विवेदी को स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत और अन्य विभागों से समन्वय करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा प्रस्तावित निर्माण स्थलों का संयुक्त टीम बनाकर दौरा करें. कार्यों की प्राथमिकता और समय सीमा तय करें. पुराने और सुधार योग्य फर्नीचर का उपयोग करें. इन सभी व्यवस्थाओं को आवश्यक सेवाओं के तहत 15  दिन के भीतर पूर्ण करें.  बैठक में बताया गया कि हमीदिया अस्पताल में कोरोना प्रभावितों के लिए 100 बेड की व्यवस्था है, इसे बढ़ाकर 520 तक किया जाएगा.

प्रशासनिक लापरवाही की वजह से प्रदेशवासियों पर बढ़ा संक्रमण का खतरा


मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सीधी जिले के ग्राम  कोल्हूडीह में पाए गए करोना संक्रमित मरीज को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रशासनिक लापरवाही की वजह से जिले में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है.
पूर्व नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि लापरवाही का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है कि करोना संक्रमित मरीज अपने घर पहुंच गया और प्रशासन को खबर तक नही लगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में हजारों की संख्या में लोग अपने अपने साधनों से सीधे घर पहुंच रहे हैं, अगर वो अपनी जांच कराना भी चाहते हैं तो प्रशासन की ओर से व्यवस्था का अभाव होने के कारण  जांच नहीं करा पा रहे हैं.  सिंह ने कहा कि प्रदेश  की जागरूक जनता ने शासन के हर आदेश का पालन किया जिसकी वजह से करोना संक्रमण अभी नियंत्रण में है लेकिन प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही लापरवाही की वजह से अब खतरा बढ़ने लगा है.
 उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में अब जो भी लोग जिलों में पहुंच रहे हैं वो अधिकांश उन इलाकों से आ रहे हैं जहां करोना विकराल रूप ले चुका है ऐसी स्थिति में प्रशासन को ब्लाक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर स्क्रीनिंग व कोरेंटाइन सेंटर की व्यवस्था करनी चाहिए थी.  सिंह ने कहा कि सीधी जिले के ग्राम कोल्हुडीह में पाए गए करोना संक्रमित मरीज का सीधे घर पहुंच जाना एक चिंता का विषय है प्रशासन को इससे सबक लेने की आवश्यकता है. उन्होंने संक्रमित व्यक्ति के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत स्तर पर स्क्रीनिंग एवं कोरोंटाइन सेंटर बना कर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच कराएं क्योंकि यह सम्बंधित व्यक्ति एवं उसके परिवार की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है. उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मास्क एवं अन्य रक्षा उपकरणों का जरूर प्रयोग करें.

सोमवार, 11 मई 2020

घर बैठे लिखा सकेंगे एफआईआर


एफआईआर अब आपके द्वार की नई योजना की शुरूआत आज राजधानी में गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने की.  इस अवसर पर पुलिस विभाग के डीजीपी समेत आला अधिकारी मौजूद रहे. 
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि अगर 'एफआईआर आपके द्वार' व्यवस्था से बेहतर परिणाम मिले तो इसे पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया जाएगा. इसमे गंभीर अपराधों को छोड़कर अन्य मामलों में एफआईआर कराने के लिए ये व्यवस्था की गई हैमप्र में शुरू हुई ये सेवा देश की पहली ऐसी सेवा है जिसमें पीड़ित को थाने नहीं जाना होगा, बल्कि थाना पीड़ित के पास पहुंच कर एफआईआर दर्ज करेगा. डा. मिश्रा ने कहा कि हमारी पुलिस की छवि नकारात्मकता थी, लेकिन कोरोना से बदली है. कोरोना के संकट के घड़ी में पुलिस कर्मी सैनिक की तरह ड्यूटी निभा रहे. 
प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों के दो थानों से एफआईआर की जा सकेगी. प्रदेश में 3 महीने के पायलट प्रोजेक्ट रूप में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के तहत एक थाना शहरी क्षेत्र में और एक ग्रामीण थाना क्षेत्र में योजना शुभारंभ हुआ. शुरूआती स्तर पर यह सेवा देश का राजधानी भोपाल के पिपलानी (शहर) और बैरसिया (ग्रामीण) थाना क्षेत्रों और इंदौर के पलासिया (शहर) और हातोद (ग्रामीण) क्षेत्रों में शुरू की गई है. यदि इसके परिणाम सकारात्मक आए तो इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा.  गौरतलब है कि एफआईआर आपके द्वार के माध्यम से डायल 100 पर मिली सूचना बाद इन दोनों थानों की एफआरवी फरियादी के घर जाकर एफआईआर दर्ज करेगी. इस संबंध में पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी ने कहा कि 'स्पाट पर एफआईआर के लिए 'एफआईआर आपके द्वार योजना' जरूरी है. इसके लिए ट्रेंड आफिसर फर्स्ट रेस्पॉन्स व्हीकल में तैनात किये जाएंगे. 31 अगस्त तक यह प्रोजेक्ट चलेगा, फिर इसकी समीक्षा होगी. 



दवाखाने खोलने के बजाय शिवराज सरकार खोल रही दारुखाने

जीतू पटवारी 
उद्योग चालू करने के बजाय चला रहे तबादला उद्योग: जीतू पटवारी

मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश की शिवराज सरकार दवाखाने खोलने के बजाय दारुखाने खोलने पर जोर दे रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग शुरु नहीं हुए, लेकिन ट्रांसफर उद्योग तेजी से चल रहा है.  
पटवारी ने यह आरोप आज वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए मीडिया से चर्चा करते हुए लगाए. उन्होंने कहा कि  शिवराज सिंह   ने साजिश करके 45 दिन पहले सत्ता हथियाई. कोरोना काल में दवाखाने की जरूरत थी, लेकिन शिवराज से दारूखाने खोलने में लगे हैं. किसानों को लेकर उन्होंने कहा कि किसानों लाठी चार्ज किए जा रहे हैं, जबकि पकड़ना अपराधियों को चाहिए था. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश उद्योग शुरू नहीं हुए, चालू हुए तो तबादला उद्योग शुरू हो गया. जब कांग्रेस ने तबादले किए थे यही शिवराज सिंह  और नरोत्तम मिश्रा  ने बड़े-बड़े बयान देकर कमलनाथ सरकार पर आरोप लगाते थे. अब जब कोरोना संक्रमण को लेकर पूरा प्रदेश त्राहि-त्राहि कर रहा है, तब भाजपा सरकार तबादले में व्यस्त है. सरकार की सोच कैसी है? कोविड मैनेजमेंट छोड़कर शिवराज सरकार पालिटिकल मैनेजमेंट में जुटी है. 
पटवारी ने कहा कि श्रम कानून के नाम पर दमनकारी कानून बनाया गया है. मजदूरों की मदद करने बजाय उनके खिलाफ कानून बनाया गया. मदद के नाम पर मजदूरों को दुत्तकार मिल रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री शिवराज को चुनौती देती है कि वे प्रदेश के किसी भी नेशनल हाइवे पर चल कर देखें, मजदूरों को भूखे-प्यासे पैदल चलते हुए पाएंगे, लेकिन शिवराज एयर कंडीशनर कमरों में बैठे हैं वो कहां से देख पाएंगे. मजदूरों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई हैं. मजदूर टैंकरों और ट्रकों में आने को मजबूर हो रहे हैं. मध्यम परिवारों को राशन तक नहीं मिल रहा है. सरकार को अब गरीबों के अलावा इनके लिए भी कार्ययोजना बनानी चाहिए. मजदूरों  के खातों में जल्द पैसा डालें.
पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा मजदूरों को कोई राहत नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि मैं सरकार को चुनौती देता हूं कि शिवराज सिंह बताएं कितने मजदूरों के खाते में पैसे डाले. उन्होंने मांग की कि नाई, बढ़ई, सुतार, सहित सभी मजदूरों के खाते में 7500 और किसानों के खाते में 10 हजार तुरंत डालें जाएं. इसके लिए केन्द्र से 50 हजार करोड़ की मांग करें. जिससे महामारी से लड़ा जा सके.
जदूरों के प्रति झूठी हमदर्दी दिखा रही सरकार
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर आरोप लगाया कि वह मजदूरों के प्रति झूठी हमदर्दी दिखा रही है. मजदूरों के लाने के झूठे आंकड़े दिए जा रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि सरकार की तरफ से भोजन, खाने, पीने, रहने,  ठहरने व साधन का कोई इंतजाम नहीं. भीषण गर्मी व सड़क दुर्घटनाओं में मौतों का सिलसिला जारी है.  बेपरवाह सरकार सिर्फ़ झूठे आंकड़े देकर, इन मजदूरों को लेकर खूठी हमदर्दी दिखा रही है. जमीनी धरातल पर कोई व्यवस्था नहीं है. उन्होंने कहा कि भूखे-प्यासे, अपने मासूम बच्चों को गोदी में लिए, बुजुर्गों को कंधे पर बैठाकर, पैरो में छाले लिये नंगे पैर आज भी हजारों मजदूर अपनी मंजिÞल की और आ जा रहे है. कोई पैदल, कोई मालवाहक वाहन में, कोई आटो से, कोई अन्य साधन से, गरीब मजदूरों से मनमाना किराया वसूली जारी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश का कोई भी मंत्री अभी तक नहीं पहुंचा बेबस-लाचार मजदूरों की सुध लेने. सारे जिÞम्मेदार नदारद , सारे निर्देश हवा-हवाई दिए जा रहे हैं.  उन्होंने कहा कि प्रदेश की सीमाएं, प्रमुख मार्ग अभी भी भरे पड़े है आने-जाने वाले मजदूरों से. 
मलाई खाने अधिकारियों को किया जा रहा नियुक्त
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि प्रदेश में 15 महीने कमलनाथ की सरकार रही और 15 साल भाजपा की सरकार थी, जिसमें अनेकों अधिकारी सालों से एक ही जगह पर जमे हुए थे. कमलनाथ सरकार ने कुछ अधिकारियों को इधर से उधर किया जिस पर शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाए कि कमलनाथ सरकार तबादला उद्योग चला रही है. उन्होंने कहा की  पिछले डेढ़ महीने में जिस तरह से शिवराज तबादलों की झड़ी लगा रहे हैं उससे साफ है की तबादला उद्योग कौन चला रहा है. अपनी पसंद के अधिकारियों से मलाई खाने के लिए उनको बड़े पदों पर नियुक्त किया जा रहा है. वर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी.

रविवार, 10 मई 2020

राजधानी में हटाए 16 कंटेनमेंट क्षेत्र, अस्पतालों से स्वस्थ होकर लौट रहे मरीज

 कोरोना संकट के बीच राजधानी के लिए राहत भरी खबर

राजधानी भोपाल में लगातार बढ़  रही कोरोना संक्रमितों की संख्या ने प्रशासन को चिंता में डाल दिया है, वहीं राहत भरी खबरें यह है कि लगातार स्वस्थ होकर मरीज अस्पतालों से अपने घर लौट रहे हैं. साथ ही प्रशासन ने राजधानी के 16 कंटेनमेंट एरिया को अब कंटेनमेंट से मुक्त कर दिया है. इन क्षेत्रों में पिछले 21 दिनों से कोई मरीज नहीं मिले हैं.
कोरोना संक्रमण ने राजधानी में जिस तेजी से पैर पसारे उसके बाद प्रशासन की चिंंता बढ़ गई थी.  कोरोना संक्रमितों की संख्या में अब भी इजाफा हो रहा है, वहीं राजधानी के लिए राहत भरी खबर यह भी है कि प्रशासन ने बीते 21 दिनों में जिन  कंटेनमेंट क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के मरीज नहीं मिले, उस क्षेत्र को कंटेनमेंट मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया है. प्रशासन ने राजधानी भोपाल के   16 इलाकों को कंटेंटमेंट एरिया घोषित किया था, जहां कोई भी नहीं जा सकता था, लेकिन 21 दिन तक इस इलाके में कोई भी मरीज नहीं मिला. जिसके बाद 16 इलाकों को कंटेनमेंट एरिया से मुक्त कर दिया गया, हालांकि इन इलाकों में लाकडाउन अब अभी जारी रहेगा. जिन इलाकों को कंटेनमेंट सूची से हटाया गया हैं उसमें  ऋषि नगर, साकेत नगर, बागसेवनिया, अल्कापुरी, अवधपुरी, अयोध्या नगर, ड्रीम सिटी, शाहपुरा, निशातपुरा थाना सहित 16 कंटेनमेंट क्षेत्र शामिल है. यहां से जो टीम हटाई जाएगी अब उन्हें उन इलाकों में लगाया जाएगा, जहां पर मरीज लगातार सामने आ रहे हैं.
अस्पतालों में भी मरीज हो रहे स्वस्थ
राजधानी के अस्पतालों चिरायु और एम्स से लगातार कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ हो रहे हैं. इनमें चिरायु अस्पताल से स्वस्थ होकर घर लौटने वालों की संख्या ज्यादा है.  चिरायु अस्पताल से आज और 18 व्यक्ति पूर्णत: स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं. इन सभी कोरोना युद्ध विजेताओं ने शासन-प्रशासन और चिरायु अस्पताल को अपने इलाज के लिए धन्यवाद दिया और आभार व्यक्त किया. चिरायु अस्पताल में अब तक 720 कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को इलाज हेतु भर्ती किया गया है. इनमें से कुल 414 व्यक्ति पूर्णत: स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं.  अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि  चिरायु अस्पताल में आक्सीजन थेरेपी से कोरोना संक्रमण का सफल इलाज किया जा रहा है. आज डिस्चार्ज हुए सभी व्यक्तियों को घर पर ही 14 दिवस के होम कारेंटाइन की समझाइश दी. होम कारेंटाइन के बाद इन सभी से अपना प्लाज्मा डोनेट करने की भी अपील की. डोनेट किए गए प्लाज्मा से अन्य कोरोना पाजिटिव व्यक्तियों का प्लाज्मा थेरेपी चिकित्सा पद्धति से इलाज किया जाएगा.
प्रदेश का हाटस्पाट बना जहांगीराबाद

मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है. प्रदेश में कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या 34 सौ के पास हो गई है. इंदौर के बाद भोपाल कोरोना की चपेट में है, आंकड़ा 725 पर पहुंच गया है और भोपाल का जहांगीराबाद अब प्रदेश का सबसे बड़ा हाटस्पाट बन गया है. जहांगीराबाद में अब तक 165 मरीज सामने आ चुके हैं. राजधानी के दूसरे इलाकों के बजाय यहां पर संक्रमण तेजी से फैला है. इस क्षेत्र में अब तक 9 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है. राजधानी के जहांगीराबाद इलाके से पहले इंदौर का खजराना इलाका प्रदेश का सबसे बड़ा हाटस्पाट था, जहां मरीजों की संख्या 164 है, जो अब दूसरे नंबर पर आ गया है.

मजदूरों का खुलकर करें स्वागत, खाने-पीने की करें व्यवस्था


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने   प्रदेश के सभी कलेक्टरों से कहा कि मजदूरों का वे खुलकर स्वागत करें. उनके भोजन-पानी की व्यवस्था करें. यह मानवीय सेवा है और मैं यह सेवा का कार्य आपकों सौंप रहा हूं.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग  के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रवासी श्रमिकों के आवागमन को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की. साथ ही महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश देते हुए कहा श्रमिकों की समुचित व्यवस्था की जाए. उन्होंने कहा कि अपने-अपने जिलों के मुख्य मार्गो में कुछ पाइंट्स बनाए, जहां उनके भोजन की व्यवस्था हो सके सामाजिक संगठनों का सहयोग ले. उन्होंने कहा कि मजदूर हृदय प्रदेश में आए है ,हृदय खोलकर स्वागत करें.  मुख्यमंत्री ने कहा कि रात हो गई तो उनके सोने को व्यवस्था करें, मुख्य मार्गो के पेट्रोल पंप मालिक से बात करे, वहां उनके भोजन पानी की व्यवस्था हो सकती है. 
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये कठिन कार्य है, लेकिन मानवीय सेवाओं का काम आपको सौप रहा हूं.  यह जरूरी काम है, अपने मजदूर भाई बहनों के लिए करना है.  मध्यप्रदेश कोई आए तो भूखा न जाए. इतिहास में कभी कभी ऐसे अवसर आते है जब मानव सेवा का अवसर मिलता है.  उन्होंने कहा कि आप टीम बनाइए, सहयोगी संगठन को साथ ले , अपने टैलेंट का उपयोग कर मजदूरों की सेवा करे.  आप इन्हीं इंसानों में भगवान देखकर सेवा करे. 


भाजपा के भोपाल जिला अध्यक्ष हटाए, पचौरी को सौंपी कमान


 भारतीय जनता पार्टी ने लंबे समय से अटकी जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों की घोषणा कर दी है. भोपाल के जिला अध्यक्ष विकास विरानी को हटाकर अब भोपाल की कामन सुमित पचौरी को सौंपी गई है. इसके अलावा सिवनी, बैतूल के जिलाध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बदले के साथ ही जिला अध्यक्षों को लेकर लंबे समय से कवायद जारी थी, लेकिन प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते जिला अध्यक्षों की घोषणा आगे बढ़ा दिया गया था. प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस बार जिला अध्यक्षों में युवाओं को ज्यादा तवज्जो दी है. यही वजह है कि 24 जिला अध्यक्ष जो घोषित किए गए हैं, उसमें ज्यादातर युवा शामिल किए गए हैं. भाजपा द्वारा नियुक्त किए जिला अध्यक्षों में ग्वालियर शहर में कमल माखीजानी व ग्रामीण में कौशल शर्मा, सागर में गौरव सिरोठिया, टीकमगढ़ में अमित नूना, दमोह में प्रीतम लोधी, रीवा में डा. अजय सिंह पटेल, सतना में नरेंद्र त्रिपाठी, शहडोल में कमल प्रताप सिंह,  उमरिया में दिलीप पांडे, सिवनी  में आलोक दुबे, नरसिंहपुर में अभिलाष मिश्रा, भोपाल नगर में सुमित पचौरी, होशंगाबाद में माधव अग्रवाल, बैतूल में आदित्य शुक्ला, रायसेन में जयप्रकाश किरार, इंदौर नगर में गौरव रणदिवे व ग्रामीण में राजेश सोनकर, बुरहानपुर में मनोज लदवे, झाबुआ में लक्ष्मण नायक, धार में राजू यादव, आगर में गोविंद सिंह बरखेड़ी, देवास में राजीव खंडेलवाल, मंदसौर में नानालाल अठौलिया और नीमच में पवन पाटीदार को जिलाध्यक्ष बनाया गया है. 

शुक्रवार, 8 मई 2020

श्रमिकों को प्रतिमाह राहत देकर संबल प्रदान करें

 प्रचार की रस्म अदायकी न करें: कमलनाथ

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज फिर श्रमिकों के मुद्दे पर सरकार को घेरा है. उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की कि वे श्रमिकों को 7500 रुपए प्रतिमाह की राहत प्रदान करें. संबल योजना के नाम पर प्रचार की रस्म अदायकी को बंद करें.
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि हाल ही में अपने पूर्व से प्रचलित संबल नया सबेरा योजना को पुन: प्रांरभ करने की बात कही है, जबकि इस योजना को कभी बंद ही नहीं किया गया था. कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तो योजना को और अधिक प्रभावी बनाकर वास्तविक श्रमिकों को लाभ दिया गया. उन्होंने लिखा कि वर्ष 2018 में आपकी सरकार के कार्यकाल में करीब 2 करोड़ लोगों को श्रमिकों के रुप में पंजीकृत किया गया था. दिसंबर 2019 में जब मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार ने आकाल लिया तब मेरे संज्ञान में लाया गया कि बहुत बड़े पैमाने पर श्रमिकों के नाम पर साधन संपन्न लोगों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है. मुझे यह जानकार बेहद दुख हुआ कि कोई सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े आमजन के हक के साथ धोखा कैसे कर सकती है.इसके दृष्टिगत ही कांग्रेस सरकार ने इस योजना को नया सबेरा के रुप में व्यापक और अधिक प्रभावी रुप से लागू किया था. योजना में अपात्र पाए गए व्यक्तियों के नाम हटाए गए थे, जिन्हें पूर्व सरकार ने जोड़ा था. इस योजना में हुए भ्रष्टाचार को तत्कालीन श्रम मंत्री और आज के भाजपा नेता महेन्द्र सिंह सिसोदिया द्वारा सार्वजनिक रुप से आज भी स्वीकार कर रहे हैं और आपके संज्ञान में भी उक्त तथ्य लाने का कथन भी कर रहे हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि इस योजना में मात्र 1903 श्रमिकों को लाभ दिया है, जबकि कोरोना महामारी की इस घड़ी में योजना में पंजीबद्ध कल श्रमिक करोड़ से भी ज्यादा है, वे लाभ की प्रतीक्षा में हैं. 
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नारा दिया है जान भी और जहान भी अर्थात हमें नागरिकों के स्वास्थ्य का ध्यान भी रखना है और उनकी आजीविका का भी. आज हमें सबसे ज्यादा हमारे किसान और श्रमिकों की आजीविका की चिंता करने की जरुरत है. मैंने आपसे पूर्व में भी आग्रह किया है कि हमारे श्रमिकों के पास बीते डेढ़ माह से अधिक समय से काम नहीं है और उनकी आजीविका संकट में है. उन्हें तीन माह तक 7500 रुपए प्रतिमाह की राहत दी जाए.
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में आग्रह किया है कि आप संबल के नाम पर सिर्फ प्रचार की रस्म अदायकी की अपेक्षा श्रमिकों को आज के समय की मांग के अनुरुप न्यूनतम तीन माह तक 7500 रुपए प्रति श्रमिक प्रति माह राहत प्रदान कर वास्तविक संबल प्रदान करेंगे. 

एरियर्स की तीसरी किश्त अटकी, कर्मचारी हुए परेशान


राज्य के साढ़े चार लाख कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की तीसरी किश्त देने से सरकार ने हाथ  खींच लिए है. कर्मचारियों को  एरियर्स की तीसरी  किश्त के रुप में 15 सौ करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना था.कर्मचारी जब कोषालय के पोर्टल पर बिल लगाने का प्रयास कर रहे हैं तो उन्हें यह संदेश मिल रहा है कि यह सेवा उपलब्ध नहीं है. मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जल्द भुगतान कराने की मांग की है.
 राज्य सरकार के कर्मचारियों को सातवां वेतनमान के अंतर्गत पुनरीक्षित बड़े हुए वेतन का लाभ एक जनवरी 2016 से दिया गया है और इसका नगद भुगतान एक जुलाई 2017 से किया गया. जनवरी 2016 से जून 2017 तक कुल 18 माह का ऐरियर्स कर्मचारियों को तीन समान वार्षिक किश्तों  में जो मई 2018, मई  2019 एवं मई 2020 में देने का निर्णय लिया गया. प्रदेश के कर्मचारियों को मई 2018 की प्रथम किश्त  एवं मई 2019 की दूसरी किश्त प्राप्त हो चुकी  है. मई 2020 में ऐरियर्स की तीसरी किश्त मिलनी है. राज्य शासन ने तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ऐरियर्सस का 50 प्रतिशत नकद एवं 50 प्रतिशत सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा करने एवं प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का 100 प्रतिशत ऐरियर्स की राशि सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा करने का निर्णय लिया था.
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को पत्र प्रेषित कर मांग की है कि प्रदेश के 4.50 लाख कर्मचारियों को सातवें वेतन निर्धारण के उपरांत बडे हुए वेतन के ऐरियर्स की तीसरी किश्त का भुगतान शीघ्र किया जाएं. प्रदेश के कर्मचारी महंगाई भत्ता के स्थिगित होने से पहले ही मंहगाई की मार झेल रहे है.
गौरतलब है कि 4.50 लाख शासकीय कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के निर्धारण के फलस्वरूप 18 माह के बडे हुए वेतन के ऐरियर्स की तीसरी किश्त मई 2020 में मिलनी है. शासकीय कार्यालयों में आहरण एवं संवितरण अधिकारियों ने कोषालय के एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के आईएफएमएस पोर्टल पर ऐरियर्सस की तीसरी किश्त के बिल लगाने का प्रयास किया तो पोर्टल पर बिल जनरेट पहीं हुए, बल्कि सुविधा उपलब्ध नहीं है का संदेश आने लगा, जिससे प्रदेश के 4.50 लाख कर्मचारियों के ऐरियर्स की राशि अटक गई है और सरकार 1500 करोड़ के भुगतान से बचती नजर आ रही है. ऐरियर्स की किश्त न मिलने से कर्मचारियों को 15 हजार से 50 हजार रुपए तक का आर्थिक नुकसान होगा.  

उज्जैन कलेक्टर को फटकार लगाई मंत्री ने


मध्यप्रदेश के उज्जैन में कोरोना संक्रमण के मामलों के बढ़ने से सरकार की चिंता बढ़ गई है. राज्य के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने इसे गंभीरता से लिया और उज्जैन के विधायकों से जानकारी लेकर कमियों को जाना. इसके बाद उन्होंने उज्जैन कलेक्टर से चर्चा की और उन्हें फटकार भी लगाई. 
उज्जैन में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रतिदिन वहां पर कोरोना पाजिटिव मरीज मिल रहे हैं. इसे लेकर सरकार की चिंता बढ़ी है. राज्य के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने आज उज्जैन के विधायकों से वीडियो कांफे्रंसिग की और उज्जैन में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर कमियों को जाना. इस दौरान विधायकों ने व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जताई तो कुछ विधायकों ने कमियां भी गिनाई. विधायकों की बात सुनने के बाद मंत्री ने कलेक्टर से सीधी चर्चा की और उन्हें फटकार लगाई और जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार की बात कही.
गौरतलब है कि उज्जैन में लापरवाही के चलते ही कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक पर गाज गिर चुकी है. आज उज्जैन में कोरोना के फिर नए मामले सामने आए हैं.  उज्जैन के हालातों पर चर्चा करने के बाद मंत्री ने कोरोना से जूझकर वापस घर आए और इलाज के लिए अपना प्लाज्मा देने वाले आईपीएस अधिकारी आदित्य मिश्रा से फोन पर बात की. मंत्री नेउनके प्रयासों की तारीफ कर उन्हें बधाई दी है. बता दें कि आईपीएस अधिकारी आदित्य मिश्रा कोरोना पाजिटिव पाए गए थे फिलहाल वो हैं पूरी तरह स्वस्थ है. ठीक होने के बाद उन्होंने अपना प्लाज्मा कोरोना पीड़ित मरीजों के लिए दान किया है. उनके इस प्रयास पर मंत्री ने सराहना की है.

वीरा राणा राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी नियुक्त


प्रदेश की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वीरा राणा को राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी नियुक्त किया है. वे वी कांताराव के बाद निर्वाचन पदाधिकारी होगी. राव के केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर चले जाने से यह पद रिक्त था.
वीरा राणा को  राज्य का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है. प्रदेश में 24 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होना हैं. अब वो चुनाव आयोग के दिशा निर्देश में काम करेंगी. साथ ही चुनाव वाले इलाकों में आचार संहिता का पालन कराने से लेकर जरूरी प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी भी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की होती है. 
गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के लिए प्रदेश सरकार से तीन आईएएस अधिकारियों का पैनल बुलाया था. राज्य सरकार के भेजे गए पैनल में से भारत निर्वाचन आयोग ने वीरा राणा के नाम पर मंजूरी दी है. आयोग की सहमति के बाद राज्य सरकार ने वीरा राणा को मध्यप्रदेश का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी नियुक्त किया है. राणा इसके पहले प्रशासन अकादमी में महानिदेशक, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं.

गुरुवार, 7 मई 2020

उद्योगों को एक दिन में मिलेगा लायसेंस, दुकानें खुलेंगी सुबह 6 बजे से

 12 घंटे कारखानों में काम कर सकेंगे श्रमिक, मिलेगा ओवर टाइम

मध्य प्रदेश सरकार राज्य में लघु एवं छोटे उद्योगों को फिर से खड़ा करेगी. अब उद्योगों के लिए केवल एक दिन में लाइसेंस दिया जाएगा. पहले यह तीस दिन में जारी किया जाता था. इससे निवेशकों और व्यवसायियों को चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. कारखानों में काम करने वाले अब 8 घंटे के बजाय 12 घंटे तक काम कर सकते हैं.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रम सुधारों को लेकर आज फेसबुक लाइव के जरिए ये  घोषणा की है. उन्होंने प्रदेश में श्रम सुधार का एक नया माडल पेश किया, इसमें कारोबारी और उद्योगपतियों को सहूलियत देने के साथ-साथ श्रमिकों को रोजगार देने के लिए 1 हजार दिन की कार्ययोजना तक शामिल की गई है. श्रम कानून के नए नियमों के तहत अब प्रदेश की दुकानें सुबह 6 बजे से खुली रह सकेगी. इस संशोधन से एक ओर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे और दूसरी और दुकानों में भीड़ नहीं लगेगी. इसके अलावा कोरोना के दौरान कारखानों के काम करने की अवधि 8 घंटे से 12 घंटे कर दी गई, अगर श्रमिक काम करना चाहें तो,  इसके लिए ओवर टाइम के नियमों के अनुसार भुगतान करना होगा. इनके लिए सप्ताह में 72 घंटे कार्य कराए जाने की अनुमति होगी. इस संबंध में फैक्ट्री एक्ट के अंतर्गत अधिसूचना जारी कर दी गई है. 
श्रम कानून के नए  संशोधन के तहत अब उद्योंगो के लिए केवल 1  दिन में लाइसेंस दिया जाएगा. पहले यह 30 दिन में जारी किया जाता था. अब इस अवधि को घटाकर 1 दिन कर दिया गया है, ताकि निवेशकों और व्यवसायियों को चक्कर न लगाना पड़े. कांट्रेक्ट की बदले संपूर्ण ठेका अवधि के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा. नए उद्योगों के लिए लाइसेंस या पंजीयन की व्यवस्था आनलाइन होगी. स्टार्ट अपन उद्योगों को केवल एक बार रजिस्ट्रेशन करना होगा. नवीनीकरण के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने रोजगार उपलब्ध कराने के लिए दो योजनाएं बनाई हैं, एक स्टार्टअप योजना, जिसके तहत मनरेगा के अंतर्गत हमने लगभग 13 लाख मजदूरों को रोजगार दिया. हमने निर्माण की बाकी गतिविधियां भी शुरू की हैं, जिससे रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं.
इन्हें पंजीयन की जरुरत नहीं
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए नियम में 50 से कम श्रमिक वाले ठेकेदारों को पंजीयन कराने की जरुरत नहीं होगी. इसके बगैर भी वे काम करा सकेंगे. पंजीयन के लिए उन्हें किसी सरकार कार्यालय के चक्कर लगाने की अब जरुरत नहीं होगी. उन्होंने बताया कि बीड़ी उद्योग, कारखाना, दुकान सहित अन्य क्षेत्रों में काम कराने के लिए एक दिन में पंजीयन मिल जाएगा. पंजीयन की यह प्रक्रिया आनलाइन रहेगी. इसका नवीनीकरण भी 10 साल में कराना होगा.

जिस दिन मुख्यमंत्री चाहेंगे, उस दिन हो जाएगा मंत्रिमंडल का विस्तार


राज्य के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री इमरती देवी के बीच आज राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई. इस दौरान मिश्रा ने कहा कि जिस दिन मुख्यमंत्री चाहेंगे उस दिन मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा.
सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री इमरती देवी के निवास पर आज राज्य के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा पहुंचे. दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मुद्दों और उपचुनाव को लेकर चर्चा हुई. मंत्रिमंडल विस्तार  को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई है. मुलाकात के बाद पूर्व मंत्री इमरती देवी ने कहा कि हम पहले एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते थे, अब साथ मिलकर चुनाव लड़ना और जीतना है. मिश्रा के साथ आज उनकी राजनीतिक मुद्दों और उपचुनाव को लेकर बैठक में बातचीत हुई है. मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर उन्होंने कहा कि इस बात का फैसला ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेना है.  
वहीं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वे स्वयं इमरती देवी से मुलाकात करने उनके निवास पर पहुंचे थे. मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उन्होंने कहा कि इसका फैसला मुख्यमंत्री को करना है, वे जिस दिन चाहेंगे, उस दिन मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा. इमरती देवी से मुलाकात में उनकी राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई है. इसके अलावा उपचुनाव को लेकर भी चर्चा हुई है.
कारगर साबित होगी प्लाज्मा थेरेपी
गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कोरोना संक्रमण से निपटने में प्लाज्मा थेरेपी कारगर साबित होगी. उन्होंने कहा कि इंदौर में 3 मरीज इस थेरेपी से स्वस्थ हुए और घर लौट गए हैं.   प्लाज्मा थेरेपी के माध्यम से ठीक होकर घर वापस जाने वाले लोगों से नरोत्तम मिश्रा ने खुद वीडियो कांफें्रसिंग  के माध्यम से बात की और कोरोना की जंग साथ लड़ने और समाज को प्रोत्साहित करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि कोरोना के संकट के अंधियारे को मिटाने में प्लाज्मा थेरेपी उम्मीद की एक बड़ी किरण है. 

कोरोना संक्रमण रोकने तांत्रिक अनुष्ठान, मंत्री ने पूर्णाहुति में लिया हिस्सा


मध्यप्रदेश के दतिया जिले के पीताबंरा मंदिर में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पीतांबरा मंदिर ट्रस्ट ने विशेष तांत्रिक अनुष्ठान का आयोजन किया.  10 दिनों तक चले इस अनुष्ठान में पंडितों ने मंत्रोच्चार के जरिए कोरोना संक्रमण रोकने के लिए विशेष आहुतियां दी. अनुष्ठान में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा भी सपरिवार शामिल हुए और पूर्णाहुति दी.
विश्व स्तरीय आपदा कोरोना संक्रमण को लाक डाउन चल रहा है. इस दौरान राज्य के दतिया स्थित पीतांबरा शक्तिपीठ पर कोरोना संक्रमण रोकने के लिए विशेष तांत्रिक अनुष्ठान किया गया. यह अनुष्ठान पीतांबरा मंदिर ट्रस्ट की ओर से किया गया था. 10 दिन तक चले इस अनुष्ठान में पंडितों ने मंत्रोच्चार किया और कोरोना को रोकने के लिए आहुतियां दी. अनुष्ठान की पूर्णाहुति के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा को भी आमंत्रित किया गया. मिश्रा दतिया से विधायक हैं, इस नाते उन्हें आमंत्रित किया गया था. अनुष्ठान की पूर्णाहुति में वे सपरिवार पहुंचे और आहुति भी दी.
गौरतलब है कि धार्मिक ग्रंथों में ऐसी मान्यता है कि इस विशेष अनुष्ठान के बाद गुप्त संकटों से निपटा जा सकता है, इसलिए पीतांबरा पीठ ट्रस्ट द्वारा इस अनुष्ठान का निर्णय लिया गया था. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले जब 1962 में जब चीन ने भारत पर हमला किया था तब भी देश को बचाने के लिए श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में ऐसे ही विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया गया था. इसके अलावा देश के कई वरिष्ठ राजनेता भी यहां समय-समय पर तांत्रिक अनुष्ठान करते रहे हैं.

कमलनाथ ने दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की मांगी जानकारी



राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कांग्रेस द्वारा मजदूरों की वापसी का रेल किराया देने के निर्णय की जानकारी दी. साथ ही ऐसे लोगों की सूची एवं जानकारी मांगी है जिनके लिए किराए की व्यवस्था की जाना है.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को लिखे पत्र में कहा है कि कोरोना काल में प्रदेशवासियों के अन्य प्रदेशों और प्रदेश के अन्य जिलों में फंसे होने के कारण उनके परिजनों में अत्यधिक पीड़ा एवं भय का भाव व्याप्त है. यही स्थिति अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश में आकर फंसे व्यक्तियों और उनके परिजनों की भी है. इस विषय पर सरकार से संवेदनशीलता अपेक्षित है, परंतु सरकार द्वारा ऐसे असहाय व्यक्तियों से परिवहन के नाम पर किराया वसूला जा रहा है, यह असंवेदनशीलता का परिचय दिया जा रहा है. उन्होंने पत्र में जिक्र किया है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस विषय में फैसला लिया है कि प्रत्येक भारतीवासी को उसके घर तक पहुंचाने के लिए लगने वाले किराए की व्यवस्था कांग्रेस पार्टी द्वारा की जाएगी. इसी तारतम्य में प्रदेश वासियों और अन्य प्रदेशवासियों को उनके घर तक पहुंचाने का कार्य प्रदेश कांग्रेस करेगी. इसके लिए लगने वाले किराए की व्यवस्था कांग्रेस करेगी. 
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र द्वारा अनुरोध किया है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति जो प्रदेश में आना चाहता है अथवा अन्य प्रदेशों का मध्यप्रदेश में रुका व्यक्ति अपने घर तक जाना चाहता है, ऐसे व्यक्तियों की शासन के द्वारा जिलों से एकत्रित की गई सूची, जानकारी उपलब्ध करा दी जाए ताकि आवश्यक व्यवस्थाएं कांग्रेस द्वारा की जा सकें. 
लाज बचाने मात्र कार्य कर प्रचार में लगी है सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पत्र में एक ओर जहां प्रदेश से बाहर फंसे  प्रदेश के लोगों की जानकारी मांगी है. वहीं सरकार पर कटाक्ष भी किया है. उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि कोरोना के कारण चल रहे लाक डाउन के कारण गरीब, मजदूर, अस्वस्थ, छात्र एवं अन्य कारणों से प्रवास पर गए व्यक्ति उसी स्थान पर फंस गए हैं. अभाव में जीवन व्यतीत करने को ये लोग विवश हैं. आर्थिक गतिविधियां बंद होने के कारण आजीविका पर पड़े प्रतिकूल प्रभााव के कारण इन पीडितों की दैनिक आवश्यकताओं की भी पूर्ति नहीं हो पा रही है और सरकार अपनी लाज बचाने मात्र के लिए कार्य कर केवल प्रचार-प्रसार में लगी है.