एफआईआर अब आपके द्वार की नई योजना की शुरूआत आज राजधानी में गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने की. इस अवसर पर पुलिस विभाग के डीजीपी समेत आला अधिकारी मौजूद रहे.
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि अगर 'एफआईआर आपके द्वार' व्यवस्था से बेहतर परिणाम मिले तो इसे पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया जाएगा. इसमे गंभीर अपराधों को छोड़कर अन्य मामलों में एफआईआर कराने के लिए ये व्यवस्था की गई हैमप्र में शुरू हुई ये सेवा देश की पहली ऐसी सेवा है जिसमें पीड़ित को थाने नहीं जाना होगा, बल्कि थाना पीड़ित के पास पहुंच कर एफआईआर दर्ज करेगा. डा. मिश्रा ने कहा कि हमारी पुलिस की छवि नकारात्मकता थी, लेकिन कोरोना से बदली है. कोरोना के संकट के घड़ी में पुलिस कर्मी सैनिक की तरह ड्यूटी निभा रहे.
प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों के दो थानों से एफआईआर की जा सकेगी. प्रदेश में 3 महीने के पायलट प्रोजेक्ट रूप में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के तहत एक थाना शहरी क्षेत्र में और एक ग्रामीण थाना क्षेत्र में योजना शुभारंभ हुआ. शुरूआती स्तर पर यह सेवा देश का राजधानी भोपाल के पिपलानी (शहर) और बैरसिया (ग्रामीण) थाना क्षेत्रों और इंदौर के पलासिया (शहर) और हातोद (ग्रामीण) क्षेत्रों में शुरू की गई है. यदि इसके परिणाम सकारात्मक आए तो इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा. गौरतलब है कि एफआईआर आपके द्वार के माध्यम से डायल 100 पर मिली सूचना बाद इन दोनों थानों की एफआरवी फरियादी के घर जाकर एफआईआर दर्ज करेगी. इस संबंध में पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी ने कहा कि 'स्पाट पर एफआईआर के लिए 'एफआईआर आपके द्वार योजना' जरूरी है. इसके लिए ट्रेंड आफिसर फर्स्ट रेस्पॉन्स व्हीकल में तैनात किये जाएंगे. 31 अगस्त तक यह प्रोजेक्ट चलेगा, फिर इसकी समीक्षा होगी.

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