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| जीतू पटवारी |
मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश की शिवराज सरकार दवाखाने खोलने के बजाय दारुखाने खोलने पर जोर दे रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग शुरु नहीं हुए, लेकिन ट्रांसफर उद्योग तेजी से चल रहा है.
पटवारी ने यह आरोप आज वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए मीडिया से चर्चा करते हुए लगाए. उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह ने साजिश करके 45 दिन पहले सत्ता हथियाई. कोरोना काल में दवाखाने की जरूरत थी, लेकिन शिवराज से दारूखाने खोलने में लगे हैं. किसानों को लेकर उन्होंने कहा कि किसानों लाठी चार्ज किए जा रहे हैं, जबकि पकड़ना अपराधियों को चाहिए था. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश उद्योग शुरू नहीं हुए, चालू हुए तो तबादला उद्योग शुरू हो गया. जब कांग्रेस ने तबादले किए थे यही शिवराज सिंह और नरोत्तम मिश्रा ने बड़े-बड़े बयान देकर कमलनाथ सरकार पर आरोप लगाते थे. अब जब कोरोना संक्रमण को लेकर पूरा प्रदेश त्राहि-त्राहि कर रहा है, तब भाजपा सरकार तबादले में व्यस्त है. सरकार की सोच कैसी है? कोविड मैनेजमेंट छोड़कर शिवराज सरकार पालिटिकल मैनेजमेंट में जुटी है.
पटवारी ने कहा कि श्रम कानून के नाम पर दमनकारी कानून बनाया गया है. मजदूरों की मदद करने बजाय उनके खिलाफ कानून बनाया गया. मदद के नाम पर मजदूरों को दुत्तकार मिल रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री शिवराज को चुनौती देती है कि वे प्रदेश के किसी भी नेशनल हाइवे पर चल कर देखें, मजदूरों को भूखे-प्यासे पैदल चलते हुए पाएंगे, लेकिन शिवराज एयर कंडीशनर कमरों में बैठे हैं वो कहां से देख पाएंगे. मजदूरों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई हैं. मजदूर टैंकरों और ट्रकों में आने को मजबूर हो रहे हैं. मध्यम परिवारों को राशन तक नहीं मिल रहा है. सरकार को अब गरीबों के अलावा इनके लिए भी कार्ययोजना बनानी चाहिए. मजदूरों के खातों में जल्द पैसा डालें.
पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा मजदूरों को कोई राहत नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि मैं सरकार को चुनौती देता हूं कि शिवराज सिंह बताएं कितने मजदूरों के खाते में पैसे डाले. उन्होंने मांग की कि नाई, बढ़ई, सुतार, सहित सभी मजदूरों के खाते में 7500 और किसानों के खाते में 10 हजार तुरंत डालें जाएं. इसके लिए केन्द्र से 50 हजार करोड़ की मांग करें. जिससे महामारी से लड़ा जा सके.
मजदूरों के प्रति झूठी हमदर्दी दिखा रही सरकार
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर आरोप लगाया कि वह मजदूरों के प्रति झूठी हमदर्दी दिखा रही है. मजदूरों के लाने के झूठे आंकड़े दिए जा रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि सरकार की तरफ से भोजन, खाने, पीने, रहने, ठहरने व साधन का कोई इंतजाम नहीं. भीषण गर्मी व सड़क दुर्घटनाओं में मौतों का सिलसिला जारी है. बेपरवाह सरकार सिर्फ़ झूठे आंकड़े देकर, इन मजदूरों को लेकर खूठी हमदर्दी दिखा रही है. जमीनी धरातल पर कोई व्यवस्था नहीं है. उन्होंने कहा कि भूखे-प्यासे, अपने मासूम बच्चों को गोदी में लिए, बुजुर्गों को कंधे पर बैठाकर, पैरो में छाले लिये नंगे पैर आज भी हजारों मजदूर अपनी मंजिÞल की और आ जा रहे है. कोई पैदल, कोई मालवाहक वाहन में, कोई आटो से, कोई अन्य साधन से, गरीब मजदूरों से मनमाना किराया वसूली जारी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश का कोई भी मंत्री अभी तक नहीं पहुंचा बेबस-लाचार मजदूरों की सुध लेने. सारे जिÞम्मेदार नदारद , सारे निर्देश हवा-हवाई दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश की सीमाएं, प्रमुख मार्ग अभी भी भरे पड़े है आने-जाने वाले मजदूरों से.
मलाई खाने अधिकारियों को किया जा रहा नियुक्त
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि प्रदेश में 15 महीने कमलनाथ की सरकार रही और 15 साल भाजपा की सरकार थी, जिसमें अनेकों अधिकारी सालों से एक ही जगह पर जमे हुए थे. कमलनाथ सरकार ने कुछ अधिकारियों को इधर से उधर किया जिस पर शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाए कि कमलनाथ सरकार तबादला उद्योग चला रही है. उन्होंने कहा की पिछले डेढ़ महीने में जिस तरह से शिवराज तबादलों की झड़ी लगा रहे हैं उससे साफ है की तबादला उद्योग कौन चला रहा है. अपनी पसंद के अधिकारियों से मलाई खाने के लिए उनको बड़े पदों पर नियुक्त किया जा रहा है. वर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी.

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