रविवार, 10 मई 2020

राजधानी में हटाए 16 कंटेनमेंट क्षेत्र, अस्पतालों से स्वस्थ होकर लौट रहे मरीज

 कोरोना संकट के बीच राजधानी के लिए राहत भरी खबर

राजधानी भोपाल में लगातार बढ़  रही कोरोना संक्रमितों की संख्या ने प्रशासन को चिंता में डाल दिया है, वहीं राहत भरी खबरें यह है कि लगातार स्वस्थ होकर मरीज अस्पतालों से अपने घर लौट रहे हैं. साथ ही प्रशासन ने राजधानी के 16 कंटेनमेंट एरिया को अब कंटेनमेंट से मुक्त कर दिया है. इन क्षेत्रों में पिछले 21 दिनों से कोई मरीज नहीं मिले हैं.
कोरोना संक्रमण ने राजधानी में जिस तेजी से पैर पसारे उसके बाद प्रशासन की चिंंता बढ़ गई थी.  कोरोना संक्रमितों की संख्या में अब भी इजाफा हो रहा है, वहीं राजधानी के लिए राहत भरी खबर यह भी है कि प्रशासन ने बीते 21 दिनों में जिन  कंटेनमेंट क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के मरीज नहीं मिले, उस क्षेत्र को कंटेनमेंट मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया है. प्रशासन ने राजधानी भोपाल के   16 इलाकों को कंटेंटमेंट एरिया घोषित किया था, जहां कोई भी नहीं जा सकता था, लेकिन 21 दिन तक इस इलाके में कोई भी मरीज नहीं मिला. जिसके बाद 16 इलाकों को कंटेनमेंट एरिया से मुक्त कर दिया गया, हालांकि इन इलाकों में लाकडाउन अब अभी जारी रहेगा. जिन इलाकों को कंटेनमेंट सूची से हटाया गया हैं उसमें  ऋषि नगर, साकेत नगर, बागसेवनिया, अल्कापुरी, अवधपुरी, अयोध्या नगर, ड्रीम सिटी, शाहपुरा, निशातपुरा थाना सहित 16 कंटेनमेंट क्षेत्र शामिल है. यहां से जो टीम हटाई जाएगी अब उन्हें उन इलाकों में लगाया जाएगा, जहां पर मरीज लगातार सामने आ रहे हैं.
अस्पतालों में भी मरीज हो रहे स्वस्थ
राजधानी के अस्पतालों चिरायु और एम्स से लगातार कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ हो रहे हैं. इनमें चिरायु अस्पताल से स्वस्थ होकर घर लौटने वालों की संख्या ज्यादा है.  चिरायु अस्पताल से आज और 18 व्यक्ति पूर्णत: स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं. इन सभी कोरोना युद्ध विजेताओं ने शासन-प्रशासन और चिरायु अस्पताल को अपने इलाज के लिए धन्यवाद दिया और आभार व्यक्त किया. चिरायु अस्पताल में अब तक 720 कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को इलाज हेतु भर्ती किया गया है. इनमें से कुल 414 व्यक्ति पूर्णत: स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं.  अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि  चिरायु अस्पताल में आक्सीजन थेरेपी से कोरोना संक्रमण का सफल इलाज किया जा रहा है. आज डिस्चार्ज हुए सभी व्यक्तियों को घर पर ही 14 दिवस के होम कारेंटाइन की समझाइश दी. होम कारेंटाइन के बाद इन सभी से अपना प्लाज्मा डोनेट करने की भी अपील की. डोनेट किए गए प्लाज्मा से अन्य कोरोना पाजिटिव व्यक्तियों का प्लाज्मा थेरेपी चिकित्सा पद्धति से इलाज किया जाएगा.
प्रदेश का हाटस्पाट बना जहांगीराबाद

मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है. प्रदेश में कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या 34 सौ के पास हो गई है. इंदौर के बाद भोपाल कोरोना की चपेट में है, आंकड़ा 725 पर पहुंच गया है और भोपाल का जहांगीराबाद अब प्रदेश का सबसे बड़ा हाटस्पाट बन गया है. जहांगीराबाद में अब तक 165 मरीज सामने आ चुके हैं. राजधानी के दूसरे इलाकों के बजाय यहां पर संक्रमण तेजी से फैला है. इस क्षेत्र में अब तक 9 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है. राजधानी के जहांगीराबाद इलाके से पहले इंदौर का खजराना इलाका प्रदेश का सबसे बड़ा हाटस्पाट था, जहां मरीजों की संख्या 164 है, जो अब दूसरे नंबर पर आ गया है.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें