मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि बीड़ी उत्पादन कारखानों को शुरु करने की आवश्यक अनुमतियां दी जाए. उन्होंने पत्र में कहा है कि बीड़ी कारखाने बंद होने से लाखों परिवारों की जिंदगी पर असर पड़ रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने सोमवार को मुख्यमंत्री चौहान को लिखें पत्र में कहा है कि बुंदेलखंड, महाकौशल सहित अन्य क्षेत्रों में बीड़ी उत्पादन का काम होता है, मगर लाकडाउन की वजह से तेंदूपत्ता संग्रहण नहीं हो पा रहा है और बीड़ी उत्पादन के लिए कच्चे माल की भी आपूर्ति नहीं हो पा रही है. इस वजह से घर में बैठकर बीड़ी बनाने वाले श्रमिक और तेंदूपत्ता संग्राहकों की आजीविका पर विपरीत असर पड़ रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है, तेंदूपत्ता संग्राहक ठेकेदारों का ठेका हो चुका है और ठेकेदारों द्वारा सुरक्षा निधि भी जमा की जा चुकी है, मगर प्रशासन द्वारा घरों से बाहर निकलने पर रोक होने के कारण तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य नहीं हो पा रहा है और कच्चे माल की अनुपलब्धता बने रहने से बीड़ी श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अनुरोध किया है कि बीड़ी उत्पादन कारखानों को आवश्यक अनुमति प्रदान की जाएं और कच्ची सामग्री के प्रबंधन के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं, जिससे बीड़ी श्रमिकों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें.

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