मंगलवार, 12 मई 2020

राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण की भयावह बन रही स्थिति

 पुराना शहर बना चिंता का कारण, लगातार बढ़ रहे मरीज

मध्यप्रदेश में इंदौर के बाद राजधानी भोपाल में बढ़ते कोरोना संक्रमण की भयावह तस्वीर सामने आ रही है. बीते 7 दिनों में यहां लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले सामने आ रहे हैं. इनमें मरीजों का इलाज करने वाले भी संक्रमित हो रहे हैं. राजधानी का पुराना शहर विशेषकर जहांगीराबाद इलाका हाटस्पाट बन गया है. इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा 193 कोरोना संक्रमित मिले हैं.
राजधानी भोपाल में वैसे तो जहांगीराबाद के अलावा पुराने भोपाल के मंगलवारा, कोहेफिजा, ऐशबाग, टीला जमालपुरा और कोलीपुरा क्षेत्र, इस्लामपुरा आदि क्षेत्रों में कोरोना संक्रमित मरीज ज्यादा मिले हैं, मगर जहांगीराबाद में जिस तरह से संक्रमितों की संख्या सामने आ रही है, वह सरकार, प्रशासन और आम नागरिक के लिए चिंता बन गई है. राजधानी के पुराना शहर वैसे भी गैस पीड़ितों की संख्या ज्यादा है, अभी तक जो मामले आए हैं, ज्यादातर गैस पीड़ित शामिल हैं.
राजधानी में मरीजों की स्थिति की बात की जाए तो जहांगीराबाद क्षेत्र में अब तक 191 संक्रमित मरीज सामने आ आएं हैं. वहीं मंगलवारा क्षेत्र में 58, कोहेफिजा क्षेत्र में 101, ऐशबाग क्षेत्र में 34, तलैया क्षेत्र में 17, ईटखेड़ी क्षेत्र में 13, टीटी नगर क्षेत्र में 46 मरीज मिल चुके हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है.  सबसे भयावह स्थिति राजधानी के जहांगीराबाद की है. यहां अब तक 191 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं. केवल एक सप्ताह में ही यहां कोरोना के 80 से ज्यादा मरीज मिले हैं. इतना ही नहीं, अब तक इस क्षेत्र के 9 मरीजों की कोरोना से मौत हो चुकी है. 
प्रशासन हुआ चिंतित, की 10 हजार बेड की व्यवस्था
राजधानी भोपाल में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीजों को देख जिला प्रशासन चिंतित हो गया है. प्रदेश ने बढ़ते कोरोना मरीजों को ध्यान मे रखते हुए 10 हजार से ज्यादा बेड 1 हजार आईसीयू बेड और 1500 आक्सीजन बेड रिजर्व किए हैं. बता दें भोपाल में अब तक 8 सौ से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं. अच्छी बात ये है की इनमें से 521 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं.  गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने हमीदिया अस्पताल , एम्स, पीपुल्स, महावीर, आरकेडीएफ, एलएन मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (जेके अस्पताल) के अलावा 250 से ज्यादा नर्सिंग होम्स, एल एन मेडिकल कालेज एवं जेके अस्पताल, सभी निजी अस्पताल को आइसोलेशन एवं आईसीयू के बेड आरक्षित रखने के निर्देश हैं. एडवांस मेडिकल कालेज, रेलवे अस्पताल आदि भी शामिल हैं.
कलेक्टर ने कहा संक्रमण की चेन तोड़ना जरुरी
भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए यह बहुत आवश्यक है कि हम संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आएं, खुद को आइसोलेट करें. उन्होंने कहा कि लाकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें. घर में होम क्वारंटाइन रहें और सुरक्षित रहें, ताकि परेशानियों का सामना न करना पड़े. उन्होंने कहा कि शहर में ऐसे कई परिवार हैं, जिनमें सदस्यों की संख्या अधिक है, कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जिनमें सदस्यों की संख्या 40-50 तक है. उन्हें क्वारंटाइन रहने व दूरी बनाएं रखने में समस्या आ सकती है. ऐसे परिवारों के लिए जिला प्रशासन द्वारा संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर विभिन्न क्षेत्रों के आस-पास होटल में जगह दी जा रही है.
 आने वाली चुनौतियों के लिए रहें तैयार
भोपाल में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के अधिकतम उपयोग के लिए निमार्णाधीन व्यवस्थाओं को पन्द्रह दिन के भीतर पूर्ण करें. उक्त निर्देश आज यहां संभागायुक्त कविंद्र कियावत ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए. उन्होंने कोविड केयर सेंटर और हॉस्पिटल् के सभी आवश्यक सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों को युद्धस्तर पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए.संभागायुक्त ने कहा वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार  हमें पंद्रह दिवस के भीतर अपनी पूरी क्षमताओं के अधिकतम उपयोग के लिए तैयार रहना है. उन्होंने संयुक्त आयुक्त विकास अनिल कुमार द्विवेदी को स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत और अन्य विभागों से समन्वय करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा प्रस्तावित निर्माण स्थलों का संयुक्त टीम बनाकर दौरा करें. कार्यों की प्राथमिकता और समय सीमा तय करें. पुराने और सुधार योग्य फर्नीचर का उपयोग करें. इन सभी व्यवस्थाओं को आवश्यक सेवाओं के तहत 15  दिन के भीतर पूर्ण करें.  बैठक में बताया गया कि हमीदिया अस्पताल में कोरोना प्रभावितों के लिए 100 बेड की व्यवस्था है, इसे बढ़ाकर 520 तक किया जाएगा.

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