बुधवार, 13 मई 2020

फर्जी शुभचिंतक बनने का ढ़ोंग न करें कांग्रेस नेता

 मजदूरों की वापसी को लेकर भाजपा ने किया कांग्रेस पर हमला

कांग्रेस के नेताओं में आजकल खुद को मजदूरों का सबसे बड़ा शुभचिंतक दिखाने की होड़ लगी हुई है. एक-दूसरे से आगे निकलने के चक्कर में वे उस सच्चाई को भी अनदेखा कर रहे हैं, जो प्रदेश सरकार के सहारे सुरक्षित अपने घर लौट चुके पौने दो लाख से अधिक मजदूरों, हजारों छात्र-छात्राओं की खुशी से झलकती है. मजदूरों के शुभचिंतक होने का ढ़ोंग करने वाले इन कांग्रेसी नेताओं को पहले जमीनी सच्चाई पर नजर डालनी चाहिए. 
यह बात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कांग्रेस नेताओं के बयानों की निंदा करते हुए कही. उन्होंने कहा कि ये नेता अगर वास्तव में प्रदेश की जनता का दर्द महसूस करते हैं, तो इन्हें अपनी सरकार के मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ से यह पूछना चाहिए कि क्यों उन्होंने पूरे प्रदेश को कोरोना महामारी के आगे असहाय छोड़ दिया था. शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को झूठ फैलाने की बजाय सच्चाई देखना चाहिए और सच्चाई यह है कि अन्य प्रदेशों में फंसे प्रदेश के मजदूरों को लेकर रोजाना ही ट्रेनें प्रदेश में आ रही हैं. ऐसी 50 ट्रेनों से अब तक 60 हजार से अधिक मजदूरों को प्रदेश में लाया जा चुका है. इसी प्रकार राजस्थान, गुजरात एवं महाराष्ट्र से बसों के माध्यम से प्रदेश की सीमा पर आने वाले मजदूरों को जिलों में और दूसरे राज्यों की सीमाओं तक पहुंचाया गया है. राजस्थान सरकार द्वारा उनकी बसों के माध्यम से लगभग 40 हजार मजदूरों को आगर, नीमच, गुना और श्योपुर जिलों की बार्डर पर पहुंचया गया,  जिन्हें प्रदेश सरकार ने बसों से उनके जिलों तक पहुंचाया. इसी प्रकार पिछले 10 दिनों से अलीराजपुर और झाबुआ बार्डर पर प्रतिदिन 7 से 8 हजार मजदूर आ रहे हैं,  जिन्हें विभिन्न जिलों में पहुंचाने के लिए प्रतिदिन 70 से अधिक बसें लगी हुई हैं. इसके अलावा कोटा से प्रदेश के 03 हजार विद्यार्थियों को 150 बसें भेजकर लाया गया है.
 शर्मा ने कहा कि ट्रेनों के अलावा प्रदेश में सैकड़ों बसें मजदूरों को लाने-छोड़ने के काम में लगी हैं. महाराष्ट्र की ओर से आने वाले श्रमिकों के लिए सेंधवा बार्डर पर पिछले 10 दिनों से 100 से अधिक बसें मजदूरों को विभिन्न जिलों में पहुचांने का कार्य कर रही है. सागर में 25 से ज्यादा बसें लगी हैं,  जो बुंदेलखंड के जिलों में श्रमिकों को पहुंचाने के साथ ही मालथोन और ललितपुर के अंचलों में मजदूरों को पहुंचा रही हैं. छतरपुर में 20 बसें, सिवनी में 15 और बालाघाट में 20 बसें लगातार मजदूरों को पहुंचाने का काम कर रही हैं.  ये सभी बार्डर के जिले हैं जहां से दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों को उनके गांवों तक पहुचांया जा रहा है. मंगलवार से मजदूरों के परिवहन के काम के लिए 375 नई बसों को भी लगाया गया है.
 लोगों की मदद के लिए क्या किया?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी जिलों में मजदूरों के भोजन, अस्थायी आवास, पेयजल, चिकित्सा और परिवहन की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है. भाजपा के लाखों कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संगठन, समाजसेवी और आम नागरिक पीड़ित मानवता की सेवा के इस महायज्ञ में अपना योगदान दे रहे हैं. सिर्फ भाजपा कार्यकर्ताओं की ही बात करें, तो इनके द्वारा प्रदेश में अब तक तीन करोड़ से ज्यादा लोगों को मास्क, ग्लब्स, भोजन और राशन उपलब्ध कराया जा चुका है. बीते दो दिनों से पार्टी के कार्यकर्ता हाईवे पर टेंट लगाकर वहां से गुजर रहे मजदूरों एवं अन्य लोगों को चप्पलें पहना रहे हैं, भोजन और पानी उपलब्ध करा रहे हैं. 



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