गुरुवार, 7 मई 2020

कमलनाथ ने दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की मांगी जानकारी



राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कांग्रेस द्वारा मजदूरों की वापसी का रेल किराया देने के निर्णय की जानकारी दी. साथ ही ऐसे लोगों की सूची एवं जानकारी मांगी है जिनके लिए किराए की व्यवस्था की जाना है.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को लिखे पत्र में कहा है कि कोरोना काल में प्रदेशवासियों के अन्य प्रदेशों और प्रदेश के अन्य जिलों में फंसे होने के कारण उनके परिजनों में अत्यधिक पीड़ा एवं भय का भाव व्याप्त है. यही स्थिति अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश में आकर फंसे व्यक्तियों और उनके परिजनों की भी है. इस विषय पर सरकार से संवेदनशीलता अपेक्षित है, परंतु सरकार द्वारा ऐसे असहाय व्यक्तियों से परिवहन के नाम पर किराया वसूला जा रहा है, यह असंवेदनशीलता का परिचय दिया जा रहा है. उन्होंने पत्र में जिक्र किया है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस विषय में फैसला लिया है कि प्रत्येक भारतीवासी को उसके घर तक पहुंचाने के लिए लगने वाले किराए की व्यवस्था कांग्रेस पार्टी द्वारा की जाएगी. इसी तारतम्य में प्रदेश वासियों और अन्य प्रदेशवासियों को उनके घर तक पहुंचाने का कार्य प्रदेश कांग्रेस करेगी. इसके लिए लगने वाले किराए की व्यवस्था कांग्रेस करेगी. 
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र द्वारा अनुरोध किया है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति जो प्रदेश में आना चाहता है अथवा अन्य प्रदेशों का मध्यप्रदेश में रुका व्यक्ति अपने घर तक जाना चाहता है, ऐसे व्यक्तियों की शासन के द्वारा जिलों से एकत्रित की गई सूची, जानकारी उपलब्ध करा दी जाए ताकि आवश्यक व्यवस्थाएं कांग्रेस द्वारा की जा सकें. 
लाज बचाने मात्र कार्य कर प्रचार में लगी है सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पत्र में एक ओर जहां प्रदेश से बाहर फंसे  प्रदेश के लोगों की जानकारी मांगी है. वहीं सरकार पर कटाक्ष भी किया है. उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि कोरोना के कारण चल रहे लाक डाउन के कारण गरीब, मजदूर, अस्वस्थ, छात्र एवं अन्य कारणों से प्रवास पर गए व्यक्ति उसी स्थान पर फंस गए हैं. अभाव में जीवन व्यतीत करने को ये लोग विवश हैं. आर्थिक गतिविधियां बंद होने के कारण आजीविका पर पड़े प्रतिकूल प्रभााव के कारण इन पीडितों की दैनिक आवश्यकताओं की भी पूर्ति नहीं हो पा रही है और सरकार अपनी लाज बचाने मात्र के लिए कार्य कर केवल प्रचार-प्रसार में लगी है.

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