पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक बार फिर लाक डाउन के चलते सरकार से लोगों बिजली के भारी भरकम बिल थमाए गए हैं. उन्हेंने मांग की है कि वास्तविक खपत के अधार पर बिजली के बिल लिए जाएं. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी भरकम बिजली के बिल मिलने से लोग परेशान हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में कहा कि बिजली बिलों को लेकर हम शिवराज सरकार से कई बार मांग कर चुके है कि लाकडाउन को देखते हुए प्रदेश की जनता का तीन माह का बिजली बिल तत्काल माफ किया जाएं. आज फिर उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखा है. पत्र में लोगों को मिल रहे भारी भरकम बिलों का उल्लेख करते हुए मांग की है कि लोगों से वास्तविक खपत के हिसाब से बिजली बिल की वसूली की जाए. उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों की तरह प्रदेश सरकार भी उद्योगों को इस संकट काल में भी आ रहे भारी भरकम बिजली बिलों में राहत प्रदान करे. लाकडाउन की अवधि में करीब 60 दिन से उद्योग बंद पड़े है, फिर भी उन्हें लाखों के बिल थोपे जा रहे है. उन्होंने कहा कि फिक्स चार्ज से लेकर न्यूनतम यूनिट चार्ज, लाइन लास चार्ज, विलंब चार्ज सहित अन्य चार्ज में लाकडाउन की अवधि में सरकार छूट प्रदान कर उन्हें राहत प्रदान करे.
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री का लिखे पत्र में आग्रह किया है कि पिछले दिनों उद्योगपतियोंं ने अपनी इस मांग को लेकर इंदौर में ई धरना भी दिया था. उन्होंने कहा कि जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए घरेलू उपभोक्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं उद्योगों से जितनी बिजली उतना दाम के सिंद्धांत पर फिक्स चार्ज आरोपित न करते हुए वास्तविक खपत के आधार पर बिजली का बिल लिया जाए एवं इंदिरा गृह ज्योति योजना के गरीब हितग्राहियों के छह माह के बिजली बिल माफ किए जाएं.
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