बैलेट पैपर की गिनती और हर राउंड के बाद प्रमाण पत्र देने के चलते होगी दोरी
भोपाल। मतगणना के बाद नतीजों को लेकर इस बार भी पिछली बार की तरह कई स्थानों पर परिणामों के लिए इंतजार करना होगा। इसके पीछे ईवीएम की मतगणना के पहले पोस्टल बैलेट से कराए गए मतदान को बताया जा रहा है। पहले पोस्टल बैलेट की मतगणना कराई जाएगी, जो इस बार वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं के पोस्टल बैलेट से कराए गए मतदान के चलते बढ़ गई है।
दरअसल 3 दिसंबर को होने वाली मतगणना के नतीजों में देरी होगी, जबकि शुरुआती रुझान भी 9 बजे तक ही आने की उम्मीद जताई जा रही है। इन नतीजों के देर से मिलने के पीछे की वजह पोस्टल बैलेट है, क्योंकि निर्वाचन आयोग ने इस बार केवल अधिकारी और कर्मचारियों के लिए ही नहीं बल्कि वृद्ध और दिव्यांगों के लिए भी पोस्टल बैलेट की सुविधा उपलब्ध कराई थी, जिससे इस बार पोस्टल बैलेट की संख्या में वृद्धि हुई है। ऐसे में जब पोस्टर बैलेट की गिनती पूरी हो जाएगी, उसके बाद ही ईवीएम मशीनों की गिनती शुरू होगी। देर रात हो सकती है। इसके लिए प्रत्याशियों से लेकर कार्यकर्ताओं को भी तैयार रहना होगा, क्योंकि हर एक राउंड के बाद निर्वाचन आयोग प्रत्याशियों को उनके वोटों का पत्र भी सौंपेगा। इसलिए चुनाव आयोग इस बार पूरी तरह से तैयार नजर आ रहा है। इन कारणों से प्रदेश के सभी 230 विधानसभा सीटों के नतीजे आने में देरी होगी।
गौरतलब है कि 2018 में भी परिणाम देर रात तक आए थे। कई सीटों पर नतीजा देर रात तक आया था, इसलिए इस बार भी ऐसी ही स्थिति बनने वाली है। बता दें कि प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर गिनती होगी, जिसके लिए जिला मुख्यालय पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

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