मंगलवार, 28 नवंबर 2023

पूर्व मुख्यमंत्रियों के वंशजों की प्रतिष्ठा दांव पर

भाजपा, कांग्रेस में खूब चला परिवारवाद


भोपाल। प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल परिवारवाद से दूर नहीं रहे। दोनों ही दलों ने वरिष्ठ नेताओं के परिजनों को टिकट देकर मैदान में उतारा है। अब इन परिजनों की प्रतिष्ठा दांव पर है। 

विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकट वितरण के दौरान परिवारवाद छाया रहा। वैसे भाजपा इसे लेकर कांग्रेस को जमकर कोसती रही, लेकिन वह भी अपने नेताओं के परिजनों को टिकट देने से दूर नहीं रही है। कांग्रेस की तरह भाजपा ने भी नेताओं के परिजनों को टिकट देने में कोई संकोच नहीं किया है। हर बार की तरह इस बार भी दोनों ही दलों ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे और परिजनों को भी मैदान में उतारा है। जिन पूर्व मुख्यमंत्रियों के वंशजों को टिकट दिया गया है उनमें कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के अलावा स्वर्गीय अर्जुन सिंह का नाम शामिल है। दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह और बेटे जयवर्धन सिंह को कांग्रेस ने चुनाव मैदान में उतारा है। दिग्विजय सिंह के अलावा स्वर्गीय अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह और साले राजेन्द्र सिंह को भी कांग्रेस ने मैदान में उतारा है। अजय सिंह पिछला चुनाव हार गए थे। इसके अलावा स्वर्गीय कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी जिनका कुछ माह पूर्व भाजपा से मोह भंग हो गया था, उन्हें भी कांग्रेस ने इस बार खातेगांव सीट से अपना उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा है। 

वहीं दूसरी और भाजपा ने स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा के भतीजे सुरेन्द्र पटवा, स्वर्गीय वीरेन्द्र सखलेचा के पुत्र ओमप्रकाश सखलेचा, स्वर्गीय बाबूलाल गौर की पुत्रवधु कृश्ण गौर, स्वर्गीय गोविंदनारायण सिंह के पुत्र धु्रवनारायण सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल लोधी को टिकट दिया है। धु्रवनारायण सिंह एक बार भोपाल मध्य विधानसभा सीट से चुनाव हार चुके हैं। इस बार फिर भाजपा ने उन्हें भोपाल मध्य सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा गोविंदनाराय सिंह के पोते विक्रम सिंह को भाजपा ने रामपुर बघेलान सीट से उम्मीदवार बनाया है। वे पिछला चुनाव जीत चुके हैं। विक्रम सिंह पूर्व मंत्री हर्श सिंह के बेटे हैं। 


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