छिंदवाड़ा में नकुलनाथ, बुधनी में कार्तिकेय और इंदौर क्रमांक एक में आकाश विजयवर्गीय उतरे मैदान में
भोपाल। विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान इन दिनों चरम पर है। प्रचार के दौरान कई स्थानों पर ऐसे भी नजारे दिखने को मिल रहे हैं जहां पिता के लिए बेटे ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली है, तो कहीं पर पिता के लिए बेटे और बहू पसीना बहाते हुए मतदाता के पास पहुंच रहे हैं, तो कोई भाई और बेटे के जीताने के लिए मैदान में उतारा नजर आ रहा है।
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को होने वाले मतदान के पहले अब चुनाव प्रचार चरम पर पहुंच गया है। भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा और आप के बड़े नेताओं के अलावा प्रत्याशी के परिजन इन दिनों पूरी ताकत के साथ सुबह से ष्शाम तक प्रचार अभियान में जुटे हैं। परिजनों के हवाले चुनाव प्रचार कर प्रत्याशी दूसरे प्रत्याशियों को जीताने के लिए मैदान में उतरे हैं। ऐसे नजारे भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के दिग्गजों के परिवार में दिखाई दे रहे हैं। इन दिग्गजों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और भाजपा के वरिश्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हैं। इन नेताओं के अलावा उनके परिजन चुनाव प्रचार में जुटे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ खुद छिंदवाड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी है, मगर पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी उन पर है। इस लिहाज से उनके बेटे और छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ ने उनके चुनाव प्रचार अभियान की कमान संभाली हुई है। वे छिंदवाड़ा में रहकर पिता के लिए प्रचार अभियान में जुटे हैं। इस बार उनकी रणनीति पर कमलनाथ का चुनाव प्रचार हो रहा है। दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी से प्रत्याशी है, मगर नामांकन भरने के बाद वे अपने क्षेत्र में प्रचार के लिए नहीं गए हैं। उनके चुनाव प्रचार अभियान की कमान उनके बेटे कार्तिकेय चौहान और पत्नी साधना सिंह ने संभाली हुई है।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपने बेटे जयवर्धन और भाई लक्ष्मण सिंह के लिए वोट मांगने उनके क्षेत्र में उतरे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर क्रमांक एक से भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है। साथ ही मालवा की अन्य सीटों की जिम्मेदारी भी उन पर है। यह देखते हुए उनके बेटे विधायक आकाश विजयवर्गीय और उनकी बहू चुनाव प्रचार में मैदान में उतरी है। विजयवर्गीय की पत्नी खुद भी मतदाताओं के बीच पहुंच रही है।
बेटे के लिए पिता उतरे मैदान में
हरदा जिले की टिमरनी सीट से अपने चाचा संजय के खिलाफ मैदान में उतरे अभिजीत शाह के चुनाव प्रचार में उनके पिता कांग्रेस के आदिवासी विभाग के पूर्व अध्यक्ष अजय शाह भी बेटे की जीत के लिए चुनाव प्रचार करते नजर आ रहे हैं। अजय शाह ने अपने छोटे भाई विधायक संजय शाह के खिलाफ प्रचार अभियान तेज कर दिया है। वहीं कांग्रेस विधायक कांतिलाल भूरिया इन दिनों अपने बेटे डा विक्रांत भूरिया की जीत के लिए जमकर मेहनत करते नजर आ रहे हैं।

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